अहमदाबाद का वह भयानक प्लेन हादसा आज भी कोई नहीं भूला। आज भी उसे हाथ से कोई याद करके लोग के दिल दहल जाते हैं। ऐसे में इस घटना से जुड़े एक शख्स ने अपनी आपबीती बताई है।
इस दुखद घटना में खेड़ा के रोमिन वोहरा नाम के युवक ने अपने परिवार के 3 सदस्यों (भाई, 3 साल की भतीजी और मौसी) को खो दिया था।खुद मेडिकल फील्ड से होने के बावजूद, दुर्घटना स्थल पर देखे गए भयानक दृश्यों और अपनों की पहचान करने की वह प्रक्रिया रोमिन के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन गई है। दुर्घटना के 11 महीने बीत जाने के बाद भी ये खौफनाक यादें आज भी उनकी आंखों के सामने तैर रही हैं।
रोमिन वोहरा ने बताया, ‘मैंने एक मासूम और बेहद खूबसूरत 2 से 3 साल की बच्ची का हुआ सिर अपने हाथों में लिया था। उसके कानों में छोटी-छोटी बालियां थीं और छोटे-छोटे बाल थे। उसके चेहरे को करीब से देखकर मैंने अपनी भतीजी की तस्वीर से मिलाने की कोशिश की थी। उस मासूम का चेहरा मेरे हाथों में था… वह पल मैं मरते दम तक नहीं भूल पाऊंगा। मैं आज भी सो नहीं पाता हूं।
एक मेज पर शरीर के अलग-अलग अंगों को अलग रखा गया था। एक करीब 6 महीने की गर्भवती महिला का देह था, जिसने राजस्थानी रजवाड़ी साड़ी पहनी हुई थी। साड़ी का पल्लू थोड़ा भी जला नहीं था, लेकिन विस्फोट के कारण उसका पेट फट गया था और बच्चा बाहर लटक रहा था। पुरुषों के ऐसे मृतदेह भी थे जो पूरी तरह से जलकर खाक हो चुके थे और सिर्फ ही बाकी बचे थे।
आगे उन्होंने कहा कि जब भी मुझे यह हादसा याद आता है आधी नींद से जाग जाता हूं। दिन के समय भी उन पलों को याद करके मेरी आंखें भर आती हैं कि मेरे भाई, भतीजी और मां (मौसी) ने उस समय कितना दर्द सहा होगा!’