कुछ आवाजें सिर्फ गाना नहीं गुनगुनाती वो यादें बन जाती हैं। कुछ सुर सिर्फ कानों तक नहीं बल्कि सीधे दिल में उतरते हैं। लेकिन जब ऐसी आवाजें हमेशा के लिए खामोश हो जाती हैं तो सिर्फ एक कलाकार नहीं बल्कि संगीत का पूरा दौर खत्म होता महसूस होता है। आज भारत ने अपनी एक ऐसी ही महान सिंगर को खो दिया है। सुरों की मालकिन एस जानकी अम्मा अब हमारे बीच नई है।
भारत संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। फेमस प्लेबैक सिंगर एस जानकी अम्मा का 88 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने मैसूर के एक हॉस्पिटल में आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरा देश शोक की लहर में डूब गया। साउथ इंडस्ट्री से लेकर संगीत जगत तक हर किसी की आंखें नम है। हर कोई नम आंखों से उन्हें याद कर रहा है।
एस जान की अम्मा की बात करें तो वो एक सिंगर नहीं बल्कि एक ऐसी आवाज थी जिन्होंने कई पीढ़ियों के लिए गाने गाए। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी समेत कई भारतीय भाषाओं में हजारों गाने गाए और दशकों तक संगीत की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनके जाने के बाद देश के बड़े नेताओं को भी गहरा दुख पहुंचा है।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू हो या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है और बताया कि भारतीय संगीत ने अपनी एक अनमोल धरोहर को खो दिया है। फिलहाल उनके पार्थिव शरीर को मैसूर में रखा गया है और अंतिम दर्शन चल रहे हैं। सुबह से ही हजारों फैंस अपनी पसंदीदा सुरों की रानी को आखिरी विदाई देने के लिए पहुंच रहे हैं। इंडस्ट्री के बड़े सितारे भी श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे और कुछ ने तो उन्हें साक्षात सरस्वती बताया।
उनका कहना है कि अम्मा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा थी। एस जानकी अम्मा की बात करें तो भले ही आज उनका सफर थम गया हो लेकिन उनकी आवाज कभी भी खत्म नहीं होगी। जब-जब उनके गीत बजेंगे लोग उन्हें उसी प्यार और सम्मान के साथ याद करेंगे। सुरों की यह विरासत हमेशा जिंदा रहेगी क्योंकि कुछ आवाजें कभी नहीं मरती। वह हमेशा लोगों के दिलों में गूंजती रहती हैं। हम भी अपनी टीम की तरफ से एस जानकी अम्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।