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खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने बताया इन देशों से अमेरिका को खतरा..

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अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस तुलसी गबाड़ ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दुनिया में बढ़ रहे खतरों में पाकिस्तान का नाम लिया है। तुलसी कबाड़ ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया में लगातार बढ़ रहे खतरों में रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया और पाकिस्तान सबसे बड़े खतरे हैं। ये सभी देश न्यूक्लियर पावर से लैस हैं। कबार्ड ने अमेरिकी सीनेट के इंटेलिजेंस कमेटी के सामने ये बातें रखी हैं।

अमेरिका के सामने सुरक्षा से जुड़ी क्या इंटेलिजेंस है इसकी जानकारी वो सीनेट को दे रही थी। पर यहां गौर करने वाली बात यह है कि इस बयान की टाइमिंग जो काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने फरवरी 2026 की शुरुआत में ही प्रेसिडेंट ट्रंप की तारीफ के कसीदे पढ़े थे। पीएम शहबाज ने उन्हें शांति का दूत और दक्षिण एशिया का रक्षक बताया था।

पर तुलसी गबार्ड की बात से शहबाज शरीफ लकीर के दूसरी छोर पर खड़े दिख रहे हैं। तुलसी ने रूस, चीन, नॉर्थ कोरिया और पाकिस्तान का नाम लेते हुए सेनेट को बताया कि अमेरिका पर हमला करने में सक्षम मिसाइलों की संख्या में भारी इजाफा हो सकता है। तुलसी गबार्ड का अनुमान है कि ऐसी 3000 मिसाइलें पहले से मौजूद हैं और 2035 तक इसकी संख्या 16,000 से ज्यादा हो जाएगी। गबार्ड ने कहा कि पाकिस्तान लंबी दूरी की मिसाइलों पर काम कर रहा है

जो कि चिंता करने का विषय है क्योंकि इसमें आईसीबीएम माने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलस्टिक मिसाइल शामिल हो सकती हैं। बता दें आईसीबीएम वो मिसाइलें हैं जिसकी मारक क्षमता यानी हमला करने की रेंज अमेरिका तक है। गबार्ड ने अपनी ब्रीफिंग में यह भी बताया कि यूनाइटेड स्टेट्स इंटेलिजेंस कम्युनिटी का मानना है कि पाकिस्तान पारंपरिक और न्यूक्लियर दोनों पेलोड ले जाने वाले सिस्टम पर रिसर्च कर रहा है।

यह विकास अमेरिका के मौजूदा मिसाइल डिफेंस को चुनौती देने या उसे पार करने की क्षमता रखने वाले देश की लिस्ट में पाकिस्तान को शामिल करता है। तुलसी गबार्ड ने ईरान से जुड़ी स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जून 2025 के हमलों में उसकी न्यूक्लियर एनरचमेंट का काम पूरी तरह ठप हो गया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों से ईरान के कई प्रमुख ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा। उन्हें फिर से बनाने में कई साल लग सकते हैं।

हालांकि उन्होंने ईरान के खतरे को पूरी तरह नकारा भी नहीं है। वह कहती हैं कि ईरान और उसके क्षेत्रीय पार्टनर अब भी एक बड़ा खतरा है। उनके पास पूरे वेस्ट एशिया में अमेरिकी सेनाओं और सहयोगी देशों को निशाना बनाने की क्षमता अब भी मौजूद है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान की मौजूदा सरकार सत्ता में बनी रही तो आने वाले सालों में वह अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को फिर से डेवलप करने की कोशिश करेगा।

इसके अलावा तुलसी गबार ने बदलते जियोपॉलिटिकल रिलेशन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नॉर्थ कोरिया लगातार रूस और चीन के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत कर रहा है। इससे अमेरिका के विरोधियों के बीच सैन्य क्षमताओं को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ईरान से जुड़ी हर खबर पर हमारी नजर बनी हुई है जिसे आप हमारे चैनल पर और हमारे अंतरराष्ट्रीय प्रसंगों से जुड़े शो दुनियादारी में भी देख सकते हैं।

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