इनसे तो बेहतर इंडिया का मुल्क है। हम उनसे अगर हाथ मिला लें तो पाकिस्तान की फोर्स ने जाके हमारे कश्मीर में खून की होली खेली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओजेके में इस समय हालात पूरी तरह काबू से बाहर हो चुके हैं। इस्लामाबाद की दमनकारी नीतियों के खिलाफ वहां की जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और यह जन आंदोलन लगातार 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है। रावलकोट के इर्दगाह मैदान से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसने पूरे पाकिस्तान के हुक्मरानों की नींद उड़ा दी है।
लाखों लोग सड़कों पर उतर आए जिसे हाल के सालों का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। आवामी एक्शन कमेटी की अगुवाई में चल रहे इस आंदोलन को दबाने के लिए सरकार ने भारी पाबंदियां लगाई। सुरक्षा बल तैनात किए लेकिन जनता का सैलाब नहीं रुका। लोगों ने आंदोलन के दौरान यहां तक कह दिया कि हमें भारत में शामिल हो जाना चाहिए। कई लोग पाकिस्तान से आजाद होने के नारे तक लगा रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा माजरा। नमस्कार,
मैं हूं आदित्य इंडिया.com में आपका स्वागत है। इस बार के आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत वहां की महिलाएं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरर्स बन चुके हैं। सोशल मीडिया पर लोकल इन्फ्लुएंसरर रनीमा शाजमा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी सेना और सरकार की तो धज्जियां उड़ा दी हैं। रनीमा ने कैमरे के सामने सीधे कहा कि पाकिस्तानी सेना आम नागरिकों पर जुल्मो सितम ढहा रही है। लोग दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं। इससे अच्छा तो हम भारत के साथ हाथ मिला लें। जब भी पाकिस्तान पे बुरा वक्त आया, हमारे कश्मीरियों ने आवाज उठाई। लेकिन हम पूर अमन एतजाज कर रहे थे।
अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है। मुझे पूरा अमन एतजाज कर रहे थे। पाकिस्तान की फोर्स ने जाके हमारे कश्मीर में खून की होली खेली। पाकिस्तान की फौजियों ने जाके हमारे बच्चों को शहीद किया। पाकिस्तान की पुलिस ने जाके शदादत किया। और पाकिस्तान की पुलिस ने पाकिस्तान की आर्मी ने जाके हमारे घरों में चोरियां की। हमारी शॉपे लूटी ताजर भाइयों की और हमारे पेट्रोल पंप लूटे। हमारे बच्चों पे शेलिंग की हमारे बच्चों को गोली का निशाना बनाया। यह फिर हमारा हमदर्द मुल्क कैसे हो सकता है? इनसे तो बेहतर इंडिया का मुल्क है। हम उनसे अगर हाथ मिला लें तो ज्यादा बेहतर है। सन 1948 से चल रहे दमन के खिलाफ अब कश्मीरी जनता झुकने को तैयार नहीं है। प्रदर्शनकारी रैलियों और रोड शोज़ पर आजादी के नारे लगा रहे हैं और पाकिस्तान के कब्जे का विरोध कर रहे हैं। साथियों, आपको बताते चलें कि जिओके भारत का अविन हिस्सा है जिसे कश्मीरी महाराजा के राज्य पर कबीलाइयों से हमला करवा कर पाकिस्तान ने जबरन कब्जा कर रखा है। भारतीय सेना ने उस वक्त भी पाकिस्तानियों के दांत खट्टे कर दिए थे।
लेकिन यूएन के सीज़ फायर की वजह से यह इलाका पाक के कब्जे में ही रह गया था। कई जानकार कह रहे हैं कि पीओके के लोग पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं। यह वक्त नहीं फिर आएगा। अपनी करनी कर गुजरो जो होगा देखा जाएगा। प्रदर्शन में कई बार उन्होंने पाकिस्तान से अलग होने का ऐलान भी कर दिया है। वहीं कई लोग पाकिस्तान से छुटकारा पाकर भारत में शामिल होना चाहते हैं। इस आंदोलन की बात करें तो तीन हफ्ते बीत चुके हैं। लेकिन यह खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। साथ ही पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त पीओके पर टिकी हैं। तो क्या पाकिस्तान का यह हिस्सा अब उसके हाथ से निकलने वाला है? इस ऐतिहासिक आंदोलन पर आपकी क्या राय है? कमेंट करके हमें जरूर बताएं। बने रहिए india.com के साथ। शुक्रिया।