तो पुणे के चर्चित सिया गोयल मामले में अब एक और बड़ा खुलासा हुआ। जिस मार्केट यारार्ड से इस पूरे विवाद के तार जुड़े वहां के व्यापारियों में अब भारी आक्रोश देखा जा रहा है। दरअसल सिया गोयल का परिवार पुणे के इसी मार्केट यारार्ड में सालों से मसाला और ड्राई फ्रूट्स का बड़ा कारोबार करता है। लेकिन अब सिया की इस करतूत से स्थानीय व्यापारी इससे बेहद आहत हैं। क्योंकि इस एक मामले की वजह से पूरे पुणे मार्केट यारार्ड की बदनामी हुई है। इस पूरे विवाद और व्यापारियों के रुख को लेकर न्यूज़ नेशन की टीम ने मार्केट यारार्ड समिति की सेक्रेटरी से खास बातचीत की। आप देखिए संवाददाता विलास आठावले की यह रिपोर्ट।
के पिताजी प्रवीण गोयल का पुणे मार्केट यारार्ड में बिजनेस है और यह बिजनेस कितने साल से है और किस प्रकार से बिजनेस होता था। इस बारे में जानने के लिए राजाराम धोंडकर मेरे साथ है पुणे कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सचिव और साथ ही साथ जो भूसा मार्केट है उसके हेड भी मेरे मेरे साथ है गोते जी। यह बताइए कि राजाराम जी कितने सालों से यह बिजनेस चल रहा है और किस प्रकार से उनका कारोबार चल रहा है। वह गोयल फैमिली यह मुसार बिज़नेस में बहुत पुरानी फैमिली है। पुणे मार्केट जब भी एस्टैब्लिशमेंट हो गया उससे पहले भी नानापेट में जो ये व्यापारी थे
उनमें से यह प्रवीण गोयल जी के पिताजी वहां के ट्रेडर हैं। वहां से फिर जब मार्केट 7578 में इधर एस्टैब्लिश हुआ तभी से यह गोयल फैमिली का बिजनेस मार्केट यारार्ड में चलते आ रहा है। हम्। चेतन चौधरी का भी यहां बिज़नेस चलता था। उनके पिताजी का। नहीं, उनकी अह जानकारी ली तो उनका जो बिज़नेस है उनके पिताजी पिछले 8-10 साल में शायद मार्केट में काम कर रहे हैं। उनका ओनरशिप वाला शॉप नहीं है। वो जो रेंटल उन्होंने ले लिया है और उसी में वो बिजनेस करते हैं।
चेतन चौधरी के पिताजी। गोयल जो परिवार है वो उनका कौन सा बिज़नेस? किसका बिजनेस है? ये लोग ज्यादातर स्पाइसेस, ड्राई फ्रूट्स ऐसे आइटम का उनका बिजनेस है अग्रवाल जी का। अ जो हेड है यानी डिपार्टमेंट हेड जो है गोते जी मेरे साथ है। ये बताइए कि किस प्रकार से उनका बिजनेस चलता था? कैसा प्रवीण गोयल का परिवार कैसे उनका रहन-सहन कैसे था? कैसे बर्ताव? नहीं प्रवीण गोयल जी का बिज़नेस यहां पे ड्राई फ्रूट एंड स्पाइसेस का बिज़नेस है उनका। बिज़नेस तो अच्छा है उनका। लेकिन क्या होता है कि हमारी उनके फैमिली से कभी मुलाकात नहीं होती। बिजनेस के तौर पे मार्केट कमेटी में कभी आते हैं तो आदमी तो अच्छे हैं और उनका बिजनेस भी अच्छा है।
जब मार्केट कमेटी में आते थे तब बातचीत होती थी। हां तभी आते थे तभी बातचीत होती थी। ये बताइए कि क्रिकेट की मैच भी अरेंज करते थे। ये कौन से खिलाड़ी थे? किसके बच्चे थे जो चेतन क्रिकेट खेला करता था मैचेस। वो क्या है कि मार्केट के जो यंग लड़के हैं अभी उन्होंने एमएफसीएल करके उनका क्रिकेट का एक किया था। उनके तह तो मैच अभी मुझे लगता है कुछ तो 5 साल हो गए वो मैच लेते उनका मैच लेने का एक ही था कि सब जो लड़के हैं यंग सर्कल है वो सब एक साथ आए एक साथ मिले बैठे मैच के वजह से और एक बिजनेस का डेवलपमेंट हो या कुछ नई नई-नई आईडिया आए बिजनेस कैसा करना है क्या इस हिसाब से उन्होंने मैच का चालू किया था और उस हिसाब से दर हर साल अच्छी तरह से मैच का वहां पे हो जाता है सिद्धश के साथ विलास अट न्यूज़ नेशन पुणे तो