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दिल्ली AC ध-मा!का: ‘मां बच्चे को चिपकाए थी, लेकिन… चशमदीद ने बताई कहानी।

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ये वो फैमिली यहां पर रहती थी और एक माता-पिता अपने बच्चे को लिपटे हुए थे और उनकी जलने से मौत हो गई। छोटा बच्चा था जो यह बिल्कुल इमीडिएट जिसके घर में आग लगी थी। उसके मम्मी पापा उसको बचाते हुए सब खत्म हो गया।

शायद उनके पेरेंट्स भी थे घर में। दो बॉडी इधर थी। एक बच्चा था मां के साथ में। एक दरवाजे के साथ बॉडी थी। केवल हड्डी हड्डियां बची थी और कुछ नहीं था उनमें। सारे चुके थे। जब तक हम ऊपर आए ये दरवाजा खत्म होने वाला था। हो गया था। अंदर आग लग चुकी थी। इधर से चीखने चिल्लाने की आवाें आ रही थी। सात वाली बिल्डिंग में। औरये देखिए ये पंखा था।

हम एक जो इतने से मतलब जो गिनी बैग होता है कट्टे में इतने से मैं उसमें लेके गए मतलब तीन लोग जो थर्ड फ्लोर पे थे वो ऊपर आए हैं निकलने के लिए बट वो टेरेस जो है वो लॉक्ड थी तो वो लोग बिल्कुल गेट के वहीं पे टेरेस के वहीं पे तीन वहीं पे मिली है था दो बेड थे इसमें और ये टीटी टेबल थी चेयर्स वगैरह थी टीवी सीवी था सब गए।

इस रूम में हस्बैंड वाइफ और एक छोटा बच्चा छोटे बच्चे से दोनों लोग लिपटे हुए थे। तब वो लोग सांस ले रहे थे। नहीं नहीं दे वर । इस वक्त मैं दिल्ली के विवेक विहार मेंमौजूद हूं और यहां सुबह 3:30 बजे आग लगती है इस बिल्डिंग में और नौ लोगों की हो गई है। पूरी बिल्डिंग बुरी तरह से चुकी है और उसके बगल में जो ये फ्लैट्स हैं इनकी आप हालत देखिए कितना ज्यादा चुका है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं ये बगल वाला फ्लैट अगर इतनी बुरी तरह से है तो इन फ्लैट्स की क्या हालत होगी। हमारे साथ यहां के जो पाशा अंकल हैं ये हैं हमारे साथ और ये आप बताएं अंकल कितने बजे आपको ये जानकारी मिली?

एक्चुअली पौ:45 बजे हम उठे तो उस वक्त यश में आग लग चुकी थी। शुगर मचने की आवाज आ रही थी।तो हम हमारा बैडरूम उधर उस साइड में है। हम इस साइड आए तो मैंने देखा तो हमारे फ्लैट में भी आग आ गई और बहुत ज्यादा धुआं होने लगा तो हम तो अपने पेट्स को लेके नीचे चले गए।

क्या यहां इस एरिया में कोई रहता था अंकल? नहीं। इसमें हमारे सामान एक्चुअली सामान था। दो बेड थे इसमें। और ये टीटी टेबल थी। चेयर्स वगैरह थी। टीवी सीवी था। सब जले गए। हां। अच्छा जब नीचे उतरे अंकल तो क्या नजारा था? क्या नीचे तो सर पूछिए मत। थैंक्स गॉड कि भ फायर ब्रिगेड जल्दी आ गई। उसकी वजह से बहुत सेफ्टी हो गई। नहीं तो मेरा भी पूरा मकान जलना था और इसमेंबिल्डिंग में भी जो फ्रंट के लोग सेफ हैं शायद ना होते। अच्छा यहां से जब आप यहां पर आए होंगे देखने तो कुछ दिख रहा था कि इन रूम्स में क्या हालात?

सुबह जब देखा तो इस रूम में हस्बैंड वाइफ और एक छोटा बच्चा छोटे बच्चे से दोनों लोग लिपटे हुए थे। अच्छा तब नजर आ रहा था तब वो लोग सांस ले रहे थे। नहीं नहीं दे वर डेड। अच्छा यहां से आपको दिख रहा था कि वो मां बच्चे मां पिता हो चुकी थी। इन लोगों से मुलाकात में कल होती थी बातचीत। बिल्कुल बिल्कुल। कौन लोग थे? जैन लोग थे। जैन साहब मोस्टली जैन फैमिली रहती है इसमें। इस बिल्डिंग में मैक्सिममजेंस हैं। तो जितने भी डिसीज है सब जैन हैं।

मतलब जो आप बता रहे हो कि एक माता-पिता अपने बच्चे को लिपटे हुए यहां पर पढ़ते थे वो सिंगल परिवार था। हम क्या नाम है अंकल का? जैन थे पूरा नाम तो मुझे भी जैन थे वो और लोगों से एक परिवार बताया जा रहा है कि पांच लोगों का पूरा का पूरा परिवार खत्म हो गया। दादा पोते सब बिल्कुल बिल्कुल ऊपर की फैमिलीज में हां कुछ ऊपर जीने में ट्रैप हो गए। वो बाहर शायद छत पे जाना चाहते थे। अंदर लोग पड़ा हुआ था उनको पता नहीं था। तो फिर वो नीचे भी नहीं आ पाए। ये पूरा अभी कब से रह रहे हैं आप अंकलयहां? मैं नियरली 19 इयर्स। 19 इयर्स कारण बताया जा रहा है शायद एसी । कंफर्म तो नहीं है। मोस्ट प्रोबब्ली सोर्स सिक्योरिटी एसी ब्लास्ट कुछ भी ऐसे ही रहा होगा।

मैं हम लोग तो सो रहे थे तो नीचे से कॉल आया हमें क्योंकि हमारा बेडरूम बिल्कुल इधर कॉर्नर पे है तो हमें तो मालूम नहीं पड़ता था यह दरवाजा बंद था हमारा तो कॉल आया नीचे से कि आग लग गई है बाहर निकलिए तो हम पहले बाहर आए तो उस वक्त तक मतलब आग नहीं लगी थी यहां एंड हम लोग नीचे देखने गए कि क्या हो रहा है। नीचे देखा तो हमें पता चला कैसे आग लगी हैऔर 10 मिनट के बाद ही वी रियलाइज कि आग हमारे घर तक पहुंच गई है। तो वी रश बैक अप बिकॉज़ हमारे बच्चे यहीं पर ही है।

ये डॉग्स जब तक हम ऊपर आए यह दरवाजा खत्म होने वाला था। मेल्ट हो गया था। अंदर आग लग चुकी थी। हमने खोला पहले तो पानी खोला तो सारी स्मोक बाहर आ गई। वी स्टार्टेड चोकिंग। हमने जैसे तैसे मेरे हस्बैंड ने दरवाजा बंद किया बिकॉज़ इट कुड टच इट। बहुत गर्म था। फिर बाहर से पानी वानी डाला। दरवाजे के ऊपर दो-तीन बाल्टी बट वी कुड ब्रीथ एनी मोर। बस हमें ये अपने तीनों डॉग्स को लेके ये दो बड़े-बड़े हैं और एकछोटा है। उसको मैंने गोदी में उठाया। इन लोगों को बाहर से हम नीचे चले गए। भाग गए नीचे। नीचे क्या नजारा था? नीचे पूरी भीड़ थी लोगों की। इधर से चीखने चिल्लाने की आवाें आ रही थी साथ वाली बिल्डिंग में। और लेटर ऑन वी केम टू नो के एक पूरी फैमिली एक छोटा बच्चा था जो ये बिल्कुल इमीडिएट जिसके घर में आग लगी थी एक बच्चा था छोटा उसके मम्मी पापा उसको बचाते हुए सब खत्म हो गए शायद उनके पेरेंट्स भी थे घर में पांच लोग तो उसी उसी घर के मर गए और बाकी एक फ्लैट से वो वो लोग ऊपर शायद स्टेयर्स की तरफ गए कि छत पे जाएंगे।

बट वी केम टूनो लेटर कि उन्होंने छत पे ताला लगाया हुआ था। नोबडी हैड द की। तो वो वहां से भी नहीं निकल पाए और तीन डेड बॉडीज वहां मिली है। और एक बॉडी घर के अंदर एक और फ्लैट में मिली है। दो बच्चों को शायद उन्होंने बालकनी से नीचे मतलब उतारा है या जंप किया है। और एक शायद एक आदमी था उसने शायद जंप किया है। बट ऑल इन ऑल नाइन पीपल ड क्या नाम है दादा? मैं अनिल चौहान। आप कहां थे उस वक्त? मैं यहीं था। क्या देखा आपने? यहां बॉडी रही थी। हम तो दो बॉडी इधर थी। एक बच्चा था मां के साथ में एक दरवाजे के साथ बॉडी थी। अच्छा जब आप लोग देख रहे थे तब ये दिख रहीथी?

ये उठा रहे थे लोग जो एनडीआरएफ वाले थे ना। अच्छा जब रेस्क्यू चल रहा था। हां रेस्क्यू चल रहा था। अच्छा ये क्या जितने लोग रेस्क्यू कर रहे आप लोग ने जब देखा था क्या लोग जान थी उनमें लोग रेस्क्यू करने की बात कर रहे नहीं बिल्कुल आग वो तो केवल हड्डी हड्डियां बची थी और कुछ नहीं था उनमें सारे जल चुके थे बताया ये भी जा रहा है कि इतनी बुरी तरह से जल गए हैं कि पहचानना मुश्किल है कि किसका शव कौन सा है हां कोई कोई नहीं पहचान सकता उसको यहां पर मां और बच्चे कहां? मां बच्चे तीन बॉडी इधर थी। एक बॉडी उधर थी दरवाजे के बीच में ऐसेडिलीवरी भी निकाल के रखा। वरना ये कभी भी गिर सकता था।

इसे निकलवा लिया हो। हां। वैसे वहां के पीओपी वाले ना सब टूट-ूट के नीचे गिर गए थे। सो इधर भी क्रैक था तो यह हुआ सबसे पहले इसको उतारो। क्या अंदर तक आ गई थी क्या ये सब सारा कितने का कितने का नुकसान हो गया आप लोगों का तो बहुत ज्यादा लग रहा है ये तो फिर भी ठीक है मतलब पैसे का ही नुकसान है उधर तो लाइफ का नुकसान हुआ है पूरा नौ लोग मर गए हैं मतलब डेढ़ साल के बच्चे से लेके बड़ों तक बहुत बड़ी ट्रेजडी हो गई है बहुत ये देखिए ये ये इन लोगों ने इसको निकाल के रख लिया वरनाऊपर मतलब टंकी आग वहां लगी है वाटर टैंक जो इधर है इतनी दूर है वो पूरा मेल्ट हो गया है तपिश इतनी ज्यादा होती है जोर होगी ये पंखे तो लटके हुए सब निकल आए हैं पंखे वंखे सब आप कहां थे मैं तो घर पे था पैर पे थे तब मम्मी पापा इधर सिर्फ मम्मी मम्मी पापा और डॉग थे तीन पेट थे अपने ये सब लटक गया है पंखे ये देखिए ये पंखा था अब ये देखिए ना ये आपको ये इंटेंसिटी इससे समझ में आ जाएगी ये देखिए पूरा ये इतना काला हो गया और ये उस घर का हालत है जिसके बगल में आग लगी थी सोचिए बगल में तो कुछ भी नहीं बचा होगा घर में कुछ भी नहीं बचाहोगा सब प्लांट्स वगैरह जो इनके पेट्स थे मतलब एक डेड बॉडी जो इतने से मतलब जो गिनी बैग होता है गट्टे में इतने से मैं उसमें लेके गए हैं।

कुछ भी नहीं था बच्चे की डेड बॉडी अब पता नहीं वो क्या था मतलब मैंने सिर्फ दो लोगों को देखा उसको कैरी करते हुए पीछे की तरफ से निकले हैं उसको जो फर्स्ट बॉडी लेके गए हैं उसके बाद वहां पे रखी गई है तो तब आ आप आ गए थे हां मैं आ गया था जब तक कितनी बॉडी आपके सामने निकली होंगी टोटल नाइन अच्छा आपने देखा हां हां हां मतलब तीन लोग जो थर्ड फ्लोर पे थे वो ऊपर आए हैं निकलने के लिए बट वोटेरेस जो है वो लॉक्ड थी तो वो लोग बिल्कुल गेट के वहीं पे टेरेस के वहीं पे तीन डेड बॉडीज वहीं पे मिली है एक आंटी फर्स्ट फ्लोर पे फंस गई थी दो लोग निकल गए थे ।

एक आंटी रह गई थी उनकी डेथ हुई है थर्ड फ्लोर पे तीन लोगों की और जो सेकंड फ्लोर है उधर पांच लोग थे जिसमें वो एक डेढ़ साल का बच्चा और आई थिंक दो बच्चे थे वो 13 14 साल के एक तो पूरी फैमिली खत्म हो गई। पूरी फैमिली खत्म हो गई। लोग नीचे जैसे मतलब लोग नीचे जो वेट कर रहे मतलब थे रिलेटिव्स वगैरह जो दूसरे रिलेटिव आ रहे हैं वो पूछ रहे हैं अपने रिश्तेदारों केलिए वो यही था कि भ आवाें आ रही थी अब आवाज आनी बंद हो गई। शुरू में लोग चिल्ला रहे होंगे कि बचाओ बचाओ लेकिन फिर थम गई होंगी आवाें। बहुत ज्यादा चीखने की आवाें आ रही थी। वही कोई तो बचाओ बचाओ ऐसा करके और एक मोमेंट के बाद पूरा साइलेंट तो वहीं पर मतलब पता चल गया था कि अब कुछ भी नहीं आया। पेट्स थे वो सब अफेक्टेड हुए हैं। यह पाशा अंकल का घर है और ये पूरी तरह से जल चुका है और यहां पर सामानवामान जो रखा था उसे हटा दिया गया है।

ये एसी है जो पूरी तरह से जल चुकी है और जो सबसे जरूरी बात जो उन्होंने बताई कि ये वो फैमिलीयहां पर रहती थी और एक माता-पिता अपने बच्चे को लिपटे हुए थे और उनकी जलने से मौत हो गई। तमाम लोगों ने भागने की कोशिश करी। छत की ओर जाने की कोशिश करी लेकिन बताया जा रहा है छत लॉक थी वह लोग ऊपर नहीं पहुंच पाए। कुछ लोगों का जो घर था उसमें डिजिटल लॉक लगा हुआ था। जब आग लगी तो डिजिटल लॉक की वजह से गेट नहीं खुल पाया। वो अंदर ट्रैप हो गए। वहां पर वो गए। कई लोगों के के शव जो स्टेयर्स हैं जो जीने हैं वहां पर मिला है। एक लोगों ने हिम्मत करी है और वह हुए भागते हुए बाहर निकल आए तो वह अभी सेफ हैं। उनकाइलाज जीटीबी नगर हॉस्पिटल में चल रहा है और उन्होंने ही नीचे गद्दे फेंके अपने दो बच्चों को वहां पर कुदवाया। उन बच्चों को शायद फ्रैक्चर आया है। हालांकि वो लोग अभी सुरक्षित हैं। उनका भी जीटीबी नगर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। तो यह भयावह स्थिति है।

यह पूरा बिल्डिंग खंडहर बन चुका है। चार-चार पांच-प करोड़ के फ्लैट्स थे। वो बिल्कुल राख हो चुके हैं। बिल्कुल सब कुछ तबाह हो चुका है। नौ लोगों की हो चुकी है। 20 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उनका इलाज चल रहा है। एक शख्स को भी यहांसे रेस्क्यू करके भेजा गया है। हॉस्पिटल वो भी उनका भी ट्रीटमेंट चल रहा है। तो यह हालात है। पांचप छ करोड़ के फ्लैट्स सब तबाह है। यह दिल्ली का विवेक विहार है।

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