बॉबी देओल ने कम उम्र में मिली शोहरत के साथ वो दौर भी देखा है जब लोग उनके नाम पर दांव लगाने से कतराने लगे थे। उनके पास कोई काम नहीं था। फिल्म नहीं मिल रही थी तो डीजे भी ट्राई किया मगर वहां भी उनके हिस्से ट्रोलिंग ही आई। लंबे समय तक वह खाली रहे। इस दौरान वो खूब शराब पीने लगे। यह लत उन्हें अंदर से गलाने लगी। उन्हें लगा अब उनकी दुनिया खत्म हो चुकी है। मगर फिर एक दिन उनके बच्चों ने कुछ ऐसा कहा जिसने उन्हें झंझोड़ कर रख दिया। उनका नजरिया बदला और हमें बॉबी देओल 2.0 देखने को मिले। यह सब कैसे हुआ? उस दौर में क्या कुछ झेलना पड़ा?
कैसे उनका कमबैक हुआ? यह सब बॉबी ने आपकी अदालत टीवी शो पर बताया है। बॉबी देओल ने उस दौर के बारे में बात करते हुए कहा। जब आप हार मान लेते हैं तो आप सेल्फ पिटी यानी आत्मग्लानी में चले जाते हैं। यह आम इंसानी स्वभाव है। आपको लगता है कि मेरी तो दुनिया ही खत्म है। मैं इतना अच्छा हूं पर मुझे कोई पसंद नहीं करता। फिर कुछ लत लग जाती है इस दौर को झेलने के लिए और फिर दारू। पापा को तो वैसे ही शौक था। मुझे शराब का शौक था नहीं लेकिन मैं पीने लग गया। और दारू ऐसी चीज है कि पहले आप उसे पीते हो फिर वो आपको पीने लगती है।
और ऐसा ही कुछ मेरे साथ भी हुआ। लेकिन मेरी पत्नी वो मेरी बैकबोन है। एक औरत ही यह सहन कर सकती है। कभी भी मेरी पर्सनालिटी में चेंज, कभी गुस्सा, कभी इरिटेशन यह सब उसने झेला। बॉबी देओल ने हालात से समझौता कर लिया था और वह मान चुके थे कि अब उनके करियर का कुछ नहीं हो सकता। मगर एक दिन उनके बच्चों ने एक सवाल पूछा और बॉबी का नजरिया बदल गया। इस बारे में बॉबी ने कहा तान्या बॉबी की पत्नी मेरे साथ खड़ी रही। उसने उस दौर में घर संभाला जो भी खर्च करने होते वह सब वही करती थी। उसने कभी मुझे कुछ फील नहीं होने दिया। मगर जब मेरे बच्चे मेरी वाइफ से पूछने लगे कि पापा घर पर ही बैठे रहते हैं और आप ऑफिस जाते हो ऐसा क्यों? इस बात ने मुझे अंदर तक झंझोड़ दिया।
बॉबी ने एक पॉज लेकर कहा, “मुझे लगा कि यह मैं क्या कर रहा हूं। बच्चे आपको देखते हैं। आपकी तरह बनना चाहते हैं और मैं बस उसी दिन मैंने तय किया। खुद पर काम करना शुरू किया। इस दौरान बॉबी ने यह भी बताया कि कैसे जबवी मेट के धोखे ने उन्हें बेहतर एक्टर बनाया। दरअसल, इम्तियाज अली की जबवी मेट पहले बॉबी के साथ बनने वाली थी, मगर फिर उन्हें निकालकर शाहिद कपूर को इसमें कास्ट किया गया। इस पूरे वाक्य ने बॉबी पर गहरा असर किया। बॉबी ने कहा उस वक्त मेरा दिल टूट गया था क्योंकि तब मैं उस दौर से गुजर रहा था जब मुझे एक ऐसी फिल्म की सख्त जरूरत थी।
मुझे बहुत कॉन्फिडेंस था इम्तियाज में। मैंने जब अभय की सोचा ना था का रफ कट देखा तो मैं इम्तियाज के काम से इतना एक्साइटेड हो गया कि यह तो बहुत अच्छा डायरेक्टर है। इसके साथ तो काम करना चाहिए। वहां से बात बनी कि हम बनाएंगे फिल्म बनाएंगे। लेकिन जब मार्केट में आपकी पोजीशन ठीक नहीं रहती तो फिर कोई आप पर दांव नहीं लगाता और इस फिल्म के लिए जिन-जिन लोगों को मैंने अप्रोच किया था सबने मुझे रिजेक्ट किया। मैंने इम्तियाज़ का नाम लिया तो वो बोले कि नहीं वो तो बहुत महंगा है। बाद में उन्हीं लोगों ने उन्हीं प्रोड्यूसर ने इम्तियाज़ को लिया। उसी हीरोइन को लिया जिसे मैंने बात की थी मगर उसने मना कर दिया था। तो दिल तो दुखता ही है मगर यह सब चीजें मेरी ताकत बनी।
जो दर्द, जो गुस्सा जो रिजेक्शन से मिला वही मेरी मेरा स्ट्रेंथ बना और यही होना चाहिए। इस चोट ने मुझे एक बेहतर इंसान, बेहतर एक्टर अब किसी से कोई गिला नहीं है। बॉबी देओल की बॉडी ऑफ वर्क की बात करें तो बरसात उनकी डेब्यू फिल्म थी। फिर उन्होंने गुप्त, सोल्जर, बिच्छू, अजनबी और अपने जैसी सफल फिल्में दी। मगर लंबे अरसे तक वह पर्दे पर नजर नहीं आए। फिर सलमान खान ने उन्हें रेस 3 में कास्ट किया। इससे उनकी दूसरी पारी शुरू हुई। वेब सीरीज आश्रम से उनका करियर पटरी पर आने लगा। लेकिन एनिमल ने उन्हें वह फेम दिलाया जो पहली पारी में भी नहीं मिला था। उसके बाद आई बैट्स ऑफ बॉलीवुड। अब 5 जून को उनकी बंदर आने वाली है। इसे अनुराग कश्यप ने डायरेक्ट किया है। फिर 3 जुलाई को अल्फा रिलीज होगी जो अब वफ के पाई यूनिवर्स की फिल्म है। इस वीडियो में इतना ही। यह जानकारी जुटाई थी हमारे साथी अंकिता ने। आप देखते रहिए लंडन ऑफ सिनेमा। शुक्रिया। [संगीत]