₹370 लगे हैं। वसूल तो करूंगा। कभी-कभी एक वायरल वीडियो सिर्फ एक वीडियो नहीं होता। वो किसी व्यक्ति की सोच, समाज की मानसिकता और डिजिटल दौर में जवाबदेही की असली तस्वीर सामने रख देता है। गुरुग्राम के 23 साल के वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा का मामला भी कुछ ऐसा ही है। एक स्टैंड अप कॉमेडी में कही गई कुछ बातें अब उसकी नौकरी ले चुकी है।
लेकिन असली सवाल नौकरी जाने का नहीं। असली सवाल यह है कि आखिर उसने ऐसा क्या कहा जिससे हजारों लोग का गुस्सा फूट पड़ा?पूरा विवाद कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक क्राउड वर्क सेगमेंट से शुरू हुआ। शो के दौरान हिमांशु जांगड़ा ने अपनी डेट का एक किस्सा सुनाया। उसने बताया कि वह एक लड़की के साथ डेट पर गया और उसने उसके लिए ₹370 की बिरयानी खरीदी। यहां तक सब सामान्य था लेकिन इसके बाद जो बात उसने कही वही विवाद की जड़ बन गया।
हिमांशु ने यह संकेत दिया क्योंकि उसने लड़की पर पैसे खर्च किए। इसीलिए उसे बदले में कुछ रिटर्न की उम्मीद थी। इतना ही नहीं उसने यह भी दावा किया कि जब लड़की ने घर छोड़ने की बात कही तो उसने अपने पैसे वसूलने की ज़िद की और बाद में उसे एक अंधेरे पार्क में ले गया जबकि लड़की इसके लिए सहज नहीं थी।
अब सवाल यह है कि आखिर ₹370 की बिरयानी किसी इंसान को किस तरह का अधिकार दे सकती है? क्या किसी लड़की के लिए खाना खरीद देना उसके शरीर, उसके पसंद या उसकी सहमति पर दावा करने का लाइसेंस बन जाता है? क्या डेट पर खर्च किए गए कुछ ₹100 किसी पुरुष को यह सोचने का हक दे देते हैं कि अब सामने वाली उस पर कुछ उधार है?
यही वो सोच है जिस पर सोशल मीडिया भड़का हुआ है। वीडियो वायरल हुआ और देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंचा। लोगों ने कहा कि यह सिर्फ एक खराब मजाक नहीं था। यह उस मानसिकता की झलक थी जिसमें कुछ लोग आज भी यह मानते हैं कि अगर उन्होंने किसी महिला पर पैसे खर्च किए तो बदले में उन्हें कुछ मिलना चाहिए। आलोचकों ने कहा कि यह मजाक नहीं बल्कि एंटाइलमेंट यानी अधिकार जताने वाली सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन था। विवाद बढ़ता गया और फिर लोगों ने हिमांशु जांगड़ा की पहचान खोज निकाली।
पता चला कि वह गुरुग्राम की डिज़ और ब्रांडिंग कंपनी स्टार विग डिज़ में काम करता है। इसके बाद कंपनी के पास सैकड़ों ईमेल, कॉल और मैसेज पहुंचने लगे। लोग पूछने लगे कि क्या कंपनी ऐसे विचार रखने वाले व्यक्ति का समर्थन करती है? दबाव बढ़ने के बाद स्टार वेग डिज़ के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा सामने आए। उन्होंने Instagram पर एक वीडियो जारी की। विवेक ने साफ कहा कि हिमांशु की टिप्पणी कंपनी के मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करती। उन्होंने बताया कि कंपनी ने आंतरिक समीक्षा भी की है और दिलचस्प बात यह रही कि कंपनी के कर्मचारियों यहां तक कि महिला कर्मचारियों ने भी हिमांशु को कार्यस्थल पर पेशेवर, सम्मानजनक और मेहनती बताया।
उनके खिलाफ दफ्तर में कभी कोई शिकायत नहीं आई। लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने उसे नौकरी से निकालने का फैसला लिया। वजह बताई गई यह मामला अब सिर्फ दफ्तर के बाहर कही गई बात नहीं रह गई।
विवाद कंपनी की छवि, कर्मचारियों, क्लाइंट्स और कार्यस्थल के माहौल को प्रभावित करने लगा था। विवेक विश्वकर्मा ने कहा कि जब किसी कर्मचारी का सार्वजनिक व्यवहार कंपनी की पहचान से जुड़ने लगे तब कंपनी की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह कार्यवाही करें। यहीं से एक नई बहस शुरू हुई। क्या किसी व्यक्ति को ऑफिस के बाहर कही गई बातों के लिए नौकरी से निकाला जाना चाहिए? क्या सोशल मीडिया का दबाव किसी कंपनी के फैसले तय करने लगे? लेकिन इन सवालों के बीच एक और सवाल बार-बार सामने आया। अगर किसी व्यक्ति की कही गई बात उसके चरित्र और सोच की झलक देती है तो क्या कंपनियों को उसे पूरी तरह निजी मामला मान लेना चाहिए? सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी। एक वर्ग का कहना है कि हिमांशु को उसके शब्दों की कीमत चुकानी पड़ी और यह बिल्कुल सही हुआ। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि नौकरी जाना बहुत बड़ी सजा है और लोगों को बदलने और सीखने का मौका मिलना चाहिए।
लेकिन इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हुई वो थी कंसेंट यानी सहमति। सहमति कोई सौदा नहीं होती। सहमति खरीदी नहीं जाती। सहमति बिरयानी की प्लेट, महंगे डिनर, कैब के किराए या किसी भी खर्च के बदले नहीं मिलती। किसी महिला के साथ डेट पर जाना और उसके लिए भुगतान करना आपको उसके फैसलों पर कोई अधिकार नहीं देता। यही वजह है कि हिमांशु की बातों को सिर्फ मजाक मानकर नजरअंदाज नहीं किया गया। इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात यह है खुद स्टार वीक डिज़ के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा ने हिमांशु के लिए ऑनलाइन नफरत की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ 23 साल का है और इस घटना के परिणाम उसे लंबे समय तक प्रभावित करेंगे। उन्होंने लोगों से ट्रोलिंग और ऑनलाइन से बचने की अपील की है।
यानी एक तरफ जवाबदेही की बात थी और दूसरी तरफ सुधार और दूसरे मौके की भी बात थी। लेकिन सच यही है कि इस पूरे मामले ने युवा भारत के सामने एक आईना रख दिया। डेटिंग, रिश्ते, सहमति और महिलाओं के प्रति व्यवहार को लेकर समाज में अभी भी कई गलत धारणाएं मौजूद हैं।
हिमांशु जांगड़ा का वायरल वीडियो सिर्फ एक कॉमेडी शो का हिस्सा नहीं रहा। उसने यह दिखाया कि डिजिटल दुनिया में बोले गए शब्द कितनी तेजी से आपके करियर, आपकी प्रतिष्ठा और आपके भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। आज हिमांशु की नौकरी जा चुकी है। सोशल मीडिया पर उसकी आलोचना हो चुकी है। माफी भी सामने आ चुकी है। लेकिन यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं यह उस सोच की कहानी है जो अब चुनौती दी जा रही है। यह याद दिलाने वाली कहानी है कि किसी महिला पर खर्च किया गया पैसा कभी भी उसकी सहमति नहीं खरीद सकता। और यह भी कि इंटरनेट के दौर में आपके शब्द सिर्फ कमरे में मौजूद लोगों तक सीमित नहीं रहते।
वो पूरी दुनिया तक पहुंचते हैं और फिर उनका हिसाब भी पूरी दुनिया ही लेती है। हाय एवरीवन। द बोदर लास्ट 24 आवर्स आई हैव रिसीव्ड हंड्रेड्स ऑफ मैसेजेस ईमेल्स कॉल्स रिगार्डिंग वन ऑफ़ आवर एम्प्लाइजस हिमाचू डामरा। लाइक मेनी ऑफ़ यू। आई केम अक्रोस द क्लिप्स दैट हैव बीन सर्कुलेटिंग ऑनलाइन। लेट मी बी वेरी क्लियर। द स्टेटमेंट्स शोन इन दोज़ क्लिप्स आर ऑफेंसिव। दे आर नॉट समथिंग आई एग्री विद दे आर नॉट समथिंग आवर कंपनी स्टैंड्स फॉर एंड दे सर्टेनली शुड नॉट बी इन्फ्लुएंसिंग यंग माइट्स वी रिव्यूड दिस मैटर इंटरनली वी स्पोक टू आवर डीम इंक्लूडिंग फीमेल एम्प्लाइजस वी रिव्यूड हिस कंडक्ट इनसाइड द वर्क प्लेस एंड वी आस्क डिफिकल्ट क्वेश्चंस बट इंटरेस्टिंगली वी कुड नॉट फाइंड अ सिंगल कंप्लेंट एनी थिंग फ्रॉम आवर टीम अह टीम डिस्क्राइब्ड हिम एस प्रोफेशनल रिस्पेक्टफुल हार्ड वर्किंग एंड वेल बिहेव्ड एट वर्क बट बट व्हाट हैपेंड आउटसाइड द वर्क प्लेस हैज़ नाउ अफेक्टेड द वर्क प्लेस एंड आई हैव द रेस्पोंसिबिलिटी टुवर्ड्स द कंपनी आर टीम आर क्लाइंट्स एंड द एनवायरमेंट बी क्रिएटिव दैट इज व्हाई वी हैव डिसाइडेड टू पार्ट वेज़ विथ हिमांशु बट बिफोर आई एंड दिस आई वांट टू से समथिंग दैट मेनी पीपल मे डिसएग्री विद इट्स लाइक वर्किंग ऑन अ ब्लेड बट आई विल स्पीक अ पर्सन कैन बी रोंग अ पर्सन कैन मेक अ टेरेबल मिस्टेक अ पर्सन शुड फेस कॉन्सिक्वेंसेस बट आई होप वी नेवर बिकम अ सोसाइटी दैट बिलीव्स पीपल कैन नॉट लर्न, रिफ्लेक्ट, अपोलजाइज और चेंज।
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