यहां तक कि जब उनके घर इंडस्ट्री के लोग आते तो सुनीता चुपचाप दूसरे कमरे में छुप जाया करती थी। जहां सिर्फ पब्लिक कंट्रोवर्सीज नहीं बल्कि फैमिली के अंदर अपनों के ईगो ने पूरे परिवार को सालों तक मीडिया का तमाशा बनाए रखा। तब वो लगभग 3 साल तक अपने मामा आनंद सिंह के घर पर ही रुके हुए थे। अगर मुझे कुछ हो जाए तो आप किसी भी हालत में मेरे बेटे को जरूर बचा लेना। उन्होंने सुनीता से कहा कि गोविंदा एक बहुत सीधे-साधा और संस्कारी लड़का है जो अपनी मां से सबसे ज्यादा प्यार करता है और मॉडर्न सोसाइटी की कोई भी लड़की उसे इंप्रेस नहीं कर सकती। बैंड्रा मुंबई की पौश लाइफ से शुरू हुआ।
90ज के सुपरस्टार गोविंदा की वाइफ सुनीता आूजा का सफर स्ट्रगल रिजेक्शन बच्चों को खोने का गम फैमिली इशज़ कंट्रोवर्सी और रियलिटी टेलीविजन के कई मोड़ से होकर गुजरा है। तो जल्दी से जान लेते हैं सुनीता आूजा की लाइफ से जुड़े 70 ऐसे हिडन फैक्ट्स जिनसे आई एम वेरी श्योर आप आज तक अनजान रहे होंगे और यह फैक्ट्स आपको उनकी पूरी जिंदगी की कहानी बयान कर देंगे। सुनीता आहूजा का जन्म जून 1967 के आसपास मुंबई के सबसे पौश लोकेलिटी बैंड्रा में सुनीता मुंजल के रूप में हुआ था।
उनका फैमिली बैकग्राउंड काफी रिच अपर मिडिल क्लास था। जहां मॉडर्न लाइफस्टाइल और हाई सोसाइटी वैल्यूज का पूरा इन्फ्लुएंस था। यह बैकग्राउंड उनकी आने वाली जिंदगी के स्ट्रगल से बिल्कुल अपोजिट था क्योंकि आगे चलकर उन्हें एक स्ट्रगलिंग एक्टर की जॉइंट फैमिली का हिस्सा बनना था। जहां की लाइफ बांद्रा की लाइफ से जमीन आसमान का अंतर रखती थी। उनके रूट्स काफी डवर्स और कल्चरली रिच हैं। इंटरेस्टिंग बात यह है कि सुनीता एक मिक्स्ड बैकग्राउंड से आती है। उनके पिता पंजाबी थे और उनकी मां नेपाल से थी। एक पंजाबी नेपाली हाउसहोल्ड में पली-बड़ी होने के कारण उनकी पर्सनालिटी में शुरू से ही एक इंडिपेंडेंट, वाइब्रेंट और बोल्ड अंदाज था जो बाद में उनके आउटस्पोकन इंटरव्यूज और पब्लिक अपीयरेंसेस में भी क्लियर आने लगा। बचपन में सुनीता की स्कूलिंग बेंड्रा के एक रेपुटेड क्रिश्चियन स्कूल में हुई थी।
उनका पूरा फ्रेंड सर्कल क्रिश्चियन था। ऐसे एनवायरमेंट में उन्हें हमेशा अलग-अलग कल्चर्स को समझने का मौका मिला। जिसने उनकी सोच को काफी ब्रॉड बनाया और कन्वेंशनल रिलीजियस बाउंड्रीज से आगे सोचना सिखाया। उनका लाइफस्टाइल उस टाइम वेस्टर्न इन्फ्लुएंस से भरा हुआ था। जिसमें मिनी स्कर्ट्स और हॉट पेंट्स पहनना उनकी आम जिंदगी का हिस्सा था। बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि स्कूल के दिनों में उन्होंने सीक्रेट तरीके से क्रिश्चियनिटी अपनाकर अपना बैप्टिज्म करवाया था। इसके पीछे कोई गहरा रिलीजियस अवेकनिंग नहीं था बल्कि एक मासूम बच्चे जैसी क्यूरियोसिटी और थोड़ी शरारत थी।
उन्होंने अपने दोस्तों से सुना था कि चर्च में मास्क के दौरान वाइन जिसे जीसस का ब्लड कहा जाता है वो मिलती है और सिर्फ अल्कोहल टेस्ट करने की कनिंग क्यूरियसिटी में उन्होंने यह स्टेप उठाया था। इस सीक्रेट बैप्टिज्म के बारे में उनके पेरेंट्स को कभी भनक तक नहीं लगी। सुनीता ने एक रिसेंट पॉडकास्ट में बताया था कि वह बचपन से ही काफी स्मार्ट थी और उन्हें लगता था कि थोड़ी सी वाइन पीने में क्या नुकसान है। आज तक वह इस ट्रेडिशन को मानती है और हर सैटरडे चर्च जाती है। बट वैसे वह खुद को हिंदूइज़्म से ज्यादा जुड़ा मानती है और हिंदू रिचुअल्स पूरे दिल से फॉलो करती है। जिस वक्त सुनीता पाली हिल और बैंड्रा के आलीशान माहौल में कंफर्टेबल लग्जरियस लाइफ जी रही थी। ठीक उसी वक्त गोविंदा मुंबई के दूसरे छोर विरार के एक चोल में बेहद गरीबी और स्ट्रगल का सामना कर रहे थे। गोविंदा के पिता अरुण कुमार अहूजा जो खुद 1940 के एक सक्सेसफुल एक्टर थे। एक फ्लॉप फिल्म प्रोड्यूस करने के बाद अपना कार्टर रोड का बंगला खो बैठे थे।
यह सीिवियर फाइनेंशियल कंट्रास्ट इन दोनों की कहानी का सबसे आइरोनिकल पॉइंट था। दोनों की दुनिया कंप्लीटली अलग जरूर थी, लेकिन किस्मत ने उन्हें मिलाने का एक सॉलिड कनेक्शन पहले ही बना रखा था। सुनीता की बड़ी बहन की शादी आनंद सिंह से हुई थी। आनंद सिंह प्रोफेशन से एक डायरेक्टर थे और रिलेशन में गोविंदा के सगे मामा लगते थे। यह फैमिली कनेक्शन आगे चलकर बॉलीवुड की एक बड़ी लव स्टोरी का फाउंडेशन बनने वाला था।
करियर के शुरुआती स्ट्रगल फेज में जब गोविंदा फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे तब वह लगभग 3 साल तक अपने मामा आनंद सिंह के घर पर ही रुके हुए थे। दूसरी तरफ सुनीता अपनी बहन और जीजाजी से मिलने वहां अक्सर आती रहती थी और यही वो घर था जहां बैंड्रा की इस लड़की और विरार के इस स्ट्रगलिंग एक्टर की कहानी का पहला चैप्टर शुरू हुआ। अब तक आपने उनके बचपन और उनकी दो अलग दुनिया के कंट्रास्ट के बारे में जाना। लेकिन असली गेम तो तब बदला जब इनकी पहली मुलाकात हुई और ईगो क्लैशेस रोमांस में बदलने लगे। इनकी पहली मुलाकात किसी फिल्म सेट या रोमांटिक जगह पर नहीं बल्कि एक फैमिली शादी के फंक्शन में हुई थी।
उस वक्त सुनीता की उम्र सिर्फ 15 साल की थी और वह नाइंथ स्टैंडर्ड में पढ़ती थी। जबकि गोविंदा कॉलेज में अपने बीकॉम के फाइनल ईयर के स्टूडेंट थे। यह एक ऐसी उम्र थी जहां सुनीता एक केयर फ्री टीनएजर थी और गोविंदा पर अपने परिवार को गरीबी से निकालने का प्रेशर था। शुरुआत में इनके बीच किसी भी तरह का लव एट फर्स्ट साइड नहीं था। बैंड्रा की सोफेस्टिकेटेड लाइफ स्टाइल से आने वाली सुनीता को गोविंदा का देसी विरार स्टाइल और सिंपल नेचर ज्यादा पसंद नहीं आया था। उन्हें लगता था कि गोविंदा बहुत बैकवर्ड बैकग्राउंड से आते हैं और दोनों की पर्सनालिटीज में जमीन आसमान का फर्क होने की वजह से इनके बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों पर बहस और नोकझोंक होती रहती थी। लेकिन कहानी का सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब सुनीता के जीजाजी आनंद सिंह ने उन्हें एक इनफॉर्मल चैलेंज दिया। उन्होंने सुनीता से कहा कि गोविंदा एक बहुत सीधे साधा और संस्कारी लड़का है जो अपनी मां से सबसे ज्यादा प्यार करता है और मॉडर्न सोसाइटी की कोई भी लड़की उसे इंप्रेस नहीं कर सकती। सुनीता की कॉम्पिटिटिव नेचर ने इस चैलेंज को तुरंत एक्सेप्ट कर लिया और उन्होंने ठान लिया कि वह किसी भी तरह गोविंदा को इंप्रेस करके रहेंगी।
धीरे-धीरे उनकी यह डेली नोकझोंक डांस कॉमटीशंस में बदल गई। गोविंदा की मम्मा दोनों को डांस करने के लिए हमेशा एनकरेज करते थे। जिससे शुरुआत में फिक्शन और ईगो क्लैश था। वो म्यूजिक और डांस के जरिए म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग में बदलना शुरू हो गया। गोविंदा के इनक्रेडिबल डांस मूव्स ने धीरे-धीरे सुनीता का दिल जीतना शुरू कर दिया था। प्यार का पहला फॉर्मल स्पार्क उस वक्त रियलाइज हुआ जब डायरेक्टर आनंद सिंह अपनी फिल्म तन बदन बना रहे थे। इस फिल्म की मुहूर्त वाले दिन एक कार जर्नी के दौरान जब सुनीता और गोविंदा पीछे बैठे थे।
गोविंदा का हाथ गलती से सुनीता के हाथ से टच हुआ। उस एक सटल छोटे से जैचर ने इनकी 3 साल लंबी सीक्रेट डेटिंग लाइफ की ऑफिशियली शुरुआत कर दी थी। शायद आपको यकीन ना हो लेकिन आनंद सिंह ने तन बदन में फीमेल लीड का रोल सबसे पहले सुनीता को ही ऑफर किया था। अगर सुनीता वो रोल एक्सेप्ट कर लेती तो शायद वो आज एक बॉलीवुड एक्ट्रेस होती। लेकिन हैवी वर्क लोड इंडस्ट्री के स्ट्रेस और एक्टिंग में इंटरेस्ट ना होने के कारण उन्होंने साफ इंकार कर दिया और वो रोल आगे चलकर एक्ट्रेस खुशबू सुंदर को मिला। जब इनका रोमांस शुरू हुआ तो कम्युनिकेशन आज के जमाने की तरह आसान नहीं था। मोबाइल फोंस के उस दौर से पहले यह दोनों एक दूसरे को सीक्रेट लव लेटर्स लिखा करते थे। इंटरेस्टिंग बात यह है कि इन लेटर्स को एक घर से दूसरे घर तक डिलीवर करने का रिस्क भरा काम सुनीता का अपना भाई एज अ पोस्ट मास्टर किया करता था।
यह छुपी हुई लव स्टोरी एक दिन तब पकड़ी गई जब सुनीता की मां के हाथ इनका एक लव लेटर लग गया। उस लेटर में सुनीता ने खुलेआम अपने दिल की बात लिखते हुए कहा था, आई वांट टू गेट मैरिड टू यू एस अर्ली एस पॉसिबल। इस एक लेटर के पकड़े जाने ने दोनों परिवारों को आमने-सामने खड़ा कर दिया। जिसके बाद सब कुछ क्लियर करना जरूरी हो गया। करियर की सीढ़ियां चढ़ना आसान नहीं था और आगे जो हुआ उसने इनकी पूरी इमेज और जिंदगी बदल दी क्योंकि अब टाइम था एक सीक्रेट मैरिज का। परिवार में जब इनकी लव स्टोरी फैली तो गोविंदा की मां निर्मला देवी का रिएक्शन सबसे जरूरी था। उन्होंने सुनीता को तुरंत पसंद कर लिया था क्योंकि दोनों एस्ट्रोलॉजिकली डीपली कनेक्टेड थे। गोविंदा की मां और सुनीता दोनों का जर्डियाक साइन जैेमिनी यानी मिथुन था और उनके बर्थडेज आसपास आते थे। इस वजह से दोनों के बीच जिंदगी भर कभी सास बहू वाला क्लेश नहीं हुआ।
हालांकि गोविंदा की मां इस रिश्ते के लिए पूरी तरह राजी थी। लेकिन सुनीता के पिता इस रिलेशनशिप के सख्त खिलाफ थे। उनका मानना था कि सुनीता जैसी रिच लड़की एक गरीब एस्पायरिंग एक्टर के साथ कैसे एडजस्ट करेगी। यह क्लास डिफरेंस और फाइनेंशियल गैप इतना बड़ा था कि सुनीता के पिता ने आगे चलकर इनकी शादी में शामिल होने से ही साफ इंकार कर दिया था। 11 मार्च 1987 को इन दोनों ने पूरी दुनिया मीडिया और अपने फैन से छुपकर एक बेहद प्राइवेट सीक्रेट सेरेमनी में शादी कर ली।
उस वक्त गोविंदा 24 साल के थे और सुनीता की उम्र सिर्फ 18 साल की थी। गोविंदा हमेशा मजाक में मीडिया से कहते हैं कि सुनीता ने जबरदस्ती उनका चाइल्ड मैरिज करवाया था। यह मैरिज एक साल से ज्यादा तक दुनिया से सीक्रेट रखी गई थी। 1980 के बॉलीवुड में प्रोड्यूसर्स का यह माइंडसेट था कि अगर किसी नए रोमांटिक हीरो की शादी हो जाए तो उसकी फीमेल फैन फॉलोइंग अचानक गिर जाती है। अपने पति के करियर के पीक को बचाने के लिए सुनीता ने खुशी-खुशी शैडो में रहना मंजूर किया। यहां तक कि जब उनके घर इंडस्ट्री के लोग आते तो सुनीता चुपचाप दूसरे कमरे में छुप जाया करती थी ताकि किसी को पता ना चले कि गोविंदा की शादी हो चुकी है। शादी के बाद का एडजस्टमेंट सुनीता के लिए किसी कल्चरल शौक से कम नहीं था।
बैंड्रा की हॉट पैंट्स पहनने वाली एक मॉडर्न लड़की को विरार के ट्रेडिशनल जॉइंट फैमिली सेटअप में अब हमेशा साड़ीज पहननी पड़ती थी। हालांकि गोविंदा उनके वेस्टर्न कपड़ों को लेकर स्ट्रिक्ट थे और उन्हें मिनी स्कर्ट्स पहनने से मना करते थे। लेकिन सुनीता ने अपनी मां समान सास की इज्जत के लिए यह बड़ा सैक्रिफाइस बिना कंप्लेंट के खुशी से कर दिया। इनके इस नए रिश्ते पर एक और बड़ी टेस्ट तब आई जब उन्हें अपने सबसे बड़े दुख का सामना करना पड़ा। सुनीता और गोविंदा का पहला बच्चा एक बेटी का जन्म प्रीमेच्योर एथ मंथ में ही हो गया था। सुनीता के सिंगापुर से भरी शॉपिंग बैग्स उठाने और प्रेग्नेंट कंडीशन में भी एक्सेसिव ट्रैवलिंग की वजह से यह सीिवियर कॉम्प्लिकेशंस आई थी।
उनकी उस मासूम सी बेटी के लंग्स ठीक से डेवलप नहीं हो पाए थे। एक रात जब बच्ची ठीक से सांस नहीं ले पा रही थी तब सिर्फ 3 महीने की उम्र में ही उसने सुनीता की बाहों में अपना दम तोड़ दिया। यह ट्रेजडी दोनों की लाइफ का सबसे डार्क और पेनफुल फेस थी जिसने उन्हें इमोशनली अंदर तक तोड़ दिया था। पर उन्होंने मीडिया में इस दुख को कभी पब्लिक तमाशा नहीं बनने दिया। इस दर्दनाक दुख से निकलने के बाद 16 जुलाई 1989 को इनके घर टीना का जन्म हुआ। टीना के पहले जन्मदिन पर ही गोविंदा और सुनीता ने ऑफिशियली दुनिया के सामने अपनी शादी और बच्चे का खुलासा किया और तब जाकर फाइनली सुनीता अपने हिडन वाइफ वाले फेस से बाहर आ पाई। इसके 8 साल बाद 1997 में उनके बेटे यशवर्धन का जन्म हुआ। बेटा पैदा होने के टाइम की कहानी भी बेहद सिनेैटिक और टेरिफाइंग है। सुनीता का वजन उस टाइम 100 किलो हो चुका था और डिलीवरी इतनी कॉम्प्लिकेटेड थी कि उन्हें लगा वह टेबल पर ही मर जाएंगी।
बाहर खड़े गोविंदा पैनिक में बुरी तरह रो रहे थे क्योंकि उन्हें अपने पहले बच्चे की मौत का ट्रोमा याद आ रहा था। उस जमाने में सेक्स डिटरमिनेशन टेस्ट स्ट्रिक्टली लीगल होता था। इसलिए उन्हें पहले से पता था कि बेटा होने वाला है। मौत के डर के बीच सुनीता ने डॉक्टर से लिटरली यहां तक कह दिया था कि मेरे पति को एक बेटा चाहिए। अगर मुझे कुछ हो जाए तो आप किसी भी हालत में मेरे बेटे को जरूर बचा लेना। यह प्रोफाउंड सैक्रिफाइस वाला इमोशन दिखाता है कि उनका गोविंदा के प्रति प्यार किस हद तक अनकंडीशनल और गहरा था। फैमिली बिल्ड करने के इस मुश्किल दौर को पार करने के बाद अब बात करते हैं उस फेस की जहां गोविंदा बॉलीवुड के हीरो नंबर वन बन गए और इस सुपरस्टारडम ने उनकी प्राइवेट लाइफ में नए ला दिए। 1990 तक आते-आते गोविंदा कॉमेडी, एक्शन और डांस के बेताज बादशाह बन चुके थे। एक तरफ बॉक्स ऑफिस पर उनका क्रेज मासिफ था और दूसरी तरफ सुनीता चुपचाप बैकग्राउंड में उनकी पूरी जॉइंट फैमिली और बड़ा घर संभाल रही थी
। कृष्णा अभिषेक और विनय आनंद बच्चों को भी सुनीता ने अपने बच्चों की तरह ही पालपस कर बड़ा किया। उनके लिए नॉनवेज खाना बनाना शुरू किया और उन्हें एक सिक्योर चाइल्डहुड दिया। गोविंदा की फीमेल फैन फॉलोइंग इस हद तक पागल थी कि एक बार एक लड़की उनके घर में नौकरानी बनकर पोछा लगाने का काम करने लगी थी। सिर्फ गोविंदा के आसपास रहने के लिए। यह तो सुनीता की डिटेक्टिव स्किल्स थी जिसने उस लड़की की चोरी पकड़ ली।
जब उन्होंने उस लड़की का फोन स्नैच किया तब पता चला कि वह एक ऐसी अल्ट्रा रिच फैमिली से है जिसके पास ऑलरेडी आठ आलीशान कार्स हैं। स्क्रीन पर फन लविंग, कैजुअल और फनी इंसान लगने वाले गोविंदा रियल लाइफ में बहुत स्पिरिचुअल और एस्ट्रोलॉजिकल ड्रिवन थे। पूजा पाठ और सुपरस्टिशंस में उनका बिलीफ इतना स्ट्रांग था कि कई बार उन्होंने लाखों रुपए अनजान पंडितों पर खर्च कर दिए जो आगे चलकर सुनीता के लिए एक बड़ा फ्रस्ट्रेशन का रीजन बन गया। सुनीता का लाइफ पर्सपेक्टिव गोविंदा से बिल्कुल अपोजिट रहा है। उनका मानना है कि कर्मा ही सब कुछ है। उन्होंने पब्लिक फोरम्स पर स्ट्रिक्टली और फियरलेसली कहा है कि किसी ढोंगी पंडित को हवन के लिए ₹2 लाख देने से बेहतर है कि इंसान खुद सच्चे दिल से अपने भगवान से प्रार्थना करें। उनका इंडिपेंडेंट और प्रैक्टिकल नेचर गोविंदा के अंधविश्वास से हमेशा टकराता रहा है।
जब गोविंदा सेट पर शूट कर रहे होते तो सुनीता घर के फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट्स का भी ध्यान रखती थी। गोविंदा का ओपन हैंडेड नेचर और अपने आसपास के लोगों पर ब्लाइंडली पैसे लुटाने की आदत सुनीता को पसंद नहीं थी। इसलिए उन्होंने फैमिली के एसेट्स को सेफली मैनेज करने में एक अहम भूमिका निभाई। उनका क्लियर मानना था कि फेम और पैसा टेंपरेरी होता है जिसे बचा कर रखना जरूरी है। लेकिन स्टार बनने के बाद अफेयर्स के रूमर्स आम बात होती है। और जब इन रूमर्स ने गोविंदा का दरवाजा खटखटाया तो सुनीता का रिएक्शन दुनिया से बिल्कुल अलग था। स्टारडम के टॉप पर होने का एक बड़ा साइड इफेक्ट यह हुआ कि मीडिया में गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स की खबरें आग की तरह फैलने लगी। सबसे ज्यादा चर्चा में नीलम कोठारी के साथ उनकी डीप फ्रेंडशिप रही जिसके बाद आगे चलकर रानी मुखर्जी और रिसेंटली एक यंगर मराठी एक्ट्रेस के साथ भी उनका नाम जोड़ा गया था। इन रूमर्स और मीडिया रिपोर्ट्स ने सुनीता के दिल को कई बार चोट पहुंचाई। लेकिन सुनीता ने कोने में बैठकर रोने के बजाय हमेशा फियर्सली और पब्लिकली रिएक्ट किया। उन्होंने एक रियलिटी शो में क्लियरली एक्सेप्ट किया कि गोविंदा ने अपनी लाइफ में कई अफेयर्स किए होंगे क्योंकि 80ज 90ज के सुपरस्टार्स ऐसी चीजों में इनवॉल्व होते ही थे। पर अपने बच्चों और फैमिली को बचा कर रखना उनकी हमेशा पहली प्रायोरिटी थी।
एक वायरल पॉडकास्ट इंटरव्यू और रियलिटी शो में सुनीता ने खुलेआम एक बेहद शॉकिंग स्टेटमेंट दिया था कि मेरा पति है। चाहे वह बाहर 50 औरतों के साथ अफेयर करे उससे किसी के बाप का क्या जरा है। मैं उसकी बीवी हूं और मैं मरते दम तक उसे नहीं छोडूंगी। यह बोल्ड स्टेटमेंट दिखाता है कि उन्होंने कन्वेंशनल सोसाइटी नॉर्म्स के आगे अपने रिलेशनशिप को अपनी खुद की टर्म्स पर जिया है। मीडिया ने कई बार इन दोनों की मैरिज को ब्रोकन करार दिया।
यहां तक कि हाल ही में उनके सेपरेट लिविंग अरेंजमेंट्स की बात भी सामने आई थी। असल में गोविंदा के लेट नाइट वर्किंग आवर्स, इंडस्ट्री मीटिंग्स और दोनों के अलग डेली रूटीनंस की वजह से दोनों एक ही बिल्डिंग के अलग अपार्टमेंट्स या फ्लोस मेंटेन करते हैं। पर सुनीता ने क्लेरिफाई किया कि इस प्रैक्टिकल अरेंजमेंट का मतलब लीगल सेपरेशन बिल्कुल नहीं है। उनके इस मैरिज रिलेशन की कॉम्प्लेक्सिटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सुनीता पब्लिक में कॉन्फिडेंटली कहती है कि उन्हें हस्बैंड के रूप में गोविंदा शायद उतने अच्छे ना लगे हो क्योंकि वह कभी उन्हें डेट्स पर नहीं लेकर गए। लेकिन बेटे के रूप में गोविंदा एक परफेक्ट इंसान है। वह कहती है अगले जन्म में मुझे गोविंदा जैसा बेटा चाहिए पति नहीं। क्योंकि गोविंदा ने अपने पूरे परिवार के लिए अकेले फाइनेंशियल बोझ उठाया और अपनी मां का पूरा ध्यान रखा।
अब कहानी में एंट्री होती है उन डार्क चैप्टर्स की जहां सिर्फ पब्लिक कंट्रोवर्सीज नहीं बल्कि फैमिली के अंदर अपनों के ईगो ने पूरे परिवार को सालों तक मीडिया का तमाशा बनाए रखा। सुनीता आहूजा की जिंदगी का सबसे लंबा मैसी और दर्दनाक पब्लिक तनाव उनके अपने नेफ्यू कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह के साथ था जो करीब 14 साल लंबा चला। यह वही कृष्णा है जिन्हें सुनीता ने अपने खुद के घर में अपने बच्चों की तरह बड़ा किया था और उनके लिए स्पेशल नॉनवेज खाना तक पकाया था। यह गंदी लड़ाई तब शुरू हुई जब लगभग 2016 में गोविंदा कृष्णा के राइवल कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो पर चले गए। जबकि कृष्णा कॉमेडी नाइट्स लाइव होस्ट कर रहे थे। कृष्णा ने मीडिया में गोविंदा को सुपरस्टार होने का ताना मारा और यहां तक मजाक में अपने शो पर कहा, मैंने गोविंदा को अपना मामा रखा है। इस लाइन ने दोनों फैमिलीज के बीच एक बड़ा ईगो क्लैश शुरू कर दिया।
इस आग में घी डालने का काम कश्मीरा शाह के एक सोशल मीडिया ट्वीट ने किया। उन्होंने बिना नाम लिए लिखा था पीपल हु डांस फॉर मनी। जिसे सुनीता ने एक डायरेक्ट इंसल्ट माना क्योंकि गोविंदा और सुनीता उस दौरान ही उसके ठीक पहले कृष्णा के शो में द ड्रामा कंपनी पर एज अ गेस्ट बनकर गए थे। इस इंसिडेंट के बाद सुनीता ने पब्लिकली कसम खा ली थी कि वह दोबारा जिंदगी में कृष्णा का चेहरा नहीं देखेंगी। यह पारिवारिक मुद्दा इतना अगली हो गया कि जब कृष्णा और कश्मीरा के जुड़वा बच्चे पैदा हुए और हॉस्पिटल में एडमिट थे तब गोविंदा और सुनीता जानबूझकर उन्हें देखने तक नहीं गए। सालों तक फैमिली फंक्शनंस जैसे आरती सिंह की शादी स्किप किए गए और दोनों साइड से न्यूज़ चैनल्स और इंटरव्यूज में लगातार मीडिया ट्रायल चलता रहा। लेकिन कहते हैं ना समय के साथ हर घाव भरते हैं। 14 साल लंबे इस वनवास का अंत रिसेंटली तब हुआ जब सुनीता अचानक कलर्स टीवी के रियलिटी शो लाफ्टर शेफ्स 3 के सेट पर एज अ सरप्राइज़ गेस्ट पहुंची। वहां कश्मीरा उन्हें देखकर इमोशनल होकर रो पड़ी और उन्होंने कैमरा के सामने हाथ जोड़कर और पैर छूकर सुनीता से पब्लिकली माफी मांगी।
इस रीयनियन का सबसे टचिंग और सिनेमैटिक मोमेंट वो था जब कृष्णा भागते हुए आए और सुनीता के पैरों में गिर गए। कृष्णा ने अपना क्लासिक मजाक बनाते हुए रोते-रोते कहा, “मुझे तो आपके चरणों में पार्किंग मिल गई है।” है। इस एक टीवी मोमेंट ने उनकी 14 साल की बिटरनेस को हमेशा के लिए धो दिया और सुनीता ने फाइनली उन्हें देखकर उन्हें गले लगाया। लेकिन जब फैमिली इशूज़ सॉल्व हो रहे थे तब गोविंदा का करियर तेजी से नीचे गिर रहा था। और इस डाउनफॉल ने सुनीता को कुछ ऐसे कदम उठाने पर मजबूर किया जिसने नई कंट्रोवर्सीज पैदा कर दी। जब गोविंदा ने 2004 में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की और लोकसभा एमपी बने तो यह अल्टरनेट करियर चॉइस उनके एक्टिंग करियर पर भारी पड़ गया। इनएक्टिविटी ऑफ पार्लियामेंट से लगातार एब्सेंस के चक्कर में उनका एक्टिंग करियर बुरी तरह स्लाइड होने लगा। जिसके बाद फाइनली 2008 में उन्होंने पॉलिटिक्स से रेजिग्नेशन दे दिया था। पर तब तक उनकी मार्केट वैल्यू काफी गिर चुकी थी।
गोविंदा के इस कंटीन्यूअस डाउनफॉल और फ्लॉप फेस पर सुनीता ने हमेशा एक प्रोटेक्टिव और फियरली लॉयल वाइफ की तरह रिएक्ट किया है। उनका सीधा आरोप गोविंदा के इनर सर्कल पर रहा है। सुनीता ने पब्लिकली क्लेम किया कि गोविंदा के आसपास घूमने वाले कुछ राइटर्स, म्यूजिशियंस और चमचा उन्हें गलत एडवाइस देते थे। वो लोग सिर्फ वाहवाह करते थे जिसने उन्हें रियलिटी से दूर कर दिया और उनके करियर को फ्लॉप करवा दिया। यही स्ट्रेट टॉकिंग ऑफ और बोल्ड नेचर उन्हें एक बिल्कुल नई कंट्रोवर्सी में खींच लाई। जब उन्होंने रियलिटी टीवी स्टार पारस छाबड़ा के पडकास्ट में इंटरव्यू देते हुए गोविंदा के लॉन्ग टाइम फैमिली पंडित पंडित मुकेश शुक्ला को नकली और चोट हरा दिया। सुनीता ने ओपनली कहा कि ऐसे पंडित लाखों रुपए से फिजूल की पूजाओं के नाम पर लूट लेते हैं। सुनीता के इस डायरेक्ट अटैक और बयान ने मीडिया में इतना बवाल मचाया कि गोविंदा को खुद आगे आकर एक पब्लिक वीडियो मैसेज रिलीज़ करके अपनी पत्नी के स्टेटमेंट्स को कंडेम करना पड़ा। गोविंदा ने शुक्ला फैमिली को अपना सच्चा हितेषी बताया और सुनीता के कमेंट्स के लिए अनकंडीशनल डीपेस्ट अपोलॉजीस मांगी। यह पब्लिक डिसए्रीमेंट दिखाता है कि उनके और सुनीता के कोर बिलीफ सिस्टम्स आज भी एक दूसरे से बुरी तरह क्लैश करते हैं।
आज की करंट ओटीटी फेज में सिर्फ एक स्टार वाइफ के टैग से बाहर निकलकर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए सुनीता ने एक बड़ा स्टेप लिया। उन्होंने जून 2026 में Netflix के हाईली कंट्रोवर्शियल रियलिटी शो लॉकअप सच या सजा सीजन 2 में एज अ सीनियर कंटेस्टेंट एंट्री ली। लॉकअप के हाई प्रेशर बेसिक नीड्स वाले जेल लाइक एनवायरमेंट में उनका पेशेंस जल्दी जवाब दे गया। एक एपिसोड के दौरान जब शो में लगातार खराब क्वालिटी का खाना आया तो सुनीता अपना आपा खो बैठी। उन्होंने गुस्से में मेकर्स पर चिल्लाते हुए क्लेम किया कि जो सूप उन्हें दिया गया है उसका टेस्ट गौमूत्र जैसा है। वह कैमरा के आगे रोने लगी और कहा कि गोविंदा ने उन्हें यहां आने से सख्त मना किया था और जब भी वह उनकी बात नहीं मानती उन्हें पछताना पड़ता है। इस शो में उनका सबसे बड़ा और वायरल मुद्दा वाइल्ड कार्ड एंड ट्रेंड शिल्पा शिंद के साथ हुआ। शिल्पा ने जब गोविंदा के मासिव फैन बेस का हवाला देकर सुनीता को उनके मैरिज के स्टेटमेंट्स पर प्रवोक करने की कोशिश की तो सुनीता ने एकदम अग्रेसिव और मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने नेशनल टीवी पर कहा, मेरे शौहर का 50 औरतों से अफेयर चले या कुछ भी हो तेरे बाप का क्या जरा है भाई? मैं उसकी बीवी हूं और अपने टर्म्स पर रहूंगी।
इन्हीं डिस्प्यूट्स को शांत करने और अपनी पत्नी को सपोर्ट करने के लिए गोविंदा जो ठीक उस वक्त अपने पैर में गलती से चली गोली के बाद रिकवर कर रहे थे एज अ गैस शो में पहुंचे। फरा खान ने जब मजाक में उनसे पूछा कि क्या सुनीता ने गोली मरवाने की सुपारी दी थी? तो गोविंदा ने जेब से एक असली गोली निकालकर जोक मारा। यह कह रही थी कि चेस्ट पर गोली मारनी चाहिए तो गोली लाया हूं। लो अभी मार लो। यह बुलेट वाला मजाक असल में एक क्लियर रेफरेंस था सुनीता के उस पुराने बयान का जिसमें उन्होंने पब्लिक में सारकास्टिक तरीके से मीडिया की ट्रोलिंग का जवाब देते हुए कहा था कि अगर मैं गोली चलाती तो निशाना चूकता नहीं। गोली पैर पर नहीं सीधा सीने पर मारती। यह डार्क ह्यूमर इन दोनों हस्बैंड वाइफ के बीच एक डीपली अंडरस्टुड डायनामिक को दर्शाता है। जिंदगी और डेथ रूमर्स, लीगल लॉ सूट्स और बिट्रेल्स इन सबको लगातार झेलने के बाद आज सुनीता अहूजा जिस मुकाम पर खड़ी है, वह उनके अनब्रेकेबल लेगसी को प्रूव करता है।
जिंदगी का पहिया घूमता रहा और अचानक दिसंबर 2024 में पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री शॉक में चली गई। जब यह रिपोर्ट्स बाहर आई कि सुनीता अहूजा ने बैंड्रा फैमिली कोर्ट में सेक्शन 13 के तहत ऑफिशियली डिवोर्स फाइल कर दिया है। जिसमें उन्होंने और डिसजन के सीरियस एलगेशंस लगाए थे। इन शॉकिंग मीडिया रूमर्स ने गोविंदा के सारे फैंस को हैरान और परेशान कर दिया। क्योंकि गोविंदा और सुनीता ने लगभग 37 साल एक साथ बिताए थे। हर कोई यही सोचने लगा कि इतने ज्यादा इशूज़, कंट्रोवर्सीज और अप्स एंड डाउन झेलने के बाद अब लाइफ के इस पड़ाव पर आकर शादी टूटना एक बहुत बड़ी ट्रेजडी होगी। लेकिन सुनीता इस क्रिटिकल फेज में भी एज यूजुअल स्ट्रांग रहे। अपने न्यूली लॉन्च्ड YouTube ब्लॉग पर आकर उन्होंने डायरेक्टली किसी गॉसिप का नाम नहीं लिया पर महालक्ष्मी मंदिर में जाते हुए और मां काली पर अपनी आशा जताते हुए सटल तरीके से मीडिया को जवाब दिया। उन्होंने कहा लोग मेरा घर तोड़ने की बुरी कोशिश कर रहे हैं। पर जहां मां काली की कृपा हो वहां कुछ गलत नहीं हो सकता। उन्होंने क्लियर किया कि उतार-चढ़ाव आते हैं पर उनका घर इतनी आसानी से नहीं टूटता। इतनी भयानक अफवाहों के ठीक बीच में गोविंदा ने एक पब्लिक इवेंट में पैप्स को देखकर फ्लाइंग केसेस दिए। बिल्कुल नॉर्मल बिहेव करते हुए डवोर्स क्लेम्स को एक साइलेंट कॉन्फिडेंट रिस्पांस दिया। इसके थोड़े टाइम बाद गोविंदा ने मीडिया में एक ऑफिशियल स्टेटमेंट रिलीज किया कि इन सब अफवाहों के पीछे एक बहुत बड़ी कास्परेसी चल रही है। जिसमें उनकी फैमिली अनजाने में उन्हें डिस्ट्रॉय करने के लिए किसी एक्सटर्नल फोर्स द्वारा इस्तेमाल की जा रही है। अपनी इंडिपेंडेंट फेस को पूरी तरह एंब्रेस करते हुए जून 2025 में सुनीता ने अपनी 57 बर्थडे किसी ग्रैंड फिल्मी पार्टी या क्लब में नहीं बल्कि बिल्कुल अकेले उज्जैन के महाकाल और काल भैरव टेंपल में ध्यान लगाकर और पूजा करके मनाई। एयरपोर्ट पर आकर पेप्स को प्रसाद देना, उनकी इनर पीस की खोज और इंडस्ट्री के शो से दूर की जरूरत को क्लियरली दिखाता है।
आज सुनीता आूजा सिर्फ एक हीरो की चुपचाप रहने वाली स्टार वाइफ नहीं रह गई है। डायरेक्टर और शो होस्ट फरा खान ने उन्हें नेशनल टेलीविजन पर सही मायनों में द ओरिजिनल स्टार वाइफ का खिताब दिया है जो अपने बच्चों और घर की सेफ्टी के लिए पूरी दुनिया और मीडिया से अकेले भिड़ सकती है। बॉलीवुड में वापस अपना फैमिली इन्फ्लुएंस बनाते हुए उनकी बेटी टीना जिनका नाम न्यूमरोलॉजी के अकॉर्डिंग नर्मदा से चेंज किया गया। उन्होंने 2015 की पंजाबी हिंदी क्रॉसओवर फिल्म सेकंड हैंड हस्बैंड से डेब्यू किया है। इस स्ट्रगल में सुनीता ने पर्दे के पीछे एक स्ट्रांग मदर मैनेजर के रूप में उन्हें बहुत सपोर्ट किया। वहीं उनके बेटे यशवर्धन जो उनकी लाइफ का सबसे इमोशनल एंकर है। अब फिल्म इंडस्ट्री में एज एन असिस्टेंट डायरेक्टर एंड एस्पायरिंग एक्टर अपने ग्राउंड सेट कर रहे हैं।
दुनिया की नजर में भले ही गोविंदा हीरो नंबर वन है। लेकिन यशवर्धन और टीना के लिए उनकी रियल लाइफ में हीरो नंबर वन उनकी मां सुनीता आूजा ही है। सुनीता की पर्सनालिटी आज उमर के इस पड़ाव पर भी उतनी ही अनफिल्टर्ड और रॉ है। अपने कपड़ों के ब्रांड के बारे में पब्लिकली बात करनी हो या फिर गोविंदा के पैसे जो वो किसी चैरिटी में ना देकर सिर्फ चमचों पर लुटा देते थे। सुनीता सच्चाई बोलने से कभी पीछे नहीं हटी। उनका एक बड़ा पर्सनल सपना है कि वह अपने खुद के पैसों से एक ओल्ड एज होम और एनिमल शेल्टर बनवाए जिसमें उन्हें गोविंदा के एक भी रुपए की मदद या इंटरफेरेंस नहीं चाहिए। दुनिया ने हमेशा यही सोचा कि स्टार बनने के बाद गोविंदा ने सुनीता को एक लेविश लाइफ दी।
पर रियलिटी इससे थोड़ी अलग है। गोविंदा की स्टेबिलिटी सुनीता के सपोर्ट के बिना बिल्कुल इंपॉसिबल थी। फाइनेंशियल क्राइसिस हो, करियर का बुरा बर्नआउट हो, गोली लगने का एक्सीडेंट हो या पॉलिटिकल डिजास्टर। हर तूफान में सुनीता एक रॉक की तरह उनके और बच्चों के आगे ढाल बनकर खड़ी रही। आज अगर हम इंटरनेट पर सर्च करें तो सुनीता हुजा की पर्सनल नेटवर्थ अप्रोक्सिममेटली $30 मिलियन आकी जाती है। लेकिन उनका मानना है कि उनका असली वेल्थ, उनका अटूट परिवार और उनके बच्चे हैं। उन्होंने अपने एक्शन से यह तो प्रूव कर दिया कि सेलिब्रिटी मैरिज कोई फेरी टेल नहीं होती जिसमें सिर्फ प्यार और ग्लैमर हो। यह एक बैटल फील्ड है जहां धोखा, गुस्सा और सैक्रिफाइसेस और वापस से जुड़ना हर रोज की फाइट होती है। रियलिटी शो लॉकअप से निकलने के बाद टीवी और ओटीटी ऑडियंसेस का नजरिया उनके प्रति टोटली चेंज हो गया है। जो लोग उन्हें पहले एोगेंट समझते थे, वह अब सिर्फ उन्हें गोविंदा की वाइफ की जगह एक ऐसी इंडिपेंडेंट अल्फा वूमेन मानते हैं जो अपनी टर्म्स एंड कंडीशंस पर जीना जानती है। जिस बोल्ड और फियरलेस अंदाज में अपने इंटरव्यूज़ में उन्होंने मीडिया ट्रायल्स को शांत किया, वह मॉडर्न फेमिनिज्म के ट्रेडिशनल स्पेक्ट्रम का एक बेहद यूनिक एग्जांपल है। उन्होंने बताया कि जब 37 साल एक इंसान के साथ सुख-दुख बिताए हैं, तो बाहर की सोसाइटी को उन्हें या उनकी मैरिज को जज करने का कोई मोरल हक नहीं है।
सुनीता ने जब पहली बार YouTube ब्लॉग इंडस्ट्री में एज अ क्रिएटर कदम रखा तो इंडस्ट्री के लोगों को लगा कि एक 50 प्लस हाउसवाइफ कैमरा के आगे क्या नया दिखाएगी। पर उनके कैंडिडेट गॉसिप्स, ओपिनियंस, स्पिरिचुअल टेंपल वक्स और रॉ नेचुरल ह्यूमर ने उन्हें बहुत जल्दी पडकास्ट और YouTube सर्किट का एक ब्रेकआउट वायरल सेंसेशन बना दिया है। उनकी लाइफ फिलॉसफी बहुत सिंपल है। लाइफ इज टू शॉर्ट टू होल्ड गजेस बट लॉन्ग इनफ टू टीच लेसंस टू दोज़ हु क्रॉस यू। चाहे वह इंडस्ट्री के वो लोग हो जिन्होंने फ्लॉप होने पर गोविंदा का साथ छोड़ दिया या वह रिलेटिव्स जो उनके बुरे वक्त में गायब थे। सुनीता ने सबका हिसाब बराबर रखा और किसी को फॉरगिव करके तो किसी को परमानेंटली कट ऑफ करके अपना आगे का रास्ता साफ किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने एडमिट किया था कि वह कैमरा के आगे गोविंदा जैसी डिप्लोमेटिक भाषा नहीं बोल सकती। उन्हें पॉलिटिकल करेक्टनेस समझ नहीं आती। यही वजह है कि लोग उनके इंटरव्यूज को मिलियंस व्यूज देते हैं क्योंकि वह पॉलिश्ड पीआर मशीनरी का हिस्सा लगने की जगह आपके अपने पड़ोस की कोई आंटी लगती है जो अनफिल्टर्ड सच बोलती है। जिंदगी के इस मुकाम पर उनका फोकस पूरी तरह से स्पिरिचुअलिटी और अपने बच्चों के फ्यूचर पर सेंटर्ड है।
वो रेगुलरली टेंपल्स विजिट करती है और उनका बिलीफ है कि उनकी प्रेयर्स ही वह इनविज़िबल फोर्स है जो गोविंदा को इतने एक्सीडेंट्स और डाउनफॉल के बाद भी जिंदा और सेफ रखे हुए हैं। एक 15 साल की मासूम बैंड्रा गर्ल जो नॉर्मल डांस कंपटीशंस में अपने जीजाजी के छोटे भाई से थोड़ा फ्लर्ट करती और प्यार कर बैठी थी। तब से लेकर आज 2026 में कंट्रोवर्सीज और डवर्स रूमर्स का अकेले सामना करने वाली आयरन लेडी तक सुनीता आूजा की लेगसी यह बड़ा सबक देती है कि ग्लैमर की दुनिया में एक सुपरस्टार बनना तो शायद थोड़ा आसान है पर एक गिरे हुए स्टार को जिंदगी भर अपने कंधों पर उठाकर दुनिया से बचाना उसके लिए असल जिंदगी का हीरो होना पड़ता है।