एक अकाउंटेबिलिटी की बात की। अब मेरा पिटिकल पार्टी की तरफ से सरकार से भी तो मांग लो। यह सारे बच्चे सरकार से ही अकाउंटेबिलिटी मांग रहे हैं। लेकिन मतलब यह है कि अगर वो आपको फॉलो कर रहे हैं। अगर ये लोगो अगर ये सारे बच्चे आपको फॉलो कर रहे हैं। तो वो आपसे भी उम्मीद करेंगे।
वो आपसे उम्मीद करेंगे कि आप उनके साथ खड़े रह ना कि उस समय आप जाकर बर्गर खा लें। सोशल मीडिया मैम देखिए वो ये कहना चाह रहे हैं वो देखिए नहीं वो ये कह रहे हैं आपको खाने के लिए मैं वहां पे 48 घंटे से वहां पे था सारा कुछ मैं देख रहा था ये था कि ये संघी गुंडे आ सकते हैं यहां पे बीच में आए भी थे आई वास देर कि यार यहां पे प्रॉब्लम हो सकती है कहीं पे आंसू गैस का वो आ रहा है पत्थरों से भरा हुआ ट्रक को क्यों हटाया पत्थरों से भरा हुआ ट्रक वहां पे खड़ा हुआ था फिर सीजेपी ने क्यों हटाया क्योंकि 4 से सात लाख ऑफर किया गया इन्फ्लुएंसर्स विजेता अभिजीत प्रोपगेंड इतना बनाया गया प्रोपगेंड इतना बनाया गया कि इसकी वजह से ही एक सेकंड रुकिए मूवमेंट डिरेल हो जाएगा उसको मूवमेंट को बचाने के लिए मैंने कहा कि ठीक है यार मेरे जाने से मूवमेंट बचता है।
मतलब कि आपने अपनी बलि दी पार्टी ने नहीं हटाया आपको आपने दी बलि हां मतलब हां आपने बलि बार-बार आप जो है यह एक एडोमिन फैलेसी है कि जो बात कर रहा है आप उसी के बारे में बात करते रहो और इस चक्कर में जो बात है भूल ही जाओ क्या पेपर लीक गलत रिपीट करते जा रहे हो इस्तीफा नहीं होना चाहिए उसकी बात नहीं हो रही विजेता दिख गया ये विजेता वो वो कह रहे हैं विजेता का बर्गर इम्पोर्टेन्ट नहीं है इस्तीफा अरे खा लिया भाई बर्गर जान लोगे क्या एक बर्गर खाने पे फर्स्ट टाइम मुझे खा नहीं दो यार एक बर्गर भूख लगती है खाता है इंसान अभी एक बर्गर 48 घंटे से मैं वहां पे जगा हुआ था गिरने वाला था मैं वहां भाई बर्गर खाने दिमाग नहीं है।
आप 1 मिनट जो लोग घर पे बैठे हुए हैं ना अपने सोफे पे जब एक रुक जाओ नहीं तो बोलते रहोगे तो फिर मैं भी बोल सकता हूं तुमसे ज्यादा तेज बोल सकता हूं वो कह रहे हैं जब यह नहीं सुज डांस नहीं कर सकते नहीं सवाल ही नहीं ऑफकोर्स डांस कर सकते उन्होंने कहा विजेता दहिया ने कहा एक मिनट विजेता दहिया ने कहा कि 4 से 7 लाख इन्फ्लुएंसरर को दिया गया कि इनकी इमेज खराब की गॉड कमाल हो गया आम आदमी पार्टी विजेता दहिया इतना सोच लीजिए बीजेपी दबाव बनाया और अगर इस तरह के राकार जो जो भी है इनके साथी वह आ जाते हैं तो आपको हित के लिए क्या से लाख देकर अगर अगर इन्फ्लुएंसर के पॉइंट यह है कि इतना पॉइंट यह है कि इतना एक बवंडर बनाया जाता है इतना बवंडर बनाया जाता है कोई आंदोलन से मतलब नहीं है आंदोलन से ही मतलब है एक बार मैं जरा एक पोल तीन दिन से प्रोपेगेंडा चल रहा है ये आ गया वो आ गया अरे मुद्दे की तो बात करो यार विजेता मुद्दे की बात कर रहा हूं। इसीलिए मैं सबसे पूछ रही हूं।
सीजेपी आपके मुद्दों को सही तरीके से उठा रही है। आपको रिप्रेजेंट कर रही है। आप में से कितनों को लगता है? एक बार हाथ खड़ा करिए। यहां पे किसी को भी नहीं लगता। इस तरफ सीजेपी आपके मुद्दों को रिप्रेजेंट कर रही है। आपको रिप्रेजेंट कर रही है। ये कितनों को लगता है? आप पार्टी आप हम नहीं नहीं। सीजेपी कॉकरोच जनता पार्टी कितनों को रिप्रेजेंट? मेरे पास एक दो तीन हाथ खड़े हुए हैं। चार हाथ खड़े हुए हैं। अब यह देखिए। मैं मैं मुद्दों को उठा रही है। आपको ऐसा लगता है कि स्टूडेंट्स को नहीं एक बार एक बार रुकिए एक बार रुकिए एक बार हां ठीक है। तो चार लोग हुए तहजीम आपने देखा यहां जो आपने कहा एक सेकंड एक सेकंड एक सेकंड एक सेकंड आप लोगों ने आपने सुना आपने कहा कि स्टूडेंट्स को सुनो स्टूडेंट्स को सुनो। अब उनकी बात सुनो। वो कह रहे हैं उन इतने लोगों में सिर्फ इतने लोगों में सिर्फ चार लोग हैं जो ऐसे कह रहे हैं। इतने लोगों में इतने स्टूडेंट्स में सिर्फ चार थे जो कह रहे हैं कि हमें लगता है सीजेपी हमें रिप्रेजेंट कर रही है वरना नहीं कर रही।
अब आप ही बार-बार कह रहे हैं स्टूडेंट्स की सुनो स्टूडेंट्स की जरूरत तो आप सुनिए इनकी। नहीं नहीं आई एग्री विद देम के सीजेपी नहीं कर रही उनको कंप्लीटली रिप्रेजेंट। सीजेपी ने एक नहीं राहुल गांधी भी नहीं कर रहे। नहीं राहुल गांधी भी नहीं कर रहे। क्यों कहूं मैं राहुल गांधी कर रहे हैं? राहुल गांधी भी नहीं कर रहे। इन सब में क्षमता है खुद को रिप्रेजेंट करने के लिए। उनको इन सब में क्षमता है। इनको इनको एक प्लीज 30 सेकंड्स इनको एक रास्ता चाहिए था अपनी बात रखने को। वह रास्ता शायद सीजेपी से मिला। शायद राहुल गांधी से मिला। उम्मीद ये थी कि उनको वर्तमान सरकार से मिलती है। चाहे उसमें वो कर्नाटका का भी मुद्दा उठाते पंजाब का उठाते। ये सबसे पहला मुद्दा है। दूसरी मुद् दूसरा मुद्दा ये है कि जब तक हम ये बच्चों की बात कर रहे हैं। इनके फ्यूचर की बात करें। यहां पर अब तक वर्तमान में कोई सलूशन नहीं आया कि आगे का रास्ता क्या होगा। मैं आपको कह रहा हूं धर्मेंद्र प्रधान जी का सलूशन क्या व्हाई इज द एंगर अगेन धर्मेंद्र प्रधान? जिस वीर सेना ने हमारी पाकिस्तान को ठोका, उसको उन्होंने यूज किया है एस कोरियर सर्विस। दैट इज रोंग। दैट इज रोंग। नहीं, आई एम सॉरी। दैट इज रोंग।
दैट इज रोंग टू डिस्ट्रीब्यूट पेपर। यू कैन नोट, 1 सेकंड, एक सेकंड। नहीं, दैट इज रोंग। आर्मी, आर्मी, यानी आपके सिविलियन गवर्नमेंट फेल हो चुकी है। सेकंड चीज, उन्होंने सेकंड, उन्होंने उन्होंने, उन्होंने, उन्होंने उन्होंने, उन्होंने Telegram, उन्होंने, व्हाई आर यू? उन्होंने टेलीग्राम, नहीं दिस, दिस इज़ नॉट फेयर। दिस इज़ नॉट फेयर। आई वांट फिनिश।” मैं आपने मेरे आप मैं नहीं बोल रहा था। आपका माइक मैं तो उनका माइक लेने गई हूं टाइम ही नहीं उन्होंने उनका उनका सशन लिख सकते हैं और एयर लगा के एयर फोर्स लगा के गवर्नमेंट तो अच्छा है यू केम टू मी आई विल कम आप बोलिए आप बोलिए नंबर टू इनकी ये अकल थी कि अगर पेपर लीक टेलीग्राम में डिस्ट्रीब्यूट हुआ हम टेलीग्राम को बैन करेंगे क्योंकि जिन लोगों ने जोशी एंड कंपनी ने पेपर लीक किया वो WhatsApp से नहीं भेज सकते सिग्नल से नहीं भेज सकते। दी किड्स आर टेक्नोलॉजिकली अवेयर। वो पूछ रहे हैं भाई ये आप हमारे फ्यूचर को इस तरह से आप हमारे फ्यूचर का भविष्य निकालिए। दिस वास द सलूशन टू द प्रॉब्लम। दिस कैन नॉट बी द यू एग्री के आर्मी को यूज़ करना चाहिए। आप आप चीज़ पूछ रहा हूं।
नहीं रोक पा रहे हैं। आपको गांव-गांव के बारे में पता है। कोई दिक्कत नहीं। कोई दिक्कत नहीं है। लीक रुकना चाहिए। पेपर मैं आपसे हर्षोधन जी एक सेकंड इन्होंने तहसीन ने जो बात बोली मैं उसी पर बोल रही हूं। गांवका का जो पेपर होता है जो चाइना में लिया जाता है उसकी तैयारी नहीं मेरी सुन लीजिए आपने कहा कि आर्मी को बुला लिया वी आर डेमोक्रेसी वी आर चाइना वी आर नॉट डेमोक्रेसी वी आर डेमोक्रेसी मैं सिर्फ यह कह रही हूं कि अगर मैं आपसे 1 सेकंड लेट मी आंसर दिस। लेट्स एंड दिस डिबेट वन्स इन फॉर ऑल।
वी आर नॉट अ चाइना एंड थैंक गॉड वी आर नॉट अ चाइना। इसीलिए आप NDTV में बैठ के या सरकार की आप आलोचना कर सकते हैं। और होने की जरूरत नहीं है। अगर आपको आर्मी की जरूरत पड़ गई, इसका मतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान जी फेल हो गए। आप किसी मेजर, किसी एयर फोर्स, मार्शल आप किसी जनरल को दे दीजिए। देयर इज़ नथिंग रोंग हमका सम्मान करते हैं। बट फिर डोंट से धर्मेंद्र प्रधान जी।
आपको इससे मतलब नहीं है कि पेपर अच्छी तरह से हो गया। लोगों ने पास कर लिया। आपको इस बात की दिक्कत है कि एयरफोर्स को। गांधी जी सेड दैट द वे टू अचीव समथिंग हैज़ टू बी द करेक्ट। राहुल गांधी, महात्मा गांधी। आप जब प्लेटो को पढ़ेंगे तो वो नोबलाइज की बात करते हैं। एंड दिस इज व्हाट ईच फ्रंट इज डूइंग राइट नाउ। यूथ के रिफॉर्म्स की बात कहां है? यू हैव टॉक अबाउट फास्ट ट्रैक कोर्ट्स। 26 मार्च 2026 को गवर्नमेंट अनस्ट क्वेश्चन में खुद लॉन्च करती है कि मोर देन 2.5 लाख केसेस आर पेंडिंग इन फास्ट ट्रैक कोर्ट्स। तो आप फास्ट ट्रैक कोर्ट्स कैसे लेके आएंगे?
मोदी जी मोटिवेट करते हैं सुबह। वो किस बेसिस पे लेके आएंगे? सेकंड एनडीए को आप स्टचुरी बॉडी क्यों नहीं बनाते? अगर आप उसको स्टैचुरी बॉडी बनाएंगे अपने आप ऑडिटिंग होगी। उसकी पार्लियामेंट्री स्क्रूटनी होगी। नन ऑफ़ यू आर टॉकिंग अबाउट रिफॉर्म्स। वी आर हेयर? यस सर टॉक्ड अबाउट। वी आर हेयर फॉर रिफॉर्म्स। यू डीड। अच्छा मैं एक और देखिए मेरे पास समय नहीं मैं जल्दी से पहले ही होगा।
बात समझनी पड़ेगी। अटल जी ने एक बात कही थी थी। बिकॉज़ ही लुक्स यंगर सर। अटल जी ने। अटल जी ने एक बात कही थी। अटल जी ने एक बात कही थी सर। आई लुक स्मार्टर। थैंक यू। कहना है। कहना है अटल जी ने एक बात कही थी। क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत में कर्तव्य पथ पर जो भी चले यह भी सही वह भी सही हमें यह समझना पड़ेगा कि हमारा कर्तव्य पथ क्या था यहां पे एजुकेशनल रिफॉर्म्स मैम ने बात करी स्टैट्यूटरी रिकॉग्निशन मिलना चाहिए था एनटीए को वो क्यों नहीं मिल रहा है आप सब हम वापिस पार्टी पॉलिटिक्स में जा रहे हैं। अभी हमें एजुकेशनल रिफॉर्म्स की बात करनी है। किस तरीके से एंटीस्टैट्यूटरी बॉडी हो सकती