शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा दिलवाकर पीएम मोदी ने एक तीर से कई निशाने लगा दिए हैं। ऐसे में यह कहना गलत होगा कि पीएम मोदी झुके हैं क्योंकि शेर जब पीछे हटता है तो वह हारता नहीं बल्कि वह एक बड़ी छलांग की तैयारी करता है और यही पीएम मोदी ने करके दिखा दिया। पीएम मोदी ने एक बार फिर विपक्ष को चारों खाने चित कर दिया। विपक्ष के लोग यह सोच कर बैठे थे कि छात्र आंदोलन की वजह से वह बीजेपी की सरकार को हिला देंगे। लेकिन Instagram पर वीडियो डालकर पीएम मोदी ने सीजेपी और पूरे विपक्ष को हिला कर रख दिया। जिस Instagram के जरिए विपक्ष और सीजेपी के लोग जजी को कर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे थे।
उसी Instagram के जरिए पीएम मोदी ने जेंजी को अपने पाले में ला दिया। दर्शकों, बांग्लादेश और नेपाल में जजी ने तख्ता पलट करवा दिया था। उसी जेंजी को लेकर अब भारत में नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं। नैरेटिव यह कि भारत का युवा यानी जजी सरकार से दूर हो रहा है। सरकार और सिस्टम से नाराज है।
पीएम मोदी से खफा है। यहां भी जजी नेपाल और बांग्लादेश की तरह सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल देंगे। इन नैरेटिव्स से विपक्ष के लोग हमारे जेंजी को उकसा रहे थे। राहुल गांधी से लेकर केजरीवाल तक जजी के सहारे ख्वाब देख रहे थे कि बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देंगे। मगर सबके ख्वाबों पर खुद जजी ने ही पानी फेर दिया। जिस जजी को भड़का कर लोग भारत में तख्ता पलट का ख्वाब देख रहे थे, वही जजी पीएम मोदी का जबरा फैन निकला। पिछले 24 घंटे में सोशल मीडिया पर जो तस्वीर सामने आई, उससे जजी वाले दावों को झटका मिल गया। पीएम मोदी के एक वीडियो ने Instagram पर रिकॉर्ड तोड़ दिया।
पीएम मोदी के वीडियो को 24 घंटों के भीतर 30.6 करोड़ यानी लगभग 306 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। इतना ही नहीं लाखों युवाओं ने वीडियो पर प्रतिक्रिया दी और रातोंरात उन्हें Instagram अकाउंट से करीब 10 लाख नए लोग भी जुड़ गए। वहीं दो दिन में Instagram पर पीएम मोदी के 20 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स बढ़ गए। ऐसे में राहुल गांधी और विपक्ष के जो लोग सपना देख रहे थे कि पीएम मोदी अब पास्ट हो चुके हैं। राहुल गांधी ने कहा था कि पीएम मोदी पास्ट हैं और युवा अब भविष्य की बात कर रहा है।
लेकिन Instagram पर जिस तरह से 2 दिन में ही पीएम मोदी के 20 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स बढ़े हैं, उससे साफ है कि युवाओं के बीच पीएम मोदी का जलवा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में वीडियो बम फोड़कर पहले पीएम मोदी ने जजीज़ को अपने पाले में किया और धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देकर बड़ा बम फोड़ दिया। जिससे विपक्ष और सीजेपी का सारा खेल खत्म हो गया। क्या है खबर बताते हैं आपको इस रिपोर्ट में। दर्शकों शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी के नेतृत्व की तीसरी बैठक हुई जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शनकारियों से घर वापस जाने की अपील की।
सीजेपी ने आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान भी कर दिया। पार्टी के प्रवक्ताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी सरकार से सभी मांगों की सहमति बन गई है। साथ ही उन्होंने एजुकेशन में रिफॉर्म से संबंधित पांच बिंदुओं का चार्ट भी सौंपा है। जिसके लिए आगे बातचीत जारी रहेगी। लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि मोदी सरकार आखिर इस्तीफे के लिए तैयार क्यों हुई? तो यह आप इस बात से समझ सकते हैं कि छात्र आंदोलन के जरिए देश को नेपाल और बांग्लादेश बनाने की साजिश चल रही थी। एक बार फिर संसद मार्च कर युवाओं को लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले संसद पर हमला करने की साजिश की जा रही थी। इसके पीछे विदेशी माइंड काम कर रहे थे। भारत में गृह युद्ध करवाने के लिए पाकिस्तान से साजिशें चल रही थी। लेकिन दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्यवाही की। पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी खबरें फैलाने वाले पाकिस्तान से संचालित होने वाले करीब 480 सोशल मीडिया हैंडल्स को पहचान कर ब्लॉक कर दिया।
इसके साथ ही जंतरमंतर पर चल रहे प्रदर्शन के संबंध में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए दिल्ली पुलिस ने साउथ ईस्ट जिले ने पिछले 48 घंटों में 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। वहीं दिल्ली पुलिस ने जंतरमंतर पर खास कैमरे लगाए। इसे फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम कहा जाता है। 21 से 23 जुलाई के बीच इन कैमरों में एक बड़ा खुलासा हुआ। कैमरों की मदद से 2500 से ज्यादा ऐसे लोगों की पहचान हुई। इन लोगों के नाम पहले से पुलिस के क्रिमिनल रिकॉर्ड्स में दर्ज हैं। यह सभी लोग आदतन अपराधी बताए जाते हैं। ऐसे में आप समझ ही सकते हैं कि प्रोटेस्ट में ढाई हजार से ज्यादा आदतन अपराधियों को शामिल कर जिस तरह से हिंसा को बढ़ावा देने की साजिश चल रही थी।
प्रोटेस्ट में शामिल होकर यह आदतन अपराधी लोग पुलिस पर हिंसा कर रहे थे। और जब जवाब में पुलिस ने कार्यवाही की तो सीजेपी और विपक्ष के लोगों ने इसे छात्रों पर हमला बताया और एक बार फिर सोमवार को संसद तक मार्च निकाला जाता। ऐसे में फिर से प्रोटेस्ट में शामिल अपराधियों द्वारा पुलिस पर हमले हो सकते थे और फिर से सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जाती। लेकिन शिक्षा मंत्री से इस्तीफा दिलवाकर सरकार ने ऐसे लोगों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। इसके साथ ही प्रोटेस्ट खत्म करने से पाकिस्तान का भी भारत विरोधी एजेंडा फेल हो गया। यही वजह है कि अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा है कि देश की युवा शक्ति को भ्रम से कुचक्र में फंसने नहीं देंगे।
यही मेरा संकल्प है जंतरमंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं। देश की एकता बनी रहे। भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेजीदगियों में ना उलझे। हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं।
करियर बनाने पर फोकस करें। इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है। ऐसे में अब इस्तीफे से छात्रों के नाम पर राजनीति करने वालों के मंसूबों पर फिर से पानी फिर गया है। साथ ही अब भारत को की में झोंकने वालों का भी खेल खत्म हो गया है।