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सिया की केतन के खिलाफ साजिश का जापान से क्या है कनेक्शन?

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नमस्कार सीधी बात विद गणेश ठाकुर में आपका स्वागत है। आज हम केतन अग्रवाल हत्याकांड में बहुत बड़ा खुलासा करने जा रहे हैं। ऐसी बातें जो अब तक ना किसी प्रिंट मीडिया ना किसी टीवी चैनल ना किसी सोशल मीडिया या यूर्स ने आपके सामने रखी होगी। यह जांच का हिस्सा है और इस जांच में जो पुलिस ने पाया है वो सिया गोयल और चेतन चौधरी के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत माना जा रहा है। वो सबूत जो केतन अग्रवाल को न्याय दिलाएगा। सिया गोयल और चेतन चौधरी के गुनाहों से पर्दा उठाएगा। यह सबूत इन दोनों को उनके किए की सजा दिलाएगा। अब यह सबूत क्या है? यह समझेंगे आज के इस वीडियो में। इन सारे सवालों के जवाब देने से पहले, खुलासा करने से पहले मैं आपको फ्लैशबैक में ले जाता हूं क्योंकि पीछे जो हुआ उसी के तार जुड़ते-जुड़ते केतन अग्रवाल की हत्या तक पहुंचते हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि सिया और चेतन ने आखिर इस हत्याकांड को अंजाम देने के बारे में क्यों सोचा? ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि दोनों केतन की हत्या करने के लिए राजी हुए। वह भाग भी सकते थे। परिवार को बताकर इस शादी से छुटकारा पा सकते थे। लेकिन सिया और चेतन ने ऐसा नहीं किया। अब यह क्यों नहीं किया? तो इसका सबसे पहला और बड़ा खुलासा अब मैं करने जा रहा हूं। पुलिस जांच कर रही है कि क्या सिया गोयल और चेतन चौधरी ने गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी और शादी अब नहीं तो करीब एक साल पहले की थी। पुणे ग्रामीण पुलिस के हाथ दो फोटोग्राफ लगे हैं। एक फोटोग्राफ एक मंदिर का है जहां पर दोनों वरमाला पहने हुए हैं। तो एक फोटोग्राफ जिसमें सिया गोयल के माथे पर सिंदूर लगा हुआ दिख रहा है। और यही दो तस्वीरें सबसे पहले जब पुलिस के हाथ लगी तो उन्हें शक हुआ कि यह सब इसलिए किया गया क्योंकि इन दोनों ने पहले ही शादी कर ली थी। अब जब हमने हमारे सूत्रों से पता किया कि क्या वाकई में दोनों की शादी हुई है

तो पुलिस का कहना है कि तस्वीरें तो मिली हैं लेकिन हम जांच कर रहे हैं। अभी आधिकारिक तौर पर यह कहना गलत होगा कि दोनों की शादी हुई थी। अब इसको साबित करने के लिए पुलिस क्या कर रही है? तो पुलिस राजस्थान जा रही है। क्यों? तो राजस्थान के मंदिर का जिक्र किया जा रहा है कि उस राजस्थान के मंदिर में ही दोनों ने सात फेरे लिए या शादी की। अब जब मंदिर में शादी हुई तो कोई गवाह तो होंगे। तो इसीलिए पुणे ग्रामीण पुलिस अब सिया और चेतन के दोस्तों से पूछताछ कर रही है। क्योंकि दोनों यानी सिया और चेतन इस बारे में कोई खुलासा नहीं कर रहे। सभी कोशिशों के बावजूद भी इस शादी के बारे में वह गोलमटोल या घुमा फिरा के जांच की दिशा को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से इस फोटो का सच क्या है? इस शादी का सच क्या है? उस मंदिर का सच क्या है और इस शादी में अगर शादी हुई थी तो कौन-कौन शामिल था? इसकी जांच पुणे ग्रामीण पुलिस कर रही है। अब राजस्थान में एक टीम जा रही है। उस मंदिर में वहां के पुजारी या जिन्होंने अगर शादी कराई है तो उनसे पूछताछ होगी और फिर एक बड़ा सबूत इन दोनों के खिलाफ मिल सकेगा। क्या केतन की हत्या के पीछे की वजह इन दोनों की यह शादी थी? अब इन दोनों ने शादी की होगी। इसी वजह से अपने परिवार को वो बता नहीं पाए होंगे और इसी वजह से वो सीधे-सीधे केतन को इस रास्ते से हटाने के लिए मजबूर हुए और उन्होंने स्लो पोइजन कॉन्ट्रैक्ट किुलर और आखिरकार लोहगढ़ में जाकर केतन की हत्या करने की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। अब मैं बात कर रहा था फ्लैशबैक की। अब फ्लैशबैक में जाना जरूरी है क्योंकि यह रिश्ता कैसे पनपा और शादी की बात जब हुई तो सिया ने उसे कैसे लिया क्योंकि इस बीच दोनों के बीच यानी सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच ब्रेकअप की खबरें भी सामने आ रही हैं। अब आपको बता दें कि एक क्रिकेट मैच के दौरान दोनों की दोस्ती हुई जो इनके समाज या मार्केट यार्ड का क्रिकेट टूर्नामेंट होता है। पहली बार ये लोग वहां मिले और वहां पर सिया और चेतन की मुलाकात हुई। चेतन सिया के भाई को जानता था और उसी के जरिए कुछ कॉमन फ्रेंड्स के जरिए दोनों की पहचान हुई और पहचान प्यार में तब्दील हुआ। अब यह एक साल पहले यानी इस हत्याकांड के एक साल पहले की बात है। तब से ये एक साथ थे। परिवार वालों का प्रेशर था।

सिया के परिवार भी शायद नहीं मानते और चेतन के परिवार भी शायद नहीं मानता। इस वजह से ये कभी भी सार्वजनिक तौर पर अपने इस रिश्ते को कबूल नहीं कर पाए। लेकिन हां इनके दोस्तों को इस बारे में पूरी जानकारी थी। जब भी मिलना होता तो दोस्तों का सहारा लेते। जब भी कोई मैसेज करना होता तो दोस्तों का सहारा लेते। इसी वजह से इस मामले में उनके दोस्तों की जांच भी की जा रही है। क्योंकि जब सिया और चेतन सारी प्लानिंग कर रहे थे। उन्होंने बहुत शातिराना तरीके से सब किया था। हमारा कांटेक्ट ना दिखे शादी के दौरान या प्लानिंग के दौरान। इस वजह से कुछ मैसेंजर्स उन्होंने रखे थे जो उनके दोस्त हुआ करते थे। अब इन दोस्तों की गवाही इन दोनों के गुनाह को भी साबित करेगी और इसी वजह से पुलिस इनके दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है। अब बताया यह जा रहा है कि शादी होने के बाद भी ये दोनों एक दूसरे के बारे में परिवार को नहीं बता सके और इस बीच केतन अग्रवाल के परिवार की तरफ से रिश्ता आया। अब जब रिश्ता आया तो उस बीच सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच में एक दरार आई, झगड़ा हुआ क्योंकि जाहिर सी बात है शादी होने जा रही है, रिश्ता आ रहा है तो उसे हम कैसे लेंगे? सिया का रोल यहां बहुत इंपॉर्टेंट आता है। सिया भी जब शादी का रिश्ता आया तो उसने उसके बारे में विचार करना शुरू किया और चेतन को यह बात अच्छी नहीं लगी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि जब शादी का प्रस्ताव आया तो कुछ दिनों तक यह बात चल रही थी। शादी का प्रस्ताव यानी शादी तय हुई 11 मई 2026 को जब दूसरे दिन केतन अग्रवाल यानी 11 मई को जब केतन अग्रवाल अपने परिवार के साथ सिया को देखने उसके घर आने वाला था। उसके एक दिन पहले सिया गोयल ने अब पुलिस ने जांच में पता किया है कि सिया गोयल ने केतन अग्रवाल और अग्रवाल फैमिली के बिजनेस के बारे में पूरी जानकारी वेबसाइट पर जाके ली जो अग्रवाल फूड्स हैं उसके बारे में उनके वेबसाइट्स में वो गई और करीब-करीब 40 से 50 बार एक दो बार नहीं 40 से 50 बार जाकर वो लगातार अग्रवाल फैमिली के बिजनेस के बारे में जानकारी लेने लगी। फैमिली बड़ी थी बिजनेस बड़ा था। 500 करोड़ तक का का टर्नओवर हुआ करता था। तो यह सब देखकर सिया का मन परिवर्तित हुआ और सिया ने इसको यानी केतन के लिए हां की या केतन से मिलने के लिए हां की। 10 तारीख को सिया ने अपना पूरा स्टडी कर लिया था कि परिवार कितना बड़ा है, क्या बिजनेस है। उसे वो प्रभावित हुआ और 11 तारीख को उसने केतन से मिलने के लिए हामी भरी और उसके बाद जो सगाई का वीडियो आया उसमें आप देख सकते हैं कि कैसे सिया हंसी-हंसी या खुशी से सगाई में अपना सगाई कर रही है। वहां अपने अपनी बातें कर रही हैं। अपना उसका बॉडी लैंग्वेज बहुत पॉजिटिव। कोई शक नहीं करता कि सिया के मन में कुछ चल रहा था या सिया इसको लेकर कुछ सोच रही थी। तो यह बताया जा रहा है कि सिया ने मन मना लिया था और इसी वजह से 11 मई के पहले करीब-करीब 20 दिनों तक दोनों के बीच यानी चेतन और सिया के बीच में कोई बातचीत हुई नहीं। लगभग ब्रेकअप हो गया था। सिया मिली सगाई हुई। उसके बाद तुरंत वापस चेतन ने अपने प्रयास शुरू किए और पुराना प्यार तो पुराना प्यार होता है सिया वापस चेतन के प्यार की खातिर उसने केतन को दूर करने का निर्णय लिया और उसी दिन से मई महीने से ही प्लानिंग की शुरुआत हुई। मई महीने में प्लानिंग की शुरुआत हुई। दोनों अपने दोस्तों का सहारा लेकर कुछ होटल्स में मिलने लगे। रेस्टोर में मिलने लगे, कॉफी शॉप में मिलने लगे और वहां पर मिलकर यह प्लानिंग करते रहे। सबसे पहला ख्याल इनके मन में आया जिसको लेकर इन्होंने कुछ विचार करके उसको करने की भी कोशिश की वो था कि केतन अग्रवाल को पूरी जिंदगी के लिए बेड डिडन कर दिया जाए। यानी अपाहिज कर दिया जाए तो शादी की नौबत ही नहीं आएगी। अब इसके लिए क्या करना है? तो धीरे-धीरे उसे स्लो पोइजन दिया जाए। स्लो पोइजन कहां से मिलेगा? इसके बारे में भी उन्होंने रेकी की थी। लेकिन वो स्लो पोइजन उन्हें मिल नहीं सका क्योंकि वह सार्वजनिक तौर पर या खुल के किसी से इस बारे में बात नहीं करते थे। और इस स्लो पोइजन के बारे में उनके पास जानकारी भी कम थी। तो उन्होंने स्लो पोइजन का पहला प्लान कैंसिल कर दिया। अब क्या करें? मारना है। केतन को रास्ते से हटाना है। तो दूसरा ख्याल आया कि कॉन्ट्रैक्ट किलर का संपर्क करें। अब बड़ी बात बताने मैं यह जा रहा हूं कि उन दोनों ने कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के लिए कुछ लोगों से संपर्क किया और जो गुनहगार हैं जो इस तरह सुपारी लेकर हत्या करते हैं उनका एक कांटेक्ट भी इन्हें मिला और उस कॉन्ट्रैक्ट किलर को यह एक रेस्टोर में जाकर मिले जिसकी पूरी जानकारी उसका फुटेज उस मीटिंग की जानकारी पुणे ग्रामीण पुलिस को मिली है और पुणे ग्रामीण पुलिस उस कॉन्ट्रैक्ट किलर तक भी पहुंचा।

उससे भी पूछताछ हो रही है और ये उन दोनों के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत है जो कोर्ट में उनके गुनाह का सबसे बड़ा सबूत होगा और उनके गुनाहों से पर्दा उठाएगा। अब कॉन्ट्रैक्ट किलर ने जो पुलिस को बताया वो बताया लेकिन जानकारी यह है जो सूत्र बताते हैं कि कॉन्ट्रैक्ट किलर को जब पूछा गया कि तुमने फिर हामी क्यों नहीं भरी? कॉन्ट्रैक्ट किलिंग क्यों नहीं किया? तुम तो गुनाह करते हो, गुनहगार हो। इसके पहले भी कर चुके हो। तो उन्होंने कहा कि जब मुझे यह बताया गया तो मैंने किसी और से संपर्क करके इस काम को अंजाम देने के लिए सुपारी दी। कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का कॉन्ट्रैक्ट दिया। लेकिन जब उसे पता चला कि अग्रवाल परिवार से मामला मिलताजुलता है या अग्रवाल परिवार जो एक बड़ा परिवार मार्केट यारार्ड का था उसके परिवार के कुछ लोगों का है तो उन्होंने इससे इसे करने से या कॉन्ट्रैक्ट किलिंग लेने से इंकार कर दिया। तो सिया और चेतन को यहां पर भी निराशा लगी, हाथ लगी और उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का दूसरा प्लान भी खारिज कर दिया। अब इनको लगा कि जो करना है हमें ही करना है और उस बीच एक खबर सिया के हाथ लगी जो सिया को और चेतन को केतन के मारने की सबसे बड़ी वजह बनी। अब मैं जो आपको बताने जा रहा हूं वो आपके रोंगटे खड़े कर देंगे कि कैसे 202 साल के ये बच्चे जिन्होंने अभी दुनिया भी नहीं देखी है पूरी तरह से वो इतने क्रूल हो सकते हैं इतनी प्लानिंग कर सकते हैं और प्लानिंग मर्डर की अब सिया गोयल और चेतन के जब दो प्लान स्लो पोइजन और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के फेल हुए तो उन्होंने कहा कि अब खुद ही करना है। कैसे करना है यह पता नहीं। इस बीच सिया को एक खबर दिखी ऑनलाइन। वो खबर थी 18 मार्च 2025 की। खबर थी एक एलएलबी की पढ़ाई करने वाली 18 वर्षीय लड़की की आत्महत्या की। अब यह खबर और केतन की हत्या का मामला कैसे जुड़ता है? तो यह आत्महत्या करने वाली लड़की जो पुणे में पढ़ती थी लातूर की है। इसका नाम मैं फिलहाल नहीं बताना चाहूंगा क्योंकि पुलिस इन्वेस्टिगेशन चल रहा है क्योंकि एक बड़ा खुलासा इस मामले में होने वाला है सिया गोयल और चेतन की पूछताछ में तो ये लड़की पढ़ती थी 18 मार्च 2025 को ये अपने पुणे के घर से निकली और सीधे पहुंची लोहागढ़ जो लोनावला में है जहां से जहां पर केतन की हत्या की। अब यह लड़की वहां पहुंचने के बाद दिखती है कि इसने टिकट लिया है और वो ऊपर जा रही है लेकिन बाहर आते हुए दिखी नहीं। घरवाले परेशान हो गए कि लड़की तो कह गई थी आज कॉलेज जा रही हूं लेकिन कॉलेज गई कहां गई। जब मिसिंग कंप्लेंट रजिस्टर हुई और जांच हुई तो पता चला कि लड़की यानी वो विद्यार्थी वो लोहा लोहागढ़ पहुंची और वहां पर उसने टिकट लिया लेकिन नीचे नहीं आई है। 48 घंटे पूरे उस फोर्ट में लोहागढ़ में छानबीन की गई। वहां पर रेस्क्यू टीम के साथ में मदद ली गई और 48 घंटे बाद उस 18 वर्षीय लड़की का शव मिला। ठीक उसी जगह पर जहां पर केतन का शव मिला था। अब लिंक कैसे जुड़ती है? तो सिया ने ये खबर देखी। सिया ने इस खबर में पढ़ा कि लड़की कूदी कैसे या आत्महत्या की तो की कैसे? इस बारे में कोई सुराग सुराग नहीं मिल पाए क्योंकि वहां कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं है। वहां लोग कम आते हैं और वहां कोई चश्मदीद नहीं था। अब सिया का माथा ठनका। सिया ने कहा कि केतन तो अच्छा ट्रैकर है। वो तो जाते रहता है। अगर हम केतन को यहां लेकर गए और उसी जगह से उसे हमने अगर धक्का दिया तो ना सबूत रहेगा, ना कोई चश्मदीद रहेगा और हमारा हमारे खिलाफ डायरेक्ट सबूत कोई नहीं मिलेगा। अगर कल को मिलता है सबूत तो सरकमस्टैंशियल होगा। धक्का देते हुए कोई नहीं दिख सकता क्योंकि वहां कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं है। वहां लोग कमाते हैं और यहां से अगर धक्का दिया गया तो केतन का मरना तय है और केतन क्योंकि एक ट्रेकर है तो उसे आसानी से वहां तक ले जाया जा सकता है। यह बात सिया ने चेतन को बताई और वहीं से प्लानिंग की शुरुआत हुई। दोनों रेकी करने गए, अकेले गए, अलग-अलग गए और साथ भी गए। रेकी करने का सबसे बड़ा सबूत मिला है 31 मई 2026 का। 31 मई 2026 में चेतन और सिया लोहागढ़ पहुंचते हुए दिखते हैं और जानकारी में यह बताया गया है

या जांच में यह पता चला है कि उस समय पूरे स्पॉट की रेकी गई और उस स्पॉट तक भी वो गए जहां पर वो लड़की कूदी थी वहां पर जिसने आत्महत्या करने की बात की थी और तय हुआ कि इसी स्पॉट से मारेंगे इसी स्पॉट से फेंकेंगे। चेतन ने उस स्पॉट का फोटो लिया, सेल्फी लिए, वीडियो बनाया ताकि उस स्पॉट तक आने के लिए मदद मिल सके जब केतन को यहां लाना है। तो यह प्लानिंग यहां से शुरू हुई। अब आप सोचते होंगे कि ये इस लड़की के आत्महत्या की गु्थी कैसे सुलझेगी? तो अब पुलिस पुणे ग्रामीण पुलिस यह जांच कर रही है कि यह मामला भी आत्महत्या का नहीं हो सकता। या होने की संभावना कम है। संभावना है कि यह मामला भी हत्या का हो सकता है। और इसीलिए जिस मामले को आत्महत्या करके एक साल से ठंडे बस्ते में पुलिस ने रख रखा था उसका रीइन्वेस्टिगेशन ओपन करने के आदेश पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी संदीप गिल ने की है। और सूत्र मेरे बताते हैं कि उसमें भी कुछ लिंक मिल रही है और संभव है कि एक और हत्याकांड का खुलासा बहुत जल्द पुणे ग्रामीण पुलिस करेगी। तो एक केतन अग्रवाल की हत्या से दूसरे मामले की परतें भी खुलेंगी और अगर खुलेंगी और अगर वाकई में यह आत्महत्यानी हत्याकांड है या हत्या है तो उस लड़की को भी न्याय मिलेगा और इसका खुलासा करने में अब पुणे ग्रामीण पुलिस जुटी है। यानी एक हत्या से दूसरे मामले की परतें खुल रही हैं जो एक बड़ा बड़ा खुलासा कर सकता है। तो अब केतन की हत्या कैसे की अगर आप इसको सुनेंगे क्योंकि मैं वो इन्वेस्टिगेटिंग रिपोर्ट इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट देख चुका हूं तो आपको भी लगेगा कि यार इस बेचारे के साथ क्या हुआ? कैसे इसी के अपनों ने जिससे वो सात जन्म तक रिश्ता या संबंध बनाने की सोच रहा था। उसने उसकी हत्या की। अब सिया और चेतन ने रेकी कर ली थी और तय किया था कि उसी जगह से उसको धक्का देंगे क्योंकि वो एक स्लोप की तरह था। यहां से अगर धक्का दिया जाता है तो उसका इंपैक्ट सीधे उसके सिर पर आएगा और वह नीचे गिरेगा। दोनों ने प्लानिंग कि करना कैसे है? तो आपको तो पता होगा कि सिया ने इससे पहले भी एक कोशिश की थी उसे धक्का मारने के लिए लेकिन वहां केतन बच गया था। उसने एक पेड़ को पकड़ लिया था और तब सिया ने बहाना बनाया कि सांप आया था इसलिए मैंने तुमको बचाने के लिए धक्का दिया। पहली प्लान फेल हुई तो सेकंड प्लानिंग उन्होंने की कि इस बार मैं भी आऊंगा। तुम उसको वहां ले जाना और प्लान के मुताबिक सिया को उसके पैर पकड़ने थे। केतन वहां अगर खड़ा होता तो सिया उसके पैर पकड़ती और चेतन जो वहां पीछे से आता जो एक मुखौटा लेके आता जिससे केतन उसकी पहचान नहीं कर पाता वो जोर से आके उसे धक्का देने वाला था ताकि पैर पकड़े हुए केतन को धक्का लगने से वो डिसबैलेंस हो और उसके सिर पर चोट आए। तो यही वजह है कि

जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चल रहा है ना कि उसके सिर पर बहुत गंभीर और मुंह पे गंभीर चोट आई थी। तो पहला इंपैक्ट जो हुआ था कि सिया ने पैर पकड़ लिए थे और केतन ने उसे धक्का दिया था। तो पहला इंपैक्ट सिर और मुंह के बल वो वहां गिरा और फिर जाकर वो नीचे आया था और उसकी इसीलिए शूज भी निकल गए थे। तो ये इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में आया है और इसकी जांच अब आगे की जा रही है। लेकिन दुख इस बात का है कि इतनी सारी जांच में बातें आने के बाद भी सिर्फ सरकमस्टैंशियल एविडेंस सिया और चेतन के खिलाफ है और इसी वजह से परिवार लगातार गुहार लगा रहा है। अब ये दोनों इतने शातिर थे कि इन्हें यह पता था कि हो सकता है कि इन्होंने जो किया है वो पुलिस जांच में सामने आ जाए। तो अगर पुलिस गिरफ्तार करती है तो पुलिस जांच से कैसे बचे। अब जांच के दौरान जब पुलिस इनके पूछताछ कर रही थी तो ये बड़े काम लग रहे थे। बहुत ही सिया खासतौर पे कोई पैनिकिक नहीं, कोई डर नहीं। वो पुणे ग्रामीण पुलिस को चकमा देने की सारी तैयारियां कर चुकी थी। अब इसका एक बहुत बड़ा हिस्सा था कि इन दोनों ने 2 घंटे लगातार जैपनीज वीडियोस देखे। अब जापानीज वीडियोस ऐसे वीडियोस थे जिसमें यह खुद को शांत रखना, पैनिकिक नहीं करना। हाउ टू रिमेन काम इन प्रेशर सिचुएशन। हाउ टू रिमेन काम व्हेन यू हैव समथिंग टू फेस? यानी जब आपके सामने कोई सवाल जवाब करता है या आपके साथ कंफ्टेशन करता है, इन्वेस्टिगेशन करता है। उस समय किसी को भी आप पर शक ना हो। आप किस तरह शांत रहें? उनके सवालों के जवाब शांतिपूर्ण तरीके से दें ताकि आप पर शक ना आए। यह टेक्निक उन्होंने जैपनीज़ वीडियो देख के सीखी थी। यानी प्लानिंग कहां तक थी आप देखिए और यही वजह है कि पुणे ग्रामीण पुलिस हर कदम फूंक-फूंक के रख रही है। अपने इन्वेस्टिगेशन में हर चाल चल रही है ताकि इन दोनों का गुनाह साबित हो सके। अब आपको बता दूं कि पुणे ग्रामीण पुलिस ने बहुत बेहतरीन काम किया है। खासतौर पर एसपी संदीप गिल के इन्वेस्टिगेशन और उनकी टीम ने। अब गवर्नमेंट भी कर रही है।

महाराष्ट्र सरकार भी इसे संगीनता से लेके उन्होंने उज्जवल निकम को पब्लिक प्रोसकटर विशेष पब्लिक प्रोसकटर नियुक्त किया है ताकि न्याय मिल सके। अब एक वीडियो कुछ दिन पहले आया था जिसमें केतन की मां अपने बेटे की तस्वीर पर हाथ रखते हुए रोते हुए पीएम से अपील कर रही है। उन्होंने खत लिखा है पीएम को। तो हम भी उम्मीद रखते हैं कि इतनी प्लानिंग और इतनी जानकारी आने के बाद भी ये छूटनी नहीं चाहिए क्योंकि सरकमस्टैंशियल एविडेंस के आधार पर वकील बहुत चाल चलते हुए इस तरह के गुनहगारों को शायद रिहा करने में आसान सफल हो जाएंगे। लेकिन जो बातें इन्वेस्टिगेशन में आ रही है उससे तो लगता है कि इन दोनों ने यह किया है। हम जज नहीं हमने इन्वेस्टिगेशन किया नहीं लेकिन जो इन्वेस्टिगेशन या रिपोर्ट सामने आ रही है जो कोर्ट में पेश होती है उसके आधार पर दिख रहा है कि इन दोनों ने किया है। अगर इन दोनों ने किया है तो न्याय केतन के साथ होना चाहिए। इस यंग लड़के को इस तरह जाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। दुख होता है। जब भी मैं उसके वीडियो देखता हूं उसके परिवार के रोते बिलकते हुए कि इसकी क्या गलती थी? शादी करने जा रहा था। नहीं करनी थी तो बोल देते लेकिन इसको मारने की क्या जरूरत थी? इसी वजह से इस बेगुनाह केतन को न्याय मिलना चाहिए। और न्याय तभी होगा जब पुलिस यह सारे सबूत कोर्ट में रखकर इन दोनों का गुनाह साबित करेंगे। सरकमस्टेंशियल एविडेंस के साथ-साथ कोबोरेट करने के लिए फ्रेश और स्ट्रांग एविडेंस। तो उम्मीद रखते हैं कि आज के इस वीडियो में आपको इस इस पूरे मामले की कई जानकारियां मिली होंगी। इस मामले से जुड़ी पल-पल की खबरें और नए-नए खुलासे हम करते रहेंगे। देखते रहिए सीधी बात विद गणेश ठाकुर।

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