मोरी छोटी बहन प्रधानमंत्री टाकायची जी यू मी अ ब्यूटीफुल यंगर सिस्टर प्राइम मिनिस्टर मोदी कल्पना कीजिए दो देशों के प्रधानमंत्री आमने-सामने बैठे हैं। चारों तरफ कैमरे हैं। बड़े-बड़े समझौते होने वाले हैं और दुनिया की नजर इस मुलाकात पर टिकी हुई है। ऐसे माहौल में हर कोई उम्मीद करता है कि बातें सिर्फ डिफेंस, ट्रेड और टेक्नोलॉजी की होगी। लेकिन तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ ऐसा कहते हैं जिसने पूरे माहौल को एक अलग ही रंग में रंग दिया। पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाई ताकाईची का स्वागत करते हुए कहा मेरी छोटी बहन प्रधानमंत्री ताकाईची
और मेरी छोटी बहन प्रधानमंत्री ताकाईची जी। यह सुनते ही वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। खुद जापान की प्रधानमंत्री भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सकी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जब जापान की प्रधानमंत्री बोलने के लिए खड़ी हुई तो उन्होंने भी अपनापन के साथ ही जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें सुंदर छोटी बहन कहा है और दोनों नेताओं ने अपनी निजी बातचीत में यह तय किया है कि भारत और जापान के रिश्तों को भाई-बहन के भरोसे और अपनापन के साथ आगे बढ़ाएंगे। आइए जानते हैं दोनों पीएम के बीच में क्या मुद्दे डिस्कस्ड हुए। साथ ही जानेंगे कि कौन है जापान की प्रधानमंत्री सनाय तकाईची। नमस्कार, मैं हूं आदित्य। india.com में आपका स्वागत है। साथियों, दोनों देशों के पीएम के बीच जो बात हुई, असल में यह सिर्फ एक मजाक या हल्काफुल्का पल नहीं था।
यह दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और मजबूत रिश्ते का एक प्रतीक था। भारत और जापान कई सालों से डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट जैसे क्षेत्र में साथ काम [संगीत] कर रहे हैं। इस मुलाकात में भी दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स, क्रिटिकल मिनरल्स, क्लीन एनर्जी और डिफेंस, कोर डेवलपमेंट जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबोधन के पीछे एक निजी बातचीत भी थी। बताया गया है कि प्रधानमंत्री ताकाइची ने दिवंगत जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे को अपने बड़े भाई जैसा बताया था। उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने उन्हें अपनी छोटी बहन कहकर संबोधित किया। अक्सर समझौतों और दस्तावेजों से याद रखी जाती है। लेकिन कभी-कभी एक छोटा सा शब्द भी इतिहास में अपनी जगह बना लेता है। और इस बार भारत जापान शिखर सम्मेलन की सबसे ज्यादा चर्चा किसी समझौते की नहीं बल्कि एक भाई-बहन वाले रिश्ते की हुई। जिसने दुनिया को यह दिखाया कि मजबूत रिश्ते सिर्फ कागजों से नहीं बल्कि भरोसे और सम्मान से बनते हैं।
मेरी छोटी बहन प्रधानमंत्री टाकायची जी दोनों देशों के डेलीगेट्स मीडिया के साथियों नमस्कार कोनीचीवा इंडिया जापान एनुअल समिट के लिए प्रधानमंत्री टाकाई जी का भारत में अपनी पहली यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री भी है और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी है। इतना ही नहीं वे जापान के नारा प्रीफेक्चर से आती है जो भारत जापान की सांचा बौद्ध विरासत का एक बहुत महत्वपूर्ण केंद्र है। साथियों अब बात करते हैं सनाय ताकाइची के बारे में जो जापान के इतिहास में पहली महिला प्रधानमंत्री बनी हैं। सनाय ताकायची जापान में नारा प्रीफेक्चर इलाके से बिलोंग करती हैं जो कि भारत और जापान के बौद्ध मान्यताओं के बहुत ही ज्यादा जरूरी जगहों में से एक है। राजनीति में आने से पहले उनकी पहचान एक मशहूर पत्रकार की रही है। जानकार उन्हें एक ऐसी महिला मानते हैं जिन्होंने उस देश की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभाली।
जहां लंबे समय तक राजनीति में पुरुषों का दबदबा रहा है। लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। आज लोग उनकी पहचान सिर्फ जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में नहीं करते बल्कि एक ऐसे नेता के रूप में भी करते हैं जो अपने देश के भविष्य के लिए बड़े फैसले लेने से नहीं डरती। उनका फोकस नई टेक्नोलॉजी, मजबूत अर्थव्यवस्था और अपने देश की सुरक्षा को बेहतर बनाना [संगीत] है। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह मानी जाती है कि वह अपने काम को पूरी ईमानदारी और पूरी तैयारी के साथ करती हैं। यही वजह है कि कम समय में उन्होंने लोगों का भरोसा जीता और उनकी लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी। साथ ही सनाएं प्रो इंडिया पॉलिसी के लिए भी जानी जाती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक उनका कार्यकाल भारत और जापान के लिए बेहद खास होने वाला है। तो साथियों जापान की पीएम को लेकर यह थी हमारी खास पेशकश। इस टॉपिक को लेकर आप क्या सोचते हैं? कमेंट करके हमें जरूर बताएं। बने रहिए india.com के साथ। शुक्रिया।