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मैं चाहता हूं की…. ये थी केतन अग्रवाल के दादा की आखरी ख्वाहिश ,जानकर आप भी रो पड़ेंगे।

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केतन अग्रवाल का परिवार उनकी के बाद जिस सदमे दुख पीड़ा से गुजर रहा था उसका अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल है। बिना केतन के हर एक पल सैकड़ों पहर जैसा महसूस होता है और हर पल के साथ केतन की यादें यह परिवार समेट ही रहा था कि इसी बीच परिवार पर एक और दुखों का पहाड़ टूट चुका है।

केतन के दादा देवीच अग्रवाल का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से पुणे के एक निजी अस्पताल में [संगीत] भर्ती थे। जहां उनका इलाज चल रहा था। परिवार के गरीब लोगों ने उनके निधन की पुष्टि की है। एक के बाद एक दो लोगों का घर से जाना परिवार के लिए बहुत बड़ी लेकर आया है। 71 साल के देवीचंद अग्रवाल अपने पोते के साथ हुए हत्याकांड को जानकर काफी दुखी थे।

वहीं केतन [संगीत] के पिता विशाल अग्रवाल ने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर मिस यू डैड लिखकर अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस पोस्ट के सामने आने के बाद परिवार के दुखों का अंदाजा लगाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक देवीच अग्रवाल की कुछ समय पहले हार्ट से जुड़ी एक बड़ी हुई थी। उसके बाद उनकी सेहत में उतार-चढ़ावlबना हुआ था।

इसी दौरान उनके पोते केतन अग्रवाल की हत्या घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। बताया जा रहा है कि इस घटना का देवी चंद्र अग्रवाल पर काफी गहरा मानसिक असर पड़ा था। करीब दो दिन पहले उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें पुणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें सपोर्ट पर रखा और इलाज जारी रखा। लेकिन तमाम चिकित्सय प्रयासों के बावजूद कुछ समय पहले उन्होंने अंतिम सांस ली। गौरतलब है कि केतन अग्रवाल की हत्या का मामला अभी भी जांच के दायरे में है और पुलिस इस मामले में लगातार कारवाई कर रही है।

इसी बीच परिवार के मुखिया माने जाने वाले देवीचंद अग्रवाल के निधन से अग्रवाल परिवार पर दुखों का एक और पहाड़ टूट चुका है। एक और परिवार अपने बेटे केतन की मौत के न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। वहीं दूसरी [संगीत] ओर परिवार के बुजुर्ग सदस्य के निधन ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। फिलहाल परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में परिवार के साथ मौजूद है और शोक व्यक्त कर रहे हैं।

आइए अब आप देखिए जब केतन की उसी की मंगेतर सिया ने की थी तो दादा ने इस को जाने के बाद क्या कहा था। मेरे बेटे विशाल ने बताई है। लेकिन उसमें से कुछ जो रह गई है वो यह कह कि इन लड़की वालों के हमारे संबंध 35 साल से हैं। इतना प्रेम है।

अब बताओ अगर 35 साल के जो याराला है दोस्ती है। एक जगह बैठते थे और क्या चौकशी करेंगे? इससे ज़्यादा चौकशी कर नहीं सकते। और ये सारा जो खेल है इन सबको परिवार को मालूम था कि बच्ची का किसी के साथ लव है और उसमें सबसे ज्यादा उसके बुआ रेनू और उसके फूफा नरेंद्र इन दोनों का हाथ है। इन दोनों ने ही प्रेस करके रिश्ता लेने को लगाया है। मेरे को 10 टाइम बोला है। तुम चिंता मत करो। बहुत अच्छी लड़की है। बहुत शांत लड़की है। मैं जवाबदार हूं।

और आज क्या जवाबदार है? कोई मुंह भी नहीं बताता। मेरे तड़बड़ है। मेरे बुढ़ापे का सहारा चला गया। मैं विनती करता हूं माननीय जज साहब से भी और मुख्यमंत्री जी से भी। ये जल्दी से जल्दी इसके निर्णय होके इन दोनों को तो कम से कम की सजा हो। बाकी के लोगों को आपके हिसाब से जो बैठती हो ठीक है। लेकिन इन दोनों को लड़के को और लड़की को की सजा हो। उज

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