यूरोप के लोग नदियों में कूद रहे हैं। लेकिन यह क्यों कूद रहे हैं, उसकी वजह आपको हैरान कर देगी। दरअसल, इस बार यूरोप में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यूरोप के 800 शहरों में आग बरस रही है। लोग रात में सड़कों पर सोने के लिए मजबूर हो गए हैं क्योंकि अमूमन यूरोपीय घरों में पंखे तक नहीं होते। इन लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि यूरोप में तापमान 45° तक पहुंच जाएगा। आपको बता दें कि ऐसी ही भयंकर गर्मी भारत में भी पड़ी थी। उस दौरान यूरोप, अमेरिका और चीन जैसे देशों ने पीएम मोदी को हटाने के लिए गर्मी का सहारा तक ले लिया। लेकिन अब मामला उल्टा पड़ गया है।
बढ़ती गर्मी का नाम लेकर किस तरह से पीएम मोदी का अपमान किया गया था, वह इस वीडियो में हम आपको आगे बताएंगे। लेकिन उससे पहले देखिए कि पीएम मोदी का अपमान करने वाले लोगों का क्या हाल हो गया है। यूरोप में गर्मी के चलते 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। स्पेन में 327, फ्रांस में 58 और यूनाइटेड किंगडम्स में 21 लोग मारे जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों की मौत पानी में जाने की वजह से हुई है। इसी बीच यूरोपियन कमीशन के 13 फ्लोर्स वाले मुख्यालय से एक होश उड़ा देने वाली खबर आई है। हीट वेव की वजह से इस बिल्डिंग में पहले फ्लोर से लेकर सातवें फ्लोर तक एयर कंडीशनिंग को बंद कर दिया गया है क्योंकि पहले फ्लोर से लेकर सातवें फ्लोर तक जूनियर अधिकारी काम करते हैं। आठवीं से 13वीं मंजिल तक एसी चालू रखा गया है
ईक्योंकि यहां पर सीनियर अधिकारी बैठते हैं। आप ही देखिए कि यूरोप के लोग किस तरह का भेदभाव करते हैं और ज्ञान भारत को देते हैं। बहरहाल अब असली कहानी पर आते हैं। यूरोप की गर्मी को तो अलनीनो इफेक्ट बताकर पेश किया जा रहा है। लेकिन जब यही अलनीनो इफेक्ट भारत पर दिखा था तो उसके लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार बता दिया गया था। दरअसल यूरोप चीन और अमेरिका से एक नैरेटिव चलाया गया कि भारत में गर्मी इसलिए बढ़ रही है क्योंकि भारत में विकास प्रोजेक्ट्स के नाम पर पेड़ काटे जा रहे हैं। विदेश के इस नैरेटिव को भारत में कांग्रेस पार्टी समेत कई वामपंथियों ने आगे बढ़ाया। दरअसल इस पूरे षड्यंत्र के पीछे भारत का ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट था। भारत का ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट दुनिया के सबसे रणनीतिक प्रोजेक्ट्स में से एक है। ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट भारत को समंदर का राजा बना सकता है।
ग्रेट निकोबार उस मलक्का स्टेट के पास स्थित है जहां से दुनिया का 30 से 40% कंटेनर ट्रैफिक गुजरता है। चीन का 80% सामान भी इसी रूट से जाता है। लेकिन भारत के इसी प्रोजेक्ट को रुकवाने के लिए चीन, अमेरिका और यूरोप से एक बड़ा नैरेटिव चलाया गया। बताया गया कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट की वजह से हजारों पेड़ काटे जाएंगे। भारत में गर्मी बढ़ जाएगी। भारत का वातावरण खराब हो जाएगा। नैरेटिव चलाने वाले लोगों ने कहा कि पीएम मोदी विकास के नाम पर पेड़ कटवा रहे हैं। जिसकी वजह से भारत में गर्मी बढ़ती जा रही है। यानी भारत में कुछ हो उसका जिम्मेदार पीएम मोदी को बता दिया जाता है। लेकिन जिन लोगों ने भारत [संगीत] में गर्मी का कारण पीएम मोदी को बताया था। आज गर्मी के कारण वही लोग नदियों में कूद रहे हैं और दुख की बात है कि मर भी रहे हैं। [संगीत]