एक घर में खुशियों का माहौल है और ऐसे में सुबह 10:30 बजे एक फोन आता है अपने बेटे के हादसे के बारे में। क्या हुआ था उस दिन? कितने कितने बजे निकला था केतन? क्या बोल के निकला? केतन एक सरप्राइज़ देने के लिए सिया को जा रहा था।
सुबह निकला वो 8:20 को। वो मेरे को सब बोल के गए। मम्मी हम ट्रैकिंग पे जाएंगे। फिर हम लोग लंच करेंगे और शाम तक मैं घर पे आ जाऊंगा। तो वो एक्चुअली जाता था तो मुझे कॉल भी करने का था, करता भी था, बताता भी था, कुछ भी किया तो सब बताता मेरे से बात और भी बात वो शेयर भी करने का तो हां बोल रहा क्योंकि वो सरप्राइज देना चाहता था बर्थडे के लिए इसलिए गया था वो। क्या क्या सरप्राइज था?
वो अभी सियापा पहले फोर्ट पे घुमाने वाला था। बाद में उसको लंच पे लेके जाने वाला था। उसके लिए सरप्राइज प्लानिंग किया हुआ था उसने। बोट के कौन सिया बता रही थी फोर्ट पे जाना है कि केतन बोला सिया ने पहले फोर्स किया है उसको। सिया ने फोर्स किया उसको फोर्ट पे चलने के लिए। नहीं ये पहले पहले एक बार भी पहले हां पहले दो-तीन बार ये गए हुए हैं फोर्ट पे।
अभी सिया ने फोर्स किया था उस दिन जाने के लिए। उसको चलने के लिए रिश्तेदारी की बात हुई रिश्ता जोड़ने की बात हुई तो घर का बैकग्राउंड लड़की कैसी है यह पूछा गया हां ये सब पूछा गया था हमको सब पता था सब अच्छा है बड़े लोग देख रहे थे सब रिश्ता अच्छा था हमको बैकग्राउंड सब अच्छा था इनका आपको फोन कभी आया और कितने बजे यहां से केतन निकला 8:20 को फोन आ गया.
उसके मम्मी का कॉल आया था पौ:45 बजे कि केतन ऊपर से गिर गया सिया रो रही है पहले ऐसे चली सिया रो रही है और आप बच्चों को केतन को फोर्ट पे मत भेजा किया करो और केतन गिर गया इतना चिल्लाते हुए फोन आया फिर हम लोग भागे उधर आपने तो क्या देखा उधर वो केतन ऑलरेडी गिर चुका था सिया उधर बैठी हुई थी और पुलिस चार्ज कर रही थी केतन को ढूंढ रही थी उतना देखा केतन के बारे में जो भी हुआ.
लेकिन सिया के चेहरे पे ऐसा कुछ था कि बहुत गलत हुआ है नहीं चेहरा चेहरा सिया का चेहरे पे ऐसे मैंने तब महसूस नहीं किया लेकिन बाद में मैंने महसूस किया चेहरे सिया के चेहरे पे बिल्कुल भी अफसोस नहीं था यह मर्डर केस है एक तरह से उसने पूरी साजिश की हुई थी केतन कुमार उसने ऑलरेडी पहले दो-तीन बार लेके गई थी तब उसने कोशिश की लेकिन तब केतन बच गया और यह केतन को पता नहीं चला कि सिया ऐसे करेगी क्योंकि ऑलरेडी तीन-चार महीने हो चुके थे .
हम सिया को पहचानने लग गए उसके फैमिली को हमको सब अच्छा लगा था। कितनी बार आई थी आपको? कितनी बार आपसे बातचीत हुई और मेरे साथ मोस्टली तो दो-तीन दिन में दो-तीन दिन में हमारे से बातचीत होने की मोस्टली तो हमारी डेली ही बात होने की। कहते हैं कि उस सिया की भी तो डेली ही बात होने की। हमको कितनी बार हम लोग वो हमारे घर पे भी आई। डिनर पे भी हमको बहुत बार मिली।
शॉपिंग पे भी मिली। लेकिन ऐसा कभी लगा नहीं कि वो ऐसी लड़की है थोड़ा भी हमको शक नहीं हुआ उसके ऊपर। आपको शक ना हमको उसके पेरेंट्स पे शक हुआ है। मेन तो इसमें उसके पेरेंट्स ने उसको पूरा सपोर्ट दिया है। उसकी बुआ फूफा ने पूरा उसको सपोर्ट दिया और यह हमसे उसकी बात छुपाई गई कि वो लेती है और वह पार्टीज में जाती है। यह हमसे बहुत बड़ी बात छुपाई गई हुई है। और जब कि जब सगाई करने गए थे तब मैंने सिया को बता दिया था उसके बारे में कि मेरे घर में ड्रिंक नहीं चलता ना मैं पार्टीज में भेजने वाली हूं। और मैंने पर्सनली भी सिया को बता दिया था और यह बात हमसे छुपाई गई थी उसके पेरेंट्स में तो ये ये सारी वो जब आपसे मिलती थी तो कैसे बर्ताव करती थी हमसे बहुत अच्छे से रहने की जैसे हम लोग बोलते थे वैसे हमारे साथ रहने की सबसे अच्छे से रहने की मेरी तो जॉइंट फैमिली सबसे अच्छे से बात करने की लेकिन कभी उसने हमको बताया नहीं कि बैकग्राउंड उसका बैकग्राउंड ऐसा है हमको कहीं से पता नहीं चला उसके बारे में शक कभी हुआ शक केतन जाने के बाद थर्ड डे पे शक हुआ है।
पुलिस के वेरिफिकेशन से थर्ड डे हो गया है हमको। क्या अभी क्या मांग रखी गई कि अभी बहुत अभी इसकी 20 20 साल की उम्र है। आपको ऐसे नहीं लगा कि बहुत छोटी उम्र है। इतनी जल्दी शादी। उम्र छोटी है। बोलने में उम्र छोटी है लेकिन तेज दिमाग की बहुत ज्यादा है। मैं ऐसे नहीं बोलूंगी कि उम्र उसकी छोटी है। इसको कर से कर सदा मिलनी चाहिए। मेरे बच्चों को इंसाफ मिलना चाहिए क्योंकि आखिर मैंने भी मेरा बच्चा खोया है। इसको की सजा होनी चाहिए और एक्चुअली फुल फैमिली को होनी चाहिए।
मैं तो बोलूंगी फुल फैमिली होनी चाहिए और मेरे को पूरी है कि मेरे को सरकार पूरा साथ दे और इनको सजा जल्द से जल्द सजा दे इन चीजों को छोड़ो मत सरकार पूरा मेरे को सपोर्ट दीजिए मैं इनसे ही रिवॉल करूंगी बस एक आखरी सवाल कि लोगगढ़ में मेरे को इंसाफ चाहिए मेरे बेटे के लिए मुझे इंसाफ चाहिए मैं भी मेरे बेटे की मां हूं मैंने भी मेरा बच्चा खोया है मेरे को एक ही बेटा है वो वापस तो नहीं आएगा लेकिन मेरे तो शांति रहेगी कि मेरे मेरे बच्चों को इंसाफ मिला है।
जब भी मेरे आंसू रुकेंगे मेरे को इंसाफ जरूर ही चाहिए। मैं आज मेरे बेटे के लिए जो चाहिए मैं करूंगी। मेरे को इंसाफ जरूर चाहिए। पहली बार जब गिरा नहीं दिया तो मेरे सरकार से मेरा विश्वास उठ जाएगा। मेरे को कोर्ट से पूरा न्याय चाहिए कि मेरे बच्चों को इंसाफ दो। उसको कर से कर सजा चाहिए ही चाहिए। फुल फैमिली को चाहिए। सिर्फ सिया को नहीं। सिया को, उसके पेरेंट्स को, उसके भाई को, उसके बुआ, फूफा को। आज मैं बड़ों की इज्जत करती हूं लेकिन आज नहीं करूंगी। मैं उनकी बहुत इज्जत करती हूं.
लेकिन आज नहीं। उनके पेरेंट्स भी जिम्मेदार है इसकी। यस यस फुल फुल फुल है। सब पता था। उनको सब पता था। उसने सिया ने खुद कुबूल किया। उनको सब पता था। फुल पता था उनको। आपसे छुप छुपा के रखा। मेरे से सब छुपा के रखा उन लोगों ने। तो पहली बार गिर गया तो वो बच गया था। तभी बात हुई। केतन ने कुछ बताया कि ऐसे-से हुआ ऐसे केतन ने हमको नहीं बताया ना केतन को ऐसे रियलाइज हुआ कि सिया ने धक्का दिया है। जबकि सिया ने धक्का देने की उसको कोशिश की लेकिन सिया उस केतन ने पेड़ को पकड़ लिया। केतन को इतना एहसास नहीं हुआ।
केतन ने मुझे बताया मैंने ठीक है एक्सीडेंट छोटे-मोटे हो जाते हैं। बेटा केतन ठीक था। और सेकंड वो सब बर्थडे था। सरप्राइज़ देना था। बच्चों को थोड़ा चलता है। इसलिए मैंने केतन को भेजा। बीच में भी एक बार तो मैंने जब मैंने कहते हैं उनको मना कर दिया था। मेरा बेटा वैसा नहीं था। इतना मैं कॉन्फिडेंस से बोलती हूं। ये सब सिया ने किया है। इन सारी साजिश में जो सिया के पेरेंट्स है वो भी जिम्मेदार है।
क्योंकि सिया क्या-क्या कर रही थी ये उन्हें पता था। ऐसी मांग हो रही है कि जो सजा है वह पूरी फैमिली को मिलनी चाहिए ताकि कोई चेतन आगे इस प्रकार की घटना का हादसा ना हो। 26 साल का केतन अग्रवाल स्वभाव से बहुत ही संयमी था और विदेश में पढ़ के आने के बाद भी उसको कोई बड़प्पन नहीं था। केतन अग्रवाल यानी अग्रवाल के परिवार में काम करने वाले एक युवक मेरे साथ है। ये बताइए नाम क्या है आपका? मेरा नाम ऋषिकेश झाड़े।
ऋषिकेश केतन का स्वभाव जो था वो कैसे था? उनके पिताजी का स्वभाव कैसे था? नहीं सबका स्वभाव अच्छा था। कोई गर्व नहीं था। उनको अच्छे से सब मतलब कि कोई किसी को कुछ नहीं बोलता था। अच्छे से था केतन केतन कैसे रहते रहता था? एकदम अच्छा नॉर्मल लड़का था। अच्छा लड़का था वो सर। कभी किसी के झगड़ा नहीं। कभी किसी से चिल्लाता नहीं। सबसे अच्छे से प्यार से रहता था सब। कभी अभी हम वर्कर है तो किसी को कुछ नहीं बोलता था। सबसे अच्छा मेरे को उस उनके घर में वही लड़का लगता था सर। मतलब वो कभी किसी से कुछ भी नहीं बोलता था।
अपना काम से काम घर काम उतना ही रहता था उसको सर और यह खबर कभी पता चली जब सिया ने यह उसका जो एक्सीडेंट हुआ तो ये खबर कब पता उनको घर वालों को कॉल आया लगता है उधर से लड़की का नहीं तो उनके किधर से तो हमको बाद में दोपहर के 2:00 बजे 1:00 बजे पता चला तभी पता चलने के बाद बहुत बुरा लगा सर वो ऐसा हो गया तो तो शादी होने वाली थी 25 आने वाले नवंबर नवंबर में तो क्या खुशी थी केतन के स्वभाव में खुश बहुत खुश थे ना सर उनके पिताजी भी बहुत खुश थे सब खुश थे घर में अभी एक लड़का था आई कुलता एक उसके घर में सब खुशी में थे दो उधर उदयपुर में शादी होने वाली थी.
उनके उदयपुर में शादी होने हां पैलेस भी बुक किया था सब दो फ्लाइट भी बुक हो गए थे तो सब खुश थे घर में ही तो ये हादसा होने के बाद अभी परिवार में काफी शौक है क्योंकि एक ही लड़का है हां शौक तो रहेगा ना सर एक ही लड़का था मां भी अच्छे थे सब उनके सब सबका प्यारा था ना एक ही लड़का था तो अभी तो लड़का छीन गया तो बुरी बात है ना सर ऐसा करना नहीं चाहिए था वो लड़के को सिया कभी आई थी या इस घर में आती रहेगी सर हमको उतना पता नहीं ना आती रहेगी घर में कभी आई थी एक दो बार कल उनके मां ने बोला ना आई थी घर में आती थी डिनर करने वो तो आई थी लड़की उसका चाल चलन तो अच्छा था.
तभी मतलब हंसती थी सबसे अच्छे से बात करती थी किसी को ऐसा शक भी नहीं हुआ कि वह लड़की ऐसा कर सकती उसने कर दिया फिर भी तो ये ये केतन जो था तो अपनी शादी को लेकर काफी उत्साहित था आनंदी था तो विदेश यानी ने बाली में जाने की भी तैयारी की थी बाहर वो जाने वाले थे पर उसका उनका पासवर्ड ही घूम गया वो गाड़ी में से और वो पासवर्ड घूमने की वजह से वो कैंसिल हो गए ट्रिप बाली का उधर उनका फोटोशिप था ना प्रीविडिंग का उधर जाने वाले थे पर उनका पासवर्ड घूम गया गाड़ी से केतन का कोई केतन की कोई याद आपको आती है कि आपके साथ बर्ताव किया कैसे कोई याद नहीं.
अच्छे से जभी भी मिलते थे हम मतलब अच्छे से क्या चल रहा है ऋषि ऐसा बात करके चले जाते थे अच्छे हो क्या मतलब जभी भी मिलते थे अभी अच्छे हो क्या कैसे हो ऐसा पूछते थे सर हां ये ऐसे होगा लगा था कभी नहीं नहीं नहीं ऐसा कभी नहीं लगा था ऐसा होगा वो अच्छे इंसान के साथ ऐसा कभी भी नहीं होना चाहिए बहुत अच्छा लड़का था उनके इसमें वो लड़की जो जिसने किया है ना उसको कड़ी से कड़ी 2500 मिलना चाहिए सर ऋषि ऋषि जो है वो केतन अग्रवाल परिवार में काम करता है पिछले ढाई साल से