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TMC MP ने बीजेपी पर लगाया वोट चोरी का आरोप !

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क्या वेस्ट बंगाल में लोकतंत्र का लूट हुआ है? या यह सिर्फ एक हारी हुई कप्तान की डेस्पिरेशन है? वेस्ट बंगाल असेंबली इलेक्शन 2026 के रिजल्ट्स ने देश को चौंका दिया। बीजेपी इज ऑन ट्रैक टू फॉर्म इट्स फर्स्ट एवर गवर्नमेंट इन बंगाल विथ 200 प्लस सीट्स। लेकिन सीएम ममता बनर्जी ने एक ऐसी स्टेटमेंट दी है जिसने कॉन्स्टिट्यूशनल एक्सपर्ट और आम जनता दोनों को सोचने पर मजबूर किया है। शी सेस कि आई विल नॉट रिजाइन आई डिड नॉट लूज। आखिर इस जिद के पीछे की पॉलिटिक्स क्या है? दोस्तों बंगाल की राजनीति हमेशा से ही हाई वोल्टेज रही है। पर आज जो हो रहा है वो अनप्रेसिडेंटेड है। एक तरफ बीजेपी विक्ट्री सेलिब्रेशनंस की तैयारी कर रही है और दूसरी तरफ टीएमसी कैंप से डेमोक्रेसी अंडर अटैक के नारे गूंज रहे हैं। टीएमसी के सीनियर लीडर और एमपी कल्याण बनर्जी ने आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने एक ऐसा लॉजिक दिया है जो शायद ही पहले कभी सुना गया हो। उनका कहना है कि पिछले 3 महीनों से मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू था और पूरी स्टेट मशीनरी चीफ सेक्रेटरी चला रहे थे। टेक्निकली उनके हिसाब से ममता बनर्जी सीएम के तौर पर काम ही नहीं कर रही थी।

तो फिर रेजिग्नेशन का सवाल कहां से आता है? ऐसा कहा है कल्याण बनर्जी ने। देयर फॉर लास्ट थ्री मंथ शी इज़ नॉट वर्किंग एज अ चीफ मिनिस्टर। देयर फॉर व्हाट इज द क्वेश्चन ऑफ़ रेग्नेशन? बट रूल के हिसाब से इज दैट रूल? कि गवर्नर शो मी द रूल? हां गवर्नर शो मी द रूल? शो मी द रूल शो मी द रूल चोरी का आरोप हां हम तो बोला है चोरी लेकिन बात सिर्फ रेिग्नेशन तक लिमिटेड नहीं है। कल्याण बनर्जी ने काउंटिंग प्रोसेस पर संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने बोला है कि चोरी हैपेंड इन दिस काउंटिंग टाइम। उनका दावा है कि टीएमसी कैंडिडेट्स और काउंटिंग एजेंट्स को ब्रूटली असॉल्ट किया गया। और यह असॉल्ट किसी गुंडे ने नहीं बल्कि सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों ने की। ऐसा उनका कहना है। ही क्लेम्स एजेंट्स वर लिटरली थ्रोन आउट ऑफ द काउंटिंग सेंटर्स। उनका दावा है कि भैया एजेंट्स को काउंटिंग सेंटर से उठा के बाहर फेंका जा रहा था। पहले भी आप लोग आरोप लगाए हैं वोट चोरी का। इस बार भी बंगाल में यही हुआ। क्या लगता है? इस बार काउंटिंग में चोरी हुआ। दैट इज फाइनल। ऑल द पर्संस ऑल द कैंडिडेट्स वेर ब्रूटली असोल्ड। ऑल द कैंडिडेट्स जो कह इलेक्शन एजेंट्स काउंटिंग एजेंट्स वेर ब्रिटली असोल्ड एंड थ्रोन इन प्रेजेंस बाय दी सीआईएसएफ सीआरपीएफ। एंड दी एव्री एववरीवन वाज़ स्टैंडिंग दी ऑल द ऑफिसर्स एट्सेट्रा। दैट इज़ अ डिफरेंट थिंग वी विल सी फॉर लेटर ऑन। दैट इज़ दैट इज़ दैट दैट इट इज़ इट इज़ अ म ग्रेट थ्रेट टू दी डेमोक्रेसी।

यू सी यू हैव सीन दी इलेक्शंड इट इज़ गुड। पीपल्स आर टर्निंग अप इट इज़ गुड। एवरीथिंग इज़ गुड। बट एट दी एंड व्हाट इज़ द व्हाट इज़ दैट? एट द एंड इट इज़ अ काउंटिंग। यू टेल मी अ वेदर दी प्रेस पीपल वाज अलाउड टू गो देयर। टेल मी वेदर प्रेस व्हाई दी प्रेस विल नॉट बी देयर। व्हाई दी प्रेस वुड बी नॉट देयर। व्हाई दी सीसीटीवी वुड नॉट वर्क। व्हाई दी सीसीटीवी विल नॉट विल नॉट बी शोन बाय द आउटसाइडर्स? वेयर इज द ट्रांसपेरेंसी ऑफ द काउंटिंग? देयर इज नो ट्रांसपेरेंसी ऑफ द काउंटिंग। जर्नलिस्टिक पर्सपेक्टिव से अगर देखें तो ये कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी इलेक्शन कमीशन और सेंट्रल फोर्सेस की न्यूट्रलिटी पर सीधा हमला है। और अगर यह सच है तो यह भारत की डेमोक्रेसी का एक डार्क दिन है। और अगर यह सिर्फ एक पॉलिटिकल नैरेटिव है तो यह इलेक्टोरल मैंडेट को अंडरमाइन करने की साफ-साफ कोशिश है। दर्शकों, ममता बनर्जी का स्टांस बिल्कुल क्लियर है। उनका कहना है कि उन्हें बीजेपी ने नहीं बल्कि इलेक्शन कमीशन की मिसरवियस गेम्स ने हराया है। शी क्लेम्स 90 लाख नेम्स जानबूझकर उनकी वोटर लिस्ट में से डिलीट किए गए थे। वो इसे एक इमोरल विक्ट्री कह रही हैं और वो कहती हैं कि ऑफिशियली चाहे वो हमें हरा दें पर मोरली कभी भी हमें हरा नहीं पाएंगे। यह मोरल विक्ट्री वाला कार्ड बंगाल की पॉलिटिक्स में अब एक नया चैप्टर लिख रहा है। यानी सीट तो नहीं जीत पाए पर मोरल जीतने का दावा ठोकने में ममता बनर्जी और टीएमसी का क्या ही जाता है। इवन दो द नंबर्स आर स्ट अगेंस्ट हर।

लेकिन बीजेपी ने 200 मार्क के साथ जो लाइन क्रॉस की है इससे साफ सीधा पता चल गया कि बंगाल के [संगीत] मन में क्या था। लेकिन दीदी इज नाउ रिफ्यूजिंग टू वॉक टू राजभवन यानी ममता बनर्जी अब तो भैया इस्तीफा देने से ही इंकार कर रही हैं और क्या कहा उनके एमपी टीएमसी के एमपी कल्याण बनर्जी ने आइए आप वो भी सुनिए मेजोरिटी जो सीट लेकर के आई है पार्टी उसको इनवाइट करेगी सरकार बनाने के लिए हां तो होगा इसके लिए रेगिनेशन देने का कहां रहा है तो डूड यू हैव यू रेड एनीथिंग देयर हैव यू रेड एनीथिंग मैंने तो आप हां मैंने जो बताया नो आपने ने जो बताया दैट दे विल कंटिन्यू विथ दैट बट यू हैव नॉट सेड दैट दी व्हेन दी व्हेन दी चीफ मिनिस्टर इज लॉस्ट ही शी हैज़ टू सबमिट रेिग्नेशन व्हेयर इज दैट रूल बाय व्हेयर इज दैट रूल जी कहां बोलते हैं आप? बट हु हैज़ डन इट? हु हैज़ नॉट डन इट दैट्स अ डिफरेंट थिंग। इफ यू स्पीकिंग स्पीकिंग नो नो नो नो नो नो नो नो नो नो नो नो नो नो नो इफ आई इफ वन इज़ सपोज़ ए एकिस्टिंग चीफ मिनिस्टर इज गोइंग टू फॉर्म ए गवर्नमेंट ही और शी विल गिव इट। सो इट इज नॉट मैंडेटरी। इट इज नॉट मैंडेटरी। शो मी रूल सर तो गवर्नर बिकॉज़ व्हाई बाय रीज़न ऑफ़ द एफ्लक्स ऑफ़ टाइम शी इज़ नॉट देयर असेंबली। असेंबली एक बात ये है कि कल देखा गया। फोर्थ काउंटिंग भी प्रोसेस भी कल बहुत स्लो था। कल ये भी देखा।

बहुत कुछ था। यू सी यू हैव सीन द मशीन यू हैव सीन दी मशीन मशीन इज शोइंग दैट चार्ज इज 90% 92% हाउ इट कैन बी दी मशीन वर्क्ड होल डे इन दी इवन यू आर इफ यू आर डोंट यूज योर नेट इवन योर बैटरी विल कम डाउन हाउ इट इज? तो दादा जो दिस इज़ दिस इज द प्रॉब्लम वॉज हैज़ दे हैड नेवर सीन अर्लियर कलंदर यू हैव सो मेनी वर्कर्स हु आर यू नो दे आर इफ दे आर व्हाट सो मेनी वर्कर्स इन इनसाइड ओनली दी 16 और 18 नो आई एम सेइंग देयर आर सो मेनी वर्कर्स इन द स्टेट ऑफ तृणमूल कांग्रेस हु आर नाउ क्लेमिंग दैट यू दे हैव टू रन फॉर देयर लाइफ यस व्हाट विल यू डू लाइक लीगली लेट्स लेट अस सी लेट अस सी पॉलिटिकल पॉलिटिकली वी विल फाइट आउट फर्स्ट बीजेपी के गवर्नर गवर्नर डिसमिस करेगा पीएम सीएम को ऑलरेडी यस यस ऑलरेडी यू सी यू हैव सीन दैट ऑलरेडी यस्टरडे यस्टरडे ऑर अर्ली मॉर्निंग वन पर्सन बेघाटा हैज़ बीन किल्ड। जस्ट नाउ इट हैज़ कम फ्रॉम अनदर अह एरिया दैट अनदर जेंटलमैन हैज़ बीन किल। सो मेनी हाउसेस आर बर्न।

आवर पार्टी ऑफिसेस आरव बीन बर्न। एव्रीथिंग इज देयर। लेट दी पीपल ऑफ़ बंगाल सी दिस। अब दिस इस नॉट माय ओपिनियन। लेट दी पीपल ऑफ़ बंगाल हु हैज़ शॉट फॉर प्रतापन। वी आर आई एम एक्सेप्टिंग दैट। लेट देम सी। दर्शकों अब आगे क्या लॉ कहता है कि इलेक्शन रिजल्ट्स के बाद इनक्यूबमेंट सीएम को रिजाइन करना होता है ताकि नई गवर्नमेंट बन सके। 6 मई को करंट असेंबली का टर्म खत्म हो रहा है और ममता बनर्जी अगर रिजाइन नहीं करती है तो गवर्नर उन्हें डिसमिस करेंगे। कल्याण बनर्जी के बयान ने साफ कर दिया है कि टीएमसी इस मूड में नहीं है कि वह इस डिफीट को ग्रेसफुली एक्सेप्ट करें। वो इसे रोड पर और शायद कोर्ट में भी ले जाएंगे। बंगाल की यह जंग अब बैलेट पॉज से निकल कर एक कॉन्स्टिट्यूशनल क्राइसिस की तरफ बढ़ रही है। क्या यह सिर्फ फ्री बोर्ड बनने से पहले की एक आखिरी ललकार है? या बंगाल में अब एक और बड़ा पॉलिटिकल ट्विस्ट आना बाकी है? हमारी नजर बनी हुई है। आप भी ऐसे ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए बने रहिए वन इंडिया के साथ। मैं हूं आकर्ष कौशिक। [संगीत] सब्सक्राइब टू वन इंडिया एंड नेवर मिस एन अपडेट। डाउनलोड द वन इंडिया ऐप नाउ। [संगीत]

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