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शेखर सुमन के शो ‘शेखर टुनाइट’ पर संकट? क्या है पूरा मामला?

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9 जुलाई 2026 प्रवर्तन निदेशालय माने ईडी ने मुंबई के फिल्म प्रोड्यूसर धर्मेश संगानी और उनकी कंपनी कलानी इंपेक्स लिमिटेड पर छापा मारा। यह कार्यवाही फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट यानी फेमा के तहत की गई। किस आरोप में? निर्यात की रकम भारत ना लाने, विदेशों में अघोषित कंपनियां, बैंक खाते और संपत्तियां रखने और फेमा के नियमों के उल्लंघन करने के आरोप में ईडी की यह सतत प्रक्रिया है। लगातार ऐसी कार्यवाहयां होती हैं। कमोबेश हर दिन ही ऐसी छापेमारी होती भी है। लेकिन इस छापेमारी ने सुर्खियां तब बटोरी जब पता चला कि धर्मेश एक्टर एंड टीवी होस्ट शेखर सुमन के करीबी हैं और शेखर टोनाइट के शो के प्रोड्यूसर भी। कौन है धर्मेश संगानी? ईडी ने धर्मेश के बिजनेस में किस तरह की खामी पाई? छापेमारी में उन्हें क्या कुछ मिला? और धर्मेश का शेखर सुमन से क्या कनेक्शन है?

इस वीडियो में इन सारे ही सवालों के जवाब तलाशेंगे। नमस्ते, मेरा नाम शुभम है और आप देख रहे हैं खबरगांव। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट यानी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 में आया। भारत का वो कानून है जो तय करता है कि भारत से विदेश या विदेश से भारत पैसे भेजने, विदेशी निवेश करने, विदेशी बैंक में खाता खोलने, संपत्ति खरीदने, आयात निर्यात का भुगतान लेने या करने जैसे काम किन नियम और शर्तों के तहत होंगे? यह कानून इन्हीं के लिए नियम बनाता है और जब कोई भी व्यक्ति कोई भी लेनदेन करता है और इन नियमों का उल्लंघन करता है तो फिर प्रवर्तन निदेशालय इसके खिलाफ कारवाई करता है। ऐसा ही 9 जुलाई को हुआ। मुंबई के रहने वाले एक फिल्म प्रोड्यूसर और बिजनेसमैन हैं धर्मेश संघानी। फिल्म इंडस्ट्री से परे धर्मेश कलानी इंपेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी से भी जुड़े हैं। यह कंपनी इंपोर्ट एक्सपोर्ट का कारोबार करती है। ईडी ने धर्मेश के इसी कारोबार पर जांच बैठाई है।

क्यों? हिंदुस्तान टाइम्स ने छपी नीरज चौहान की रिपोर्ट में ईडी के अधिकारियों के हवाले लिखा गया कि धर्मेश के कारोबार में खरीदफरोख्त में जो पैसा भारत आना चाहिए था, वह लंबे समय बाद भी भारत नहीं पहुंचा। कुछ विदेशी खरीदारों से मिलने वाली निर्यात की रकम अभी तक नहीं मिली और इसके लिए अधिकृत डीलर बैंक से समय बढ़ाने की अनुमति भी नहीं ली गई। इसके अलावा ईडीए के मुताबिक यह भी कहा गया कि अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है जिससे पता चला हो कि यह बकाया पैसा और इसकी वसूली के लिए संघानी की तरफ से कोई कोशिश की गई। दूसरे अधिकारी के हवाले से नीरज लिखते हैं कि जांच में एक और बात सामने आई है। कई बार धर्मेश के पास एक्सपोर्ट्स के बदले पैसा आया तो लेकिन वह एक थर्ड पार्टी के जरिए आया। मतलब सामान बेचा किसी और को गया। पैसा किसी और ने चुकाया। तलाशी के दौरान ईडी ने विदेशों में अघोषित संपत्तियों और विदेशी बैंक खातों के भी सबूत मिलने का दावा किया है। ईडी के मुताबिक धर्मेश संगानी की एक कंपनी कनाडा में भी है। भारतीय कानून के मुताबिक ऐसे केस में भारत सरकार को इस कंपनी की जानकारी देनी चाहिए थी। जरूरी भी है। लेकिन धर्मेश की इस कंपनी की कोई भी जानकारी भारत सरकार को नहीं दी गई। ईडी ने यह भी कहा कि कनाडा के अलावा यूएई में भी एक अघोषित बिजनेस यूनिट का पता चला है इनके नाम का। पहले भी इन पर कई आरोप लगे हैं।

ईडी का यह भी आरोप है कि जब उनकी टीम 9 जुलाई को छापेमारी के लिए पहुंची तो धर्मेश ने डिजिटल सबूत नष्ट करने की कोशिश की। कैसे? आरोप है कि जब ईडी की टीम तलाशी के लिए पहुंची तो संगानी ने अपना मोबाइल फोन अपनी बिल्डिंग की 13वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया ताकि सबूत नष्ट किए जा सके। हालांकि ईडी के अधिकारियों ने इस फोन को बाद में बरामद भी कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक धर्मेश संघानी यूएस कस्टम्स के अधिकारियों की जांच के दायरे में भी हैं। इसके अलावा सितंबर 2016 में ब्रिटेन की यूके बॉर्डर फोर्स के अधिकारियों ने धर्मेश से लगभग 7.4 कि.ग्र. सोने के गहने जप्त किए थे। आरोप था कि इन गहनों का अंडर डिक्लेरेशन किया गया। माने जितनी मात्रा थी उससे कम बताया गया। इस मामले में भी आगे की जांच अभी जारी है। हालांकि इस मामले पर धर्मेश संघानी या उनकी कंपनी की ओर से फिलहाल कोई भी आधिकारिक बयान नहीं सामने आया है। वो जिस फिल्म अकादमी से जुड़े हैं वहां से भी जवाब का इंतजार किया जा रहा है। किस एकेडमी से? धर्मेश जीबीएम स्टूडियोज नाम की एक कंपनी चलाते हैं। यह कंपनी फिल्म मेकिंग, पोस्ट प्रोडक्शन और टैलेंट डेवलपमेंट के काम करती है। इसी फील्ड से जुड़ी एक दूसरी संस्था से भी धर्मेश का नाम जुड़ा है। नाम है शेखर सुमन फिल्म एकेडमी।

अप्रैल 2026 में जब शेखर सुमन ने अपनी फिल्म अकादमी शुरू की तब आधिकारिक घोषणा में धर्मेश को फाउंडर एंड विजनरी बताया गया था। जबकि शेखर सुमन अकादमी के मेंटर और उनके बेटे अध्ययन सुमन को कोफाउंडर एंड डायरेक्टर की भूमिका दी गई। इसके साथ ही धर्मेश संगानी ब्रदर्स मोशन पिक्चर्स नाम की एक प्रोडक्शन कंपनी के भी फाउंडर हैं जो कि शेखर सुमन के पॉपुलर शो शेखर टूाइट को प्रोड्यूस करती है। इसी कारण धर्मेश पर हुई यह छापेमारी काफी चर्चा में है। शेखर सुमन लंबे वक्त बाद एक नया शो लेकर आते हैं। नाम शेखर टू नाइट। यह एक लेट नाइट टॉक शो है। वैसे तो शो में गेस्ट का इंटरव्यू होता है, लेकिन शेखर शो के ओपनिंग मोनोलॉग को लेकर काफी चर्चा में रहे। हर एपिसोड की शुरुआत में शेखर सुमन मौजूदा राजनीतिक मुद्दे, सरकार के फैसले, विपक्ष की आलोचना, सोशल मीडिया, फिल्म इंडस्ट्री और सोसाइटी से जुड़े मुद्दों पर व्यंग करते हैं। मसलन 15 मई को रिलीज हुई शेखर टूाइट के पहले ही एपिसोड में उन्होंने अपने मोनोलॉग की शुरुआत फैज अहमद फैज की मशहूर नब्ज़ बोल से की। बोल की लब आजाद है तेरे। बोल ज़बा अब तक तेरी है। बोल की सच जिंदा है अब तक। बोल जो कुछ कहना है कह ले। नज़्म से शेखर ने यह दिखा तो दिया कि उनके शो में सटायर का रंग भरपूर दिखने वाला है। इसी एपिसोड में उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि सरकार की अगर रफ्तार देखनी है तो वहां देखिए जहां पीएम मोदी के खिलाफ कोई भी सोशल मीडिया पर मजाकिया वीडियो बनाता है। इधर वीडियो अपलोड होती है। उधर मंत्रालय से डिलीट का बटन दबा दिया जाता है।

आगे उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल सिक्योरिटी के बिना पर वीडियोस डिलीट करा दिए जाते हैं। जरा सोचिए 56 इंच की छाती के सामने 52 सेकंड का कार्टून भी भारी पड़ गया। इस एपिसोड के आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी क्लिप्स कटनी शुरू हुई थी और लिखा जा रहा था कि शेखर इतने मुखर होकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं। देखना होगा कि ईडी या सीबीआई कब इन पर छापा मारती है। 9 जुलाई को जब शो के प्रोड्यूसर पर छापा पड़ा तो सोशल मीडिया पर इसी सवाल को दोबारा से पोस्ट किया जा रहा था और लिखा जा रहा है कि लो हो गया। यहां यह जानना भी जरूरी है कि शेखर टू नाइट को प्रोड्यूस करने वाली कंपनी संगानी ब्रदर्स मोशन पिक्चर्स है। ईडी का छापा इस कंपनी पर नहीं है क्योंकि संगानी ब्रदर्स मोशन पिक्चर्स के मालिक धर्मेश हैं और धर्मेश की दूसरी कंपनी पे ईडी की कार्यवाही हुई है। लिहाजा लोग दोनों को एक तरह से देख रहे हैं। एक साथ जोड़कर देख रहे हैं। बहरहाल ईडी की कार्यवाही अभी जारी है। आगे जो कुछ भी सामने आएगा आप तक उसकी जानकारी पहुंचाई जाएगी। इस वीडियो में फिलहाल बस इतना ही। मेरा नाम शुभम है। कैमरे पर मेरे साथी तौफीक हैं। आप देखते रहिए खबरगांव।

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