धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जोशी को उनके उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया है और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।
शिक्षा मंत्रालय का प्रभार मिलने के बाद प्रहलाद जोशी ने पीएम मोदी का आभार जताया और कहा कि वह पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। यह जिम्मेदारी मेरे ऊपर विश्वास रख के दिया है और जो प्रधानमंत्री जी ने विश्वास रख के इतना बड़ा जिम्मेदारी मेरे ऊपर दिया है उसको मैं पूरा विनम्रता के साथ और पूरा जिम्मेदारी के साथ मैं निभाऊंगा। प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद अर्पित करता हूं। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार पहली बार 2014 में सत्ता में आई थी।
तब से शिक्षा विभाग का प्रभार किस-किस के पास रहा है। आइए अब हम आपको बताते हैं। इस बड़ी स्क्रीन पर आप वो नाम और वो चेहरे वो देख पाएंगे और कितने दिनों का कार्यकाल रहा, कितने वक्त का कार्यकाल रहा वो भी पूरी जानकारी आपको इस बड़ी स्क्रीन पर दिख पाएगी। इससे पहले 2014 की बात करते हैं। जब पहली बार नरेंद्र मोदी की सरकार आई और तब से लेकर 2016 तक यानी कि 2 साल 39 दिन तक स्मृति ईरानी के पास ये विभाग ये जो मंत्रालय रहा ये जिम्मेदारी रही। उसके बाद प्रकाश जावड़ेकर को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
2016 से 2019 तक यानी कि 2 साल 329 दिन का कार्यकाल इनका रहा। डॉ. रमेश पोखियाल निशंक की अगर बात करते हैं तो 2019 से 2021 तक 2 साल 38 दिन तक उन्होंने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी को संभाला है और उसके बाद धर्मेंद्र प्रधान की बात करें सबसे लंबा कार्यकाल इनका रहा। 2021 से लेकर 2026 तक 5 साल 18 दिन और उनके बाद प्रह्लाद जोशी को यह जिम्मेदारी 25 जुलाई 2026 से सौंपी गई है। तो यह वो नाम और वो चेहरे जिनका कार्यकाल रहा है।
तो आंदोलन खत्म होने के बाद सीजेपी ने ऐलान किया। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने इसे युवाओं की बड़ी जीत बताया। उनसे बात की। हमारे सहयोगी सुशील पांडे ने देखिए हमारे जो तीनों मेन डिमांड्स थे वो सरकार ने स्वीकार कर लिया। सरकार ने एक्सेप्ट कर लिया। धर्मेंद्र प्रधान जी ने इस्तीफा दे दिया। 1 करोड़ का जो मुआवजा था उसमें सरकार ने बोला कि जो भी ऑनरेबल कंपनसेशन होगा रूल्स के तहत मैक्सिमम से मैक्सिमम अमाउंट वो देंगे और सबसे एक और मेन डिमांड जो हमारी थी कि एफआईआर जो फाइल हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ वो सारे एफआईआर्स वापस लिए जाएंगे। जो 12 साल से एक डर का माहौल था उससे हम लोगों को आजादी मिल गई है। इस बार जब हम लोग 15th अगस्त 2026 मनाएंगे बहुत साल बाद 12 साल बाद हम लोग सही में असली में जो भय का माहौल से आजादी मिला वो मनाएंगे।