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ऑफिस,.. वो आखिरी कॉल ! शादी के महज 70 दिन बाद रहस्यमयी मौ!त !कहानी रौंगटे खड़े कर देगी

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ऑफिस, पार्टी, एक आखिरी कॉल और 15 कि.मी. दूर मिली लाश। शादी को अभी 70 दिन भी पूरे नहीं हुए थे, लेकिन एक नई नवेली दुल्हन की जिंदगी अचानक खत्म हो गई। सवाल सिर्फ का नहीं।

सवाल उस सफर का है जो साकेत से शुरू हुआ और पालिका कुंज में खत्म हो गया। आखिर आकृति वहां पहुंची कैसे? क्या यह है या फिर किसी की बड़ी साजिश की कहानी? परिजन पति और ससुराल पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। जबकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। । किसी भी कहानी की शुरुआत अगर खुशियों से हो और अंत मौत पर जाकर रुके तो सवाल अपने आप खड़े हो जाते हैं।

दिल्ली की रहने वाली 28 साल की आकृति की शादी 24 अप्रैल को हुई थी। लव कम अरेंज मैरिज,नया रिश्ता, नए सपने और नई जिंदगी। शादी के बाद वो अपने पति के साथ पुष्प विहार में रहने लगी। कुछ दिन की छुट्टी के बाद उन्होंने फिर से ऑफिस जॉइ किया। किसी ने सोचा नहीं था कि शादी के सिर्फ 70 दिन बाद उनकी जिंदगी इतनी रहस्यमई तरीके से खत्म हो जाएगी।

अब कहानी उस दिन की जिस दिन सब कुछ ठीक-ठाक सा दिखाई दे रहा था। आकृति ऑफिस गई और बताए गए कि उन्होंने शादी के बाद पहली बार अपने कलीग्स को पार्टी भी दी। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद यही दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। और अब बात उस आखिरी कॉल की। शाम करीब 6:00 बजे आकृति ने अपनी मां को फोन किया। फिर करीब 6:40 पर उन्होंने दोबारा कॉल किया और बताया कि वह साकेत पहुंच गई है।

लेकिन इसके बाद अचानक उनका फोनबंद हो गया। परिवार उनसे संपर्क नहीं कर सका और यही आखिरी कॉल अब इस पूरे केस की सबसे अहम कड़ी बन चुकी है क्योंकि इसके बाद उनकी लोकेशन, उनकी गतिविधियां और उनका सफर अब जांच का सबसे बड़ा विषय बन चुका है। कल मॉर्निंग में हमने कॉल किया था उसको तो वो बोल रही थी मैं जॉब पे जा रही हूं और फिर उसने दोपहर के टाइम शादी की पार्टी भी दी वहां पे।

फिर उसके बाद शाम के टाइम जब वो वहां से निकल के आ रही थी तो उसने 6:18 पे कॉल करी थी मम्मी को कि मैं यहां से निकल चुकी हूं घर के लिए और बस में बैठ चुकी हूं। फिर उसके 10-15 मिनट बाद उसका फोन स्विच ऑफ बताने लगा। हमने सोचा क्या पता नेटवर्क ना हो या फोन स्विच ऑफ हो गया होगा।

उसने इनफॉर्म तो कर दिया हमको निकलने के लिए और फिर उसके करीबन हम डेढ़ घंटे तक उसको ढूंढते रहे। उसके बाद ही वो नहीं मिली और ना मिलने के बाद फिर हमको बाद में पता चला। करीबन हम सारे दोस्त वगैरह सर्च कर चुके थे। उसके हमने करीबन 9:30 से 10 के बीच में एक बार लास्ट कॉल ट्राई किया उसके फोन पे। सिस्टर का हां।

फोन स्विच ऑन हो चुका था। वो पुलिस स्टेशन में कॉल उठाया गया और बोला गया कि लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन में है। आप यहां पे आ जाओ। आपकी सिस्टर जो है वो हॉस्पिटल में है। हम जब यहां पहुंचे तो उन्हें बताया कि आपकी सिस्टर ने थर्ड फ्लोर से कूद के करने की कोशिश करी है और वो अभी हॉस्पिटल में है। जो रिपोर्ट है मतलब जो भी आएगी फॉर द हम आपको बताएंगे। लेकिन आखिरी कॉल के कुछ देर बाद एक और फोन आया।

लेकिन इस बार कॉल आकृति की नहीं थी। उनके पति ने आकृति के भाई को फोन करके कहा कि वह अभी तक घर नहीं पहुंची है। वहीं परिवार पहले से परेशान था और इसी बीच रात करीब 9:00 बजे पुलिस का फोनआया। सूचना मिली कि लोधी कॉलोनी के पालिका कुंज परिसर में एक महिला का मिला है। पहचान हुई तो पता चला कि वो आकृति थी। एक फोन उम्मीद दे रहा था तो वहीं दूसरा फोन पूरी दुनिया बदल चुका था।

अब कहानी का सबसे बड़ा रहस्य सामने आता है। आकृति ने अपनी मां को बताया था कि वो साकेत पहुंच चुकी है लेकिन उनका शव मिला पालिका कुंज में [संगीत] जो करीब 15 कि.मी. दूर है। अब सवाल यही है कि आखिर वो वहां पहुंची कैसे? क्या किसी ने उन्हें बुलाया था? क्या वो खुद वहां पहुंची या फिर कोई उन्हें लेकर गया? अब इन सवालों का जवाब अभी नहीं मिल पाया है और यही वजह है कि पुलिस मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी और दूसरे डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है। दिल्ली के लोधी कॉलोनी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया जहां पर बताया जा रहा है कि आकृति नाम की एक लड़की इसी जगह पर थर्ड फ्लोर से नीचे गिरी हुई मिली। जिसके बाद यह पूरा मामला पुलिस को बताया गया। पुलिस जब यहां पहुंचती है तो यह देखा जाता है कि लड़की का जो सामान है वह ऊपर जो फ्लोर है वहां पर बिखरा हुआ मिलता है।

लेकिन जो जानकारी मिली है उस जानकारी के मुताबिक जो आकृति लड़की है वो यहां पर ना तो रहती है ना उसका यहां पर घर है। अब आकृति यहां पर पहुंची कैसे? क्या वजह रही? वहीं मौके से जो चीजें मिली उन्होंने रहस्य को और गहरा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक आकृति का फोन पर्स और चप्पल तीसरी मंजिल के छत परमिली है।

शुरुआती आशंका जताई गई कि शायद उन्होंने वहां से छलांग लगाई हो लेकिन यह सिर्फ शुरुआती जांच का हिस्सा है। तो दूसरी तरफ परिजन इसे थ्योरी से सहमत नहीं। इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच इस केस की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। अब बात करें परिवार की तो परिवार इस पूरे मामले को आत्महत्या नहीं मान रहा। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही आकृति को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था।

परिजनों का कहना है कि वह खुशमजाज थी और अपनी नई जिंदगी को लेकर उत्साहित थी। उन्होंने हाल ही में दोबारा नौकरी शुरू की थी और उसी दिन दोस्तों को शादी की पार्टी भी दी थी और ऐसे में परिवार सवाल उठा रहा है कि जो लड़की भविष्य की योजनाएं बना रही थी वो अचानक ऐसा कदम क्यों उठाएगी। वहीं परिजनों ने एक और सवाल उठाया।

उनका दावा है कि जहां आकृति का मिला वहां खून के निशान नहीं थे। उनका कहना है कि अगर ऊंचाई से गिरने से उसकी मौत हुई तो घटना स्थल की स्थिति अलग कैसे हो सकती है? हालांकि परिवार का दावा है और अब पुलिस इस मामले को कई एंगल से देख रही है। पुलिस ने इस मामले में आकृति के पति अरस्तु को भी गिरफ्तार कर लिया है। तो वहीं दूसरी ओर आकृति की कॉल डिटेल, मोबाइल की लोकेशन, रास्ते के सीसीटीवी कैमरे और घटना स्थल से मिले सभी सबूतों की जांच की जा रही है।

साथ ही एसडीएम जांच भी शुरू कर दी गई है। अब इस केस में कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब मिलना भी बाकी है। साकेत से पालिका कुंज तक का सफर कैसे तय हुआ? क्या रास्ते में किसी से मुलाकात हुई? आखिरी बार उन्हें किसने देखा? पति ने भाई को फोन क्यों किया? और उस समय तक क्या जानकारी थी? इन सवालों के जवाब जांच एजेंसियां तलाश रही है और हर मिनट हर सबूत की बारीकी से जांच की जा रही है।

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