वियतनाम के फुक आइलैंड के पास एक बड़ा हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि नाव पलट गई है वहां पर और इस नाव में करीब 32 भारतीय सवार थे और लगभग इस हादसे में 15 लोगों की जान गई हो गई है। कैसे हुआ है हादसा और इसमें क्या कुछ जानकारी है? सब यह हादसा आखिर क्या हुआ है? कितने लोगों की हुई है और इस पे भारतीय सरकार या एंबेसी का क्या कहना है? सबसे पहले बताइए कि यह हादसा कैसे हुआ? अभी क्या जानकारी आ रही है सबसे पहले?

आज 11 जुलाई को थोड़ी देर पहले हम लोग जानकारी आई कि वियतनाम में एक नाव पलट गई है। नाव में कुल 36 लोग सवार थे। जिसमें से चार क्रू मेंबर और 32 जो थे पैसेंजर्स थे। 32 के 32 अभी बताया जा रहा है कि भारतीय थे। इसीलिए ये खबर और अपने आप में बड़ी हो जाती है और उसमें जो अभी तक पुष्टि हो गई है कि 15 लोगों की हो चुकी है।
तो अगर सभी लोग भारतीय थे तो आप यह मान के चलिए कि 15 भारतीयों की हुई है इसमें और बाकी जो 21 लोग हैं बाकी 21 लोग अभी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उन्हें रेस्क्यू किया गया 21 लोगों को। 15 लोगों को बचाया नहीं जा सका। उनकी हो गई लेकिन 21 लोग रेस्क्यू किए गए। उसमें से भी दो की हालत अभी क्रिटिकल है। वो अभी हॉस्पिटल में हैं। ये जो हादसा हुआ है ये पूरा फूकोक आइलैंड पे हुआ है।
फूकोक आइलैंड जो है अगर आप वियतनाम का नक्शा देखेंगे तो उसके एकदम साउथ में पड़ता है। और इस एक आइलैंड पे भी सबसे जो सदर्न पॉइंट है सबसे निचला जो बिंदु है वो है यहां का एंथोई पोर्ट।

एंथोई पोर्ट जा रहे थे ये लोग। उसमें एक और जगह थी कुफोक आइलैंड से ही हॉर्न में रोट एनग्व आइलैंड करके। वहां से ये लोग एंथोवाई पोर्ट जा रहे थे जो सबसे दक्षिणी बिंदु है उस आइलैंड का। हम इसी बीच इसी बीच ये हादसा इसी बीच ये हादसा हुआ। बताया जा रहा है करीब 25 से 30 मिनट का रास्ता था नाव के जरिए ये कवर करने का तो वो नाव पे सवार थे।

हादसे का जो कारण है वो ये बताया जा रहा है कि हवा बहुत तेज थी। विंड बहुत तेज थी जिसकी वजह से ये हादसा हुआ। सभी नाव पलट गई और सभी जो उसमें सवार थे वो समंदर में गिर गए। ठीक है। जैसे कि इस वक्त यह भी जानकारी आ रही है कि जो वियतनाम की राजधानी है होचीमीन वहां पर एक कंट्रोल रूम सेटअप किया गया है और वहां से इस हादसे को लेकर जो भी जानकारी है जो भी नजर बनाई जा रही है.

इस घटना पे हुचीमीन में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहां से नजर रखी जा रही है इस हादसे को लेकर। तो और कोई भी जानकारी आई है वहां के एम भारत की जो एंबेसी है वियतनाम में उनके तरफ से कोई बयान आया? एम्बेसी ने सोशल मीडिया का जो प्लेटफार्म है एक्स उसके ऊपर एक जानकारी हादसे के बाद सबसे पहले साझा की है। उस उसमें उन्होंने लिखा है जो लिखा है मैं आपको वर्ड टू वर्ड बता रहा हूं। अह उसमें ये लिखा गया कि एक बेहद दुखद घटना में कुछ घंटे पहले वियतनाम के फूक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई है।
हादसे के सटीक विवरण का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों की तरफ से खोज और बचाव अभियान जारी है। इसके साथ उन्होंने जो कंसोलेट जनरल है वहां पर होचेमिन सिटी में और एंबेसी में हनोई में। उन्होंने एक कंट्रोल रूम बनाया और उसके साथ कुछ इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर्स शेयर किए हैं। करीब तीन कांटेक्ट नंबर्स हैं जो हम अभी स्क्रीन पर दिखा देंगे। आप देख सकते हैं उन्हें। इसके अलावा जो एक एक और बहुत जरूरी खबर है इसमें कि ये भारत में किस राज्य के लोग थे, कहां के लोग थे? अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन ये माना जा रहा है कि ये आंध्र प्रदेश के लोग थे क्योंकि आंध्र प्रदेश के कुछ मंत्रियों ने केंद्र सरकार से बात की है। सेंट्रल गवर्नमेंट से बात की है।
वो लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं। ये इसलिए कहा जा रहा है आंध्र प्रदेश से एक ग्रुप गया था अभी करीब 40 लोगों का वियतनाम और वो ग्रुप से कांटेक्ट अभी शायद नहीं हो पा रहा है और यह माना जा रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। हम बार-बार कह रहे हैं कि उसकी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन ये अंदेशा है कि आंध्र प्रदेश का ही वो एक ग्रुप है जिनके साथ ये हादसा हुआ है। जी जैसा कि आप जानते ही हैं कि अभी ये थोड़ी देर पहले ये घटना हुई है और हमने आपको बताने की कोशिश की कि ये जो फकोक आइलैंड है वहां पर यह हादसा हुआ है।
तकरीबन 36 लोग सवार थे इस जहाज में स्पीड बोट में जिसमें से 32 भारतीय थे और चार क्रू मेंबर्स थे। जिनमें से अभी तक जो मौत का आंकड़ा है वह 15 है। यानी कि 15 लोगों की इस हादसे में मौत हो गई है। और फिलहाल बाकी जितने भी लोगों को रेस्क्यू किया गया है उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और फिलहाल इलाज चल रहा है। तो इसमें एक चीज और मैं जोड़ना चाहूंगा। ये पहली बार नहीं हुआ है वियतनाम में। पिछले साल भी जुलाई के ही महीने में यह हुआ था कि करीब एक एक नाव पलटी थी जिसमें 48 लोग सवार थे। और उसमें भी ज्यादातर बच्चे थे।
अगर मुझे सहीस संख्या याद है तो करीब 20 बच्चों की उसमें हो गई थी। तो ये अपने आप में वहां की एजेंसीज के लिए भी एक सवाल है कि क्यों इस मौसम में जब हवाएं तेज होती हैं, मानसून का सीजन चल रहा है। उस समय पर क्या सुरक्षा को ध्यान में नहीं रखा जाता? क्या पहले से अलर्ट्स नहीं होते हैं? क्यों परमिशन दी जाती है कि ऐसे मौसम में भी जब आपको पता है कि विंड्स तेज चलने वाले हैं तो फिर या क्या अगर लोग गिर गए थे तो क्या उनके पास सिक्योरिटी के इक्विपमेंट्स नहीं थे? उन्होंने लाइफ जैकेट्स नहीं पहने हुए थे या समय पर रेस्क्यू करने के लिए लोग पहुंच नहीं पाए। ये तमाम सवाल हैं जो ये सवाल उठ रहे हैं अभी क्योंकि एक साल के अंदर दूसरा ऐसा हादसा होना और वियतनाम, थाईलैंड ये वो जगह हैं जहां से भारतीय खासकर गर्मियों में बहुत ज्यादा छुट्टियां मनाने जाते हैं।
तो ऐसे समय पर ऐसा हादसा होना अपने आप में सवाल खड़े करता है और चिंता की बात भी है। बिल्कुल। अ जाहिर सी बात है कि जब ऐसे हादसे होते हैं जहां पर एक ही हादसे में 15 लोगों की हो जाए या पिछले साल भी एक ऐसा हादसा हो जाए तो जाहिर सी बात है कि सवाल लाजमी है और सवाल यह भी है कि क्या सुरक्षा कारणों की नजरअंदाजी हुई थी इस हादसे में