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महीनों तक कैद में रखकर दरिंदगी, गले में ताला और जंजीर से जकड़ी मां!

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गले में ताला, पैरों [संगीत] में जंजीर, शरीर पर जुल्म के निशान और इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की एक 36 वर्षीय महिला ने ऐसे आरोप लगाए हैं जो किसी भी इंसान को झकझोड़ सकते हैं। महिला का दावा है कि उसे लखनऊ में एक महीने तक बंधक बनाकर रखा गया। बेरहमी से पीटा गया। जबरदस्ती नशा करवाया गया। उसके साथ बार-बार रेप हुआ और उसे अलग-अलग लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। आखिर पूरा मामला क्या है?

चलिए। यह कहानी गोरखपुर के रहने वाली 36 साल की एक महिला की है जो तीन बच्चों की मां है। महिला का आरोप है कि काम दिलाने के बहाने उसे लखनऊ ले जाया गया। कुछ समय बाद वह दोबारा लखनऊ पहुंची लेकिन इस बार उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी थी। उसका कहना है कि उसे एक मकान में बंद कर दिया गया। कमरे से बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट होती थी। महिला के आरोप यहीं खत्म नहीं होते। उसका कहना है कि उसके गले में लोहे की जंजीर डालकर ताला लगा दिया गया और पैरों को भी जंजीरों से बांध दिया गया।

उसका आरोप है कि उसे जानवरों की तरह रखा गया। कई बार भूखा रखा गया। जबरन शराब पिलाई गई और नशे की गोलियां भी दी गई और इतना ही नहीं उसके मुताबिक लोहे के रड से हमला कर उसके हाथ भी तोड़ दिए गए। बाद में उसका ऑपरेशन हुआ लेकिन अस्पताल से लौटने के बाद भी यातनाएं खत्म नहीं हुई। पीड़िता का गंभीर आरोप रेप को लेकर है। महिला का कहना है कि घर के ड्राइवर ने लंबे समय तक उसके साथ जबरन संबंध बनाए जिससे उसे एक बच्चा भी हुआ।

इसके अलावा उसने मकान मालकिन, उसके पति और कुछ अन्य लोगों पर भी रेप के आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि उसे दूसरे पुरुषों के साथ भी जबरन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला जाता था। अब सवाल है कि महिला वहां से बाहर कैसे निकली? पीड़िता के मुताबिक उसे घर में काम करने वाली एक दूसरी महिला ने उसकी मदद की। मौका मिलते ही वह किसी तरह वहां से निकल गई। उसके गले और पैरों में तब भी जंजीरें लगी हुई थी। रास्ते में उसने लोगों से भीख मांगकर सफर किया और किसी तरह अपने मायके गोरखपुर पहुंच गई। वहां पहुंचकर उसने परिवार को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद उसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए जिसमें उसके गले और पैरों में जंजीरें दिखाई देती हैं।

महिला की बेटी भी अपनी मां के आरोपों का समर्थन कर रही है। बेटी का कहना है कि उसने अपनी आंखों के सामने मां के साथ मारपीट होते देखी। उसके मुताबिक आरोपी महिला ने लोहे के रड से उसकी मां का हाथ तोड़ा और ड्राइवर ने भी बुरी तरह पिटाई की। बेटी का दावा है कि परिवार को लगातार धमकियां दी गई और इसलिए वह कुछ समय तक कुछ नहीं कह सके। बाद में जब उसकी मां किसी तरह भागकर गोरखपुर पहुंची तब परिवार ने पूरे मामले का खुलासा किया। अब बात पुलिस कारवाई की। पीड़िता का आरोप है कि वह गोरखपुर में शिकायत लेकर पहुंची लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। स्थानीय पुलिस का कहना है कि घटना लखनऊ की है इसलिए वह कारवाई होगी और दूसरी ओर महिला मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग कर रही है। अब इस मामले में धमकियों का भी आरोप लग गया है।

पीड़िता और उसके परिवार का कहना है कि आरोपियों की ओर से लगातार फोन कर जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही है। परिवार का दावा है कि उन्हें ₹15 लाख के सोने के चोरी के झूठे केस में फंसाने की चेतावनी भी दी गई। अब इस पूरे मामले में कई सवाल अभी जवाब मांग रहे हैं। अगर महिला के आरोप सही हैं तो इतने लंबे समय तक उसे बंधक बनाकर कैसे रखा गया? अगर उसके हाथ को ऑपरेशन हुआ था तो अस्पताल में किसी ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? अगर गले और पैरों में जंजीरें थी तो किसी ने शक क्यों नहीं जताया? और सबसे अहम सवाल क्या पीड़िता को समय रहते न्याय मिल पाएगा? इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही सामने आ पाएंगे। एबीपी गंगा खबर आपकी जुबान आपकी।

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