अरुणाचल प्रदेश के कई पेन्योर जिले में बादल फटने के बाद इतना सैलाब आया कि सब कुछ बहने लगा। अचानक पहाड़ के ऊपर से इतना बेहिसब पानी आया कि पोशा इलाके में लोगों के रहने के लिए जो क्वार्टर बनाए गए थे वो भी बहने लगे।
देखते ही देखते वहां तबाही मच गई। सैलाब अपने साथ घरों के नीचे की मिट्टी को बहा ले गया। जिसके बाद कई घर तो की इमारत बनकर झूलने लगे। ये देखो। दर्जनों घरों की हालत तो ऐसी हो गई कि वो रहने लायक तक नहीं बचे। रंग नदी हाइड्रोइिक प्रोजेक्ट के पास बादल फटने से हालत ऐसी हो गई कि कल तक जहां लोग पैदल चलते थे।
वहां नदी जैसा नजारा दिखने लगा। सड़कें गायब हो गई। चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आने लगा। इस घटना की वजह से सैकड़ों लोग बेघर हो गए। पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से रास्ते कट गए।
किसी को यह अंदाजा ही नहीं था कि मानसून की पहली बारिश कितना कहर बरपाएगी। मुसीबत का बादल वहां ऐसा फटा कि पूरा इलाका तबाह हो गया। बादल फटने की घटना के बाद कई बैननेर जिले में चीख पुकार मच गई। जान बचाने के लिए लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए।