क्या आपको लगता है कि संजय दत्त अगर सही समय पर उसने कॉल ली होती उस एक्टर ने तो 93 के ब्लास्ट होके जा सकते। मेरा मानना यही है दैट वाज़ वन ऑफ द लीम ऑफ़ माय आर्गुमेंट। अच्छा कि अगर संजय दत्त को एक देखिए मैं ये पहले साफ करना चाहता हूं अपने व्यूअर्स के लिए कि ऐसा कोई संजय दत्त के टेररिस्ट नहीं है। पहली बात तो ये ये थोड़ा सा बचपना उस पे आंख पे था। थोड़ा उसको अट्रैक्शन था ये वेपनरी का और उस जमाने के उस जमाने में भाइयों भाई लोग हम उनसे संबंध रखने का एक बड़ा शौक था। बड़े-बड़े लोगों का शौक था। मेरे भाई से पहचान है। भाई की पहचान है।
भाई का कॉल आ गया। मैं दुबई में चला गया। ये बड़े-बड़े एक्टर्स की आप बॉलीवुड की किसी की भी हिस्ट्री निकालो। ये भाई लोगों से संबंध रखना। उनका बड़ा एक बड़प्पन का लक्षण था। तो ये आपका सवाल यही है ना कि संजय दत्त का क्या हुआ? पारावा के पहले संजय दत्त क्या स्टॉप? तो पहले था ना ये जो आया था एक टेमो ट्रक में अबू सलम लेके आया था कुछ हैंड ग्रेनेड्स कुछ AK-46 राइफल्स ये संजय दत्त ने कुछ रख लिए थे फिर बाद में हैंड ग्रेनेड्स वापस कर दिए थे मेरा कहना यही था अगर ये उसी वक्त पुलिस को इन्फॉर्म कर देता था हम तो बॉम्ब ब्लास्ट हम रुकवा सकते थे सबको अरेस्ट हो जाती थी ये साजिश का पता चल सकता था कितने सारे लोगों की जान बच सकती थी जान बच सकती थी ये कह रहा था इसके लिए मैं उसको दोषी कर रहा था| लेकिन ही वास नॉट टेररिस्ट। अगेन आई वुड लाइक टू मेक इट वेरी क्लियर। ये थोड़ा सा उसको ये वेपनरी के बारे में शोक था इसलिए उसने रखा था। जब उनको सजा हो गई जब वो आर्थर और जेल चले गए। उसके बाद कभी मुलाकात वगैरह हुई बाद में हुई ना बाद में। बाद में तो छूटने के बाद तो मुझे भी कई बार मिला है।
ही रिस्पेक्ट्स मी। अच्छा हां। जेल से छूट जेल से छूटा जब वो हम तब उनकी और आपकी पहली मुलाकात बातचीत क्या हुई? नहीं मैं होटल में खाना खा रहा था। मेरे कोई रिश्तेदार के साथ वो भी आया था उस वक्त तो उसने आके मुझे मिला सर कैसे हो आप? सर कैसे हो? सी आई नो पर्सनल एनिमी ठीक। हां। मैं किसी भी मुलजिम के खिलाफ पर्सनल दुश्मनी कभी नहीं रखता। एंड यू विल सरप्राइज। आई विल लाइक टू गिव द ग्लेरिंग एग्जांपल ऑफ़ अबू सालेम आल्सो। हां। बताइए सर। अबू सलम प्रदीप जैन का मर्डर होने के बाद हम अबू सालेम उस वक्त तो दुबई में था। अबू सालेम को देखिए उसने जब उसने अबू सलिम ने पुर्तगाल में था सॉरी दुबई में था हम फिर दुबई से भाग गया वो पुर्तगाल में गया किससे शादी की उसने मोनिका बेदी मोनिका बेदी से और वहां पुर्तगाल में पकड़ा गया पुर्तगाल में उसको लेके आया आज तक हमने देखा है आपने भी देखा होगा कि छोटा राजन और दाऊद इब्राहिम का एक क्रिकेट की मैच देख रहे गगल के ऐसे देख रहे देखा है? हां हां हां बहुत फेमस फोटो है वह फेमस फोटो वही देखते रहे हैं आप आज तक हां लेकिन असली में असल में दाऊद इब्राहिम कैसा दिखता है तुम्हें ना पता ना मुझे पता है पता है पता है क्या देखा ही नहीं हम लोगों ने वो देखा ही नहीं वही एक पिक्चर देखे छोटा राजन का वही एक पिक्चर आपने देखा है करेक्ट अबू सालेम का भी यही पिक्चर आपने देखा होगा
अब तक कि दाढ़ी बड़ी लंबी टोकी पे टोपी यही पिक्चर देखा होगा असली अबू सालेम जब तक गिरफ में नहीं आता था तब तक आपने भी नहीं देखा होगा पर उसकी पहली फोटो फाइल आपने देखी होगी हम तो आई हैड सीन दैट फोटो फाइल अर्लियर फोटो फाइल बिफोर ही वास ब्रॉट फ्रॉम पुर्तगाल जब मैं ऐसा आ गया मुंबई के कोर्ट में तो आई वास शॉक्ड कि एक स्मार्ट गोपान लड़का बॉडी हिल स्ट्रांग और मैंने जब उसका हिस्ट्री देखा तो ही हैज़ वन वीक पॉइंट कि उसे कोई हल्के में गाली दी तो उसको सहन नहीं होता था मतलब मजाक में भी कोई गाली देगा तो नहीं बता सकता नहीं बिल्कुल नहीं पसंद उसको बहुत से ये ये दादा ये गैंगस्टर लोगों का एक रुबाब रुतबा अलग रहता है ना हमको कैसे गाली दे दिया टाइप का होता होगा तो मैंने कहा कि अब यार तू इतना अच्छा दिख रहा है तूने बॉडी एक्सरसाइज करता है मोनिका तुझसे प्यार की तुझसे शादी की तो इस तरह से उससे बात करता था हम और जब उसके खिलाफ ही मैंने आर्गुमेंट किया प्रदीप जैन को आजीवन कारावस हुई हम सजा होने के बाद भी मैंने उसे कहा था कि अभी जेल में अच्छा है ना बॉडी सुधार तेरे पिताजी वकील थे यूपी
में हम आजमगढ़ का तू लड़का है तो अच्छा रहना चाहिए तूने ये क्या कर दिया तूने ऐसा तो देखता था मैंने मैंने उसकी आजमगढ़ के सरायमीर का अभी हम लोग की बात हो रही थी ना मैं गांव का नाम बोला था सरायमीर का सराय मीर का था तो आई यूज्ड टू टॉक हिम वै नाइसली बिकॉज़ आई नो पर्सनल इनमिटी मेरी पर्सनल इनमिटी हेट कोई रहने का सवाल ही नहीं किसी को मुलजिम के खिलाफ नहीं रखता हूं और उस कुछ दिनों के बाद जब मैं बीमार था तब उसने जेल से लेटर भेजा कि आपकी तबीयत कैसी है? क्या है? आप बिलीव करेंगे? मेरे पास वो लेटर भी है। अच्छा हां बिलीव करेंगे। देखिए एक मुलजिम जिसको मेरे हाथ से सजा मैंने मेरे हाथ से समझिए मैंने सजा करवाने के लिए तगड़ा आर्गुममेंट की। दलील पेश की ही इज़ अ मर्चेंट ऑफ़ डेथ। ऐसा मैंने उसको उपाधि दी थी। उसको उस वक्त बुरा लगा। लेकिन बाद में जब उसे पता चला कि मुझे बीमार हूं तो ही रोट लेटर फ्रॉम द जेल अंडर ह ओन हैंडराइटिंग और सिग्नेचर। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब यही है कि मैं बड़ा डॉन हूं यानी कानून का।