1988 फिल्म सिटी स्टूडियो में लगे शनाख्त के सेट पर शूटिंग के लिए आए अमिताभ बच्चन अपने रूम में शॉट रेडी होने का इंतजार कर रहे थे। इधर सेट पर टिनू आनंद माधुरी दीक्षित को शॉट समझा रहे थे। कुछ देर बाद सेट पर मौजूद लोगों को टिनू आनंद की चिल्लाने आवाज आती है। माधुरी दीक्षित भी गुस्से से सेठ छोड़कर चली जाती है। टिन आनंद की जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर अमिताभ बच्चन भी अपने भय आनंद से बाहर आते हैं। थोड़ी देर पहले जिस सेट पर शूटिंग की धांधली थी, उसकी जगह अब सन्नाटे ने ले ली थी। दोस्तों, शनाख्तकी की शूटिंग उस दिन के लिए नहीं रुकी थी, बल्कि फिल्म हमेशा के लिए डब्बा बंद हो गई थी। माधुरी दीक्षित को अमिताभ बच्चन के साथ वाली मूवी छोड़ने को उकसाने वाला उस वक्त का बड़ा स्टार था। उसका नाम हम आपको वीडियो में आगे बताने वाले हैं।
माधुरी दीक्षित का टिनू आनंद के साथ किस बात पर झगड़ा हुआ था। अमिताभ बच्चन ने किस तरह से माधुरी दीक्षित को अपनी औकात दिखाई थी। अमिताभ बच्चन की फिल्म को अधूरा छोड़ भागने वाली। माधुरी दीक्षित बाद में कैसे घुटनों पर आकर अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के लिए कैसे तरस गई थी? इन सवालों के जवाब जानने के लिए आपको इस वीडियो को अंत तक देखना होगा। दोस्तों, 1988 में तेजाब ब्लॉकबस्टर होने से माधुरी दीक्षित सुपरस्टार बन गई थी। उस वक्त माधुरी दीक्षित को अपने मूवी में कास्ट करने के लिए प्रोड्यूसर्स माधुरी दीक्षित के बंगले के चक्कर काटते थे। मेकर्स को लगता था कि अगर दो सुपरस्टार एक मूवी में साथ आ जाए तो वह उनके फाइनेंस के लिए सोने पर सुहागा वाली बात हो जाती है। इस सोच में टिनू आनंद ने अपकमिंग मूवी शनाख्त के लिए अमिताभ बच्चन के साथ माधुरी दीक्षित को कास्ट कर दिया था। शनाख्त का मुहूर्त प्रोग्राम फिल्म सिटी स्टूडियो में बड़े धूमधाम से हुआ था और फरवरी 1989 से शूटिंग चालू होने वाली थी। इधर अनिल अकपुर के साथ माधुरी दीक्षित की तेजाब और राम लखन ब्लॉकबस्टर होने से प्रोड्यूसर्स ने अनिल माधुरी को 10 से ज्यादा मूवीज में साइन कर लिया था।
अनिल कपूर चाहते थे कि माधुरी दीक्षित ज्यादा से ज्यादा मूवीज उनके साथ करें। फरवरी में शनाख्त की शूटिंग फिल्म सिटी स्टूडियो में चालू होने वाली थी। शूटिंग के पहले ही दिन टिनू फिल्म का एक अहम सीन शूट करना चाहते थे। सेना अधिकारी बने अमिताभ बच्चन का प्लेन क्रे एंश हो जाता है। गुंडे उनको बंधक बनाकर जंजीरों से बांध देते हैं। अमिताभ बच्चन माधुरी दीक्षित को बचाने की कोशिश करते हैं। लेकिन गुंडे उन पर हावी हो जाते हैं। ऐसे में माधुरी दीक्षित को अपना ब्लाउज उतारकर बीच में ही गुंडों के सामने आकर बोलना था कि जंजीरों में बंधे आदमी पर हमला क्यों? जब सामने महिला खड़ी हो। माधुरी दीक्षित को इस सीन में गुंडों के सामने अपना ब्लाउज खोलना था। लेकिन माधुरी दीक्षित ने यह सीन करने से साफ इंकार कर दिया था। टिनू आनंद ने माधुरी से कहा कि मैंने तुम्हें स्क्रिप्ट का नीरेशन दिया था। तुम्हें इस सीन के बारे में सब कुछ मालूम था और स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद ही तुमने फिल्म को साइन किया था ना। तब तो तुम्हें इस सीन पर कोई ऑब्जेक्शन नहीं था। अगर इस सीन पर तुम्हें आपत्ति होती तो तुमको यह मूवी साइन करने से पहले बताना चाहिए था। टिनू के लाख समझाने पर भी माधुरी दीक्षित अपने बात पर अड़ी रही और आननफानन में अपने रूम में चली गई। अब टिनू आनंद का गुस्सा भी सातवें आसमान पर जा चुका था।
टिनू ने माधुरी के सेक्रेटरी रिंकू राकेश नाथ से कहा कि अगर माधुरी को सीन नहीं करना है तो फिल्म को छोड़ दे और शनाख्त की शूटिंग हमेशा के लिए डबाबंद हो गई। दोस्तों माधुरी की इस फिल्म के छोड़ने की वजह कुछ और ही थी। अगर माधुरी दीक्षित को अंग प्रदर्शन वाले सीन से आपत्ति थी तो उसने फिल्म क्यों साइन की थी? स्क्रिप्ट का नीनरेशन देते वक्त तो टिनू ने उसे सब कुछ समझाया था। दरअसल शनाख्त छोड़ने के पीछे की असली वजह कुछ और ही थी। माधुरी दीक्षित ने तेजाब हिट होने के बाद शनाख्त को साइन किया था। इसी बीच जनवरी 1989 को सुभाष घई की राम लखन बनकर रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर हुई थी। अनिल कपूर की माधुरी दीक्षित के साथ अच्छी बॉन्डिंग थी। तेजाब और राम लखन हिट होने के बाद अनिल कपूर ने माधुरी दीक्षित को शनाख्त छोड़ने के लिए उकसाया था।
क्योंकि अनिल कपूर तेजाब राम लखन के सक्सेस के बाद खुद को अगला सुपरस्टार समझने लगे थे। और वह चाहते थे कि माधुरी दीक्षित की जोड़ी उनके सिवाय किसी और के साथ ना बने। 1989 मायापुरी पत्रिका की खबर को सही माने तो आपको मेरी इस बात पर यकीन हो जाएगा कि अनिल कपूर ने ही माधुरी दीक्षित को शनाख्त से एग्जिट के लिए उकसाया था। माधुरी दीक्षित ने शनाख्त के सेठ पर ब्लाउज ना उतारने पर आड़े रहने का जो नाटक किया था, वह बिल्कुल एक बहाना था। क्योंकि अंग प्रदर्शन से माधुरी को इतना परहेज होता तो माधुरी दयावान में तो अश्लीलता और अंग प्रदर्शन की सारी हदें पार कर चुकी थी और उसके बाद भी परिंदा दिल राजा बेटा इन मूवीज में भी उसने खुलकर अंग प्रदर्शन किया था। इससे यह साफ जाहिर होता है कि माधुरी दीक्षित का रिमोट कंट्रोल अनिल कपूर के पास ही था। शनाख्त छोड़ने वजह अंग प्रदर्शन से परहेज नहीं थी बल्कि यह पिक्चर माधुरी ने अनिल कपूर के कहने पर ही छोड़ी थी। माधुरी दीक्षित एक सेल्फिश एक्ट्रेस थी।
पहले अनिल कपूर के साथ फायदा दिखा तो उससे चिपकी रही। बाद में मिथुन के साथ फिल्में मिली तो उससे नजदीकियान बढ़ाई। भाया अमीर खान आखिर में उसने संजय दत्त को पकड़ लिया था। जब संजय दत्त का मुंबई ब्लास्ट में नाम आया तब उसने संजय दत्त को छोड़ दिया था। माधुरी दीक्षित की करियर में एक दौर ऐसा भी आया था कि उसकी याराना, पापी देवता, प्रेम ग्रंथ, राजकुमार, कोयला, महानता, मृत्युदंड, मोहब्बत आदि मूवीज एक लाइन से फ्लॉप हुई। तब जाकर उसे सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की याद आई थी। लेकिन अमिताभ बच्चन के साथ मूवीज के लिए अब किसी प्रोड्यूसर के पास माधुरी के लिए कोई ऑफर नहीं था। बड़े मियां छोटे मियां के एक सॉन्ग के लिए उसे पूछा गया तो मूवी के स्टार अमिताभ बच्चन गोविंदा के साथ स्क्रीन शेयर करने के चांस को उसने झट से एक्सेप्ट कर लिया था। नहीं चखना ओए मखना ओए मखड़ा मेरा दिल तेरे पास ही रखना वक्त वक्त की बात होती है दोस्तों जो माधुरी दीक्षित अपने करियर के पीक पर अमिताभ बच्चन की शनाख्त को अधूरा छोड़ एग्जिट कर गई थी वो माधुरी अपने करियर के उतरते द्वार में अमिताभ बच्चन के साथ काम करने को झट से तैयार हो गई थी।
इतना ही नहीं जब माधुरी दीक्षित का करियर पूरी तरह ढलान पर था तब उसने जेपी दत्ता के पास जाकर उनकी ठंडे बक्से में जा चुकी अमिताभ बच्चन के साथ बनने वाली प्रपोज्ड मूवी बंधुआ को फिर से फ्लोर पर लाने की रिक्वेस्ट भी की थी। जब जेपी दत्ता के पास जाकर भी बात नहीं बनी तो उसने डेविड धवन की बड़े मियां छोटे मियां में अमिताभ बच्चन गोविंदा के साथ ओम मखना सांग में काम किया था। दोस्तों, अमिताभ बच्चन के करियर की यह सबसे बड़ी विशेषता रही है कि जिस भी अभिनेता, अभिनेत्री, डायरेक्टर ने पहले अमिताभ बच्चन को नजरअंदाज किया था, ठुकराया था, वह बाद में अमिताभ बच्चन के साथ काम करने को तरस गए थे और माधुरी दीक्षित की गिनती भी उन्हीं अभिनेत्रियों में होती है। जिसने पहले अमिताभ बच्चन के साथ वाली मूवी को ठुकराया था, और अकल ठिकाने आने पर अमिताभ बच्चन के साथ काम पाने के लिए जमकर प्रयास किया था। तो यह था अमिताभ बच्चन का स्टारडम। दोस्तों, अगर अमिताभ बच्चन माधुरी दीक्षित की शनाख्त और बंधुआ बनकर रिलीज होती, तो बॉक्स ऑफिस पर उसका प्रदर्शन कैसा होता? आपकी राय कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें और ऐसे ही बॉलीवुड गसिप्स के लिए हमारा चैनल अविनाश ऑफिशियल को हाइप, लाइक और सब्सक्राइब जरूर करें।