शार्क टैंक के सबसे काम और विजनरी शार्क्स में से एक पीयूष बंसल इस वक्त मुश्किल के दौर से गुजर रहे हैं। उनका ब्रांड लेंस कार्ड इस वक्त तिलक और बिंदी की कंट्रोवर्सी में घिरा हुआ है। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बॉयकॉट ट्रेंड चल रहा है। [संगीत] कंपनी को अपोलॉजी भी देना पड़ी थी और लोग यह भी पूछ रहे हैं क्या इससे बिजनेस पर कोई असर पड़ा? आज हम बात करेंगे पीयूष बंसल की सैलरी और नेटवर्थ के बारे में।
दरअसल पीयूष बंसल ने नवंबर 2010 में अमित चौधरी और सुमित [संगीत] कपाही के साथ ओमनी चैनल आईवेयर रिटेलर लेंस कार्ड की स्थापना की थी। वह मौजूदा वक्त में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ हैं। शार्क टैंक के पहले सीजन के पैनल में भी शामिल थे। बंसल ने मैकगिल यूनिवर्सिटी कनाडा से अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने के बाद बंसल ने
साल 2007 में माइक्रोसॉफ्ट रेमंड वाशिंगटन के लिए एक प्रोग्रामर के रूप में काम किया था। वहां एक साल से भी कम वक्त तक काम करने के बाद बंसल ने अपनी नौकरी छोड़ दी थी और वह भारत लौट आए थे। इसके बाद उन्होंने सर्च माय कैंपस और वॉल्यूम टेक्नोलॉजी का शुभारंभ किया था। पीयूष बंसल ने साल 2008 और 9 में आईआईएम बेंगलुरु से अपना एमपीईएफबी कंप्लीट किया था। एक साल बाद 2010 में पीयूष बंसल लेंस के कोफाउंडर बने। लेंस कार्ड वेबसाइट के मुताबिक आबादी के 1/3 लोगों को चश्मे की जरूरत है लेकिन उनकी पहुंच नहीं है। वेबसाइट के मुताबिक 15 मिलियन से भी ज्यादा अंधे लोगों के साथ हम दुनिया की नेत्रहीन राजधानी हैं।
साल 2019 में लेंस कार्ड 1.5 अरब डॉलर की वैल्यू्यूएशन के साथ एक यूनिकॉर्न बन गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीयूष बंसल की नेटवर्थ लगभग ₹600 करोड़ है। उन्हें Fortun इंडिया की बेस्ट 40 अंडर 40 एंटरप्रेन्योर 2019 की लिस्ट में भी शामिल किया गया था। उनकी सैलरी के बारे में बात करें तो 2025 में लगभग उनकी सैलरी ₹28 करोड़ थी।
उनकी कुल संपत्ति लगभग 600 से ₹700 करोड़ है। इसके अलावा शार्क टैंक इंडिया के हर एपिसोड के लिए उन्हें लगभग ₹7 लाख मिलने की भी रिपोर्ट है। लेंस कार्ट ने साल 2024 में 144 करोड़ के मुनाफे के साथ एक सफल यूनिकॉर्न कंपनी बनाई है। फिलहाल इस वीडियो में इतना ही। आप क्या कहना चाहेंगे? कमेंट सेक्शन में हमें लिखकर जरूर बताएं। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें।