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सिया गोयल से भी भयानक कांड, इन दोनो बहनो की करतूत जान रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

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23 जून की सुबह गाजियाबाद की ट्रोनिका सिटी का बंद कमरा। बाहर सब कुछ सामान्य था। लेकिन उस चार दीवारी के भीतर लिखी जा रही थी मौत की एक ऐसी खौफनाक स्क्रिप्ट जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाए। एक ऐसा जिसे का रूप देने के लिए शातिर दिमाग ने हर मोहरा सलीके से चला लेकिन गुनाह चाहे कितना भी परफेक्ट क्यों ना हो कानून के हाथों से बच नहीं पाता।

पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज हत्याकांड की परतों को उधेड़ कर रख दिया। दो महिलाएं सलाखों के पीछे हैं और जो सच सामने आया है वो किसी डार्क वेब सीरीज के क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है। इस खूनी खेल की शुरुआत होती है 29 जून को टोनिका सिटी के रहने वाले समीर खान उर्फ़ नासिर ने थाने पहुंचकर एक तहरीर दी। तहरीर थी अपने भाई जाकिर की की। पुलिस ने तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएएस की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया और तफ्तीश की सुइयां तेजी से घूमने लगी।

पुलिस टीम ने बिना वक्त गवाए सर्वििलांस सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल इनपुट का एक ऐसा चक्रव्यूह गुना जिसमें दो सगी बहनें आकर फंस गई। आरोपी किरण निवासी छोटी सराय बुलंदशहर और उसकी सगी बहन कशिश निवासी रिठावली बुलंदशहर को पुलिस ने ध दबोचा और जब उनकी निशानानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया सामान बरामद हुआ तो पूरी साजिश बेनकाब हो गई। इतना नहीं पुलिस कस्टडी में बैठी मुख्य आरोपी किरण ने जब मुंह खोला तो सस्पेंस से पर्दा उठा। किरण पिछले 8 9 महीनों से जाकिर के साथ पूजा कॉलोनी में लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी।

उस घर में किरण के साथ उसकी 13 साल की बेटी और दो बेटे भी रहते थे। पूछताछ में किरण ने बताया कि उसे एक भयानक शक था। शक यह था कि जाकिर उसकी नाबालिक बेटी पर गलत नजर रखता है। बस इसी एक शक ने किरण के भीतर एक कातिल को जन्म दे दिया। उसने करीब 20 दिन पहले अपनी सगी बहन कशिश को बुलंदशहर से गाजियाबाद बुला लिया।

दोनों बहनों ने मिलकर बंद कमरे में जाकिर को रास्ते से हटाने का एक खौफनाक प्लान तैयार कर लिया। 23 जून की सुबह साजिश के पहले हिस्से के तहत जाकिर के ही मोबाइल से एक Ola कैब बुक की गई और बच्चों को घर से बाहर भेज दिया गया। अब घर में सिर्फ तीन लोग थे जाकिर, किरण और कशिश। जैसे ही मौका मिला किरण ने एक भारी डंडे से जाकिर के सिर पर जोरदार वार किया। जाकिर संभल नहीं पाया और बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद दोनों बहनों ने मिलकर एक गमचे से जाकिर का गला तब तक घोटा जब तक कि उसकी सांसे हमेशा हमेशा के लिए थम नहीं गई। मौत पक्की होने के बाद शुरू हुआ खेल का दूसरा हिस्सा सबूतों को मिटाना और पुलिस को गुमराह करना।

दोनों बहनों ने हत्या में इस्तेमाल किए गए डंडे को छत पर पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया। इसके बाद मर्डर को सुसाइड दिखाने के लिए उन्होंने उसी गमछे को पंखे से बांधकर आत्महत्या का एक फर्जी दृश्य तैयार किया। साजिश यहीं खत्म नहीं हुई। किरण ने अचानक शोर मचाया। जाकिर के भाई को फोन कर रोते हुए आत्महत्या की झूठी कहानी सुनाई और खुद जाकिर को अस्पताल लेकर भी गई ताकि किसी को कोई शक ना हो। थाना टोनिका सिटी द्वारा एक हत्या की घटना का नावरण करते हुए इसमें घटना कारित करने वाले दो अभियुक्ताओं को गिरफ्तार किया गया है तथा इनके पास से आला कत्ल डंडा एवं गमछा भी बरामद किया गया है। इस मृतक का नाम जाकिर है जो मूल रूप से रामपुर का निवासी है। दिनांक 23 से 26 को सुबह में दो अभियुक्ताओं किरण एवं कशिश ने पहले डंडे से सिर पर वार करके जब वो बेहोश हो गया उसके बाद गमछे से उसका गला उसकी कर दी थी और उसके बाद वहां से फरार हो गए थे। हत्या करने की वजह क्या हुई? जब इनसे पूछताछ की गई तो यह पूरा प्रकरण ज्ञात हुआ है कि ये जाकिर और किरण लिव इन रिलेशन में रह रहे थे। सबसे पहले गौतम बुद्ध नगर में किराए के मकान में आसपास में रहते थे। तब उनकी दोस्ती हुई थी।

उसके उपरांत उसके उपरांत यहां पर पूजा कॉलोनी क्षेत्र में यह लोग लिव इन रिलेशन में रहने लगे थे। उसके उपरांत दिनांक 23626 को यह एक घटना कारित हुई है। अभियुक्ता से पूछताछ पे यह ज्ञात हुआ है कि अभियुक्ता के बयानों से और और भी जो हमारे जो सर्विलेंस और चीजों से जब इनकी गिरफ्तारी हुई तो काफी चीजें जानकारी करने पे यह ज्ञात हुआ कि अभियुक्ता की एक बेटी थी जो 13 वर्षीय हैं।

उस पर भी यह अह यह ज्ञात हुआ है कि गलत नजर रखता था। तो इन बातों को लेकर इनमें आपस में झगड़ा हुआ था। 236 की सुबह में उसने इस अभियुक्ता किरण ने अपनी बहन कशिश को जो कि पहले से प्लानिंग करके 20 दिनों पूर्व ही बुला लिया था सिर पर वार किया जिससे वो बेहोश हो गया।

उसके उपरांत उसके उपरांत वो गमछे से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी और फिर दोनों वहां से फरार हो गए थे। इसके बाद काफी काफी जानकारी जुटाने के बाद कल वादी के वादी के जो भाई हैं समीर खान वो थाने पर आए और उन्होंने तहरीर दी है। उसके उपरांत अभियोग पंजीकृत किया गया और इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी हुई है जिसमें स्ट्रेंगुलेशन होना पाया गया। अब दोनों बहनों को लगा था कि उनका यह परफेक्ट मर्डर कभी पकड़ा नहीं जाएगा और अस्पताल से लेकर घर तक उन्होंने जो सुसाइड की कहानी रची थी उसे पुलिस की गहन जांच ने ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया। आज जाकिर की मौत का वह गमछा और डंडा पुलिस के कब्जे में है और लिव इन पार्टनर अपनी बहन के साथ सलाखों के पीछे अपनी बारी का इंतजार कर रही है।

गाजियाबाद के इस सनसनीखेज कांड का चैप्टर फिलहाल बंद हो चुका है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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