बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस के साथ वर्क प्लेस पर कितना भेदभाव होता है और किस तरह से उनके काम को एक्सप्लइट किया जाता है। इसका एक एग्जांपल रिसेंटली देखने को मिला तब जब मृणाल ठाकुर ने आपबीती सुनाई कि सन ऑफ़ सरदार फिल्म के दौरान उनके साथ कितनी चीजें ऐसी हुई जो बताता है कि ना सिर्फ एक्ट्रेसेस को एक प्रॉप के रूप में यूज़ किया जाता है
फिल्मों में बल्कि उनके काम को भी एक्सप्लइट किया जाता है। मृणाल ठाकुर ने बताया कि सन ऑफ सरदार 2 की वो लीड एक्ट्रेस थी। इस फिल्म को साइन करते वक्त उन्हें नहीं बताया गया था कि इस फिल्म में एक सीनियर एक्टर उनके पति का रोल करेंगे और वो सीनियर एक्टर उनकी उम्र के बिल्कुल डबल है।
मृणाल ठाकुर 33 है और वो सीनियर एक्टर 60 से ऊपर है। चंकी पांडे की मैं बात कर रही हूं। मृणाल ठाकुर को जब पता चला कि चंकी पांडे उनके पति बनने वाले हैं तो वह शॉक्ड रह गई। क्योंकि चंकी पांडे की खुद की बेटी 27 साल की है जो मृणाल से उम्र में दो-चार साल ही छोटी है। मृणाल ने कहा कि इस फिल्म से मैंने यह उम्मीद नहीं की थी मेरा ट्रस्ट तोड़ा गया। इतना ही नहीं मृणाल ने बताया कि फिल्म के अंदर उनके दो इंपॉर्टेंट सीनंस थे जिनको पूरी तरह एडिटिंग टेबल पर कट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ये इंपॉर्टेंट सींस कहानी के लिए बहुत जरूरी थे और इन सीनंस के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की थी। ओनली टू नो कि उनके सींस तो काट दिए गए हैं।
यह चीजें एक्सप्लइटेशन नहीं है काम का। तो और क्या है? जहां एक तरफ एक्ट्रेस को पहले ही फिल्मों में कम पैसे दिए जाते हैं हीरो से। फिर 60 साल की उम्र के हीरो की पत्नी बना दिया जाता है। और फिर जब वो अपना सीन दे देती है तो एडिटिंग में भी उसके सीनंस काट दिए जाते हैं।
यानी कि कह सकते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री चाहे कितनी ही वुमेन ओरिएंटेड फिल्में क्यों ना बना ले समाज पर। लेकिन इस इंडस्ट्री में आज भी एक्ट्रेसेस को एक्सप्लोइट किया जाता है। उनके काम को एक्सप्लोइट किया जाता है। अगर इस इंडस्ट्री को वुमन ओरिएंटेड फिल्में बनानी है, तो इसी इंडस्ट्री की औरतों के साथ जो गलत हुआ है, उस पर फिल्में बनाएं तब जाकर कुछ बदलाव आ सकता