धर्मेंद्र और मीना कुमारी की जोड़ी 1960 के दशक की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक थी। दोनों ने काजल, फूल और पत्थर, बहारों की मंजिल, मंजली दीदी जैसी फिल्मों में साथ काम किया। खासकर फूल और पत्थर ने धर्मेंद्र के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। लेकिन इन फिल्मों के दौरान दोनों के रिश्ते को लेकर तरह-तरह की बातें भी होने [संगीत] लगी। फिल्मी पत्रिकाओं में उनके अफेयर की खबरें छपने लगी और बरसों बाद जब धर्मेंद्र से सीधा सवाल पूछा गया क्या आपको मीना कुमारी से मोहब्बत थी
तो उनका जवाब काफी दिलचस्प था। नमस्कार आप सुन रहे हैं बॉलीवुड किस्से और मैं हूं आपके साथ अंशु वर्मा। जब धर्मेंद्र फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही थी। [संगीत] तब मीना कुमारी पहले से ही हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में गिनी जाती थी। वहीं कई लोगों का मानना था कि फूल और पत्थर में धर्मेंद्र को लेने के फैसले के पीछे मीना कुमारी का ही समर्थन था। हालांकि फिल्म के निर्माता निर्देशक ओपी रहलन थे और यह बात कई संस्मरणों में और फिल्मी लेखों में मिलता है कि मीना कुमारी ने धर्मेंद्र की प्रतिभा पर भरोसा जताया था। वहीं फिल्म रिलीज हुई और जबरदस्त हिट साबित हुई और इससे फिल्म ने धर्मेंद्र को स्टार बना [संगीत] दी। वहीं सालों बाद एक इंटरव्यू
में धर्मेंद्र से यही सवाल पूछा गया कि धर्मेंद्र ने मुस्कुराते हुए कहा कि मीना कुमारी उनके लिए बेहद खास थी। उन्होंने कहा कि संघर्ष के दिनों में मीना जी ने उन्हें हौसला दिया और उन पर भरोसा किया और हमेशा उनका सम्मान किया। वहीं धर्मेंद्र यह भी कहा कि वो मीना कुमारी का बहुत आदर करते हैं और उनके प्रति उनके मन में गहरा स्नेह था। लेकिन जब उनसे सीधा प्रेम संबंध के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कभी साफ तौर पर यह स्वीकार नहीं किया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था।
वहीं धर्मेंद्र ने कई मौके पर कहा कि मीना कुमारी बेहद संवेदनशील और असाधारण कलाकार थी। उन्होंने एक बार कहा था कि मीना जी जैसी अभिनेत्री और इंसान बहुत कम देखने को मिलते हैं। उनसे उन्होंने अभिनय ही नहीं बल्कि इंसानियत भी सीखी। व धर्मेंद्र अक्सर यह भी कहते हैं कि मीना कुमारी ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। वहीं 1960 के दशक में दोनों के अफेयर की खबरें मिलनी पत्रिकाओं में खूब झपती रही और उस दौर में मीना कुमारी और कमाल अमरोही के रिश्ते में भी तनाव चल रहा था।
इसलिए ऐसी खबरों ने और ज्यादा सुर्खियां बटोरी। लेकिन ना तो धर्मेंद्र और ना ही मीना कुमारी। दोनों ने कभी सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते को प्रेम संबंध का नाम नहीं दिया। अधिकांश जीवनकारों का मानना है कि दोनों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव और आपसी सम्मान जरूर था। लेकिन उनके रिश्ते को लेकर जो भी बात कही जाती है उसमें तथ्य और फिल्मी गॉसिप दोनों का मिश्रण है। 31 मार्च 1972 को जब मीना कुमारी का निधन हुआ तो धर्मेंद्र गहरे सदमे भी थे। उन्होंने बाद में वर्षों में कई बार कहा कि मीना जी का जाना हिंदी सिनेमा की बहुत बड़ी क्षति था। उनके शब्दों में हमेशा सम्मान, अपनापन और कृतज्ञता झलकती रही। व धर्मेंद्र और मीना कुमारी का रिश्ता आज भी बॉलीवुड के सबसे चर्चित रिश्तों में गिना जाता है। दोस्तों फिलहाल इस पॉडकास्ट में इतना ही। ऐसे और भी पडकास्ट के लिए बने रह हमारे चैनल के साथ।