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हां मैं 100% हुसैनी ब्राह्मण हूं…” पत्रकार के सवाल पर क्या बोल गए जीडी बख्शी?

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सोशल मीडिया और Google पर सर आपको तलाश रहा था। आपके बारे में पढ़ रहा था। आपके एक पारिवारिक इतिहास के बारे में मुझे पता चला कि कैसे सैन्य बैकग्राउंड का इतिहास रहा। शहादतें रही और उस तरह से फिर आप सेना में आए। फिर आपने कितने सारे ऑपरेशंस किए। तमाम चीजें। लेकिन उसी दौरान सोशल मीडिया पर मुझे एक और चीज दिखी कि बख्शी साहब हुसैनी ब्राह्मण हैं और इसलिए वो ईरान को जिता रहे हैं। ईरान के साथ में खड़े हैं। ये वाली कहानी क्या है सर? मैं हुसैनी ब्राह्मण 100% हूं। ठीक है साहब। हम लोग मयाल ब्राह्मण है। पिता की तरफ से परशुराम, माता की तरफ से द्रोणाचार्य। ठीक है?

मेरे जो लड़ने की लीनेज है उसमें आपको शक नहीं होना चाहिए। मैं 1971 बैच का हूं। बांग्लादेश में लड़ा हूं। पंजाब में लड़ा हूं। कारगिल में लड़ा हूं। और उसके बाद कि्तवाड़ में तीन साल लड़ा। फिर मैं रजौरी पुंज में लड़ा एज अ मेजर जन। ठीक है साहब। लड़ना मुझे अच्छी तरह से आता है। मेरा पेशा है मिलिट्री। ठीक है। अ मेरे जो पुरखे थे यस वो राहब दत्त सुल्तान जब हसन और हुसैन को कर्बला के युद्ध में घेर के तड़पा तड़पा के मार रहे थे। मारा उनको तो उस वक्त उन्होंने कहा था है कोई जो मेरी मदद के लिए आए। तो मेरे कहा जाता है कि दंतियों में है।

ठीक है ना साहब? ना मेरा कोई कद ना मेरा कोई ना मेरा कोई मतलब ऑफिशियल पोस्ट है कुछ नहीं है बट मैं जब टीवी पे बोलता हूं सब लोग सुनते हैं होपफुली द गवर्नमेंट आल्सो लिस सो माय कंसर्न इज कि भारत का नुकसान कम से कम हो भारत इसमें से साफ सुथरा सुथरा निकल आए क्योंकि ये साहब बहुत तकलीफ होने वाली है पूरी दुनिया की इकॉनमी को यू सी दुनिया की इकॉनमी को तकलीफ शुरू भी हो गई है यहां पर भी कई सारे डोमेस्टिक इशज़ खड़े हो रहे हैं। जैसे एलपीजी के इशज़ तमाम इशज़ पर लोग समस्या के शिकार हैं। सर मैं फिर आता हूं।कि आपसे एक स्पष्ट सवाल निधि ने पूछा कि जीत कौन रहा है अमेरिका की ईरान? आपने एक प्रोसेसिव के हिसाब से समझाया कि लॉन्ग लास्टिंग चला तो किसका पलड़ा मजबूत रहेगा? हालांकि सोशल मीडिया पर लोग यह भी बहुत तेजी से पूछ रहे हैं कि नेतन याू की स्थिति क्या है? अभी वह ठीक है कि नहीं है।

तमाम फैक्ट चेक हो रहे हैं। पता नहीं आप लोगों के पास क्या इनसाइड सूचना आ रही है। देखिए साहब ऐसा है ना ईरान ने एक बहुत इंटेलिजेंट स्ट्रेटजी इस्तेमाल करी इट्स एन इंटरेस्टिंग क्वेश्चन इजराइल की जो मसाद है वर्ल्ड की बेस्ट इंटेलिजेंस एजेंसी है आज के दिन द बेस्ट राइट उन्होंने एक नया एआई सॉफ्टवेयर डेवलप किया कोई दो साल पहले इट इज कॉल्ड पैटर्न ऑफ लाइफ हां वो क्या है ऑट टू मेक इट वेरी सिंपल फॉर द ले मैन हम वेरी सिंपल थ्योरी अब यह है कि लड़ाई शुरू होते ही या लड़ाई शुरू होने के पहले वर्ल्ड वॉर टू शुरू होने के पहले हिटलर को मार डालो स्टालिन को और मार्शल जुकोफ को मार डालो अमेरिका में आइजन आर को मार डालो और उसको मार डालो तो लड़ाई या तो खत्म हो जाएगी पहले दिन या फिर होगी नहीं या जल्दी से पैकअप हो जाएगी वेरी वेरी वेरी रेडिकल इन थ्योरी नेता को गिरा दो टॉप लीडरशिप को खत्म कर दो। कमांड एंड कंट्रोल लिटरेशन। ठीक है?यह उन्होंने पहली बार इस्तेमाल किया सन 2024 में। 2024 उन्होंने पहली बार इसको आजमाया।

किसके खिलाफ? हजबुल्ला। अच्छा। हजबुल्ला वाज़ द स्ट्रांगेस्ट इंसर्जेंट ऑर्गेनाइजेशन इन द मिडिल ईस्ट। इन स्ट्रांगेस्ट। 2003 को तीन में उन्होंने इजराइल को नाको चने चबा दिए थे। साहब जब वो ग्राउंड वॉर हुई थी। नासिर उल्लाह पहले दिन पहली स्ट्राइक में खत्म नंबर दो आया खत्म तीन आया खत्म चार आया खत्म कोई उसकी जगह लेना ही नहीं चाहता था राइट तो वह उन्होंने हिला के रख दिया हजबुल्ला को क्योंकि पहली बार एक नई टैक्टिक आपने इस्तेमाल करी दूसरी बार इस्तेमाल करी पिछले साल जून में 12 डे वॉर यू हिट यू हिट हुम यू हिट ईरान 22 से 23 उनके के जो थे टॉप जर्नल वो ठोक दिए।22 से 23 टॉप जर्नल ठोक दिए आपने। पहले दिन ईरान भी हिल गया। 18 घंटे लगे उसको पलटवार करने में। तीसरी बार आपने इस्तेमाल किया माधुरों के बर खिलाफ विद अ वेनिजुलन वेरिएशन। आपने मारा नहीं उसको। बेचारे को पकड़ लिया। उसकी बेचारी वाइफ को पकड़ के कैदी डाल के हाथ पैर में हाथ डाल के अमेरिका ले आए। और उसके बाद तो साहब डॉन्ड ट्रंप का वॉर डांस दुनिया भर में मतलब देखने को देखता वह अभी तक खत्म नहीं हुआ। चौथी बार उन्होंने फिर अब ईरान पे यही यही टेक्निक ट्राई करी। प्रॉब्लम ये थी कि जब आप एक बार दो बार तीन बार एक नया टेक्निक ट्राई करते हैं तो वो नई नहीं रहती।नई रह जाती। जो मेरे जैसे फौजी हैं हम लोग सीखते बहुत जल्दी हैं। ना सीखे लड़ाई के मैदान में तो जिंदा नहीं रहोगे साहब। इसलिए लर्निंग की स्पीड बहुत तेज हो जाती है। ठीक है? उन्होंने साहब क्या किया? उन्होंने इसके चलते इसके चलते उन्होंने एक काउंटर स्ट्रेटजी डिवाइज कर ली। सिंपल काउंटर स्ट्रेटजी डिसेंट्रलाइज डेलीगेट। ईरान के 31 डिस्ट्रिक्ट्स हैं। ईरानियन रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर के। हर डिस्ट्रिक्ट के पास

अपने मिसाइल, अपने ड्रोन। उन्होंने उनको लड़ाई शुरू होने के पहले बोल दिया अगर तेहरान में सब मारे जाए कोई आदेश ना पहुंचे बिल्कुल एक मिनट इंतजार नहीं करना तुमको टारगेट लिस्ट दी हुई है तुमने किसको ठोकना है कहां ठोकना है कैसे ठोकना है ठोके जाओ पहले दिन फरवरी 28 को इन्होंने आयतुल्ला रोह्ला खमे का घर पे इजराइली एफ-15 बमबर्स ने स्ट्राइक किया और अ जो उन्होंने टॉप वहां पर कॉन्फ्रेंस हो रही थी।एक मेरी समझ में यह नहीं आया कि जब आप इतनी बार भुगत चुके हैं आप झांसे में कैसे आ गए? हमेशा पिछली बार भी अमेरिका ने बोला था हम पी स्टॉक कर रहे हैं। पी स्टॉक चालू ही हुई थी। आपने हमला कर दिया। इस बार भी बोला हम पी स्टॉक कर रहे हैं। उसका टाइम लगाया अपने कैरियर चेरियर फोर्ड शो को ले आए वहां पे और हमला कर दिया। पी स्टॉक ऑन है। यह जमीन के ऊपर इनके इतने बंकर हैं, इतने यह हैं। बंकर में क्यों नहीं करी इन्होंने?हैरत की बात है। गलती खैर हो गई। ना सिर्फ खामा मारे गए शहीद हुए लेकिन उनके साथ उनके कोई 48 टॉप कमांडर शहीद कर दिए। पहले वार में रात को तो डोनल्ड ट्रंप साहब तो वॉर डांस कर रहे थे। खत्म। परसों आके मेरे तलवे चाटेंगे। मेरे बूट चूमेंगे यह करेंगे। अभी तक तो नहीं हुआ साहब क्योंकि वह डेलीगेट कर चुके थे। आधे घंटे में पलटवार कर दिया और 18वां दिन है चल रहा है। जैसे मैंने कहा महाभारत भी 18 दिन में खत्म हो गई थी। यह तो खत्म होते दिख नहीं रही। उल्टा और होते जा रही है।

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