ईरानी तेल ले दो टैंकर भारत के दो तट पर पहुंचे हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि यह तेल भारत के लिए ही है। लेकिन फिलहाल भारत सरकार या ईरान की तरफ से इस पर कोई कंफर्मेशन नहीं आया है। पहला जो तेल टैंकर है वो 12 अप्रैल यानी कि पिछले रविवार को भारत के तट पर पहुंचा था। जो दूसरा तेल टैंकर है वो इससे कुछ समय पहले पहुंचा था। तो इस पूरे मामले में क्या जानकारी सामने आई है? इन तेल टैंकरों के आने की क्या रेलेवेंस है? इंडियन एक्सप्रेस के एक रिपोर्ट में काफी जगह रिपोर्ट हुआ है। हमने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में देखा है कि दो टैंकर पहुंचे हैं। दोनों ईरान के टैंकर हैं और दोनों बड़े टैंकर हैं। इनको वेरी लार्ज क्रूड कैरियर कहा जा रहा है। दोनों में लगभग 2020 लाख बैरल जो तेल है वो लोडेड है।
ऐसा बताया गया है। और इसकी सिग्निफिकेंस इसलिए है कि 7 साल बाद भारत में ईरान का तेल पहुंचा है। वो भी ऐसे समय में जब युद्ध के इतने गंभीर हालात हैं। ऐसे समय में ईरान का तेल पहुंचना बड़ी बात है। और अभी जो जानकारी है लेटेस्ट उसके मुताबिक एक फिलिसिटी नाम का एक टैंकर है जो 12 अप्रैल को पहुंचा है। गुजरात के सिक्का पोर्ट पर पहुंचा है। वहां पे एंकर किया है उसने और एक दूसरा टैंकर का नाम है जया। वो टैंकर उड़ीसा के पोर्ट पे पहुंचा है। पारादीप पोर्ट है। वहां पे वो कुछ दिन पहले पहुंचा था। अभी जो लेटेस्ट जानकारी है उसके मुताबिक इन दोनों टैंकर्स ने एंकर किया है।
इसका मतलब अभी लोडेड और अनलोडिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। अभी एंकर है और अभी ये भी ऑफिशियल कंफर्मेशन नहीं है कि इंडिया के लिए है। लेकिन सोर्सेस के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि जो दोनों टैंकर हैं वो इंडिया के लिए ही है।एक टैंकर जो गुजरात में आया है उसका बताया जा रहा है कि वो Reliance जो तेल कंपनी है उसने उसने मंगाया है। उसने बुक किया है। और जो दूसरा टैंकर उड़ीसा में पहुंचा है वो इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने खरीदा है। ऐसा दावा किया जा रहा है। ये बिजनेस सोर्सेस के थ्रू अभी क्लेम है। अभी कंपनी से जब इसके बारे में जवाब मांगा इंडियन एक्सप्रेस ने तो उन्होंने अभी कोई जवाब नहीं दिया है। पर माना यही जा रहा है कि ये जो है तो भारत के लिए ही है। क्योंकि कुछ दिन पहले 4 अप्रैल को पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कंफर्म किया था कि भारत जो है वो 40 देशों से तेल मंगाता है। ईरान से भी भारत ने अभी भारत की कंपनियों ने तेल मंगाया है। ये उस दिन कंफर्मेशन आ गया था।
और कुछ खबरें ऐसी थी दावा था कि तेल के लिए पेमेंट नहीं हो पा रही है। जो ईरान से तेल आ रहा है उसके लिए भारत कंपनियां पेमेंट नहीं करी हैं। तो वो चाइना जा रहा है वापस। तो मंत्रालय ने इन खबरों को खारिज किया था और ये कंफर्म किया था कि तेल की जो पेमेंट हो गई है ऑर्डर बुक हो गए हैं और हमारे यहां आ रहा है।तो माना जा रहा है कि जो अभी ये दो टैंकर पहुंचे हैं ये ईरान से ही आए हैं और भारत के लिए ही हैं। भारतीय कंपनियों के लिए हैं और 40 लाख बैरल दोनों मिला के है तेल। तो काफी यह बड़ा अमाउंट है और माना जा रहा है कम से कम अभी के लिए यह इससे ठीक-ठाक सप्लाई हो जाएगी। जी । तो जैसे हम पिछले दिनों खबरों में भी देख रहे थे कि अब ट्रंप ने भी कह दिया है कि वो स्ट्रीट ऑफ हॉर्मोस्ट ब्लॉकेड लगाएंगे वहां पर और वहां से जो भी जहाज गुजरने वाले हैं उनको रोका जाएगा।खासकर वो जहाज जो ईरान के पोर्ट से निकल रहे हैं या फिर वो जहाज जो ईरान को टोल दे रहे हैं और फिर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस्ट से गुजर रहे हैं। तो उस बीच में अगर 40 लाख बैरल तेल भारत पहुंचा है तो ये एक राहत की बात जरूर हो सकती है। ये बताइए सचिन कि जैसा हमने पिछले महीने भी देखा था कि खबरों में आया था
कि अमेरिका ने ईरान को एक महीने की कुछ छूट दे दी थी जो सेंशंस ईरान पर लगे हुए थे तेल बेचने पर जिसके बाद वो बाकी तेल देशों में तेल सप्लाई कर रहा था।तो क्या इसका असर हुआ भारत पर? क्या भारत ने खरीद बढ़ाई है जिससे यह तेल आ रहा है या जैसा आपने बताया कि सरकार ने भी कहा कि वहां से हम खरीद शुरू कर चुके हैं तो क्या इसका क्या सिग्निफिकेंस है भारत के नजरिए से और क्या हम आगे भी उम्मीद कर सकते हैं कि इस तरीके के कुछ तेल टैंकर या गैस या कुछ आएगा भारत ईरान पहले हमारा एक मेन सोर्स हुआ करता था क्रूड ऑयल के लिए हम वहां से कच्चा तेल खरीदते थे लेकिन जब 2019 में वापस से सेंक्शन लगे थे ईरान पे उसके बाद हमने खरीदना बंद कर दिया था अभी पिछले महीने तक हम ईरान से तेल नहीं खरीद पा रहे थे क्योंकि सेंशन के बीच में अमेरिका ने पिछले महीने 21 मार्च को एक टेंपरेरीली वेवर दिया था ईरान के तेल पे कि वहां से तेल खरीदा जा सकता है। लेकिन केवल उन तेलों को दिया था। उन जहाजों को दिया था बेसिकली जो ऑलरेडी वहां से माल लोड करके निकल चुके थे। यानी जो समुद्र में बीच में फंसे हुए थे केवल उनके लिए था। नए सोर्स नहीं कर सकते हैं। जो अभी टैंकर आए हैं उनका भी बताया गया है कि इनमें से जो एक टैंकर था वो ऑलरेडी फरवरी में ही जो खारक आइलैंड है अभी काफी चर्चा में भी रहा था ट्रंप के क्लेम के कारण। तो 1 फरवरी में ही खारग आइलैंड से वहां से लोड हो के निकल चुका था और एक मार्च के अराउंड जब नहीं मिला था उसके पहले ही वो वहां से मिड मार्च में वहां से वो निकल चुका था। तो जो अमेरिका ने भी एक महीने के लिए ये छूट दी थी कि ईरान से अभी आप तेल खरीद सकते हैं और ये छूट मिलने के बाद से
हीकि भारत अपने एनर्जी सोर्सेस के लिए वो देखता रहता है कि कहां से हम खरीद सकते हैं तो ईरान से उसके बाद ही खबर आ गई थी कि और इंडियन ऑयल कंपनियां खरीद रही हैं और अभी कुछ दिन पहले भी खबर आई थी दो दिन पहले रइर्स ने रिपोर्ट किया था कि पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने स्पेशल परमिशन दे दी है कि जो ईरान से टैंकर आ रहे हैं उन्हें इंडियन पोर्ट पे एंकर करने दिया जाए और अभी तक माना ये जा रहा है कुछ इंडस्ट्री सोर्सेस का कहना है कि 19 अप्रैल को खत्म हो रही है ये मियाद जब अमेरिका का खत्म होगा अभी जो ईरानी तेल पे है तो उसके पहले कुछ और आर्डर दिए जा सकते हैं।ईरान से| अभी तक लेटेस्ट यही है कि 19 अप्रैल को खत्म हो जाएगा तो शायद हम उसके बाद फिर क्या ही मंगा पाएंगे अभी तो खैर ब्लॉकेट के भी हालात अब जैसा ट्रंप क्लेम कर रहे हैं शायद वो भी बन जाए तो वो दूसरा सिनेरियो होगा पर अभी के लिए खबर यही है कि दो आ चुके हैं और हो सकता है अभी कुछ और भी आ जाए कम से कम 7 साल बाद ही सही हमारे यहां ईरान का तेल पहुंचा है और कुछ इससे थोड़ी बहुत राहत मिलने की जरूरत है अब जरूर राहत मिली है अब आगे इसमें क्या डेवलपमेंट होंगे, क्या डिटेल आती है, वह अब देखने वाली बात होगी। जी बिल्कुल।तो जैसा कि सचिन ने बताया कि एक महीने का वेवर मिला था अमेरिका की तरफ से ईरान को अपना तेल बेचने के लिए जो इस महीने 19 अप्रैल को कुछ दिनों बाद खत्म हो रहा है और उससे पहले कुछ और टैंकर, तेल और गैस के भारत आने की उम्मीद है। फिलहाल ये जो दो टैंकर आए हैं, यह सिर्फ एंकर कर रहे हैं यहां पर या इनका तेल कब उतरेगा, अनलोडिंग कब शुरू होगी? इस पर सरकार की तरफ से जैसे ही कुछ कंफर्मेशन आएगा, हम आप तक भी यह खबर पहुंचाएंगे।