नीट पेपर लीक को लेकर 1 महीने से ज़्यादा समय से छात्रों का धरना प्रदर्शन जारी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत छात्रों की कई मांगे हैं। सरकार से कुछ मांगों पर सहमति भी बनी है। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के लिए एक वीडियो मैसेज जारी किया। मोदी का यह वीडियो वर्टिकल फॉर्मेट में था।
इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी बदले बदले से अंदाज में दिख रहे थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नीट पेपर लीक विवाद के बीच सरकार उनके साथ खड़ी है। पीएम मोदी के इस वीडियो संदेश के कुछ ही देर बाद खबर ब्रेक होने लगी कि सोनम वांगचुक ने यूनियन मिनिस्टर जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ दिया है।
पीएम मोदी ने अपने इस वीडियो संदेश में कहा है कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है और कड़ा कदम उठाने का वादा किया उन्होंने। इसमें शुक्रवार को कैबिनेट का वो फैसला भी शामिल है जिसमें एक प्रस्तावित कानून पर बात होगी। इस कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।
लेकिन यह पहल प्रधानमंत्री के बातचीत करने के आम तरीके से बिल्कुल अलग थी। शायद यह पहला मौका होगा जब पीएम मोदी ने वर्टिकल सेल्फी वीडियो बनाया होगा। किसी सरकारी जगह से टीवी पर भाषण देने के बजाय पीएम मोदी ने 3 मिनट से भी कम का एक सेल्फी वीडियो चुना। जो शायद युवा और डिजिटल फर्स्ट दर्शकों के लिए बनाया गया था। छात्रों को दोस्तों कहकर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके माता-पिता को बहुत दुख हुआ है। इसलिए पेपर लीक की घटना के बाद से पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए गए हैं। दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और वे अब जेल में हैं। साथियों, इस मैसेज का समय भी काफी खास था। पीएम मोदी देर रात वीडियो बयान जारी करने के लिए नहीं जाने जाते हैं। नोटबंदी या ऑपरेशन सिंदूर जैसी अहम घटनाओं के दौरान भी आधी रात को कोई मैसेज नहीं आया था।
हालांकि गुरुवार को उन्होंने रात 11:52 पर वीडियो पोस्ट किया जब कई युवा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। यह जजी से उन प्लेटफार्म पर जुड़ने की एक सोची समझी कोशिश थी। अब आते हैं सोनम वांगचु के अनशन तोड़ने वाली घटना पर। अब सूत्रों के मुताबिक बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पीएम कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के बीच करीब 4 घंटे तक हाई लेवल मीटिंग हुई। जिसमें वांगचुक की मांगों और उनके स्वास्थ्य पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सरकार ने सोनम वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का फैसला किया।
साथ ही यह भी तय किया गया कि उनकी सेहत और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक की पत्नी से फोन पर बातचीत की।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार वांगचुक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर रही है और समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दौरान उन्होंने वांगचुक से अपना आमरण अनशन समाप्त करने की भी अपील की और इसे मान भी लिया गया।