राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे हैं। किस मुद्दे को लेकर पहुंचे हैं? क्या मांग है और इसमें पंजाब सरकार का क्या रोल है? यह सारी डिटेल्स हमारी साथी आकांक्षा बताएंगी। जी आकांक्षा किस मुद्दे के साथ क्या पिटीशन है उनका? जी नावेद। सो हर हरभजन सिंह ने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो लिया है। जिसके बाद राज्य की जो आप सरकार है उनकी सुरक्षा की देखरेख को वापस करने का उन्होंने फैसला ले लिया है। पहले पंजाब पुलिस की तरफ से उनके जालंधर के घर पर नौ से 10 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। जिन्हें रविवार 25 अप्रैल को तुरंत वापस बुला लिया गया है। जी 25 अप्रैल को ही उन्हें वापस बुला लिया गया था।
अच्छा इसके अलावा ये तो अब हो गई सिक्योरिटी कवर की बात जो पंजाब सरकार ने वापस ले ली है। इसके अलावा हाईकोर्ट से उन्होंने क्या मांगा जब हाई कोर्ट गए हैं तो? जी तो हरभजन ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सिक्योरिटी हटाने के फैसले को चुनौती दी है। उनकी जो याचिका थी उनमें मुख्य बातें यह थी कि पंजाब सरकार से स्पष्ट करने की मांग की है कि उनकी सिक्योरिटी कवर को क्यों हटाया गया है और दूसरा कि सुरक्षा हटाए जाने के बाद अपने और अपने परिवार की जान को खतरा बताकर सुरक्षा को फिर से रिस्टोर करने की उन्होंने अपील की है और आपके जो कार्यकर्ता हैं आम आदमी पार्टी के उन्होंने कुछ दिन पहले ही उनके घर के बाहर जालंधर में
उनका जो घर है हरभजन सिंह का उनके घर के बाहर उन्होंने प्रदर्शन किया जिनमें दीवारों के बाहर गद्दार जैसे शब्द लिखे गए तो और ये सब पिक्चर जो है वो वो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। तो इसीलिए हर हरभजन सिंह ने रिक्वेस्ट किया है कि उनकी सिक्योरिटी वापस की जाए। जी अच्छा इसके अलावाकि कोर्ट में पहुंचे तो जाहिर सी बात है जब सरकार के खिलाफ गए हैं तो सरकार से भी शायद कोई रिएक्शन आया होगा। क्या कोई रिएक्शन आया है? सरकार की कोर्ट की तरफ से रिएक्शन आया है कि हाईकोर्ट ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और जो एसोसिएटेड एजेंसीियां है उनको नोटिस जारी की है और उनसे जवाब मांगा है कि क्या है मामला? और अगली सुनवाई जो है वो 12 मई को होगी। 2026 तय की गई है। यानी अभी जो आधिकारिक जो आंसर है ऑफिशियल रिस्पांस वो अभी तक आया आया नहीं है आना बाकी है और कोई फैसला अभी तक नहीं आया है।
वैसे भी ऐसे मामलों में जब कोई पिटीशन दायर किया जाता है हाई कोर्ट में तो उसके बाद नोटिस नोटिस जारी होता है जो भी पार्टीज होती है उसमें जैसे मान लीजिए एक पार्टी है उसने किसी रिसोंडेंट के खिलाफ वो किया तो पहले उस रिसोंडेंट को जवाब देने के लिए नोटिस भेजा जाता है कि ये ये मामला है आप जवाब दीजिए और उसके बाद जो सुनवाइयां हैं वो हियरिंग्स अपने प्रॉपर्ली ऑफिशियल तौर पर शुरू होती हैं। और रही बात सिक्योरिटी की अगर बात करें तो सिक्योरिटी पंजाब और पंजाब के जो राज्य सरकार है उसका जो फ्रेमवर्क है उसके मुताबिक सिक्योरिटी तब दी जाती है जब सरकार को ये लगता है कि किसी एक इंडिविजुअल के ऊपर किसी पर्सनालिटी के ऊपर किसी तरह का खतरा है जिससे उनको जान का नुकसान हो सकता है या कोई बड़ा नुकसान हो सकता है तब वहां पर सरकार ये फैसला लेती है कि इन्हें सिक्योरिटी दी जानी चाहिए और उसके बाद जब सरकार को लगता है कि ये जो खतरे थे जिनकी वजह से सिक्योरिटी दी गई थी वो खतरे अब जा चुके हैं वो खतरे मौजूद नहीं है तो फिर उसके बाद सिक्योरिटी हटा ली जाती है। इस तरह से सिक्योरिटी दी और वापस ली जाती है। ये उसके नियम बताते हैं। और लेकिन ये भी
है कि अगर किसी की सिक्योरिटी हटा ली गई है तो कोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है और पूछा जा सकता है कि सरकार ने किस बिना पर हमारी सिक्योरिटी हटाई है। उसके क्या फैक्ट्स हैं, क्या एविडेंसेस हैं ये सारी चीजें। तो उसी के तहत अब हरभजन सिंह हाईकोर्ट पहुंचे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और इसकी टाइमिंग बड़ी इंपॉर्टेंट है क्योंकि पंजाब में अभी आम आदमी पार्टी की सरकार है और हरभजन सिंह खुद भी पहले आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद थे। लेकिन अब उन्होंने कुछ दिनों पहले ही आम आदमी पार्टी छोड़ दी है और उसके बावजूद वह अभी राज्यसभा सांसद बने हुए हैं। तो इसके बाद ये सिक्योरिटी कवर हटाया गया है। ये फैसला लिया गया है। इस पर जो भी अपडेट्स आएंगे चाहे वो कोर्ट की तरफ से हो चाहे वो सरकार की तरफ से जो भी बड़े अपडेट्स होंगे वो हम आप तक इसी तरह पहुंचाते रहेंगे। हमारी साथी आकांक्षा आपके लिए सारी जानकारी लेकर आई थी। इस खबर पर आप क्या सोचते हैं हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। मैं हूं शेख नावेद। देखते रहिए ललन टॉप।