पेपर लीक की बात सामने आने के बाद 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा रद्द कर दी गई है। जी हां, बड़ी खबर यह है कि नीट की नीट यूजी की परीक्षा रद्द कर दी गई है। पेपर लीक का मामला सामने आया।
उसके बाद यह फैसला लिया गया। नेशनल एजेंसी यानी ने केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया है कि परीक्षा को रद्द किया जाए। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों के चलते ने यह फैसला लिया है। पेपर लीक मामले की जांच अब करेगी। एनटीए परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान जल्द करेगी। फिलहाल मामलेमें अब तक 45 लोगों को पकड़ लिया गया है। जिसे जिस जिनसे पूछताछ हो रही है। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
तो सबसे पहले अमरीश आप बताएं दिल्ली में इस वक्त इस खबर को लेकर क्या हलचल चल रही है? देखिए जहां तक दिल्ली की बात है तो दिल्लीमें सबसे पहले एनटीए ने इस एग्जाम को कैंसिल किया और उसके बाद अगली डेट कब तक होगी इस बात को लेकर एक मंथन चल रहा है। शिक्षा मंत्रालय में एक बड़ी बैठक चल रही है जिसमें के अधिकारी शिक्षा सचिव शामिल हैं और संभवत उसमें अभी थोड़ी देर बाद शिक्षा मंत्री भी जुड़ सकते हैं और उसके बाद यह फैसला लिया जाएगा कि आखिर अह इस तरह ये जो परीक्षा है.
इसको दोबारा कब कराया जाना है। किस तरीके के माहौल में कराया जा रहा है और साथ-साथ अभी जो परीक्षा जो रद्द हुई है उसमें किस तरीके से उसकी जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। तीसराऔर सबसे बड़ा अपडेट कि इस पूरे मामले को को सौंप दिया गया है। अब तक जितनी भी पूछताछ थी जो कि राज्यों से हो रही थी उनका सबका लिंक अब शेयर किया जाएगा के साथ और अब इस मामले को आगे ले जांच करेगी और जो जानकारी है उसके अनुसार की टीम राजस्थान पहुंच चुकी है जो कि वहां के जो एसओजी है उससे बातचीत कर रही है। उससे पूछताछ कर रही जो अभी तक के इनपुट्स है वो हैंडओवर ले रही है। तो ये दिल्ली की अपडेट है।
चौथा ये है कि दिल्ली में इसको लेकर पॉलिटिकल हलचल जो है वो भी बढ़ गई है। लगातार जो पार्टियां हैं वहसरकार पर हमलावर हैं। वह लगातार यह कह रही है कि जब से एनटीए बना है तब से आज तक कोई भी ऐसी परीक्षा नहीं हुई जो बिना रद्द हुए पूरी संपन्न की जा सकती हो। लिहाजा इस तरह की अथॉरिटी बनाने का कोई मतलब नहीं था। सरकार जानबूझकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
इस परीक्षा की जहां तक बात है तो परीक्षा 3 मई को हुई थी और कहा जा रहा है कि 3 मई से 2 दिन पहले ही बच्चों के पास परीक्षा के जो सैंपल पेपर थे गेस पेपर थे वो आ चुके थे और उसमें से आधे से ज्यादा क्वेश्चन जो है वो मेन परीक्षा में जो आए थे वो मिलते जुलते यानीकि कहा जा रहा है साफ़ तौर पे कि यह परीक्षा का लीकेज है और इसमें कई सारे राज्य शामिल हैं।
विशेष तौर पे राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल, उड़ीसा ये जो राज्य हैं ये ज्यादातर इसमें एक्टिव दिख रहे हैं और पूरी लिंक जो है उसी तरीके से इसकी जांच आगे भी बढ़ रही है। अब जहां तक बात है अगले कार्य की तो मीटिंग में इस बात पे फैसला लिया जाना है कि परीक्षा की अगली तारीख क्या हो सकती है। हालांकि यह जरूर आश्वासन दिया गया कि जिन बच्चों ने अभी तक जो रजिस्ट्रेशन कराया था जो कि 22 लाख के आसपास हैं उन सारे बच्चों के रजिस्ट्रेशन एज इट इजरहेंगे।
उनको कोई अलग से फीस नहीं देने की जरूरत है। अलग से कोई पर्चा भरने की जरूरत नहीं है। उसी पर्चे पर उसी सारी डिटेल के साथ वह दोबारा एग्जाम दे सकते हैं। लेकिन एक यह बड़ा फ़ेलर है क्योंकि इसके पहले हमने देखा था दो- 204 में इस तरह का मामला आया था और एक बड़ा प्रोटेस्ट पूरे देश में हुआ था और उसके बाद एक बड़ा बदलाव किया गया था .
एनटीए के पूरे सिस्टम में इको सिस्टम में और उस बदलाव के बाद भी इतनी बड़ी परीक्षा का इतनी आसानी से लीक हो जाना उसका पेपर और उस उसके बाद यह फैसला लिया जाना है कि उसको रद्द करना है ये एकबड़ा प्रश्न चिन्ह उठाता है और इसको लेकर प्रोटेस्ट भी लगातार हो रहे हैं.
अभी एनएसयूआई का प्रोटेस्ट जो कि एनटीए के दफ्तर के बाहर इस समय हो रहा है और थोड़ी देर बाद ये प्रोटेस्ट जो है पॉलिटिकल तरीके से और भी आगे बढ़ेगा। तो एक बड़ा अपडेट हम कह सकते हैं दिल्ली से। हालांकि राज्यों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है खासतौर पर राजस्थान में। जी। तो ये ये बड़ा अपडेट हम आपको बाकी शहरों से भी ग्राउंड रिपोर्ट बताएंगे और दिखाएंगे। लेकिन आपको बताते हैं कि इस वक्त जो है अब वह अलग-अलग शहरों में अह किस तरह का प्रोटेस्ट किस तरह का विरोधप्रदर्शन हो रहा है। ये देखना भी ज़रूरी है क्योंकि कुल मिलाकर आप देखें तो छात्रों के भविष्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है।
क्योंकि अगर बार-बार इस तरह के मामले आते हैं तो जाहिर तौर पे एक बहुत बड़ी चिंता है। इस तरह के हाई प्रोफाइल एग्जाम में भी अगर इस तरह की दिक्कत आती है तो निश्चित तौर पर इस पर बहुत ज्यादा गंभीरता से सोचने की जरूरत है। दिल्ली, लखनऊ, पटना, भोपाल की तस्वीरें आपके सामने हैं। अह अलग-अलग जगह इसको लेकर के किस तरह से छात्र सड़क पर दिख रहे हैं। देयर इज इन अ मीडिया एंड सोशल मीडिया दैट पेपर इज लीकिंग इन राजस्थान एंड मेनी ऑफ दक्वेश्चन वाज लीक्ड वाज़ द इंफॉर्मेशन बट नाउ गवर्नमेंट हैड टेकन द डिसीजन टू कैंसिल द एग्जाम व्हिच हैव बीन टेकन बाय द नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एंड गिवन अ सीबीआई इंक्वायरी टू फाइंड आउट द कल्पिट्स एंड बिहाइंड दिस लीकिंग ऑफ द पेपर कौन सही कौन गलत इस लड़ाई में मैं नहीं जाना चाहता। हां सरकार को इस बात के लिए धन्यवाद जरूर देना चाहता हूं कि बहुत क्विक एक्शन लिया गया है बच्चों के हित में। जैसे ही पता पड़ा कि हां घटना नहीं होनी चाहिए थी पर अपनी घटना हो चुकी। एक्सीडेंट नहीं होना चाहिए था। ये सच है। बट अगर एक्सीडेंट हो गया तो क्या जो हमाराफर्स्ट किट होना चाहिए था सरकार द्वारा वो बिल्कुल सही लिया गया है। ये सच है कि बहुत फास्ट डिसीजन नहीं लिया गया कि नीट दोबारा होना चाहिए। बहुत दुखद बात है। 22 लाख से ज्यादा बच्चे इस पेपर में अपीयर हुए थे। बिहार बिहार से डेढ़ लाख बच्चे अपीयर हुए थे और पेपर लीक हो जाने से उन बच्चे हाथों साहिद हैं। यह सारे बच्चे हैं जो कि मेरे से मिलने आए हैं न्यूज़ आते ही 12:00 बजे न्यूज़ आया और यह बच्चे मेरे पास आए सर अब क्या करना है? तो ये बड़ी दुखद बात है और ये पहली बार नहीं बार-बार हो रहा है। तो इसको रोकने की बहुत जरूरत है। ऐसे सीबीआईइंक्वायरी बैठा दी गई है। लाइक बहुत ही होता है। लाइक हम लोग दो साल से लगातार मेहनत कर रहे होते हैं। और स्पेशली हमारे साथ टीचर्स भी इतने लगे रहते हैं। पूरी रात-रात भर जग के मेहनत करना। फिर उसके बाद पेपर लीक करवा देना। तो यह कोई लाइक लॉजिक नहीं बन रहा है। फिर उसके बाद रीट करवाना यह भी मतलब पहली बात लीक ही नहीं होना चाहिए पेपर और फिर अगर लीक हो भी रहा है तो उन बच्चों के लिए कितना नुकसान है जिन्होंने इतनी मेहनत करी। इतनी मेहनत करके 700 के ऊपर मार्क्स लेकर आ रहे हैं। इस समय बहुत ज्यादा प्रेशर होता है बच्चों पे कि इतने मेहनतसे उन्होंने दो साल पढ़ाई की है। फिर उसके बाद अगले साल हम हमें भी देना है तो हमारे साथ भी ऐसा हो सकता है। क्या पता और इतनी मेहनत करते हैं बच्चे। बच्चे टीचर्स भी मेहनत करते हैं। हमें बहुत ज्यादा ही मेहनत करनी पड़ती है नीट के लिए और फिर इस बार बहुत सारे बच्चों का हमारे एलएनसी बहुत सारे बच्चों के अच्छे रिजल्ट्स आ रहे हैं और फिर पता नहीं क्या पता जो अभी हो रहा है रीट उसमें बहुत सारे खराब भी क्वेश्चंस आ सकते हैं। बहुत टफ लेवल के आ सकते हैं। तो क्या पता इस बार ना हो। एक्चुअली हम दो साल से तैयारी करते हैं औरफिर मींस ऐसा कुछ होता है तो ऑफ कोर्स बच्चों का मेंटल ब्रेकडाउन हो जाता हो सकता है हो सकता है एंड मींस बहुत लोगों को डिसऑर्डर भी हो सकता है ऐसे एंड और टीचर्स वगैरह सब साथ में लगे रहते हैं तो मींस ऐसा नहीं होना चाहिए मतलब काफी बच्चे जो होते हैं एक तो डिप्रेशन एंजायटी के शिकार रहते हैं फिर वो जब नीट की टाइम आती है उसमें और एंजाइटटी डिप्रेशन रहती है फिर आप जब एग्जाम दो आपको लगे कि हां मेरा क्लियर हो रहा है और फिर आपको पता चले कि पेपर लीक हो गया है तो फिर मेंटल स्ट्रेस काफी ज्यादा होता एनटीए तो कह देगी फिर कि हम दूसरी बार नीट करा लेंगेबट फिर आप एक बच्चे का मेंटल प्रेशर भी देखिए कि वो जब नीट दे रहा है तो फिर उसको कितना मेंटल प्रेशर से झेलना पड़ रहा है। तो बिल्कुल आपने सुना स्टूडेंट्स का रिएक्शन और निश्चित तौर पे ये बहुत चिंताजनक है। आपको ले चलते हैं हमारे साथ लखनऊ से आशुतोष जुड़ रहे हैं और जयपुर से हमारे साथ आशुतोष हैं और लखनऊ से भी हमारे साथ मयूर जुड़ रहे हैं। तो आशुतोष बताइए क्या सिचुएशन है? क्या कुछ बातचीत हो पाई है? वहां पर क्या जानकारी मिल पा रही है आपको? देखिए इस वक्त हम राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का जो मुख्यालय है जयपुर वहां मौजूदहैं। जहां से इस पूरे जांच पड़ताल की जो शुरुआत है वो हुई थी। शुरुआती तौर पे ये सामने निकल के आया कि कैसे 410 जो क्वेश्चन थे उसमें से 120 से ज्यादा हूबहू सामने निकल के पेपर में आए थे। यानी कि ये बात एकदम साफ थी कि ये इत्तेफाक नहीं था कि अचानक से इतने सारे जो गैस पेपर के सवाल हैं वो पेपर में आ जाए। यानी कि कोई ना कोई संगठित गिरोह कोई ना कोई संगठित माफिया का जो पूरा एक बड़ा रैकेट है वो इसके पीछे काम कर रहा था। एक-एक करके जो कड़ियां हैं वह जुड़ने लगी और सामने निकल के आया कि नासिक की बात करें, गुड़गांव कीबात करें और फिर जयपुर की बात करें, जयपुर के बाद सीकर की बात करें और सीकर के बाद जम्मू कश्मीर, बिहार और केरल की बात करें। ये अलग-अलग कनेक्शंस हैं जो अभी तक सामने निकल के आए हैं। लेकिन नासिक का नाम अभी तक ओरिजिन के तौर पे सामने निकल के आ रहे हैं। कि यानी कि नासिक से सबसे पहले यह जो पेपर है यह आउट हुआ था। एक जानकारी यह भी सामने निकल के आ रही है कि कुछ जो कोचिंग संचालक हैं उन्होंने इस पूरे पेपर को जो कि गैस पेपर के तौर पे स्टूडेंट्स को बताया गया था ना सिर्फ उनको ये बताया गया बल्कि उनको सॉल्व भी करवाया गया।राइट चलिए अब ले चलते हैं आपको लखनऊ मयूर शुक्ल शुक्ला हमारे साथ हैं। मयूर बताएं लखनऊ में क्या हालचाल है इस खबर को लेके? हां बिल्कुल देखिए जैसे ही यह खबर सामने आई लखनऊ में तमाम बड़ी कोचिंग्स हैं जो नीट की परीक्षा कराती हैं वहां के बच्चों से जब हमने बात की तो उन्हें पता भी नहीं था कई बच्चों को कि पेपर लीक हुआ और उसके बाद आज पेपर रद्द हो गया तो जबरदस्त नाराजगी और निराशा उनके अंदर देखने को मिली उनका कहना है कि उनकी क्या गलती है लगातार एक साल से तैयारी कर रहे थे दूसरे शहर में आके पढ़ाई कर रहे हैं अच्छा खासाअमाउंट इन्वेस्ट किया है कोचिंग में आने जाने में किराया लगता है एग्जामिनेशन जो जो फॉर्म का फीस होता है वो जमा पेपर देने गए उसमें खर्चा हुआ। अब ऐसे में इतनी आसानी से कह दिया गया कि छात्रों के हित में हमने फैसला ले लिया कि हमने पेपर जो लीक हुआ था उसको रद्द कर दिया। लेकिन यह लीक हुआ ही क्यों और यह पहली बार नहीं है। इसके पहले भी इस तरीके की चीजें सामने आई है। इतना बड़ा तंत्र है। एनटीए को बनाया गया। उसको कि टेक्नोलॉजी से पूरी तरीके से लैस है। पारदर्शी तरीका से परीक्षा होगी। नकल माफियाओं पर जो है लगाम लगाई जाएगी।नकल विहीन परीक्षा होगी। और उसके पहले ही 3 तारीख को परीक्षा होनी थी। 2 तारीख से ही पेपर सर्कुलेट होने लगे। जिसमें इससे तमाम क्वेश्चंस मैच हो रहे थे। Telegram हो या Instagram हो इसके जरिए स्टूडेंट्स के पास तक पहुंचे। तो जो मेहनत करने वाले बच्चे हैं जो अपने घरों से दूर हैं जो तैयारी कर रहे हैं लंबे समय से उनका तो नुकसान कर ये बिल्कुल ठीक बात है। ये बिल्कुल बच्चों के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है और जाहिर तौर पे इस पे बड़ा एक्शन होना चाहिए। बहुत शुक्रिया मयूर आपका, आशुतोष आपका, अमरीश आपका इस खबर पर ग्राउंडरिपोर्ट हम तक पहुंचाने के