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पहले टु!कड़े किए फिर जंगल में …बीवी ने पति के साथ किया खौ!फनाक कांड जान, वजह रोंगटे खड़े कर देगी।

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11 महीने पहले एक पति की हुई थी। करके उसके शरीर के तीन पार्ट्स गए थे। यानी को तीन टुकड़ों में गया था। बोधियों में भरा गया था। इसके बाद ऑटो की मदद से उसे जंगल के इलाकों में फेंका गया था। जंगल में एक जगह नहीं बल्कि तीन जगह क्योंकि तीन थे तो घनी जंगल में जाते हैं और इसके बाद उन टुकड़ों को अलग-अलग जगह पर फेंक दिया जाता है ताकि किसी को कोई भनक ना लग सके।

इसके बाद जो है वह लौट कर आते हैं। अपना मोबाइल फोन, सिम कार्ड सब कुछ फेंक देते हैं और लगभग 11 महीने तक ऐसा करते हैं। लेकिन गनीमत होती है कि अचानक शख्स का जिसकी मृत्यु हुई थी उसका भाई सामने आता है और अपने भाभी से कुछ सवाल करता है।

दरअसल पिछले कुछ महीनों से लगातार भाभी जो है अपना मोबाइल और सिम कार्ड चेंज कर रही थी। इस दरमियान जैसेतैसे उसका छोटा भाई अपनी भाभी तक पहुंचता है और भाभी से कुछ सवाल करता है और जब सवाल के जवाब देते भाभी के जुबान लड़खड़ाने लगते हैं तो उसे कुछ शक होता है और शक इस कदर पैदा होता है कि वह फौरन रवाले पुलिसथाने पहुंचता है और वहां पर कंप्लेंट दर्ज कराता है कि उसका भाई पिछले कुछ महीने से गायब है और भाभी जो बता रही है उसमें कहीं ना कहीं उसे संदेह लग रहा है। फौरन पुलिस मुकदमा दर्ज करती है, मिसिंग कंप्लेंट दर्ज करती है और इसके बाद वह पहुंचती है उसकी भाभी के पास और कुछ सवाल करती है जिसके बाद पुलिस को पता चल जाता है कि आखिर यह कहानी क्या है और पुलिस जब सॉल्व करती है तो 11 महीने पहले का एक केस सॉल्व होता है।

जो पहले तो 10 था मिसिंग कंप्लेंट लेकिन जब खुलासा होता है तो पता चलता है कि एक कातिल जो खुद अपने साथ दूसरे कातिल को लेकर लिविंग रिलेशनशिप में रह रही थी। यानी अफेयर का मामला था और अफेयर में एक पति को मारा गया था बकायदा प्लानिंग प्लॉटिंग के तहत और इसके बाद उसकी को तीन टुकड़ों में काटा गया था। बोरियों में भरकर उसकी को ठिकाने लगाया गया था।

मामला नवी मुंबई का है। 8 अगस्त आपको पूरी वारदात की क्रोनोलॉजी समझाते हैं कि आखिर यह वारदात क्या थी? तो पहले तीन कैरेक्टर से रूबरू करवाते हैं। विक्टिम जो है बलराम कुशवाहा। 50 साल उम्र बताई जाती बताई जा रही है और रहने वाले नवी मुंबई के एरोली के हैं। यह अपने बीवी सुनीता और बच्चे दो बच्चे थे इनके इनके साथ यह एरोली में ही अपने घर में रहा करते थे। इसी दरमियान बलराम को पता चलता है कि उनकी बीवी जो है किसी और के साथ अफेयर में है। यह अफेयर किसी और से नहीं बल्कि 30 साल का एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर था राहुल प्रजापति।

राहुल प्रजापति का सुनीता के साथ कुछ महीनों से चक्कर चल रहा था। पति को पता चल जाता है। इस पर रा सुनीता और बलराम जो है इनमें कहां सुनी होती है? वो लाख बार अपनी बीवी को कहते हैं कि तुम इस तरह के रिलेशनशिप से बाहर आ जाओ। यह चीजें जो कर रही हो वो गलत है। हमारे दो बच्चे हैं।

लेकिन बेवफा बीवी को तो आशिक की खुमारी थी और आशिकी उन पर इस कदर चढ़ी हुई थी कि वह कहती है कि मैं इसे छोड़ नहीं सकती। अब यह लगातार इनके घर में आए दिन वाद-विवाद का जरिया बन गया था। जिसे लेकर दोनों मियां बीवी में झगड़े विवाद होते थे। अब प्लानिंग क्योंकि पता चल गया था अफेयर है तो यकीनन जो सुनीता कुशवाहा है यानी बीवी वो अपने बॉयफ्रेंड राहुल को बताती है कि इस कदर उसके घर में लगातार झगड़े होते हैं। अब यह लोग कई बार प्लानिंग बनाते हैं

लेकिन इनका प्लानिंग सक्सेस नहीं हो पाता। प्लानिंग किसी और चीज की नहीं बल्कि बलराम के मर्डर की बकायदा गले यह लोग छोटी-छोटी चीजें नोटिस करते हैं और इसके बाद प्लानिंग प्लॉटिंग के तहत उसे रास्ते से हटाने की कोशिश करते हैं। लेकिन उसमें सफल नहीं होते। इस दरमियान एक और प्लानिंग रचा रची जाती है और यह प्लानिंग 8 अगस्त 2025 की है।

8 अगस्त को यह लोग प्लान करते हैं और प्लान के तहत सुनीता अपने दोनों बच्चों को अपनी बहन के घर पे छोड़ आती है। छोड़ने के बाद यह राहुल से मिलने जाती है। अब राहुल और सुनीता ने बकायदा प्लानिंग की थी कि आज ही रात में जो बलराम है यानी सुनीता का पति उसे रास्ते से हटा देना है। प्लान के तहत रात का रात होती है और जब यह लोग खाना पीना खाकर सोने जाते हैं सुनीता अपने पति बलराम के साथ सोती है।

इसी दरमियान जब गहरी नींद में बलराम हो जाते हैं वो अपने प्रेमी यानी लवर को बुलाती है राहुल को और यह लोग नींद में ही बलराम का गला घोट देते हैं। जिसके बाद उसकी मौत हो जाती है। अब यह क्लियर करना चाहते थे कि गला घोटने से उनसे बलराम की मौत हुई है या नहीं। इसके बचने के लिए कि यह कंफर्म हो जाए कि उसकी मृत्यु हो चुकी है। अब यह लोग धारदार हथियार लेते हैं और उसे बलराम का गला रेत देते हैं। इसके बाद ये लोग सोचते हैं कि अब क्या करें? तो प्लानिंग होती है तीन बोरियां आती है क्योंकि ये बकायदा एक दिन पहले की प्लानिंग थी और प्लानिंग के मुताबिक ये लोग ने तीन बोरियां घर में लाकर रखी थी। अब तीनों बोरियों में किसी में सिर रखा जाता है, किसी में धड़ रखा जाता है, किसी में बॉडी के अलग पार्ट्स रखे जाते हैं। यानी कुल मिलाकर बलराम को तीन टुकड़ों में काटा गया था। पहले मर्डर किया गया था। के बाद उसे तीन टुकड़ों में काटकर बोरियों में अलग-अलग भरा गया था। क्योंकि राहुल जो है यानी लवर जो है वो ऑटो रिक्शा ड्राइवर था। अब वो अपनी ऑटो लाता है।

किसी को कुछ संदेह ना हो क्योंकि ये लोग रहने वाले जो हैं अ एरोली के बताए जा रहे हैं। एरोली में ही बलराम का घर था। उसी क्योंकि चॉल एरिया था और उसी में रहा करते थे। तो बड़े ही आसानी से तीनों बोरियों को राहुल जो है अपने ऑटो रिक्शा में रखता है और यह लोग वहां से रफूचक्कर हो जाते हैं और निकलते हैं गवलीदेव पहाड़ी का एरिया जो है रबाली के बाहरी इलाका में आता है और यह बहुत बेहद घना जंगल है जहां पर आप देख सकते हैं अगर एरियल व्यू या व्यू आपको दिखाने की कोशिश किया जाए तो यह इतनी घनी जंगल है कि जहां पर आपको बड़ी मशक्कत होगी अगर हिल भी गए तो वहां से निकलने के लिए तो ये लोग अपने प्लानिंग प्लॉटिंग को बकायदा सक्सेस बनाने के के लिए उस जंगल को निशाना बनाए थे।

गवलीदेव पहाड़ी पर जाते हैं और वहां पर क्योंकि इन्होंने 8 और 9 अगस्त के दरमियानी रात बलराम की हत्या कर दी थी और उसके शव को तीन टुकड़ों में काटा था और उसी रात ये लोग निकल जाते हैं रबाली के बाहरी इलाके में गवलीदेव पहाड़ी एरिया जो है वहां पर शव को फेंकने के लिए और फेंकते हैं और इसके बाद यह लोग वहां से अह जंगल में जब पहुंचते हैं तो अलग-अलग जगह पर एक जगह पर डंप नहीं करते। अलग-अलग जगह पर तीनों बोरियों को ठिकाने लगाते हैं और इसके बाद यह लौट कर आ जाते हैं घर पे। क्योंकि घर पर उनका पति बलराम नहीं दिखता।

तो दोनों से पूछा जाता है कि आखिर आपके पति क्यों नहीं दिख रहे हैं? इस पर तमाम तरह के वो अपने बयान देती है और लोगों को बताती है। कभी उत्तर प्रदेश बताती है जहां के वह रहने वाले थे और इसके अलावा वह बताती है कि कभी रिश्तेदार के घर गए हैं। तो कुछ दिनों तक यह तमाम चीजें चला चलाती है और लाश के टुकड़ों को जब ये लोग गवली देवी पहाड़ी जंगल इलाके में फेंक कर आते हैं ताकि इन्हें पता यह था कि एविडेंस किसी भी तरह से ना मिले। चाहे के टुकड़े हो, चाहे फिर इनका मोबाइल फोन हो, चाहे सिम कार्ड हो। तमाम तरह की चीजें जो है उससे बेहद बारीकी से इन्होंने प्लानिंग रची थी। जिसके बाद ये लोग मोबाइल फोन और तमाम सिम कार्ड जो है तोड़कर फेंक देते हैं।

झूठी कहानी बताते हैं कि अगर कोई पूछा तो इस पर बताना आसपास के लोगों को या फिर रिश्तेदारों को कि यूपी के आसंग बाबा आश्रम गए हैं इनके पति बलराम। यह कहानी कुछ दिन तक चलती है। इस दरमियान जो है सुनीता और उसका प्रेमी यानी राहुल। यह दोनों कहते हैं कि अगर इसी जगह पर रहे तो कहीं ना कहीं इनके लिए आगे दिक्कतें हो सकती है। अब यह लोग अपना ठिकाना बदलने वाले थे। रहने वाले एरोली के थे। अब ये एरोली का जो घर था उसे किराए पर दे देती है सुनीता और अपने बच्चों को लेकर चली जाती है घनसोली। यह भी नवी मुंबई का ही इलाका है। जहां पर वह अपने प्रेमी यानी राहुल के साथ लिव इन रिलेशनशिप में अपने बच्चों के साथ ही रहा करती थी।

इसी दरमियान आपको बता दें कि ये लोग समय-समय पर अपना मोबाइल फोन अपना सिम कार्ड बदल रहे थे। तो किसी को कुछ पता नहीं चल रहा था और तभी 4 अप्रैल 2026 की बात है। अपने भाई को ढूंढते-ढूंढते क्योंकि ना परिवार से कोई कांटेक्ट हो पा रहा था ना ही अपनी सुनीता भाभी से। जैसे तैसे बलराम के भाई का कांटेक्ट होता है सुनीता भाभी से और वह जाकर पूछते हैं कि आखिर भैया बलराम है कहां? उनका कोई अता-पता नहीं चल रहा। सुनीता इस बार भी मनगढ़ंत कहानी जो बनाई थी यानी झूठी कहानी वही वापस दोहराती है और बताती है कि उत्तर प्रदेश के एक आश्रम में है। अगर वहां नहीं है तो किसी एक के यहां गए होंगे। लेकिन बार-बार पूछे जाने पर वो अपना बयान बदल रही थी।

जिस पर बलराम के भाई को डाउट होता है कि यह कहानी जैसी बता रही है वैसी है नहीं क्योंकि ना ही उनका फोन लग रहा है ना ही उनका लोकेशन ट्रेस हो रहा है ना ही वह किसी कहीं दिखाई दे रहे हैं या फिर किसी भी तरह का कोई कांटेक्ट हो पा रहा है। यही कड़ी जो है वो भाई को लगता है और जिसके बाद वो पहुंच जाते हैं पुलिस कंप्लेंट करने के लिए रबाले एमआईडीसी और वहां पर बताते हैं पुलिस को कि उनकी भाभी सुनीता पर उन्हें शक है।

फॉरेन पुलिस जो है मिसिंग कंप्लेंट दर्ज कराती है और उसके बाद पूछती है पूरी कहानी इस पर पता चलता है कि सुनीता और दो बच्चे बलराम के हैं। अब पुलिस का पहला डाउट यह होता है कि अगर एक वाइफ का हस्बैंड मिसिंग है और एक दो बच्चों के बाप मिसिंग है तो ऐसे में कंप्लेंट दर्ज कराने भाई आया है बजाय इसके कि बीवी अब पुलिस को पहला ही शक की सुई जो घूमती है वो वाइफ पर घूमती है और सुनीता को पुलिस पूछताछ के लिए बुलाती है।

इसके पहले पुलिस सुनीता से मोबाइल नंबर खंगालती है। उसका मोबाइल डिटेल्स जो है सीडीआर खंगालने की कोशिश करती है क्योंकि पता था कि वह राहुल नाम के लड़के के साथ रह रही है। अब पुलिस दोनों की सीडीआर खंगालती है तो पता चलता है कि हत्या के दरमियान और हत्या के बाद भी वो लगातार राहुल के संपर्क में थी। अब पुलिस की जो शक की सुई थी कहीं ना कहीं वो 50% सच में साबित हो रहा था। जिसे लेकर अब पुलिस उससे सुनीता से कड़ाई से पूछताछ करती है। एक दो बार तो अपने बयान वो ता अह टालमाटोल करती है। लेकिन इसके बाद वह टूट पड़ती है और टूट जाती है। तो इसके बाद पूरी कहानी सुनाती है कि आखिर 8 9 अगस्त के दरमियानी रात क्या हुआ था?

कैसे एक प्लानिंग की गई थी बलराम की हत्या की और इस हत्या को अंजाम देने के बाद कैसे शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाया था? तमाम तरह की चीजें वो बयां करती है और पुलिस फ़ौरन मिसिंग कंप्लेंट को दर्ज कर लेती है मर्डर कंप्लेंट में और इसके बाद उन्हें लेकर जैसे-जैसे वो बताए थे कि कहां कुछ क्या हुआ था। पूरे क्राइम सीक्वेंस को वह कनेक्ट करने की कोशिश करती है और वो लाश के टुकड़े जहां गली देवी जंगल में फेंके गए थे वहां पर जाती है क्योंकि बॉडी जो है वो 11 महीने पुरानी हो चुकी है। तो आप सोच सकते हैं कि डीकंपोज्ड अवतार में कैसे क्या कुछ स्केलेटन मिला होगा जिसे लेकर पुलिस आती है और फॉरेंसिक के लिए भेजती है और इसके अलावा जो मुकदमा है वह दर्ज किया जाता है।

बीएएनएस की धारा 103 पार्ट वन यानी दोनों ने मिलकर को अंजाम दिया था। जिसके तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। 238 सबूत मिटाना। बीएएनएस की ये धाराएं हैं। जिसमें पुलिस ने साफ तौर पर तीन धाराओं में यह मुकदमा दर्ज किया है।

103 पार्ट वन बीएएनएस की जो के लिए दर्ज की गई है। 238 बीएएनएस की धारा जो है वह एविडेंस को मिटाने की क्योंकि आपने एक कत्ल किया। करने के बाद शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाया ताकि किसी को कुछ पता ना चल सके। जिसे लेकर यह धाराएं दर्ज की गई है। इसके अलावा बीएएस की धारा थ्री पार्ट फाइव कॉमन इंटेंशन आप लोगों का इंटेंशन कॉमन था।

आपको पता है कि आप जो कर रहे हैं उसकी वजह उसके परिणाम क्या हो सकते हैं और फिर भी आपने यह किया है तो यह धाराएं जो है दर्ज की गई है। फिलहाल आपको बता दें कि राहुल जो है और इसके अलावा सुनीता गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और बच्चे जो है जिस तरह से सुनीता ने प्लानिंग प्लॉटिंग के तहत अपने बच्चों को मौसी के घर भेजा था तो उन्हें लेकर भी पुलिस अब पूछताछ कर रही है क्योंकि सुनीता ने एक ऐसी सोची समझी साजिश के तहत अपने पति का किया था और 11 महीने तक पुलिस समेत परिवार के लोगों को भी गुमराह करती रही है जिसके तहत अब पुलिस इन दोनों को गिरफ्तार की है और दोनों से पूछताछ की जा रही है। दोनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश भी किया गया था। जिसके बाद इनकी 17 जुलाई तक पुलिस कस्टडी की रिमांड मिली हुई है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है कि यह प्लानिंग प्लॉटिंग या फिर अफेयर किस तरह से कब तक हुआ था और क्या कुछ था। पूरी कहानी जो है अब पुलिस उस पर जांच पड़ताल कर रही है।

इसको रहते तो 12 13 साल हो गए रहते लेकिन रहती थी। खाली आज कुछ मतलब नहीं था। हम रहते थे लेकिन बात भी नहीं करती थी। अच्छा खाली जो आदमी लोग थे रिक्शे चलाते थे जो बोल देता था उसी से बात करते उनका ना नशाविशा करता था ना दारू पीता था ना किसी से फालतू बात करता था क्या काम रहता था तो बात करते थे क्या करते अच्छा इतने दिन आपको नहीं दिखे तो आपने उनके परिजनों से कभी पूछा कि वो कहां है कहां गए हां पूछा ना उसकी बीवी से पूछे हम लोग तुम्हारे पति कहां गए वो बोल वही बोला पत्नी ही नहीं बोली कि नहीं मेरा पति गांव गया घर बन रहा है और फिर बोले 2 महीने बाद तो बोला कि नहीं आश्रम गए।

आश्रम के बाद पता ना कहां-कहां गए। नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय में रबाड़े एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में 24 अप्रैल 2026 मतलब आज से करीब तीन सा 3 महीने पहले एक मिसिंग दाखिल हुई थी जिसमें बलराम सूर्यनाथ कुशवाहा एज 50 इयर्स ये मिसिंग था। ये मिसिंग उनके भाई ने दाखिल की थी। तो पुलिस ने इस इन मिसिंग में इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। इन्वेस्टिगेशन में ऐसा दिखा मतलब देखा गया कि ये जो मिसिंग उनके भाई ने की दाखिल की थी लेकिन उसके वाइफ ने दाखिल नहीं की थी और इन्वेस्टिगेशन में ऐसा देखा गया कि वो 9 अगस्त 2025 से मिसिंग है।

तो फिर इसके बारे में टेक्निकल एनालिसिस किया गया स्पॉट पे घटना स्थल पर थोड़ा सा इंक्वायरी किया गया और उस आधार पे ऐसा देखा गया टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर कि जो मिसिंग की वाइफ है ये एक आदमी के कांटेक्ट में है और उसका नाम राहुल प्रजापति है जो रिक्शा चलाता है। फिर इन दोनों के पास दोनों के पास हमने इंक्वायरी शुरू की। इस इंक्वायरी में हमें यह पता चला। उन्होंने कबूली भी दी कि जो मिसिंग पर्सन है उनका उन्होंने 9 अगस्त 2026 25 8 अगस्त 2025 के रात को और 9 अगस्त 2025 के सुबह को मर्डर किया और उनके बॉडी के तीन पार्ट करके एक किसी जगह पे फेंक दिए गए।

तो इस आधार पर पुलिस रबड़ एमआईडीसी में 263 2026 के तहत मर्डर का गुना दाखिल किया गया है। इन दोनों आरोपी एक्यूस्ट को अरेस्ट किया गया है। माननीय न्यायालय ने उनको सात दिन की पुलिस कस्टडी दे दी गई है और पुलिस उनके पास अभी इन्वेस्टिगेशन शुरू है। नहीं अभी इन्वेस्टिगेशन चालू है।

जो इन्वेस्टिगेशन की बातें अभी नहीं बता सकता लेकिन इन्वेस्टिगेशन शुरू है। हम लोग पूरी एविडेंस प्राप्त करने की कोशिश कर। नहीं रबाड़े

ने अच्छा काम किया है। मिसिंग मिसिंग ऑलरेडी मिसिंग 8 महीने के बाद रिपोर्ट हुई थी। लेकिन रबाड़ी पुलिस ने अच्छा काम करके यह मर्डर का गुना ओपन किया है। अभी हम लोग इन्वेस्टिगेशन में ज्यादा से ज्यादा एविडेंस प्राप्त करने की कोशिश। उसकी हत्या हुई। उसके बच्चे उसके उनके मौसी के घर गए

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