देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और वहां मौजूद छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट जहां से आई एक बेहद डरावनी खबर ने हवाई मुसाफिरों के होश उड़ा दिए। एक ही रनवे और आमने-सामने आ गए दो-दो विमान। उसमें से एक रफ्तार पकड़ चुका एक विमान उड़ान भरने ही वाला था कि एटीसी को मिले एक मैसेज से एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। मंगलवार की रात के करीब 10:00 बजे थे।
मुंबई एयरपोर्ट पर हमेशा की तरह उड़ानों की आवाजाही जारी थी। तभी रनवे नंबर पर कुछ ऐसा हुआ जिसने विमानन सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या एआईएक्स 1547 मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड कर चुकी थी। नियम के मुताबिक लैंडिंग के बाद विमान को रनवे पर खाली करना था। लेकिन यह विमान अभी रनवे पर ही मौजूद था कि ठीक उसी समय इसी रनवे से एयर इंडिया की दूसरी फ्लाइट AI 816 को दिल्ली के लिए उड़ान भरनी थी।
विमान रनवे पर आ चुका था और पायलट ने टेक ऑफ के लिए विमान को दौड़ाना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे विमान रनवे पर अपनी पूरी रफ्तार पकड़ रहा था। विमान हवा में उड़ने ही वाला था। तभी एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी के रडार पर खतरा मंडराया। एटीसी को तुरंत एहसास हुआ कि सिलीगुड़ी से आया विमान अभी तक रनवे से पूरी तरह बाहर नहीं निकला है। खतरा भयानक था। दोनों विमान टकरा सकते थे। संकट के उन चंद सेकंड्स में एटीसी ने बिना एक पल गवाए दिल्ली जा रहे विमान के पायलट को तुरंत टेक ऑफ रोकने का कड़ा निर्देश दिया।
निर्देश मिलते ही एयर इंडिया के पायलट ने सूझबूझ दिखाई और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बीच में ही टेक ऑफ रन को रोक दिया। रफ्तार पकड़ चुका विमान रनवे पर ही थम गया और एक बहुत बड़ा हादसा होते-होते टल गया। टेक ऑफ रोकने के बाद विमान को वापस पार्किंग वे में ले जाया गया। आपको बता दें मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली के बाद देश का दूसरा व्यस्त हवाई अड्डा है। लेकिन इस एयरपोर्ट की असली चुनौती इसके रनवे में छिपी है। यह दुनिया के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल है जहां से 950 से ज्यादा उड़ाने टेक ऑफ और लैंडिंग करती हैं। रिकॉर्ड की बात करें तो 21 नवंबर 2025 को मुंबई एयरपोर्ट ने महज 24 घंटे में 1036 विमानों की आवाजाही का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया था।
अब सवाल यह है कि इतने भारी ट्रैफिक को यह एयरपोर्ट संभालता कैसे है? दरअसल मुंबई एयरपोर्ट पर दो रनवे हैं। लेकिन पेश यह है कि दोनों रनवे एक दूसरे को क्रॉस करते हैं। ऐसे में मुंबई एटीसी का काम किसी जादुगरी से कम नहीं है। यहां पर विमान की टेक ऑफ और लैंडिंग का समय मिनटों में नहीं बल्कि सेकंडों के अंतर से तय किया जाता है। मुंबई एयरपोर्ट पर इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले जून के महीने में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी एयर इंडिया और इंडिगो के विमान एक ही टैक्सी वे पर आमने-सामने आ गए थे। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में कुछ सेकंड की भी देरी सैकड़ों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती है। फिलहाल डीजीसीए इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। आखिर चूक कहां पर हुई थी? एबीपी गंगा खबर आपकी जुबां आपकी।