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PM के घर के बाहर राहुल गांधी ने किया ऐसा काम मचा तह!लका

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इस्तीफा दो बच्चों को पीना बंद करो बंद करो बंद करो बच्चों को मारना बंद करो बंद करो बंद करो तेरी तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी गुंडागर्दी नहीं चलेगी नहीं चलेगी सीजेपी प्रोटेस्ट पर हम लगातार बात कर रहे हैं लगातार वीडियोस कर रहे हैं। लेकिन अभी जो आपने स्क्रीन पर जिस प्रोटेस्ट की तस्वीर देखी है यह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अब धरने पर बैठे हुए हैं। कहां पर बैठे हुए हैं? क्या उद्देश्य है? क्या मुद्दा है? वो बताने के लिए हमारे साथ गौरव सर हैं। क्या मुद्दा है सर? कहां पे ये प्रोटेस्ट चल रहा है? देखो रजत जो मांग सीजेपी प्रोटेस्टर्स की है वही मांग राहुल गांधी और प्रियंका गांधी और तमाम कांग्रेस के जो सांसद बैठे हुए हैं।

धरने पर उनकी है। यह लोग बैठे हुए हैं पीएम आवास के बहुत पास। पीएम आवास पड़ता है सेवन लोक कल्याण मार्ग और उससे कुछ दूर पर है। 10 राजाजी मार्ग नई दिल्ली का जहां पर मलिकार्जुन खरगे रहते हैं जो कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। उनके घर से प्रियंका गांधी और राहुल गांधी और कांग्रेस के कुछ सांसद जो अभी मुझे फुटेज में दिखे हैं के सी वेणुगोपाल हैं। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग है जो पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। अह मलिकार्जुन खरगे खुद हैं और उनके साथ कई सारे अह सांसद कांग्रेस के बैठे हुए हैं और लगातार अह नारेबाजी कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी इस्तीफा दो और उसके बाद वह नारे लगा रहे हैं कि जब-जब मोदी डरता है ।

पुलिस को आगे करता है और वह धर्मेंद्र प्रधान का भी इस्तीफा मांग रहे हैं और यह प्रधानमंत्री के आवास से बहुत करीब हो रहा है। पुलिस भी वहां पहुंच चुकी है। बिल्कुल ये जो इस नारे का आप जिक्र कर रहे हैं जबजब मोदी डरता है पुलिस को आगे करता है। कल का जो प्रोटेस्ट था उस दौरान इस नारे को बार-बार रिपीट किया गया। क्योंकि जब स्टूडेंट्स प्रोटेस्टर्स मूव करने की कोशिश कर रहे थे।

जंतरमंतर के बाहर निकलने की कोशिश कर रहे तब पुलिस उन्हें रोक रही थी। बैरिकेड कर रही तो यह नारा बार-बार दोहराया जा रहा था। यह लोग प्रोटेस्ट पे बैठे हैं। राहुल गांधी ने अपनी मांगों को लेकर भी एक प्रतिक्रिया जारी करी है। एक्सपर्ट अपने देखिए राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया है वो मैं पढ़कर आपको सुनाऊंगा। लेकिन जो हम पहले बात कर रहे थे कि खड़गे जी के घर से प्रधानमंत्री जी का जो घर है वो बहुत दूर नहीं है। तो जब Google पे मैंने डाला तो वो 16 मिनट की पैदल वॉक है। यानी करीब 15 मिनट का रास्ता है आप पैदल चल के। तो जो फुटेज आया शुरू में कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चल रहे हैं और मीडिया को पता चल चुका था शायद पहले से कि वो कहां जा रहे हैं।

कैमरे लगे हुए हैं और भागते जा रहे हैं और थोड़ी देर बाद वो प्रधानमंत्री के घर के मतलब पैदल मार्च की गई है। जी जी थोड़ी देर पहले वो वहां पहुंचते हैं और वहां पे कई सांसद जो है वो बैठ जाते हैं। प्रियंका गांधी बैठी हुई है जमीन पर। राहुल गांधी बहुत देर तक खड़े रहते हैं। खड़े खड़े रहते हैं। राजा वर्डिंग और ये सब जो है नारे लगा रहे हैं। तो राहुल गांधी ने ट्वीट किया वी हैव मार्च टू द पीएम मोदीस हाउस टू डिमांड आंसर फ्रॉम हिम फॉर द ब्रूटलिटीज अगेंस्ट यंग स्टूडेंट यस्टरडे। यानी कल जो ब्रूटलिटी हुई है, जो क्रूरता हुई है, उसका जवाब चाहते हैं प्रधानमंत्री मोदी से। द गवर्नमेंट डज़ नॉट वांट टू टेक एनी अकाउंटेबिलिटी और डज़ इट वांट टू हैव अ डिबेट ऑन द पार्लियामेंट?

यानी सरकार ना तो जिम्मेदारी ले रही है ना संसद में बातचीत चर्चा होने दे रही है। पीएम एंड एचएम मस्ट रिजाइन फॉर डिस्ट्रइंग द फ्यूचर ऑफ द इंडियास यूथ। यानी भारत का जो भविष्य है युवा हैं उनके भविष्य को खराब करने का के चलते जो है पीएम और गृह मंत्री को रिजाइन देना चाहिए। माने यह अब बात धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से आगे बढ़कर प्रधानमंत्री और जो गृह मंत्री हैं अमित शाह तक पहुंच गई है। गौरव सर एक चीज और समझना चाहूंगा क्योंकि पहले कांग्रेस खुलकर सामने नहीं आती है। फिर बताया जाता है कि एक बैठक में सोनिया गांधी दबाव बनाती हैं और वो कहती हैं कि इंदिरा गांधी ने सोनम वांगियाल जो सोनम वांगचुक के पिता हैं उनका अनशन तुड़वाने के लिए गई थी तो हमें भी जाना चाहिए।

उसके अगले दिन पवन खेड़ा वहां पर पहुंचते हैं और अपना समर्थन देते हैं। अभी जब इस तरह से क्योंकि अभी तक राहुल गांधी खुलकर इस तरह से सामने नहीं आए थे। वो छात्रों की गूंज का कार्यक्रम जरूर इससे क्या मैसेज जा रहा है? क्या कयास लगाए जा रहे हैं कि अगला कदम क्या हो सकता है? क्या इससे असर पड़ने वाला है? क्योंकि कल का जो प्रोटेस्ट जिस तरह से लाठी चार्ज हुई है वो तमाम तस्वीरें हमारे सामने हैं। देखिए लगातार यह सवाल पूछा जा रहा था कि राहुल गांधी सोनम मांगचुक की भूख हड़ताल वाले मंच पर क्यों नहीं पहुंच रहे हैं? और कांग्रेस की तरफ से ये कहा गया कई बार कि उसमें जो अभिजीत दीपके हैं वो आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। राहुल गांधी के खिलाफ कुछ आप से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स से उन पर हमले किए गए उससे वो आहत थे।

शायद यह वजह रही हो कि वो वहां तक नहीं पहुंचे थे। जबकि कांग्रेस का कहना है कि एक पैरेलल जो मूवमेंट है छात्रों की मांग है जो अह छात्रों की गूंज नाम से प्रोग्राम राहुल गांधी लगातार कर रहे थे। उत्तराखंड भी गए थे। पहले अभी उन्होंने देहरादून में किया। इससे पहले उन्होंने कोटा में किया था। तो कांग्रेस का लगातार कहना है कि ये मुद्दा तो हम बहुत पहले से उठा रहे थे। आपने देखा कि बाद में पवन खेड़ा जो राज्यसभा सांसद हैं कांग्रेस की तरफ से और वो वहां मंच पर गए थे। लेकिन राहुल गांधी नहीं गए। उससे पहले भी एक महाराष्ट्र के एमपी वहां पर पहुंचे थे। तो कांग्रेस के लोग ऐसा नहीं है कि बिल्कुल उसको बायकॉट कर रहे थे।

लेकिन राहुल गांधी वहां पर नहीं पहुंचे थे और मुझे लगता है कि इसके इस बीच जो है ये कदम बहुत सोच समझ कर उठाया गया है कि कांग्रेस और खास करके राहुल गांधी जो लोकसभा में नेता विपक्ष हैं वो इस पूरी पिक्चर से कहीं गायब ना हों वो उसको लीड करते दिखे वो कहीं नेतृत्व देते दिखे तो कल के प्रोटेस्ट में तो वो नहीं दिखे लेकिन आज जिस तरह से वो उन्होंने एक खरगे जी के घर से मार्च किया प्रधानमंत्री जी के घर की तरफ तो उस मार्च करके और वहां पर बीच में धरने पर बैठकर उन्होंने एक मैसेज दिया है कि छात्रों मैं तुम्हारे साथ हूं। वह लोकसभा के जब अंदर जाते हैं, बाहर आते हैं, लगातार वह यह मैसेज देने की कोशिश कर रहे हैं कि छात्रों के साथ गलत हुआ है और हम छात्रों के साथ खड़े हुए हैं। राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हुए हैं। तो मुझे लगता है यह एक सोचा समझा कदम था।

अपना प्रोटेस्ट दर्ज कराने का और यह बताने का और मीडिया भी उनको पता था कि जब वह धरने पर बैठेंगे तो कवरेज होगा और तो उन्होंने यह सोच समझ के कदम उठाया और आपने देखा कि 20 तारीख को जब संसद शुरू हुई तो प्रधानमंत्री ने उन पे तंज कसा था कि जो युवा हैं हम उनका दर्द समझते हैं।

56 साल वाले करके उन्होंने एक तंज मारा था राहुल गांधी पर। उसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सबसे युवा विरोधी अब तक के प्रधानंत्रियों में सबसे ज्यादा युवा विरोधी प्रधानमंत्री हैं। तो ये प्रधानमंत्री और नर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और नेता विपक्ष राहुल गांधी की जो टसल है वो इस मुद्दे पर भी आमने-सामने दिख रही है और यह कदम उसको और आगे ले जाएगा। बिल्कुल। इस दौरान अब दो प्रोटेस्ट चल रहे हैं। एक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीएम आवास के पास बैठे हुए हैं और दूसरा प्रोटेस्ट जो जंतरमंतर पर चल रहा है और अब जानकारियां यह भी आ रही हैं कि सर उद्धव ठाकरे भी इसमें शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि शाम तक वो दिल्ली पहुंचेंगे और मुमकिन है कि कल वो जंतरमंतर पर जाकर अपना समर्थन दर्ज करेंगे। हालांकि सोशल मीडिया पर तो तमाम पोस्ट लगातार आ ही रही हैं सभी की जो उनके समर्थन में है। तो कल का मैं अगर थोड़ा सा ब्रीफ करूं कि 20 जुलाई को जो कुछ हुआ उसको ना तो इतना आसान समझाना है और ना समझ पाना है क्योंकि तमाम तस्वीरें आ रही थी। चाहे वो जंतरमंतर हो, चाहे सीपी हो, चाहे जनपद मेट्रो स्टेशन हो। तमाम जगहों से सफेद धुएं उठने की आवाजें आ रही थी। शोर का गूंज था।

लोग भाग रहे थे। पत्थरबाजियां हो रही थी और तमाम तस्वीरें हैं जिनमें प्रोटेस्टर पत्थर फेंक रहे कुछ तस्वीरें ऐसी भी हैं जिनमें पुलिस वाले भी उठाकर पत्थर फेंक रहे थे। तो उनको हमने रिकॉर्ड दर्ज करने की कोशिश करी।

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