बिग बॉस ओटीटी विनर और मशहूर यूटबर एल्विश यादव को कौन नहीं जानता? हाल ही में नैनदीप रक्षित के साथ एक इंटरव्यू में एल्विश ने अपने करोड़ों के आलीशान बंगले का होम टूर कराया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस घर को एल्विश ने करोड़ों रुपए खर्च करके बड़े चाव से बनवाया था, वही घर उनके जिंदगी की सबसे बड़ी मुसीबतों की वजह बन गया था।
जी हां, उनके घर में मौजूद एक 200 किलो के आलीशान मंदिर की वजह से यह सब हुआ। जिसके बाद उन्हें यह मंदिर हटवाना पड़ा। चलिए बताते हैं इस पूरी वीडियो में कि क्या है पूरा मांजरा। दरअसल एल्विश यादव ने अपने इस नए घर को बनवाने में पानी की तरह पैसा बहाया। इसी घर में उन्होंने बेहद खूबसूरत और आलीशान मंदिर बनवाया था।
एल्विश ने खुद बताया था कि यह मंदिर असली मार्बल का बना हुआ था। जिसका वजन करीब 200 किलो था। यह मंदिर इतना भारी और भव्य था कि इसे अपनी जगह पर रखने के लिए पूरे 11 लोगों की ताकत लगानी पड़ी थी। एल्विश की मां पूरे नियम और विधिविधान से इस मंदिर में पूजा पाठ करती थी।
लेकिन इसके बावजूद इस घर में शिफ्ट होते ही एल्विश की जिंदगी में दुखों का और कानूनी मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। एक के बाद एक कई मुकदमे दर्ज हुए। बदनामी हुई और विवादों ने घेर [संगीत] लिया। जब मुसीबतें हद से ज्यादा बढ़ गई तब इस कहानी में एंट्री हुई मशहूर एस्ट्रो एक्सपर्ट डॉक्टर गीतांजलि की। डॉक्टर गीतांजलि ने जब एल्विश के इस आलीशान घर का मुआयना किया तो उन्होंने एक हैरान करने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एल्विश के घर में बहुत बड़ा वास्तु दोष है और सबसे चौंकाने वाली बात यही थी कि यह वास्तु दोष किसी और चीज में नहीं बल्कि उसी 200 किलो के भव्य मंदिर की वजह से था। एस्ट्रो एक्सपर्ट के मुताबिक घर में मंदिर गलत दिशा में बना हुआ था। उन्होंने एल्विश को साफ चेतावनी दी कि इस गलत दिशा के कारण ही उनके जीवन में लगातार अर्चने एक्सीडेंट कोर्ट कचहरी के चक्कर और मानसिक परेशानियां आ रही हैं।
उन्होंने सलाह दी कि या तो इस भारीभरकम मंदिर को तुरंत वहां से हटवा दिया जाए और अगर मंदिर हटवाना मुमकिन ना हो तो भगवान की मूर्ति को वहां से हटाकर सही दिशा में स्थापित कर दिया जाए। बता दें कि उन्होंने ही एल्विशको नाम में वी जोड़ने को कहा ताकि नाम का पूरा नंबर नौ हो जाए। तभी एल्विश ने एक एक्स्ट्रा वी जोड़ा। व चलिए आपको बता देते हैं।
इस वीडियो में कि घर के किस दिशा में मंदिर होना चाहिए। वास्तु के अनुसार घर में मंदिर के लिए सबसे शुभ और उत्तम दिशा ईशा कोण यानी कि उत्तर पूर्व यानी नॉर्थ ईस्ट दिशा को माना जाता है। इस दिशा को देवताओं का स्थान कहा जाता है। जब भी आप पूजा करें आपका मुख पूर्व या उत्तर यानी कि नॉर्थ दिशा की ओर होना चाहिए। भूलकर भी मंदिर को दक्षिण यानी कि साउथ दक्षिण पश्चिम यानी कि साउथ वेस्ट दिशा में ना बनवाएं। साथ ही बेडरूम में या टॉयलेट के पास मंदिर कभी नहीं होना चाहिए।
इससे घर में भारी नकारात्मक ऊर्जा और बीमारियां आती हैं। तो दोस्तों लगभग 10 करोड़ का घर होने के बावजूद एल्विस यादव को वास्तु के नियमों के आगे झुकना पड़ा और बदलाव करते ही उनकी जिंदगी फिर से पटरी पर लौट आई।