हॉर्मोज की लड़ाई में कूदा चीन। ईरानी जहाज कब्जाने पर खुलकर आया सामने। नमस्कार, मैं हूं आपके साथ आयुष गुप्ता। देखिए ईरान अमेरिका युद्ध को सुलझाने के लिए एक तरफ तो इस्लामाबाद में बातचीत की मेज सज रही है। दूसरी ओर ईरान ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने उसके एक व्यापारिक जहाज टॉस्का को अपने कब्जे में ले लिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इसका जवाब देगा और बदला भीषण होगा। ईरान की ओर से इसे सीज फायर का उल्लंघन बताया जो खत्म होने में कुछ ही घंटे बाकी हैं। ईरानी अधिकारियों ने बयान में कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरानी झंडे वाले इस कारगो जहाज पर हमला किया। उसके नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय किया है। फिर जहाज पर चढ़ गए। तो ईरान ने इस कारवाही को समुद्री डकैती करार दिया है और कहा कि उसकी सेना इसका जवाब देगी।
यह पुष्टि ऐसे समय में आई है जब इससे पहले ईरानी मीडिया में अलग दावा किया गया था कि अमेरिकी बलों को ईरान की आईआरजीसी की नौसेना इकाइयों के हस्तक्षेप के बाद पीछे हटना पड़ा था। अब तक ईरान युद्ध में क्या-क्या हुआ? जहाज जब्ती हुई अमेरिका की इस नौसेना ने ओमान की खाड़ी में नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे ईरान के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर फायरिंग कर उसे कब्जे में ले लिया। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि वह जल्द जवाब देगी। पाकिस्तान में वार्ता वाइट हाउस के मुताबिक उपराष्ट्रपति जेरी वेंस और अन्य वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी आने वाले दिनों में पाकिस्तान जाकर ईरान के साथ शांति वार्ता का नया दौर करेंगे। हालांकि हॉर्मोंस को लेकर के तनाव के बीच बातचीत की स्थिति स्पष्ट नहीं है। तेहरान ने अभी तक प्रतिनिधिमंडल भेजने की पुष्टि नहीं की है और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बातचीत शायद ना हो।
मौजूदा सीज फायर बुधवार को खत्म होने वाला है। मुश्किल बातचीत, शांति प्रक्रिया में कई बड़े मुद्दे अटके हुए हैं। जिनमें ईरान के यूरेनियम भंडार पर नियंत्रण और होमोज स्टेट को फिर से खोलना शामिल है। इस बीच तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। ब्रेंट और अमेरिका कच्चा तेल दोनों में लगभग 7% की तेजी आई है। चीन भी सामने आ चुका है। चीन ने ईरानी जहाज कम जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उसने कहा कि वह अमेरिका के इस कदम से चिंतित है। तो अगले राउंड की वार्ता की कोई योजना नहीं है। ईरान ने अमेरिका की जहाज पर कब्जे की कारवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे आक्रामकता और संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया है। ईरान ने ईरानी वाणिज्य के जहाज पर अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए उसे आक्रामकता की कारवाई बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता स्माइल बकाई ने कहा अमेरिका अपने विरोधाभासी व्यवहार और बार-बार संघर्ष विराम के उल्लंघन के जरिए यह दिखा रहा है कि वह कूटनीति को आगे बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं है। ईरानी जहाज कब्जा करने पर चीन सामने आया है।
ईरानी जहाज को रोकने पर चीन ने चिंता जताई है। चीन ने कहा कि वह अमेरिका की ओर से ईरानी जहाज को रोकने और ज्त करने को लेकर के चिंतित है। आपको बता दें कि अमेरिका ने उसे नाकेबंदी तोड़ के आने वाले जहाज को अपने कब्जे में ले लिया। जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है। इजराइल ने जारी किया है लेबनान में बफर ज़ोन का नक्शा। इजराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक बफर ज़ोन बनाने का मैप जारी किया। इस नक्शे में लेबनानी इलाके के अंदर कई किलोमीटर तक फैला एक बड़ा इलाका दिखाया गया है जो लेबनान के भूमध्य सागरी पानी से लेकर के सीरियाई बॉर्डर के पास माउंट हरमोन इलाके तक एक लंबी पट्टी की तरफ फैला हुआ है। पीले रंग से दिखाए गए इस बफर ज़ोन को लेकर के इजराइल का दावा है कि वो यहां से अपने सैनिकों को अब वापस नहीं बुलाएगा। इजराइल इसकी तुलना गाजा से कर रहा है और उसकी यह कहना है कि यहां हिजबुल्लाह के सदस्य माने जाने वाले किसी भी शख्स को मार डालेगा।
अल अरेबिया की रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस की शिपिंग कंपनी सीएमए सीजीएम ने रविवार को पुष्टि की कि शनिवार को स्टेट ऑफ फार्मू ने जिस जहाज पर गोलीबारी हुई वो उसके बेड़े का हिस्सा था। कंपनी ने इसे चेतावनी के तौर पर चलाई गई गोलियां बताया। कहा कि जहाज का पूरा चालक दल सुरक्षा सुरक्षित है। वहीं डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने हॉर्मोज स्टेट में फायरिंग का सीज फायर का उल्लंघन किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना में एक फ्रांसीसी और एक ब्रिटिश जहाज भी निशाने पर थे। तो देखिए ईरानी राजदूत ने खारिज किया अमेरिका का दावा रूस नहीं देता खुफिया जानकारी रूस में ईरान की राजदूत काजीम जलाली की ओर से उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया गया जिसमें कहा गया था कि रूस ने ईरान को खुफिया जानकारी दी है। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी खबरें सही नहीं है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।