तख्ता पलट कर चुके मोहम्मद जियाउल हक ने पाकिस्तान में मार्शल लॉ का ऐलान कर दिया था। रातोंरात वहां की आर्मी ने सख्त इस्लामिक कानून लागू कर दिए। नाचने गाने जैसी कला को हराम बताकर पूरी तरह रोक लगा दिया गया। हजारों कलाकार अपना काम धंधा छोड़कर घर में बैठ गए। ऐसे माहौल में भी एक 26 27 साल की लड़की लगातार थिरक रही थी। बदन पर साड़ी, बाल में गजरा, मुख पर साझ, श्रृंगार किए। भारत नाट्यम करते हुए उसके घुंघरू जियाउल हक के शासन की खिल्ली उड़ा रहे थे।
उस दौर में वो एकमात्र ऐसी डांसर थी जिसने बंदूक की नोक देखने के बावजूद अपनी कला का साथ नहीं छोड़ा। वो 26 साल की लड़की आज 75 की हो गई है। डांस करके उन्होंने पाकिस्तानी महिलाओं के हक में जितना काम किया उतना शायद वहां की हुकूमत भी ना कर सकी। फर्क सिर्फ इतना है कि पाकिस्तान का सबसे क्रूर तानाशाह भी जिसका बाल बांका नहीं कर सका उसे पिछले दिनों पाकिस्तान की पुलिस घसीटती हुई ले गई क्योंकि वो पाकिस्तानी महिलाओं के अधिकारों और उनके हक के लिए आवाज उठा रही थी।
हम बात कर रहे हैं वेटन पाकिस्तानी क्लासिकल डांसर, एक्टर और सोशल एक्टिविस्ट सीमा करमाने की। पाकिस्तान में भरनाट्यम डांस फॉर्म का जाना माना नाम है। आप में से बहुतों ने उन्हें पाकिस्तानी सिंगर अली सेठी के वायरल गाने पसूरी में देखा होगा। उसमें साड़ी पहने भरनाट्यम करती जो महिला आपको नजर आ रही है वो शीमा कर्मानी ही है।
वो पाकिस्तान की सबसे चर्चित कलाकारों में से एक है। अपनी संस्था तहरीक-ए-निस्वा के जरिए वो दशकों से महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ रही है। रोचक बात यह है कि उन्होंने इस संस्था की स्थापना 1979 में की थी। यानी उसी दौर में जब जियाउल हक की तानाशाही अपने चरम पर थी। बंदूकों से लड़ने के लिए उन्होंने डांस और अभिनय को अपना हथियार बनाया। खैर पिछले दिनों इंटरनेट पर अचानक उनका एक वीडियो वायरल हुआ। उसमें पुलिस उन्हें अरेस्ट करके ले जा रही थी। महिला कांस्टेबल्स उन्हें गाड़ी में बिठाने के लिए लगातार धक्कामुक्की कर रही थी।
उनसे बचने के लिए शीमा ने भी गुस्से में खूब हाथ-पांव जलाए। तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस उन्हें अपने साथ ले जाने में सफल हो गई। मगर यह सब हुआ क्यों? आखिर शमा ने ऐसा क्या किया कि उन्हें अरेस्ट करने की नौबत आ गई। जवाब है हक। दरअसल कुछ दिनों बाद वो कराची में औरत मार्च करने वाली है। लेकिन प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं दी। इसके विरोध में उन्होंने कराची प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलवाई थी। हालांकि इससे पहले कि वह वहां कुछ करती पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है।
जिसके बाद पाकिस्तान और भारत समेत दुनिया भर के लोगों ने सिंध सरकार की खूब आलोचना की। खासकर इस बात के लिए कि वहां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी यानी पीपीपी की सरकार है। पीपीपी वही पार्टी है जिसकी तरफ से बेनजीर भुट्टो पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थी। लोगों ने कहा कि जब बेनजीर की ही पार्टी एक महिला के साथ ऐसी बदसलूकी कर रही है तो बाकियों से क्या उम्मीद रखी जाए?
जो भी हो उन्हें सोशल मीडिया की ताकत का अंदाजा नहीं था। हल्ला मचा तो सिंध सरकार प्रेशर में आ गई। उन्होंने फौरन तीन पुलिस ऑफिसर्स को सस्पेंड कर दिए। साथ ही सीमा को रिहा कर दिया। सरकार का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी। इतना ही नहीं उन्होंने सीमा से इसके लिए माफी भी मांगी लेकिन लोग उनकी इस सफाई से संतुष्ट नहीं है। पाकिस्तानी जनता का कहना है कि अगर सरकार को इस घटना के बारे में पता नहीं था तो पुलिस ने इतनी सख्ती किसके आदेश पर की? इतनी नामचीन हस्ती का सरेआम यूं घसीटा जाना नॉर्मल तो नहीं है। लोगों का आरोप है कि या तो सरकार इस बारे में झूठ बोल रही है या फिर उनका सिस्टम पर कंट्रोल नहीं है। दोनों ही केस में लोग इस बात से सहमत दिख रहे हैं कि सीमा कर्मानी का इस तरह अरेस्ट किया जाना गलत है। वो भी तब जब वो सिर्फ एक महिलाओं के हक में कर रही थी। वैसे 1951 के रावलपिंडी में जन्मी सीमा का परिवार भारत से था। उनके पिता लखनऊ और मां हैदराबाद की थी। क्योंकि उनके पूर्वज ईरान के करमान से आए थे इसलिए उन्हें करमानी सरनेम मिला।
बंटवारे के बाद उनका परिवार पाकिस्तान चला गया। जहां उनके पिता पाकिस्तानी सेना में ब्रिगेडियर बने। बाद में उन्होंने कराची इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉरपोरेशन में बतौर चेयरमैन भी काम किया। शीमा के पति खालिद अहमद एक चर्चित पाकिस्तानी टीवी एक्टर है और डायरेक्टर भी है। उनका एक भांजा भारत में बड़ा फिल्म मेकर है। जानते हैं हम किसकी बात कर रहे हैं? इम्तियाज़ अली की। वही इम्तियाज अली जिन्होंने रॉकस्टार, जबवी मेट और लव आजकल जैसी फिल्में बनाई हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो जिन सीमा कर्मानी की हम बात कर रहे हैं वो इम्तियाज अली की मामी हैं। सीमा लंबे समय से एक्टिंग करती रही है। साथ ही वेस्टर्न म्यूजिक पर भी उनका काम सदा हुआ है। हिस्ट्री में एमफिल है और अभी पीएचडी कर रही है।
फिर भी उन्होंने पाकिस्तान में रहते हुए भरनाट्यम को क्यों चुना? इसकी कहानी बड़ी दिलचस्प है। दरअसल पार्टीशन के बाद कोलकाता के एक बड़े बिजनेसमैन जॉर्ज मलिक पाकिस्तान में फनकार नाम की मूवी बनाना चाहते थे। उसमें डांस कोरियोग्राफी करने के लिए उन्होंने अपने दोस्त घनश्याम और उनकी पत्नी नीलिमा को कराची इनवाइट किया था। दोनों भारत नाट्यम के एक्सपर्ट थे। 1952 में दोनों कराची पहुंचे मगर फनकार कभी बन नहीं सकी। लेकिन इस बहाने हुसैन शहीद सोहरावर्दी ने उनका काम देख लिया। यह वही सोरावर्दी है जो 1956 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे। जब उन्होंने घनश्याम का डांस देखा तो इंप्रेस हो गए। इतने कि उन्होंने उनसे पाकिस्तान में ही रुकने और कराची में एक डांस स्कूल शुरू करने को की रिक्वेस्ट कर डाली। यह पाकिस्तान में क्लासिकल डांस की नई शुरुआत थी। घनश्याम ने कराची में जो स्कूल खोला उसमें कत्थक, भरनाट्यम और दूसरे क्लासिकल डांस फॉर्म सिखाए जाते थे। सीमा भी उसी स्कूल की देन है।
वो 13 साल की थी जब उन्होंने घनश्याम से डांस सीखना शुरू किया। समय के साथ वो इसमें बतौर स्टाफ काम करने लगी। लेकिन 1977 के बाद सब कुछ बदल गया। जनरल जियाउल हक ने सत्ता संभाली और मार्शल लॉ के दौर में इस स्कूल की फंडिंग बंद कर दी गई। इतना ही नहीं स्कूल को एंटी मुस्लिम बताकर वहां के टीचर्स और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां तक दी गई। समय के साथ माहौल बिगड़ता जा रहा था। तंग आकर घनश्याम ने पाकिस्तान छोड़ने का फैसला किया। मगर वो चाहते थे कि उनकी गैर मौजूदगी में भी यह स्कूल चलता रहे। उस समय सीमा लंदन में फाइन आर्ट्स की पढ़ाई कर रही थी। घनश्याम उन्हें अपनी बेटी जैसा मानते थे। मजबूरी में उन्होंने सीमा को बुलावा भेजा। लेकिन जब तक वो लौटती कराची तब तक वहां क्लासिकल डांस खत्म हो चुका था। कई कलाकार देश छोड़कर जा चुके थे। कई डर कर घरों में छिप गए थे। लेकिन सीमा हार नहीं मानी। उन्होंने बड़े-बड़े स्टेज शोज़ करने शुरू कर दिए। उनकी साड़ियां, उनका डांस और उनका कॉन्फिडेंस उस दौर में राजनीतिक विरोध का प्रतीक बन गया।
सरकार ने उन्हें रोकने की तमाम कोशिशें की। उनके स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी भी मिली। मगर सीमा रुकी नहीं। ना तब जब जियाउल हक ने उन पर दबाव बनाया था ना अब जब पाकिस्तान पुलिस उन्हें सरेआम अरेस्ट करके ले गई।