भैया आपने इंसानों को तो बारिश से बचने के लिए छाता तानते या शेठ के नीचे छिपते देखा होगा। लेकिन जब सांड जी को बारिश से लगने लगे डर तो वह क्या करेंगे? छाता तो उनके साइज का मिलेगा नहीं। तो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के एक सांड ने निकाला एकदम नेक्स्ट लेवल का जुगाड़।
बारिश से बचने के लिए यह महाशय किसी पेड़ के नीचे नहीं छुपे बल्कि सीधे चढ़ गए गोदाम की दूसरी मंजिल की छत पर। जी हां, मुजफ्फरनगर के चरथावल में एक आवारा सांड बारिश से बचने के लिए छत पर क्या चढ़ा? पूरे इलाके में शोले फिल्म के वीरू की याद ताज़ा हो गई।
अब सांड जी छत पर थे और नीचे पूरी जनता तमाशा देख रही थी। मामला मुजफ्फरनगर के चरथावल ब्लॉक का है। गुरुवार को जब आसमान से झमाझम बरखा रानी बरसी तो इंसान को भी लगा कि अब भीगना ठीक नहीं है। कहीं जुकाम खांसी ना हो जाए।
बस फिर क्या था। सीढ़ियों का रास्ता पकड़ा और सीधे पहुंच गए गोदाम की छत पर। अब छत पर चढ़ तो गए लेकिन नीचे कैसे आएं? सांड जी ऊपर खड़े होकर ऐसे पोज़ दे रहे थे जैसे कह रहे हो। अपुन ही बॉस है।
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो आया रीलबाजों की तो लॉटरी लग गई। कोई इसे सिंघम बता रहा था तो कोई कह रहा था कि सांड जी को बस एक बसंती की कमी थी। जब सांड जी ने नीचे आने से साफ मना कर दिया। तो एंट्री हुई इलाके के बाहुबली यानी पशु प्रेमी सनी्नी और उनकी टीम की। सनी्नी भाई अपनी टीम लेकर जैसे ही छत पर पहुंचे, सांड जी ने उन्हें देखकर फिल्मी स्टाइल में तेवर दिखाए।
सांड जी ने आप देखा ना ताब सनी्नी की टीम के दो बंदों को तो वहीं छत पर दौड़ा दौड़ा कर कूदने पर मजबूर कर दिया। सनी्नी और उनकी टीम अपनी जान बचाती रही और सांड जी छत पर मटकते रहे। मानो कह रहे हो टच करके दिखाओ तो जाने। इसके बाद तो सांड जी ने सीमेंट की चद्दर से सुपरमैन वाली छलांग लगा दी। वह तो गनीमत रही कि उन्हें चोट नहीं लगी। वह सीधे जमीन पर लैंड हुए और बिना किसी नुकसान के सड़क पर टशन में आगे बढ़ गए। मेरे पास कॉल आया था एक रेस्क्यू के लिए कि सांड सेकंड फ्लोर पे चढ़ गया है। तो मैं जैसे उसको रेस्क्यू करने पहुंचा तो हमने देखा ऊपर उसको बचाव के लिए कुछ भी वो नहीं था कि वो कूद के अपने आप को चोट भी मार सकता था। हालांकि उसने हमारे दो बंदे ऊपर से कूदा दिए हैं।
पर हमने अपनी भी जान बचाई और जान बचाते बचाते हमने क्या किया? उसने फिल्मी स्टाइल में बराबर में जो पड़ोसी की जिन्होंने हमें सूचना दी थी।
कुच्छल वालों ने उनके यहां सिमट की चद्दर से उतर कर वो कूद गया और सकुशल हमने उसको रोड पर छोड़ दिया और भोलेनाथ का बहुत-बहुत धन्यवाद वो अब रोड पर सकुशल घूम रहा है। चलिए सांड जी तो बच गए और बारिश से भी बच गए। सुपर सांड अब बिल्कुल टकाटक है। लेकिन मुजफ्फरनगर वालों को वो एक तगड़ा मनोरंजन दे गए।