ईरान अमेरिका जंग के बीच जिस चीज का डर था वो होती दिख रही है। अमेरिका से आई यह तस्वीर ईरान से भी बड़ी जंग का कारण बन सकती है। इस तस्वीर ने जो भूचाल पैदा किया है उसे रोकने के लिए पुतिन और जिनपिंग अचानक एक्टिव मोड में आ गए हैं। लेकिन आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि इस नए बवाल में कौन जीतेगा उसकी चाबी भारत के पास है। दरअसल अमेरिका ने चीन का तेल बंद करने के लिए वेनेजुएला और ईरान में मिलिट्री ऑपरेशन किए।
उस स्टेट ऑफ हॉर्मोन्स को ब्लॉक कर दिया जहां से चीन की करीब 30% ऊर्जा जरूरतें पूरी होती है। लेकिन इतना कुछ करने के बाद भी अमेरिका को बड़ी सफलता नहीं मिली। ऐसे में अब अमेरिका ने पहली बार चीन की सांस की नली पर वार करने की तैयारी कर ली है। अमेरिका पहली बार मलक्का स्ट्रेट को चोक करने की तैयारी कर रहा है। मलक्का स्ट्रेट चीन की जान है। मलक्का स्ट्रेट से ही चीन की 80% ऊर्जा जरूरतें पूरी होती हैं। आपको बता दें कि चीन मलक्का स्ट्रेट से इतना डरता है कि चीन के डर को एक नाम भी दे दिया गया है। इसे चीन का मलक्का डिलेमा कहा जाता है।
डलेमा का मतलब दुविधा होती है। मजे की बात देखिए कि इसी मलक्का स्टेट से सिर्फ 160 कि.मी. दूर भारत अपना सबसे रणनीतिक ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट बना रहा है। जिसका विरोध चीन के साथ-साथ भारत की कांग्रेस पार्टी भी कर रही है। बहरहाल यह है मलक्का स्ट्रेट पर लगने वाले ग्रहण की पहली तस्वीर। मलक्का स्टेट मलेशिया और इंडोनेशियाई द्वीप सुमात्रा के बीच स्थित है। इस स्ट्रेट की लंबाई लगभग 900 कि.मी. है लेकिन इसकी चौड़ाई कुछ जगहों पर सिर्फ 3 कि.मी. है।
अब अमेरिका इंडोनेशिया के साथ एक डिफेंस डील करने जा रहा है जिसका सीधा-सीधा संबंध मलक्का स्ट्रीट से है। इस डील के तहत इंडोनेशिया अमेरिका को पूरी तरह से सैन्य अभियान के लिए अपने एयर स्पेस का इस्तेमाल करने देगा। इसी को लेकर अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेक्सेथ ने इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री से मुलाकात भी कर ली है। यह डील पूरी हो गई तो संकट के समय अमेरिका मलक्का स्ट्रेट को पूरी तरह से ब्लॉक कर सकता है और चीन को घुटनों पर ला सकता है। साउथ चाइना सी में भी चीन का ट्रेड पूरी तरह से ठप पड़ सकता है।
अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच होने जा रही इस डील से ऐसा बवाल मच गया है कि पुतिन ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांो को अपने पास बुला लिया है। इसी के साथ रूस के विदेश मंत्री सरगई लावरोफ चीन पहुंच गए हैं। लेकिन आपको बता दें कि मलक्का स्ट्रेट की एक चाबी भारत के पास भी है। भारत का अंडमान निकोबार द्वीप समूह मलक्का स्ट्रेट के पास है। अंडमान निकोबार में भारत की ट्राई सर्विस कमांड मौजूद है। यानी यहां पर भारत की आर्मी, एयरफोर्स और नेवी तीनों तैनात है। मलक्का स्टेट से 160 कि.मी. दूर भारत अपना ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट बना रहा है। यह प्रोजेक्ट बन गया तो भारत इस इलाके में महाशक्ति बन जाएगा। लेकिन हैरानी की बात देखिए कि भारत के इस ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट का विरोध चीन और कांग्रेस पार्टी कर रही है। बहरहाल भविष्य में मलक्का स्टेट के पास अगर कुछ भी आतिशबाजी होती है तो उसे निर्णायक मोड़ सिर्फ भारत दे सकता है।