सोचिए आप दोस्तों के साथ म्यूजिक एंजॉय कर रहे हो, स्टेज पर गाने चल रहे हो, लोग डांस कर रहे हों और कुछ ही मिनटों बाद वही जगह चीखों से गूंज उठे। चारों तरफ आग की लपटें हों, धुएं का ऐसा गुबार हो कि सामने खड़ा इंसान भी दिखाई ना दे और बाहर निकलने का हर रास्ता बंद हो जाए। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कुछ ऐसा ही दर्दनाक मंजर देखने को मिला।
एक पॉपुलर पब में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में दर्जनों जिंदगियां छीन ली और देखते ही देखते जश्न का माहौल मातम में बदल गया। यह हादसा बंगाल के मशहूर रॉन्ग बियर नाल आर्ट फ्लाओ पब में रविवार देर रात हुआ। उस वक्त पब में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कोई दोस्तों के साथ पार्टी कर रहा था, कोई लाइव म्यूजिक का आनंद ले रहा था तो कोई परिवार के साथ समय बिता रहा था।
लेकिन आधी रात के आसपास अचानक स्टेज के पास से धुआं उड़ता नजर आया और कुछ ही सेकंड में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती जांच के मुताबिक आग की शुरुआत स्टेज के पास लगे एयर कंडीशनर में हुई शॉर्ट सर्किट से हुई। पहले हल्का धुआं निकला।
फिर एक जोरदार जैसी आवाज आई और देखते ही देखते आग छत तक पहुंच गई। कुछ ही मिनटों में पूरा पब जहरीले धुएं से भर गया। लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर बाहर किस तरफ भागे। चीख पुकार और भगदड़ के बीच हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 27 लोगों की मौत की खबर है।
जबकि 63 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 22 की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। मृतकों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में ज्यादातर लोग आग की लपटों से नहीं बल्कि जहरीले धुएं की वजह से अपनी जान गवा बैठे। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि जब उनकी टीम मौके पर पहुंची तब तक पूरा पब धुएं से भर चुका था। ऑक्सीजन मास्क पहनकर जवान अंदर दाखिल हुए। लेकिन उन्हें कुछ भी साफ-साफ नजर नहीं आ रहा था। टॉर्च की रोशनी के सहारे एक-एक कमरे की तलाशी ली गई।
जली हुई कुर्सियों, टेबलों और मलबे के बीच से घायलों और शवों को बाहर निकाला गया। कई लोगों के शव पब के बाथरूम और उसके आसपास मिले जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह आखिरी वक्त तक पीछे के रास्ते से बाहर निकलने की कोशिश करते रहे। लेकिन सफल नहीं हो सके। जांच में एक और बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक इमरजेंसी एग्जिट पूरी तरह खुला नहीं था। एक निकास द्वार के सामने बियर के क्रेट रखे हुए थे। जबकि दूसरे रास्ते पर टेबल और दूसरे सामान पड़े यानी जिस रास्ते से लोगों को बाहर निकलना था वही रास्ता बंद जैसा हो गया। इसीलिए भगदड़ के दौरान कई लोग अंदर ही फंस गए। बाहर नहीं निकल सके।
हादसे में बचने वाले लोगों की आपबीति भी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। 32 साल की सुकन्या वोंगवोंग बाई ने बताया कि सबसे पहले उन्हें जलने की गंध महसूस हुई। उनकी एक दोस्त उस वक्त स्टेज पर गाना गा रही थी। उसी ने सबसे पहले छत में आग लगती देखी। कुछ ही देर बाद छत पर लगा फोम जलने लगा और उसके टुकड़े नीचे गिरने लगे। कुछ लोग समझ पाते, उससे पहले पूरा पब धुएं से भर गया। हर तरफ चीखें सुनाई देने लगी और लोग एक दूसरे को धक्का देकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। एक बैंड सदस्य ने भी बताया कि पहले अचानक लाइट चली गई।
फिर स्टेज के पास से धुआं निकलने लगा और कुछ ही सेकंड बाद तेज धमाका हुआ। इसके बाद पूरा हॉल अंधेरे और धुएं में डूब गया। लोगों को ना रास्ता नजर आ रहा था और ना ही सांस लेने की जगह मिल रही थी। घटना स्थल के वीडियो भी इस हादसे की भयावह तस्वीर बयां कर रहे हैं। इमारत से काला धुआं आसमान में उठता नजर आ रहा है। आग की ऊंची लपटें मुख्य गेट से बाहर निकल रहे हैं। कई लोग जलते हुए इस कपड़ों के साथ सड़क पर भागते नजर आए। जबकि स्थानीय लोग और मोटरसाइकिल, टैक्सी चालक घायलों की मदद करते नजर आए। किसी ने अपने कपड़ों से लोगों के शरीर पर लगी आग बुझाई तो किसी ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
घटना के कुछ घंटों बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चांद विराकुल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और पूरे हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।
अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि आखिर सुरक्षा इंतजामों में कहां चूक हुई और क्या इमरजेंसी एग्जिट वास्तव में लोगों के लिए खुला था या नहीं। फिलहाल यह हादसा पूरे थाईलैंड को छक छोड़कर रख दिया है। जिन लोगों ने अपनों के साथ खुशी के कुछ पल बिताने के लिए उस पब का रुख किया था, उनमें से कई कभी वापस घर नहीं लौट सके।