यार आज अगर हम शाहरुख खान को बॉलीवुड का सबसे बड़ा सुपरस्टार कहते हैं तो उसकी असली वजह सिर्फ पठान या जुबान नहीं है। उसकी वजह एक ऐसा फैसला है जो शायद किसी सुपरस्टार के बस की बात ही नहीं है। क्योंकि ये कहानी 2023 की नहीं बल्कि ये कहानी 2018 से शुरू होती है। उस साल जब शाहरुख खान की ज़ीरो रिलीज़ हुई और उसके बाद [संगीत] पूरा बॉलीवुड पूरा मीडिया यहां तक कि उनके अपने फैंस भी पहली बार डर गए थे। ज़ीरो सिर्फ फ्लॉप नहीं हुई थी। जीरो ने शाहरुख खान की इमेज पर सवाल खड़े किए थे।
लोग खुलकर कहने लगे थे कि शाहरुख खान का खत्म हो चुका है। सोशल मीडिया पर मींस बन रहे थे। क्रिटिक्स कह रहे थे कि अब आउटडेटेड हो चुके हैं शाहरुख खान। कुछ लोग तो यहां तक बोलने लगे थे कि अब बॉलीवुड में सलमान खान, अक्षय कुमार और आमिर खान का दौर है और शाहरुख खान बहुत पीछे छूट चुके हैं। और सच बताऊं तो उस समय से यह बातें गलत नहीं लग रही थी। सलमान उस समय रेस 3 के बावजूद अपनी पॉपुलैरिटी के दम पर टाइगर 3 और बाकी प्रोजेक्ट्स की तैयारी कर रहे थे। उनके फैंस का क्रेज कम ही नहीं हो रहा था। ईद रिलीज़ मतलब सलमान खान माना जाता था। अक्षय कुमार शायद अपने करियर के सबसे प्रोडक्टिव फज़ में थे। हर तीन-चार महीने में एक नई फिल्म आ जाती थी। केसरी, मिशन मंगला सुरफोल, गुड न्यूज़, सूर्यवंशी, बेलबोटम है ना बच्चन पांडे, सम्राट पृथ्वीराज। ऐसा लग रहा था कि बॉलीवुड में अगर कोई सबसे ज्यादा सुपर एक्टिव स्टार है, सुपरस्टार है तो वो अक्षय कुमार। दूसरी तरफ आमिर खान भी लगे हुए थे अपने ड्रीम प्रोजेक्ट लाल सिंह चड्डा पर काम करने। वो बात अलग है कि वो फ्लॉप हो गई।
परफेक्शनिस्ट वाली इमेज थी उस टाइम पर। अभी तक कायम थी वो। लोगों को उम्मीद थी कि दंगल के बाद आमिर खान आएंगे तो मास्टरपीस देकर ही जाएंगे। मतलब तीनों में से दो खान और अक्षय अपनी-अपनी रेस में लगे हुए थे। लेकिन शाहरुख खान वो कहीं थे ही नहीं यार। ना कोई फिल्म का अनाउंसमेंट था, ना कोई रिलीज था, ना कोई इंटरव्यू थे, ना कोई रेस थी। शाहरुख खान ने वो किया जो शायद पिछले 30-40 सालों में किसी बड़े सुपरस्टार ने नहीं किया। उन्होंने खुद को गायब कर दिया। पूरा बॉलीवुड भाग रहा था और शाहरुख खान रुक गए। सोचो एक एक्टर जिसके ऊपर हजारों करोड़ के ब्रांड टिके हुए हैं जिसकी फैंस पूरी दुनिया में हो जो लगातार फ्लोप दे रहा हो उसके लिए चार-प साल फिल्म ना करना कितना बड़ा रिस्क था क्योंकि बॉलीवुड में एक डर हमेशा रहता है कि ऑडियंस बहुत जल्दी भूल जाती है। राजेश खन्ना को ऑडियंस ने भुला दिया था। गोविंदा का दौर खत्म हो चुका था। सनी देओल अभी भी कई सालों तक गायब रहे गदर 2 लेकर आए। चमत्कार हुआ लेकिन सनी देओल कभी ग्लोबल सुपरस्टार नहीं थे। जिस लेवल पर अक्षय कुमार हैं। अमिताभ बच्चन भी 90ज में फाइनेंशियल प्रॉब्लम और फेलियर्स के बाद नीचे गए थे। लेकिन उन्होंने टीवी कैरेक्टर रोल के जरिए खुद को रीइनेंट कर लिया। लेकिन शाहरुख खान जैसा केस शायद किसी इंडियन सिनेमा में इससे पहले कभी किसी ने नहीं देखा। एक ऐसा सुपरस्टार जो अपने करियर के सबसे बुरे फेस में हो और फिर खुद ही 4 साल के लिए डिसअपीयर हो जाए तो पागलपन लग रहा था मुझे। लेकिन एसआर के उस समय सिर्फ आराम नहीं कर रहे थे। वो ऑब्जर्व कर रहे थे।
वो समझ रहे थे कि दुनिया बदल चुकी है। ओटीटी आ चुका है। ऑडियंस बदल चुकी है। सोशल मीडिया का दौर शुरू हो चुका है। अब सिर्फ स्टार पावर से फिल्में नहीं चलेंगी। अब ऑडियंस एक्साइटमेंट खरीदती है। अब एसआरके को समझ में आ गया था कि हर साल फिल्में करते रहे ना तो बाकी सारे स्टार्स की तरह कंटेंट मशीन बन जाएंगे। यही शाहरुख खान ने क्वांटिटी छोड़कर रियलिटी को चुना और यही उनका मास्टर स्ट्रोक था। क्योंकि जिस समय अक्षय कुमार हर साल चार फिल्में कर रहे थे। एसआर के एक भी फिल्म नहीं कर रहे थे। जिस समय सलमान लगातार ईद रिलीज़ दे रहे थे। उनकी प्लानिंग कर रहे थे। एसआर के चुपचाप स्क्रिप्ट सुन रहे थे। जिस समय आमिर लाल सिंह चड्ढा में बिजी थे। एसआर के फ्यूचर की प्लानिंग कर रहे थे। उन्होंने साउथ को राइज़ होते हुए देखा। उन्होंने पुष्पा, केजीएफ, आरआरआर का इंपैक्ट देखा। उन्होंने समझ लिया कि ऑडियंस अब सिनेमा चाहती है और शायद पहली बार एसआरके ने अपने ईगो से ज्यादा ऑडियंस की डिमांड कोेंस दिया। 90ज का रोमांटिक हीरो एक्शन स्टार बनने जा रहा था। उसने सिद्धार्थ आनंद के साथ पठान को चुना। उसने एटली के साथ जवान साइन की। उन्होंने राजकुमार ईरानी के साथ डंकी बनाई। मतलब एक तरफ स्पाई यूनिवर्स, दूसरी तरफ साउथ मास डायरेक्टर और तीसरी तरफ कंटेंट सिनेमा। यह सिर्फ फिल्म नहीं थी। यह एक प्लानिंग थी और इस प्लानिंग के दौरान शाहरुख खान लगातार अपनी कंपनी रेड चिल्ली एंटरटेनमेंट को भी मजबूत कर रहे थे। वीएफएक्स टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे थे। बिज़नेस एक्सपेंड हो रहा था। टीम कोलकाता नाइट राइडर्स अपने गोल्डन फेस में जा रही थी। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड हो रहा था। आर्यन खान कंट्रोवर्सी का सामना करना पड़ा।
लेकिन इस सबके बीच शाहरुख खान जल्दबाजी नहीं कर रहे थे। और शायद यही वजह है बाकी सारे स्टार्स से उन्हें अलग बनाती है क्योंकि बॉलीवुड में जब किसी एक्टर की दो फिल्में फ्लॉप हो जाती है तो वो पैनिकिक करने लग जाता है। फिल्म सही करने से पहले डेट्स बनने लग जाते हैं देखने लग जाते हैं कि भैया मेरी फिल्म चलेगी कि नहीं चलेगी 50 लोगों को बैठा दिया जाता है। 50 मैनेजर रख लिए जाते हैं। लेकिन एसआरके ने पेशेंस नहीं खोया। उन्होंने पेशेंस दिखाया। पेशेंस का रिवॉर्ड 2023 में मिला। पठान रिलीज़ हुई बॉयकॉट ट्रेंड चले। मीडिया नेगेटिव हेडलाइंस चला रहा था। लेकिन ओपनिंग पेपर सब कुछ बदल जाता है। थिएटर स्टेडियम बन जाता है। लोग नाच रहे थे, पटाखे फूट रहे थे। फैंस 4 साल से आदमी का इंतजार कर रहे थे। वापस आ चुका था। पठान ने 1000 करोड़ से ज्यादा कमाया लेकिन असली शौक अभी भी बाकी था क्योंकि 7 महीने बाद जवान आए और जवान सिर्फ हिट नहीं हुई। उसने एसआरके को नए लेवल पर पहुंचा दिया। अब शाहरुख खान सिर्फ बॉलीवुड का सुपरस्टार नहीं था। वो नॉर्थ साउथ डिवाइड से ऊपर जा चुके थे। है ना? अब मास ऑडियंस भी एसआरके की थी और क्लास ऑडियंस भी एसआरके की थी। सब कुछ एसआरके का था। सिंगल स्क्रीन थिएटर्स में भी एसआरके थे। सबसे दिलचस्प बात यह सब उस आदमी ने किया था जिसे 2018 में कहा जा रहा था कि ये खत्म हो चुका है। उधर अक्षय ने लगातार रिलीज़ करके एक्साइटमेंट देना बंद कर दिया। क्वांटिटी ज्यादा हो गई तो वो गायब हो गए। अभी भूत बंगला आई थी वो भी फ्लॉप हो गई। सलमान का क्रेज भी ओकेओके है। फिल्मों का इंपैक्ट पहले जैसा नहीं रहा। टाइगर थ्री से लेकर सिकंदर तक सब फ्लॉप होता चला गया। आमिर की लाल सिंह चड्डा कब फ्लॉप हुई उन्हें खुद नहीं पता चला। बस हो गई। एक्सपेक्टेशंस पर खरी नहीं उतरी। वो भी ब्रेक पर चले गए और वापस आए तो सितारे जमीन लेकर वो भी फ्लॉप हो गई। उनसे अच्छा काम तो उनकी एक्स वाइफ कर रही है किरण राव। लापता लेडीज जैसी वो भी कम बजेट में। हम सबको देकर चली गई और लोगों ने उसे बहुत पसंद किया। सोशल मीडिया पर वायरल थी ये मूवी। मतलब जब बागी स्टार्स लगातार ऑडियंस को कंटेंट दे रहे थे, एसआर के ऑडियंस का इंतजार कर रहा था और कभी-कभी इंतजार सबसे महंगी चीज बन जाता है। यही वजह है कि पठान सिर्फ फिल्म नहीं जवान सिर्फ फिल्म नहीं ये सिर्फ इवेंट बन गए।
और ये वो मास्टर स्ट्रोक था जिसने सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार को पीछे छोड़ दिया। क्योंकि शाहरुख खान ने ऑडियंस को फिल्म नहीं बेची। उन्होंने एक्साइटमेंट बेची, एंटीिसिपेशन बेचा, रियलिटी बेची। [संगीत] इतिहास गवाह है। रेयर चीजें हमेशा कीमती हो जाती हैं। 4 साल तक गायब रहना आसान नहीं था। लेकिन शाहरुख खान जानते थे कि कभी-कभी जीतने के लिए दौड़ना नहीं पड़ता, रुकना पड़ता है और यही रुकना उनके करियर का सबसे बड़ा मास्टर स्टॉक बन गया क्योंकि 2023 में शाहरुख खान सिर्फ कमबैक नहीं कर रहे थे। उन्होंने पूरी इंडस्ट्री को मैसेज दिया कि वो सुपरस्टार थे, सुपरस्टार हैं और सुपरस्टार रहेंगे। और ये सब खत्म होने के बाद अब वो किंग लेकर आ रहे हैं अपनी बेटी सुहाना के साथ। इसका भी वैसे वेट हो रहा है। देखते हैं पठान की तरह हिट होती है या फिर जीरो की तरह फ्लॉप। मैं नेक्स्ट वीडियो में मिलूंगी। तब तक तुम चैनल को सब्सक्राइब कर लेना। वीडियो को लाइक और शेयर कर लेना और प्लीज बेल आइकॉन दबाना मत भूलना।