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44 डिग्री ! 19 शहरों में लू… क्यों पड़ रही इतनी भयानक गर्मी ?

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भारत इस समय भीषण गर्मी की ऐसी चपेट में है जो ना केवल देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गई है। एक्यूआई इनके ताजा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 20 सबसे गर्म शहरों में से 19 शहर सिर्फ और सिर्फ भारत के ही हैं। फैमिली कितनी बड़ी है चाचा ज्यादा बड़ी ना है।

छोटे ऑन कर दे। पैक कर दे समर कूल। सबर कूल कूलर हवा ऐसी छोड़े पूरी फैमिली को ठंडक से जोड़े सबर कूल लाइफ बनाए वंडरफुल यह स्थिति अपने आप में बेहद गंभीर संकेत देती है कि इस बार गर्मी ने सामान्य सीमाओं को पार कर दिया है। इस समय बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के शहर सबसे ज्यादा प्रभावित है।

इस सूची में सिर्फ एक विदेशी शहर नेपाल का लिलुबेनी शामिल है। बाकी सभी भारतीय शहर हैं। यह साफ संकेत देता है कि भारत इस समय वैश्विक गर्मी के केंद्र पर खड़ा है। इस असामान्य गर्मी के पीछे [संगीत] कई बड़े कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे पहले जानते हैं उन 19 शहरों के नाम जहां पर भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। भागलपुर में 44° टेंपरेचर तालचेर में 44° आसनसोल में भी 44° बेगूसराय में 43 मोतिहारी में 43 मुंगेर में 43° टेंपरेचर [संगीत] भोजपुर में 43 सिवान बेतिया बलांगत दुर्गापुर पश्चिमी मिदनापुर लुंबिनी सांस्कृतिक पीरभूम गोरखपुर कुलटी बांकुड़ा वाराणसी रानीगंज और दूलर बंद में भी 43 डिग्री टेंपरेचर लोगों के पसीने छुड़ा आ रहा है।

अब जानते हैं कि इस गर्मी को लेकर मौसम विभाग का क्या कुछ कहना है। मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि 24 अप्रैल के बीच लू की स्थिति बनी रहेगी और तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वैज्ञानी मानकों के अनुसार जब तापमान 40° सेल्सियस से ऊपर जाता है तभी हीट वेव घोषित की जाती है। लेकिन इस बार कई शहर इस सीमा से काफी आगे निकल चुके हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार इतनी भयंकर गर्मी क्यों पड़ रही है? अभी तो सिर्फ अप्रैल का महीना ही हाया है। सबसे बड़ा कारण है अप्रैल के महीने में जमीन पर पड़ने वाली तेज धूप जो सतह को तेजी से गर्म कर रही है। आमतौर पर अप्रैल को प्री मॉनसूनहीट पीरियड माना जाता है। लेकिन इस बार साफ आसमान के कारण सूरज की किरणें बिना किसी रुकावट के सीधे धरती को गर्म कर रही है। जिससे तापमान मेंतेज उछाल आ रहा है। इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण कारण है यूरेशिया और हिमालय क्षेत्रों में बर्फ की कमी।

आमतौर पर बर्फ सूरज की तेज किरणों को वापस अंतरिक्ष में लौटा देती है। जिससे धरती ज्यादा गर्म नहीं होती। लेकिन इस बार बर्फ कम है इसलिए सूरज की गर्मी सीधे जमीन से समा रही है और तापमान तेजी से बढ़ रहा है। वहीं समुद्र [संगीत] भी इस गर्मी को बढ़ाने में बड़ा रोल निभा रहा है। प्रशांत महासागर का पानी इस समय ज्यादा गर्म हो गया जिससे मौसम का संतुलन बिगड़ रहा है।इसका असर यह हो रहा है कि जो हवाएं और सिस्टम आमतौर पर ठंडक लाते हैं, वह कमजोर पड़ गए हैं और गर्मी को फैलने वाला मौका मिल गया है। अब इस भयंकर गर्मी को लेकर विशेषज्ञों ने चौंकाने वाली बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में एक साथ इतने शहरों का अत्यधिक गर्म होना जलवायु परिवर्तन का साफ और सीधा संकेत है। यह सिर्फ सामान्य गर्मी नहीं बल्कि भविष्य के खतरनाक ट्रेंड की झलक है। जिसमें हीट वेव की तीव्रता और आवृत्ति दोनों बढ़ती जाएगी।अप्रैल के बाकी दिन भी राहत देने वाले नहीं दिख रहे [संगीत] और जब तक प्री मॉनसून बारिश नहीं आती तब तक देश के बड़े हिस्से को इस भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। वहीं उत्तर पश्चिम से चलने वाली शुष्क हवाएं स्थिति को और बिगाड़ रही है। यह हवाएं बादलों को बनने नहीं देती और बारिश की संभावना को खत्म कर देती है। जिससे गर्मी लगातार बढ़ती जाती है।

वहीं दूसरी ओर [संगीत] दक्षिण और उत्तरपूर्वी भारत में नमी और तूफान देखने को मिल रहे हैं जो देश के मौसम में साफ विभाजन दिखाते हैं। यानी अब मौसम विभाग ने भी खतरे की घंटी बजा दी है और साफ तौर पर कह दिया है कि लोग तपती गर्मी के लिए पूरी तरह से तैयार रहें क्योंकि अभी तो सिर्फ [संगीत] और सिर्फ अप्रैल का महीना ही बीतने वाला है और इतनी भयंकर गर्मी पड़ रही है कि जमीन भी तपने लगी है। अभी बाकी है मई, जून और जुलाई।मई और जून का महीना तो वैसे [संगीत] ही लोगों के लिए परेशानी भरा होता है और इस टाइम लू के ऐसे थपड़े पड़ते हैं कि लोगों का घर से निकलना भी दुबर हो जाता है और अब अप्रैल में ही मौसम विभाग ने भयंकर गर्मी को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।इतना ही नहीं भारत के 19 राज्य तो ऐसे हैं जो अभी से गर्मी की आग में झुलसते हुए नजर आ रहे हैं और ये 19 शहर दुनिया के 20 सबसे ज्यादा गर्म शहरों में से एक है जहां पर भीषण गर्मी लोगों के अभी से पसीने छुड़ा रही है। तो अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सूर्य देव अपना कितना तेज दिखाएंगे और आखिरकार कब तक इस गर्मी के भीषण प्रकोप से लोगों को राहत मिल पाती है और वह कब गर्मी से बाहर निकल पाते हैं।

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