चुप गए सारे नजार कोई क्या बात हो गई ये वही एक्ट्रेस है जिनके साथ शम्य कपूर देवानंद संजीव कुमार जितेंद्र और बेहतरीन एक्टर्स काम करने के लिए एक्साइटेड रहते थे आखों में ों का दिल खो जाता है इस अदाकारा का फिल्मी करियर तो महज 17 साल का रहा लेकिन उन्होंने ऐसी एक से बढ़कर एक फिल्में दी कि उन्हें आज भी याद किया जाता है ई सहरी बाबू दिल लहरी बाबू हरे
मुमताज का जन्म 13 जुलाई 1947 को मुंबई में हुआ था उनके पिता उनके पैदा होने के एक साल बाद ही उनकी मां से अलग हो गए थे मरना जा गरीबी में पली बड़ी मुमताज हमेशा से एक्ट्रेस बनना चाहती थी उन्होंने 11 साल की उम्र में ही चाइल्ड एक्ट्रेस के तौर पर अपनी एक्टिंग करियर की शुरुआत कर दी थी ना हुआ तू दीवाना जुलम तेरे साथ हुआ इसके बाद कुछ फिल्मों में उन्हें साइड रोल ही मिले मुमताज की किस्मत तब बदली.
जब पहली बार लीड एक्ट्रेस के तौर पर उन्हें दारा सिंह के साथ मिली फिल्म फौलाद मतवारे साजना चला गया मेरा प्यार इस फिल्म में मुमताज का रोल को खासा पसंद किया गया इसके साथ ही मुमताज और दारा की जोड़ी ने 16 और फिल्में भी कीम रे प्रीत भरे आसने मुमताज की पहली सक्सेसफुल फिल्म 1969 में आई दो रास्ते थी.
उनका फिल्मी सफर 17 सालों का रहा जिसमें उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में की कौन है आप आपको क्या नजर आती माफ कीजिए मेरी नजर जरा कमजोर है जिसके बाद 27 साल की उम्र में उन्होंने युगांडा के बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी कर ली शादी के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया अब क्या होगा तो चलिए आज इस बेहतरीन अदाकारा को जिंदगी की सफर पर आज एक नजर डालते हैं आ मन मिडिल क्लास फैमिली में हुआ जन्म मुमताज का जन्म 3 जुलाई 197 को मुंबई में हुआ था.
उनके पिता अब्दुल सलीम अकसारी ड्राई फूड वेंडर थे हालांकि मुमताज के पैदा होने के महज एक साल बाद ही उनके पिता ने उनकी मां हबीब आगा को छोड़ दिया था क है तुम्हारा गुरुदेव मैं अपने गुरुदेव का अपमान कभी नहीं बर्दाश्त कर सकता और मैं भी स्त्री का अपमान नहीं सह सकती जिसके बाद मुमताज का बचपन उनके ननी हाल में ही बहता मुमताज का जन्म भारत को आजादी मिलने से मैं 16 दिन पहले यानी 31 जुलाई सन 1947 को बम्बे में हुआ था इनके पिता अब्दुल समीद अकरी और मां सरदार बेगम हबीब आगा ईरानी मुलक के थे और सालों पहले बम्बे आकर बस गए थे.
बम्बे में उनकी मां फिल्म इंडस्ट्री में छोटे मोटे रोल किया करती थी ही इ रिएक्टिंग जितना जली उतना जल्दी ठीक हो हमारा छाती संग लग जाओ वक्त गुजरा तो मुमताज की बहन मलिका भी फिल्म इंडस्ट्री में आ गई और उस दौर की बी ग्रेड फिल्म में छोटे-मोटे रोल करने लगे तुझे जो कुछ करना था तूने कर लिया अब यहां क्यों आई है इसी बीच अचानक इनके माता-पिता तलाक लेकर अलग हो गए और मुमताज अपनी मां के साथ रही परिवार पर आर्थिक मुसीबतें टूट पड़ी उन हालातों में नन्नी मुमताज को भी फिल्मों में काम करना पड़ा और सन 1952 में रिलीज हुई संस्कार में मुमताज पहली दफा बाल कलाकार के रूप में सिल्वर स्क्रीन पर दिखी कौन है वो लड़की देखना चाहती हो हा इसके बाद यास्मीन लाजवंती और सोने की चिड़िया जैसी फिल्मों में भी यह नजर आई वक्त गुजरता गया और मुमताज अब फिल्मों में बाल कलाकार की जगह सपोर्टिंग रोल निभाने लगी व शांताराम की स्त्री और सेहरा नाम की एक फिल्मों में इन्होंने काम किया था.
देख रही हो गोरी घबराओ नहीं यहां कोई नहीं आने वाला मैं तो मजाक कर रही थी.लेकिन इनका रोल इस लायक था ही नहीं कि कोई उन्हें नोटिस कर सके हालांकि निर्माता निर्देशक ओपी रल की फिल्म गहरा दाग में लोगों ने इनके काम को जरूर सराहा क्योंकि इस फिल्म में यह हीरो की बहन बनी थी शायद दिल्ली में जी मैं दिल्ली कभी नहीं गई ओ तो बम में मिले होंगे 11 साल की उम्र से करने लगी एक्टिंग मुमताज के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी इसलिए उन्होंने 11 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया चाइल्ड एक्ट्रेस के तौर पर उनकी पहली फिल्म 1958 में आई सोने की चिड़िया थी वट द हेल तुम छोकरी लोग होकर हम छोकरी लोग को ऐसा घुर घुर कर क्या देखता है इसके बाद मुमताज को बड़ी-बड़ी फिल्मों में छोटे मोटे रोल मिलने लगे लेकिन छोटे मोटे रोल करने के चलते इस दौरान उन्हें नोटिस नहीं किया जाता था जब सभी एक्ट्रेस ने मना किया तब दारा सिंह के साथ हीकी फिल्म अब तक मुमता आज साइड रोल में ही नजर आ रही थी लीड एक्ट्रेस के तौर पर उन्हें पहली फिल्म मिलने को काफी दिलचस्प किस्सा है .
दरअसल दारा सिंह को बॉलीवुड में डेब्यू करना था फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार थी पर इस फिल्म के लिए कोई बड़ी एक्ट्रेस हां नहीं कर रही थी दारा सिंह की लंबी चौड़ी कत काटी के सामने एक्ट्रेस छोटी नजर आती थी तब फिल्म के डायरेक्टर मोहम्मद हुसैन ने यह रोल 5 फीट 6 इंच की मुमताज को दिया 16 साल की मुमताज इस फिल्म के लिए काफी एक्साइटेड थी इस उपकार की क्या बात है बहन मेरे भी तो पिता समान है वो और जब उनके माथे से टपटप खून बहने लगा जब 1963 में फिल्म रिलीज हुई तो सुपरहिट साबित हुई इसी दौरान अभिनेत्री मधुबाला के पिता अताउल्ला खान ने मुमताज को लीड रोल में लेकर पठान नाम की एक फिल्म बनाने का ऐलान किया तू य फिर नशे में चला आया अजीब बात है मेरा ही न सबको खटकता है हालाकि सारी दुनिया नशे में है फिल्म की शूटिंग शुरू भी हुई थी लेकिन फिल्म बंद हो गई इसके बाद कुछ और फिल्मों में इन्होने साइड कैरेक्टर्स निभाए.
लेकिन फिर 60 के दशक के मध्य में कुछ ऐसा हुआ कि मुमताज की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई छोड़ो मेरा हाथ तुम कौन होते हो मुझे मना करने वाले मैं नहीं चलूंगी दारा सिंह के साथ 16 फिल्मों में काम किया फिल्म फौलाद के बाद मुमताज की छवि स्टंट एक्ट्रेस के तौर पर बन गई और दोनों की जोड़ी भी बन गई इस फिल्म के बाद उन्होंने दारा सिंह के साथ 16 फिल्मों में काम किया जिसमें वीर सेन टर्जन कम्स टू दिल्ली सिकंदर ए आजम और उस समय हिंद जैसी फिल्में शामिल है मुमताज कहती है कि उनके करियर को दारा सिंह नेही बनाया है य निरोध निरोध क्या कर रहे हो निरोध का विरोध कौन कर रहा है जिस समय उन्हे कोई लीड एक्ट्रेस एक्सेप्ट नहीं कर रहा था उस समय दारा सिंह ने उनके साथ काम किया और इसके बाद उन्हें अच्छे रोल मिलना शुरू हो गए थे.
राजेश खन्ना के साथ की 10 फिल्में मुमताज कई फिल्मों में काम कर चुकी थी लेकिन अब भी उनकी वो पहचान नहीं बनती थी जो 1969 में आई फिल्म दो रास्ते से बनी राजेश कना के साथ ये उनकी पहली फिल्म थी और सुपरहिट फिल्म थी इस फिल्म के बाद दोनों की जोड़ी खासी पसंद की जाने लगी और दोनों के साथ में 10 फिल्मों में काम किया मैं तो चुपचाप आ रहा था काम से और मिल ग पेड़ के बास मा कितनी जोर से मारा ये जोड़ी उस दौर की सबसे सुपरहिट जोड़ी मानी जाती थी जो सच्चा झूठ बंधन रोटी दुश्मन जैसी फिल्मों में नजर आई इस दौर में मुमताज हर फिल्म के लिए ढ लाख रुप फीस चार्ज करती थी मेरा नाम बिगाड़ा हां क्यों तूने मुझे आम मारा आम नहीं तो लडडू मारे तुझे 18 साल की मुमताज से शम्मी कपूर करना चाहते थे .
शादी मुमताज जब 18 साल की थी तब वह शम्मी कपूर के प्यार में पड़ गए शम्मी कपूर भी उन्हें काफी चाहते थे एक दिन शम्मी कपूर ने उनसे शादी करने का प्रपोजल लग दिया पर उनकी शर्त थी कि शादी के बाद मुमताज फिल्मों में काम करना छोड़ दे जो मुमताज को मंजूर नहीं था ऐसे में उन्होने इस प्रपोजल को ठुकरा दिया और यही दोनों एक दूसरे से अलग हो गए का नाम न देखकर शशि कपूर ने छोड़ी फिल्म मुमताज वो स्टार बन चुकी थी कि उस समय का हर स्टार मुमताज के साथ काम करना चाहता था.
इस लिस्ट में देवानंद राजेश कन्ना जितेंद्र जैसे बड़े स्टार्स भी शामिल थे कहा जा जाता है कि एक बार तो यह हुआ कि शशि कपूर ने चोर मचाए शोर के स्टार कास्ट में मुमताज का नाम ना देखकर इस फिल्म को करने से मना कर दिया मुमताज को साइन किया गया .
तब शशि कपूर इस फिल्म को काम करने के लिए राजी हुए थे कार पर अमिताभ का दिल आया तो दे दी चाबी मुमताज ब्यूटी विद द गोल्डन हार्ट भी कही जाती है एक बार फिल्म अंधे हाथ की शूटिंग चल रही थी और इस फिल्म में अमिताभ बच्चन मुमताज के साथ काम कर रहे थे उस समय अमिताभ का उतना बड़ा मुकाम नहीं था लेकिन उन्हे मुमताज की मर्सडीज खासी पसंद आ गई थी व उसे खरीदना भी चाहते थे पर उस वक्त उनके पास उतने पैसे नहीं थे जब यह बात मुमताज को पता चली तो उन्होंने अपनी कार की चाबी अमिताभ को दे दी और उनसे उनकी साधारण कार ले लीर केन सफलता के मुकाम पर 27 साल की उम्र में छोड़ी फिल्म इंडस्ट्री मुमताज ने 27 साल की उम्र में युगांडा के बिजनेसमैन मयूर माधवानी से शादी कर ली शादी के बाद मुमताज ने परिवार के लिए फिल्म इंडस्ट्री से भी नाता तोड़ लिया .
और लंडन शिफ्ट हो गई इजम मत दो अपनी बद नियती का हिसाब करो व मेरी ममता की छाव में आराम की नींद सो रहा था कहा जाता है कि जब मुमताज की शादी हुई तो राजेश ना खूब रोए राजेश और मुमताज की गहरी दोस्ती थी ऐसे में राजेश कहते थे कि उनका दाया हाथ चला गया रना मानक गोरा रंग दो दिन में ल जाएगा मुमताज की इंडस्ट्री में आखिरी फिल्म 1977 में आई आई ना थी इस फिल्म के लिए उन्होंने 8 लाख फीस चार्ज की थी हाला उनकी शादी के बाद उन्हें फिल्म ऑफर्स हुई पर उन्होंने काम करने से मना कर दिया मैंने क्या सोचा था और तुम क्या निकले तुम्हें अपने दुखों का एहसास है कपल की दो लड़कियां है 54 साल की उम्र में को दीदी मात मुमताज को 54 साल की उम्र में हो गया था मुमताज को छ कीमोथेरेपी और 35 सेशन से गुजरना पड़ा फिर लंबे इलाज के बाद एक्ट्रेस ने ब्रेस्ट कैंसर को मार दे दी आज कोई 13 साल बाद किया कमबैक मुमताज ने इंडस्ट्री छोड़ने के 13 साल बाद फिल्म आंधियां बैक कर किया पर यह फिल्म सुपर फ्लॉप साबित हुई इसके बाद मुमताज ने रिटायरमेंट ले लिया फिलहाल मुमताज अपनी फैमिली के साथ लंदन में रहती है हालांकि इनसे जुड़ा एक विवाद भी आपको बता दे कि दो अभिनेत्रियां कभी दोस्त नहीं होती.
जब मुमताज ने शर्मिला टैगोर संग विवाद पर कह डाली थी बात दरअसल कुछ वक्त पहले मुमताज ने एक मीडिया इंटरव्यू में दौरान शर्मिला टागोर संग अपने रिश्ते को खुलकर बात की थी एक्ट्रेस ने कहा था कि मैं शर्मिला टागोर की बहुत रिस्पेक्ट करती व मुझसे कहीं ज्यादा पढ़ी लिखी है एक्टस ने आगे यह भी कहा था कि मैंने 8 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था इसलिए मेरा एक्सपीरियंस अलग है उस वक्त शर्मिला हो या कोई दूसरी एक्ट्रेस मेरे पास किसी से ज्यादा मिलने जुलने या बात करने का टाइम नहीं होता था तेरा मस्ताना प्यार मेरा दीवाना वही टाइम्स एंटरटेनमेंट को दिए एक इंटरव्यू में मुमताज ने यह भी कहा था कि दो अभिनेत्रियां कभी भी दोस्त नहीं हो सकती ऐसा ना होता था और ना ही अब हो सकता है एक्ट्रेस ने यह तक कह डाला था कि हम लोग कभी साथ में डिनर नहीं कर सकते ना ही कभी हैंग आउट कर सकते हैं हमेशा से ही ऐसा ही चलता आ रहा है दरअसल मुमताज और शर्मिला टागोर के बीच विवाद की वजह दोनों का स्टारडम माना जाता है.
ये चांद सा रोशन चेहरा जुल्फों का रंग सुनहरा ये झील स नीली आंखें क्योंकि जब मुमताज ने अपनी पहचान बनाई थी तो शर्मिला टैगोर कई सुपरहिट फिल्मों दे चुकी थी ऐसे में कहा जाता था कि मुमताज एक्ट्रेस शर्मिला को अपना कंपटीशन मानने लगी थी हालांकि इस बात करते हुए मुमताज ने कहा था कि शर्मिला गोल्डन स्पून के साथ आई थी और मैंने अपनी जर्नी सपोर्टिंग रोल से शुरू की थी.
आपको बता दें कि मुमताज इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है जहां एक्ट्रेस 77 साल की उम्र में भी अपनी फिटनेस वीडियो फैंस के साथ शेयर करती है