सुनिए जरा मुझे रिपोर्ट लिखवानी है। मैडम बस सामने ही है। सामने वाले ऑफिस में थाना इंचार्ज बैठे हैं। आप वहां चले जाइए। आप ही थाना इंचार्ज हैं? हां। बोलिए क्या काम है आपको? मुझे एक रिपोर्ट लिखवानी है। रिपोर्ट लिखवाने के लिए बाहर जाइए।
काउंटर पर इंस्पेक्टर है। वहीं जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाइए। देखिए सर। आप यहां के सीनियर अधिकारी हैं और मामला बहुत गंभीर है इसलिए आपको ही मदद करनी होगी। मेरी ए लड़की तुझे सुनाई नहीं देता क्या? मैंने कहा बाहर इंस्पेक्टर तुम्हारी रिपोर्ट लिख लेगा। अब दिमाग मत खाओ।
जाओ यहां से। अगर इस थाने में तुम्हें रिपोर्ट लिखवानी है तो कीमत चुकानी होगी। बोलो पैसे हैं तुम्हारे पास मुझे देने के लिए। क्या बात कर रहे हैं आप? रिपोर्ट लिखवाने के पैसे लगेंगे। यहां पर कोई इंसाफ दिलाने का बिजनेस चल रहा है क्या? नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है। तो क्यों मना कर रहे हैं आप?अरे तुम्हें अपनी रिपोर्ट लिखवानी है या नहीं? यहां तो ऐसे ही होता है। हमारे भी तो खर्चे होते हैं। देखो तुम मेरा समय बर्बाद मत करो।
अगर पैसे नहीं है तो जाओ। अगर हैं तो रिपोर्ट लिखी जाएगी। बोलो क्या करना है? मेरे पास कैश नहीं है। फोन से पेमेंट करूंगी। [संगीत] ये लो इसमें पैसे भेज दो। [संगीत] हां ठीक है। पैसे तो मिल गए। अब बोलो डिटेल बताओ किसके खिलाफ रिपोर्ट लिखनी है? यहां पास में जो मार्केट है वहां पर एक पुलिस वाला लोगों से हफ्ता वसूली करता है। उसका नाम बैच पे लिखा था।
संजय राणा। अच्छा तो आप उसे जानते हैं? मैं बता रही हूं उसने मुझ पर हाथ उठाया और मेरे साथ मारपीट की और बहुत बदसलूकी की। मैंने अपनी आंखों से देखा है कि कैसे वह गरीब लोगों के ठेले से फ्री में फल और सब्जियां लेता है बिना पैसे दिए। मैं चाहती हूं उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में कभी वो किसी परेशान ना कर पाए। अरे वो तो एक अच्छा आदमी है। संजय राणा हमारे थाने का जांबाज इंस्पेक्टर है। एम बेचारा इतनी कड़ी धूप में मार्केट के लोगों की सेवा करता है। देखिए इतनी मेहनत करने के बाद अगर लोग उसे थोड़ा बहुत खाने पीने की चीजें दे देते हैं। तो इसमें बुराई क्या है? और मुझे पूरा विश्वास है वह किसी भी गरीब के साथ जबरदस्ती नहीं करता। लोग उसे अपनी मर्जी से कुछ भी देते हैं।
लेकिन मैंने देखा है। मुझे लगता है आपसे कुछ गलतफहमी हुई है। और रही बात हाथापाई की। हां तो मैं उससे सॉरी कहलवा दूंगा। ठीक है। ठीक है। आप इंसाफ नहीं दिलाएंगे ना मुझे। कोई बात नहीं। अब एक तूफान आने वाला है यहां। तैयार रहिएगा। जब बड़े अधिकारी का यह हाल है तो छोटे-छोटे पदों पर जो पुलिस हैं उन्होंने तो और भी जीना मुश्किल कर रखा होगा। अब देखना एक-एक करके सिस्टम में बैठे बेईमानों को कैसे मैं निकाल फेंकती हूं। क्या रही हो बेटी? जाओ और उन्हें याद दिला देना कि कानून किसी की जागीर नहीं है। हर गुनहगार को उसकी सजा जरूर मिलती है। चलो निकलते हैं। तुम तो वही लड़की हो जो अभी कुछ देर पहले रिपोर्ट लिखवाने आई थी।
अब यह कौन सा नया नाटक है? इस तरह तुम पुलिस की वर्दी का अपमान तुम्हें इसके लिए गिरफ्तार भी कर सकता हूं। अच्छा तो तुम मुझे गिरफ्तार करोगे मगर उस संजय को गिरफ्तार नहीं कर सकते। पढ़ो सब पता चल जाएगा।आईपीएस मैडम मुझे माफ कर दीजिए। हम आपने पहले अपने बारे में बताया क्यों नहीं? तुमने और इस खाकी वर्दी का अपमान किया है। कितना भी रो लो, गिड़गिड़ा लो लेकिन तुम्हारे किए की तुम्हें माफी नहीं मिलने वाली। बात आई समझ में? राजेश तुम जल्दी इसका सस्पेंशन लेटर टाइप करो। यह तुम्हारा सस्पेंशन लेटर है। कल से तुम्हें ड्यूटी पे आने की जरूरत नहीं है। कान खोल के मेरी बात सुन लो। मैं यहां की नई आईपीएस हूं। मुझे रिश्वत लेने वाले वाले लोग बिल्कुल पसंद नहीं है। ध्यान रहे इस बात का। मुझे संजय इंस्पेक्टर के बारे में बताओ। कहां मिलेगा वो? जो लोगों से पैसे वसूली करता है।
मैडम वो रोज की तरह मार्केट में ही गया होगा। उसके सिवा वो कहीं नहीं जाता। हां रोज की तरह। हमें सच बताओ। वो रोज वहां जाता है मैडम। रुको। यहीं साइड में लगा दो। संजय राणा आज तो तू [संगीत] गया। बहुत पाप का पैसा कमा लिया। आज बचने वाला नहीं है तू मुझसे। [संगीत] तुम जाओ उसे पुलिस वाले को पकड़ कर मेरे पास लेकर आओ। आज उसकी सारी हेकड़ी निकाल दूंगी। जी मैडम। चल। बहुत बेईमानी का खा लिया। एसपी मैडम बुला रही है तुझे। क्या कहा? एसपी मैडम। अरे छोड़ दे। थोड़ी बहुत तो इज्जत रख मेरी। क्या सोचेंगे ये लोग मुझसे जो डरते थे? मैडम मैडम गलती हो गई। उस दिन आपको पहचानने में भूल हो गई। माफ कर दीजिए। तुझे तेरे कर्मों की सजा जरूर मिलेगी। गरीबों पर बहुत जुल्म किए हैं तूने।
मुझे बस एक मौका दे दीजिए। मैं सुधर जाऊंगा। आगे से यह गलती दोबारा नहीं होगी। मुझे माफ कर दीजिए। माफी की उम्मीद मत। तूने बहुत लोगों पर जुल्म किए हैं और मुझ पर हाथ उठाने की भी कीमत चुकानी होगी। यह उसी की सजा है। अब सुन तू भी इस मार को याद रखियो। समझा हरामखोर कानून का बहुत दुरुपयोग किया इस कमीने ने। ले जाओ इसे और लॉकअप में बंद कर दो। इस पुलिस वाले ने आप लोगों पर बहुत अत्याचार किए जिसकी सजा मैंने इसे दे दी जनता के सामने ताकि पुलिस पर से लोगों का विश्वास ना उठे।
अगर भविष्य में कोई ऐसी हरकत करे तो आप लोग को डरना नहीं है। नजदीकी पुलिस थाने में जाकर उसकी शिकायत जरूर करें। कानून सबके लिए बराबर है। यह कहानी हमें सिखाती है कि अन्याय कितना भी बड़ा हो, सच और न्याय की जीत आखिर में जरूर होती है। पूरी सूचना।