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क्या मुंबई लोकल अब सुरक्षित नहीं? जानिए मयंक के साथ उस रात ट्रेन में जो हुआ…

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मुंबई लोकल ट्रेन में एक छोटी सी बहस पर एक युवक ने दूसरे को चाकू मार दिया। उसकी जान ले ली। बात क्या थी? लोकल ट्रेन के कोच का दरवाजा खुला रहेगा या बंद होगा। इतनी सी बात पर जबरदस्त झगड़ा हुआ और एक की जान चली गई। बात क्या है कि मुंबई में दो दिन से जोरदार बारिश हो रही है। मानसून की पहली बारिश है और हर बार की तरह इस बार भी मुंबई का हाल बेहाल हो चुका है।

23 जून को इसी बारिश के बीच रात में चर्च गेट से नाला सुपारा तक चलने वाली लोकल ट्रेन में दो लोग सवार हुए। 22 साल के मयंक लोहार और 30 साल के रोशन सुवर्णा। करीब पौ:45 बजे ट्रेन अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच में थी। तभी ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में इस बात पर बहस शुरू हुई कि कोर्ट का दरवाजा खुला रहेगा या बंद रहेगा। क्योंकि बारिश तेज थी तो एक शख्स दरवाजा बंद करने को कह रहा था। दूसरा शख्स कह रहा था कि नहीं दरवाजा खुला रहेगा। पुलिस ने बताया है कि इसी बात पर आरोपी रोशन ने चाकू निकाल लिया और मयंक के पेट में मार दिया। ट्रेन के अगले स्टेशन पर रुकने से पहले ही रोशन कूद गया। फरार हो गया। 11:00 बजे के करीब ट्रेन बोरीवली पहुंची। रेलवे पुलिस यानी जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंची। मेडिकल स्टाफ को बुलाया गया। मयंक को बोरीवली स्टेशन के मेडिकल रूम ले जाया गया। फर्स्ट एड के बाद एंबुलेंस से कावली के शताब्दी हॉस्पिटल भेजा गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पश्चिम रेलवे ने बताया कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्षर जांच एजेंसियों को सौंप दिए गए हैं। रेलवे के अधिकारियों ने भी रात में बोरीवली स्टेशन पहुंचकर घटना की समीक्षा की। रेलवे पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी रोशन को भी 24 जून को कुरला इलाके से पकड़ लिया गया है। दो सड़क प्रवासियों के बीच में लोकल ट्रेन का दरवाजा बंद करने के कारण झगड़ा हुआ था। में जो है उसके पास चाकू पुलिस स्टेशन क्रमांक 73 से जो है मयंक रमेश लोकेट में चा मार उसकी हत्या करके बारे में रेलवे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और माननीय सीपी सर राकेश सागर और माननीय पुलिस उनके मार्गदर्शन पर सात टीम बनाए हुए हैं और इसमें से जो संश आरोपी है जो आइडेंटिफाई हुआ है लेकिन अरेस्ट नहीं हुआ है उसका तपास कर घटना के बाद से वह फरार ही चल रहा था। पुलिस ने उसके पिता से कड़ी पूछताछ की। उसे पकड़ने के लिए छह टीमें गठित की गई। तब जाकर वह पकड़ा गया। आरोपी रोशन मुंबई एयरपोर्ट के कारगो सेक्शन में काम करता रहा है। वहीं मृतक मयंक एक स्टोर में सेजमैन का काम करता था। मयंक के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। उनकी बहन कह रही है कि मेरे भाई का कभी किसी से झगड़ा नहीं होता था।

फिर यह सब कैसे हो गया? एक और गंभीर सवाल मयंक के परिवार ने उठाया है कि लोग जानलेवा धारदार हथियार लेकर ट्रेनों में सफर कर रहे हैं और कोई सिक्योरिटी या निगरानी की व्यवस्था नहीं है। वो इतना शांत लड़का था कि वो जब ट्रेन ऑफिस से छूट के आ रहा था तो तब ये ट्रेन में बैठा था तब ये घटना हुई। जब उसको उसने आदमी ने चाकू मारा तो आजू-बाजू के पब्लिक लोग ने उसको बचाना चाहिए ना है ना कोई तो सेफ्टी देना चाहिए था ना उसको तो आज वो जिंदा रहता ना जब उसको किसी ने हेल्प ही नहीं किया वो ऐसे गिरा हुआ है देखो उसका कितना ब्लड निकलेगा था वो ऐसे ही गिरा हुआ है इतने गुंडे लोग हो गए कि अच्छा बच्चे लोग को तो कि सेफ्टी नहीं है बोलेगा तो कैसे चलेगा सुरक्षा के बारे में ऐसा कुछ कहने लायक कुछ बचा ही नहीं है। अब अगर नॉर्मल ट्रेन में एक चकू लेके घूम रहा है कोई इंसान तो हमारी पुलिस कहां है? सेफ्टी कहां है? उसको उसको ऑपरेट अगर मारा है ऑपरेट करने वाले कहां है? सबसे मेन चीज लोग कहां है? ट्रेन खाली नहीं थी। ट्रेन में काफी लोग थे। काफी लोग के सामने हुई है घटना। ऐसे नहीं कि अनजान जगह पे हुई है। मेरा भाई कभी गेट पे ट्रैवल नहीं करता।

कभी किसी से बात नहीं करता। कभी किसी से झगड़ा ये पूरी बिल्डिंग में आप किसी से भी पूछ लो मेरे बच्चे घर के बच्चे कोई किसी से ज्यादा बात ही नहीं करते आराम से अपनेप में ही है। 21 साल का लड़का है वो। पूरी जिंदगी पड़ी है उसके सामने। पूरी दुनिया पड़ी थी। 21 साल के बाद अगर यह हादसा हुआ है तो फिर अगर पुलिस क्या कर रही है चाकू लेके आज मेरा भाई गया। कल किसी और का जाएगा। और यह होगी ऐसा नहीं कि नहीं होगी। आज बंद नहीं हुई है। अगर हो गई होती तो मेरे भाई के साथ नहीं होती। लोकल ट्रेन मुंबई के लोगों के रोजमर्रा के ट्रांसपोर्ट के तौर पर बहुत जरूरी है। लेकिन इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि एक तो लोकल ट्रेन से गिरकर हर साल कई लोगों की मौत होती है और लोकल ट्रेनें अपराध का बदमाशी का अड्डा भी बनती हैं। खासकर रात में चलने वाली लोकल मयंका मर्डर इसमें ताजा मामला है। आपका मुंबई लोकल से जुड़ा कोई अनुभव हो तो कमेंट बॉक्स में शेयर करिए। फिलहाल इस वीडियो में इतना ही। लल एंड टॉप देखते रहिए। शुक्रिया।

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