आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल स्टारिंग फिल्म लव इन वॉर के सेट पर एक बड़ा हादसा हुआ। यह हादसा लेट नाइट हुआ उस वक्त जब वर्कर सेट पर काम कर रहे थे। सेट पर काम करने वाले एक कारपेंटर की डेथ हो गई। सुबह के 3:00 बजे का यह इंसिडेंट है। बताया जा रहा है कि यह कारपेंटर सेट पर काम कर रहा था और इलेक्ट्रिक शॉक की वजह से इसकी जान चली गई है।
मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में रॉयल पंप्स पर लव एंड वॉर का यह सेट बन रहा था। कारपेंटर वहीं पर काम कर रहा था। तभी बिजली का झटका लगा और कारपेंटर की डेथ हो गई। सेट पर अक्सर बिजली के तारों में इसी तरह की खामियां पाई जाती है। सेफ्टी पर हमेशा सवाल उठे हैं और यह पहली बार नहीं है जब किसी गरीब आदमी ने सेट पर काम करते हुए अपनी जान गवाई हो। पहले भी इस तरह के इंसिडेंट्स हमने कई सुने हैं। कई टीवी शोज़ पर इस तरह के इंसिडेंट्स होते हैं। यह इंसिडेंट तो हाईलाइट हुआ क्योंकि फिल्म बड़ी थी और बड़े एक्टर्स इस फिल्म में काम कर रहे थे।
लेकिन कई प्रोडक्शन हाउस ऐसे हैं जो इस तरह के मामलों को दबा भी देते हैं। फिलहाल अगर बात करें इस कारपेंटर की जिसका नाम चंद्रधारी यादव है तो इसके लिए संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन हाउस ने ₹40 लाख के मुआवजे की घोषणा की है ताकि बच्चों की एजुकेशन हो पाए। घर गृहस्ती चल पाए। लेकिन अब एसोसिएशन चंद्रधारी के लिए आवाज उठा रहे हैं और एसोसिएशन का कहना है कि सबसे पहले तो मुआवजा 50 लाख का किया जाए।
बच्चों की एजुकेशन और पूरी जिंदगी बाकी है और पत्नी को एक नौकरी दी जाए। इसके अलावा चंद्रधारी का अभी हो रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा होगा कि क्या कुछ हुआ है। संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर मच अवेटेड फिल्म है। रणबीर कपूर और आलिया भट्ट इस फिल्म में साथ नजर आ रहे हैं। इस फिल्म को लेकर हर किसी को इंतजार है। लेकिन अब जो यह खबर आई है इस तरह की इसने सभी को दर्द दिया है कि कैसे फिल्म इंडस्ट्री में जो चकाचौंध हमें दिखती है उसके पीछे कई ऐसे मासूम लोग हैं जो रात दिन खतरों से खेलते हैं और उनके जान की कोई सेफ्टी भी नहीं होती है और उनके जाने के बाद भी कोई गारंटी नहीं कि उनके परिवार वालों को पाला पोसा जाएगा। यह तो संजय लीला भंसाली का प्रोडक्शन हाउस है जो कि बहुत पैसे वाला है।
लेकिन कई ऐसे प्रोडक्शन हाउसेस हैं जिनके पास इतना पैसा नहीं है जो दादागिरी पर काम करते हैं। वह तो इस तरह के मामलों को एकनॉलेज तक नहीं करते हैं। मीडिया में तक नहीं आने देते हैं।