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अभिजीत दीपक किस सरकारी आदेश के खिलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे?

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कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीप के अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। मामला है सीजेपी के एक्स अकाउंट को ब्लॉक किए जाने का और अब सोशल मीडिया की लड़ाई अदालत के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। वारंट बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक अभिजीत दीपके ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीजेपी के एक्स हैंडल पर लगे प्रतिबंध को चुनौती दी है। चैलेंज किया जो विद हेल्ड किया गया उनका अकाउंट उसको लेकर सरकार ने अकाउंट ब्लॉक करने की बजाय नेशनल सिक्योरिटी कंसर्न्स यानी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं बताई। ऐसी रिपोर्ट्स आई। हालांकि इस पर सरकार का कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया। रिपोर्ट के मुताबिक यह याचिका एडवोकेट नकुल गांधी के जरिए दाखिल की गई है और इस पर इसी हफ्ते सुनवाई हो सकती है। यानी एक तरह से देखा जाए तो दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचने का जो फैसला

अभिजीत दीपके ने लिया है वो सरकार के खिलाफ सरकारी आदेश के खिलाफ उन्होंने लिया है और सरकारी आदेश के खिलाफ जो कथित तौर पर रिपोर्ट्स के जरिए हम तक पहुंचा है उसके खिलाफ अभिजीत दीपके दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। अब सवाल अकाउंट ब्लॉक हुआ कैसे? तो इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इंटेलिजेंस ब्यूरो भारत का आईबी है। उससे मिले इनपुट्स के बाद केंद्र सरकार ने कारवाई की थी। आरोप था कि अकाउंट पर जो कॉकरोच जनता पार्टी का Twitter अकाउंट है उस पर शेयर की जा रही कुछ चीजों से नेशनल सिक्योरिटी यानी राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। ये सोर्सेस ने बताया था इंडियन एक्सप्रेस को। उनकी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट थी। इसके बाद मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने आईटी एक्ट 200 के सेक्शन 69 ए के तहत एक्ट्स को अकाउंट विदहेल्ड करने यानी प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया सीजेपी का जो अकाउंट था उसको। अब यहां एक जरूरी बात सेक्शन 69 ए वो कानूनी प्रावधान है जिसके तहत सरकार ऑनलाइन कंटेंट या अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दे सकती है। अगर मामला राष्ट्रीय सुरक्षा संप्रभुता यानी सोवनिटी या पब्लिक ऑर्डर मेंटेन करने से जुड़ा माना जाए तब। लेकिन इसी बीच सीजेपी से जुड़े घटनाक्रम तेजी से बदलते रहे। सुप्रीम कोर्ट में सीजेपी के खिलाफ केस दाखिल किया गया।

25 मई को यह केस सीजीआई सूर्यकांत की बेंच के सामने मेंशन हुआ। पिटिशनर ने सीजेआई से गुजारिश की कि इस मामले पर अर्जेंट सुनवाई की जाए। लेकिन सीजेआई ने ये कहते हुए मना कर दिया कि इस पर नहीं सीजेपी पर इतना भावुक होने की जरूरत नहीं है। डोंट टेक इट सो सेंटीमेंटली। ये कहा था। उससे पहले 23 और 24 मई के दौरान भी अभिजीत दीपके ने अपने प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ एक्शंस लिए जाने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया। सीजेपी का Instagram पेज हैक कर लिया गया। उनका पर्सनल Instagram अकाउंट भी कॉम्प्रोमाइज हुआ। एक्स अकाउंट भारत में विदहेल्ड कर दिया गया। बैकअप अकाउंट भी सस्पेंड हो गया और वेबसाइट तक बंद कर दी गई। हालांकि बाद में 24 मई को उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के Instagram पेज उसको वापस एक्सेस हासिल कर लेने की जानकारी दी जिसमें अभी 22 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स हैं। यानी लगभग 2 सवा दो करोड़ फॉलोवर्स वहां पर पहुंच चुके हैं। उसका एक्सेस उन्होंने खोने की जानकारी पहले दी थी। दावा किया था और बाद में उन्होंने कहा 24 मई को ही कि हमको यह एक्सेस वापस मिल गया है। इसी बीच सीजेपी की वेबसाइट को लेकर भी विवाद बढ़ गया। अभिजीत दीपके ने दावा किया कि उनकी वेबसाइट कॉकरोच janta py.org बंद कर दी गई है। उनका आरोप था कि वेबसाइट पर करीब 10 लाख लोगों ने बतौर मेंबर्स रजिस्ट्रेशन किया था और लगभग 6 लाख लोगों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए पिटीशन पर साइन किए थे।

लेकिन यहां टेक्निकल बात भी समझनी जरूरी है। वेबसाइट खोलने पर डीएनएस प्रोब फिनिश्ड एनएक्स डोमेन एरर दिखाई दिया है। ये एरर कई वजहों से आ सकता है। जैसे डोमेन एक्सपायर होना, लैप्स हो जाना, डोमेन बदलना या फिर डिलीट ही हो जाना। मुमकिन है कि डोमेन सर्वर से जुड़ा ये एरर सरकारी आदेश के बाद आया हो। लेकिन यह जरूरी नहीं। इसलिए सिर्फ इस एक एरर के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि सीजेपी की वेबसाइट सरकारी आदेश पर ही बंद हुई हो। वहीं मामला टेक्निकल के साथ-साथ पॉलिटिकल मोड पर भी पहुंचा। एक और राजनीतिक बहस शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री किरण रजजू ने बिना नाम लिए पाकिस्तान और जॉर्ज सुरोज़ गैंग से वैलिडेशन लेने वालों पर तंज कसा। उन्होंने कहा भारत के पास अपनी बड़ी आबादी और एनर्जेटिक युवा है। एंटी इंडिया गैंग से वैलिडेशन लेने की कोई जरूरत नहीं। इस पर नाम नहीं लिया गया लेकिन इसे एक तरह से कॉकरोच जनता पार्टी की ओर जो तंज है, सटायरिकल वर्क है, उसके ऊपर निशाना माना गया। इससे पहले केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने दावा किया था कि सीजेपी के 49% फॉलोअर्स पाकिस्तान से और सिर्फ 9% ही भारत से हैं। इन दावों के जवाब में खासकर किरण रिजू को जो रिप्लाई है उसमें रिप्लाई करते हुए जो उन्होंने ट्वीट किया था उसके रिप्लाई में। अभिजीत दीपके ने Instagram एनालिटिक्स का स्क्रीन रिकॉर्ड वीडियो शेयर किया और दावा किया कि अकाउंट हैक होने से पहले तक सीजेपी की 94.1% फॉलोवरर्स की संख्या भारत से ही थी। यानी उन्होंने लिखा 94% से ज्यादा ऑडियंस भारत से है।

फिर एक केंद्रीय मंत्री भारतीय युवाओं को पाकिस्तानी क्यों बता रहे हैं? इसी बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में अभिजीत दीपके के घर पर पुलिस तैनात की गई। लेकिन वजह कोई एफआईआर या शिकायत नहीं थी। बल्कि डीसीपी पंकज अतुलकर ने बताया कि हमने एमआईडीसी वोज इलाके में अभिजीत दीपक के घर पर 24 घंटे सामान्य पुलिस सुरक्षा दी है। यह इसलिए किया गया है ताकि वहां भीड़ इकट्ठा ना हो क्योंकि सीजेपी का मुद्दा सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। ये उनके शब्द थे। अभिजीत ने यह भी दावा किया कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें एक वीडियो भेजा गया जिसमें कथित तौर पर कहा गया हम तुम्हारे घर के बाहर पहुंच गए हैं। ऐसे में इस पूरी कहानी का केंद्र सिर्फ एक ब्लॉक्ड एक्स अकाउंट नहीं रह गया है। लेकिन सारिकल मुहिम की शुरुआत हुई तो एक्स या Twitter से ही थी। सो एक्स अकाउंट इस घटनाक्रम में एक अहम कड़ी तो है ही। और यही वजह है कि अभिजीत दीप के अपने अकाउंट पर हुए इस एक्शन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। इस पूरे विवाद का अगला बड़ा पड़ाव क्या होगा? यह दिल्ली हाईकोर्ट में ही तय होना है। बाकी आप इस पूरी खबर पर क्या सोचते हैं? हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब करें। मैं हूं शेख नावेद। देखते रहिए लन टॉक।

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